Apr 8, 2020

ओ रेखा तुम्हें देखा जबसे-नया बकरा १९७९

कुछ गाने दिमाग में अमिट सी छाप छोड़ जाते हैं.
एक गाना है फिल्म नया बकरा से. इसमें मुखड़े की
पंक्ति के साथ कुछ अनूठी आवाजें हैं.

किसी ज़माने में हमारे मोहल्ले में भी रेखा नाम की
लड़की हुआ करती थी. उस देख कर एक मजनू इस
गाने को मय संगीत के गाया करता.  वो ट्यूं ट्यूं की
आवाजें आज भी दिमाग में वैसी ही फिट हैं.

सुनाते हैं आपको वो गीत जो कव्वाली की शक्ल में है.
इसे रफ़ी और आशा ने गाया है. अनजान के बोल और
के बाबूजी का संगीत है.

प्रस्तुत गाना रेखा और जीतेंद्र पर फिल्माया गया है.
गीत के बोल कुछ कुच्छ विनोद मेहरा और रेखा के
निजी जीवन में आई उथल पुथल की और इशारा
करते हैं. इस गाने में जीतेंद्र और रेखा बतौर मेहमान
कलाकार दिखाई दिये हैं.

हम अपने आलेखों में गॉसिप कंटेंट को कम रखते है
उसकी वजह फोकस संगीत पर रहे तो ज्यादा बेहतरहै.
ऊपर के विषय से सम्बंधित दो लिंक हम आपको देते हैं.
एक में चप्पल का जिक्र है और एक में सैंडल का. कल
को कोई जूते-डंडे का जिक्र भी करेगा.

अज्ञात और ज्ञात में से क्या प्रस्तुत किया जाये ये एक
विचारणीय विषय है मगर लोकप्रियता बढ़ाने के लिए
मसाला ज़रूरी है और व्यूज़ और लाइक्स से काफ़ी बढती
है. दूसरा पहलू एक ये भी है इन सब से सितारे चर्चा में
बने रहते हैं चाहे वजह जो भी हो. बदनाम होंगे तो क्या
नाम ना होगा?

ये हैं लिंक:

चप्पल लिंक

सैंडल लिंक

रेखा का राज़-तबस्सुम

तबस्सुम वाले वीडियोज को हम थोडा औथेन्टिक मानते
हैं क्यूंकि वे फिल्म उद्योग से जुडी रहीं और उनके वीडियो
में अतिरेक नहीं देखा हमने किसी भी विषय पर. वे
दूरदर्शन से जुडी रहीं इस वजह से उन्हें विषय को सार
गर्भित और व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने की आदत
है.




गीत के बोल:

ओ रेखा तुझे देखा जबसे देखा जबसे
दिल तेरे नशे में चूर हुआ हाँ चूर हुआ
ओ देख तूने दिल जीत लिया जीत लिया
दिल जीत के फ़िर क्यूँ दूर हुआ क्यूँ दूर हुआ
दिल तेरे नशे में चूर हुआ
दिल जीत के फ़िर क्यूँ दूर हुआ
क्यूँ तेरे नशे में चूर हुआ
क्यूँ दिल से मेरे तू दूर हुआ

बाकी के बोलों के लिए इंतज़ार करें.
…………………………………………….
O Rekha tujhe dekha jabse-Naya Bakra 1979

Artists: Jeetendra, Rekha

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