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Nov 16, 2025

हम भी राहों में खड़े हैं(युगल गीत)-सलाम मेमसाब १९७९

असरानी की बात चली तो एक और गीत सुनते हैं असरानी द्वारा 
निर्मित एक अन्य फिल्म का.   फिल्म का नाम सलाम मेमसाब है जो
 सन १९७९ में आई थी. इसमें असरानी संग ज़रीना वहाब की मुख्य
भूमिकाएं हैं.
 
३०० से ज्यादा फिल्मों और ५० साल के कैरियर में असरानी ने कई 
अविस्मरनीय भूमिकाएं की हैं.उनके कार्यों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय 
तो निस्संदेह फिल्म शोले का जेलत वाला किरदार है. उसके अलावा
हमें सोशल मीडिया पर एक मीम अक्सर दिखाई देता है जिसमें असरानी 
"ये क्या देखना पद रहा है" कहते दिखाई देते हैं. ये है फिल्म धमाल 
का दृश्य.

आपको याद होगा फिल्म छोटी सी बात जिसमें अमोल पालेकर
और विद्या सिन्हा प्रमुख कलाकार हैं. उसमें भी सेकंड लीड
असरानी हैं.
 
प्रस्तुत गीत मजरूह का लिखा हुआ है जिसकी धुन तैयार की है 
आर डी बर्मन ने . ये एक हल्का फुल्का गीत है जिसका दुखद तर्जुमा 
भी फिल्म में मौजूद है जिसे लता मंगेशकर ने गाया है.

 

 गीत के बोल:

सलाम साहब
अरे सलाम मेमसाहब
अरे जरा इधर भी नजर फेंकिए
आ हा हा हा
अरे बोनी तो हो गई ए जिओ राजा ए जिओ रानी

ओ ले लो ले लो दुवा किसी बेकरार की
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं

हम दुखों के पाले हैं, हाँ मगर दिलवाले हैं
एक नज़र पे रुक जाए, ऐसे हम मतवाले हैं
हो ओ ओ........
अपने हो या बेगाने, हम तो सबके दीवाने
हर गली में बाहो के हार हमने डाले हैं
ये ही तो है गलिया वो प्यार की
आनेवालो
आनेवालो मेरे दिल का नज़र देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं

दिल का साथी है जब दिल, कैसा रस्ता क्या मंजिल
चल पड़ो तो रस्ता है, ठहर जाओ तो मंजिल
रंग ये बाज़ारो का रूप ये दिलदारो का
जो नजारा देखो है चूम लेने के काबिल
हो ओ हवा खाने वालों मेरे गुलज़ार की
क्या हो थोड़ा सा ऐ भाई
क्या हो थोड़ा सा हमें भी अगर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं

हम तो चाहत से हारे फिरते हैं मारे मारे
तुम रहो हँसते बसते साथ हों चंदा तारे
फिर यूँ ही जाने जाना कल कहीं पे मिल जाना
हम चले गाते नगमे खुश रहो तुम भी प्यारे
हो ओ जाओ लूटो मजे शाम है बहार की
जाते जाते ओ मामू
जाते जाते हो सके तो इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं
.................................................................................
Ham bhi rahon mein khade hain(duet)-Salaam Memsaab 1979

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Jul 17, 2020

दिल का साथी है जब दिल-सलाम मेमसाब १९७९

हिंदी सिनेमा ने अपने पैदा होने के बाद से अभी तक कई
शानदार अभिनेत्रियों को देखा है. सिनेमा जगत उसे याद
रखता है जो चर्चा में हो मगर ढेरों ऐसे दर्शक हैं जो अच्छे
कलाकारों को याद रखते हैं, दौर कोई भी हो.

हमने आपको १० साल पहले असरानी निर्देशित एक फिल्म
सलाम मेमसाब से एक लता का गाया गीत सुनवाया था.
आज सुनते हैं उस गीत का खुशनुमा तर्ज़ुमा जिसे गाया
है किशोर कुमार ने. गीत असरानी और ज़रीना वहाब पर
फिल्माया गया है. गीत में एक लाईन लगता है भूपेंद्र की
आवाज़ में है. बाकी कोरस है.

