जाये जहाँ मेरी नज़र-कल्पना १९६०
गाने लोकप्रिय हों. हिंदी फिल्म इतिहास में सैकड़ों की
तादाद में ही ऐसे एल्बम हैं जिसके सभी गाने प्रचलित
हों और जनता द्वारा पसंद किये जाते हों.
ये अनुमान लगाना गीतकार और संगीतकार के लिए
भी कठिन काम होता है कि कौनसा गाना हिट होगा
और कौन सा नहीं.
आज सुनते हैं सन १९६० की फिल्म कल्पना से एक
लोकप्रिय गीत. कमर जलालाबादी की रचना है जिसे
स्वर दिया है आशा भोंसले ने ओ पी नैयर की धुन पर.
इसे पद्मिनी पर फिल्माया गया है. इसे श्रेणी बनाने
वाले दूरबीन सोंग पता नहीं क्यूँ कहते हैं.
गीत के बोल:
हो ओ ओ ओ होय
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
फ़िर भी है दिल बेक़रार
जाये जहाँ मेरी नज़र
कलियाँ वहाँ जायें बिखर
जाये जहाँ मेरी नज़र
कलियाँ वहाँ जायें बिखर
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार
कहीं कोई छलिया तू है हसीं
कहीं कोई रसिया माहजबीं
कोई कहे दिलरूबा
कोई रंगीला छैल-छबीला
कोई रंगीला छैल-छबीला
मुझको पुकारे पिया
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार
जाये जहाँ मेरी नज़र
कलियाँ वहाँ जायें बिखर
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार
कोई कहे ज़ालिम तू है परी
कोई कहे हाय तेरी जादूगरी
कोई कहे लूट लिया
कोई अलबेला साँझ की बेला
कोई अलबेला साँझ की बेला
मुझको पुकारे पिया
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार
जाये जहाँ मेरी नज़र
कलियाँ वहाँ जायें बिखर
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार
.................................................
Jaaye jahan meri nazar-Kalpana 1960
Artists: Padmini, Ashok Kumar

0 comments:
Post a Comment