आज नायिका ज़रीना वहाब का जन्मदिन है जिसकी उन्हें
ढेरों शुभकामनाएं. ज़रीना वहाब की पहली हिंदी फिल्म है
देव आनंद निर्देशित इश्क इश्क इश्क. बतौर प्रमुख नायिका
वे १९७६ की बासु चटर्जी निर्देशित हिट फिल्म चितचोर में
दिखाई दीं. उसके बाद एक लंबा सफल कैरियर है उनका
जिसमें हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषा की फ़िल्में
हैं.

पुरस्कारों से शिकायत मुझे भी है. ज़रीना वहाब को किसी
भी भाषा के सिनेमा पुरस्कारों ने पुरस्कार के लायक नहीं
समझा? फिल्म इतिहास की सबसे संजीदा अभिनेत्रियों में
से एक ज़रीना वहाब अभिनय के मामले में समकालीनों से
काफी आगे दिखलाई देती हैं.

सुनते हैं गीत जिसे मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा है.



गीत के बोल:

दिल का साथी है जब दिल
कैसा रास्ता क्या मंजिल
याद आया, गाओ मेमसाब

दिल का साथी है जब दिल
कैसा रास्ता क्या मंजिल
चल पडो तो रास्ता है
ठहर जाओ तो मंजिल
रंग ये नजारों का रूप ये दिलदारों का
जो नज़ारा है देखो चूम लेने के काबिल
हो ओ आओ लुटे मज़े शाम है बहार की
क्या हो थोडा सा, हाँ
क्या हो थोडा सा हमें भी अगर देख लो
ओ जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
अरे सोचिये मत गाइए गाइए

हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
ये बात हुई ना, वंडरफुल
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
…………………………………………………
Dil ka sathi hai jab dil-Salaam memsaab 1979

Artists: Asrani, Zarina Wahab

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Apr 8, 2020

ओ रेखा तुम्हें देखा जबसे-नया बकरा १९७९

कुछ गाने दिमाग में अमिट सी छाप छोड़ जाते हैं.
एक गाना है फिल्म नया बकरा से. इसमें मुखड़े की
पंक्ति के साथ कुछ अनूठी आवाजें हैं.

किसी ज़माने में हमारे मोहल्ले में भी रेखा नाम की
लड़की हुआ करती थी. उस देख कर एक मजनू इस
गाने को मय संगीत के गाया करता.  वो ट्यूं ट्यूं की
आवाजें आज भी दिमाग में वैसी ही फिट हैं.

सुनाते हैं आपको वो गीत जो कव्वाली की शक्ल में है.
इसे रफ़ी और आशा ने गाया है. अनजान के बोल और
के बाबूजी का संगीत है.

प्रस्तुत गाना रेखा और जीतेंद्र पर फिल्माया गया है.
गीत के बोल कुछ कुच्छ विनोद मेहरा और रेखा के
निजी जीवन में आई उथल पुथल की और इशारा
करते हैं. इस गाने में जीतेंद्र और रेखा बतौर मेहमान
कलाकार दिखाई दिये हैं.

हम अपने आलेखों में गॉसिप कंटेंट को कम रखते है
उसकी वजह फोकस संगीत पर रहे तो ज्यादा बेहतरहै.
ऊपर के विषय से सम्बंधित दो लिंक हम आपको देते हैं.
एक में चप्पल का जिक्र है और एक में सैंडल का. कल
को कोई जूते-डंडे का जिक्र भी करेगा.

अज्ञात और ज्ञात में से क्या प्रस्तुत किया जाये ये एक
विचारणीय विषय है मगर लोकप्रियता बढ़ाने के लिए
मसाला ज़रूरी है और व्यूज़ और लाइक्स से काफ़ी बढती
है. दूसरा पहलू एक ये भी है इन सब से सितारे चर्चा में
बने रहते हैं चाहे वजह जो भी हो. बदनाम होंगे तो क्या
नाम ना होगा?

ये हैं लिंक:

चप्पल लिंक

सैंडल लिंक

रेखा का राज़-तबस्सुम

तबस्सुम वाले वीडियोज को हम थोडा औथेन्टिक मानते
हैं क्यूंकि वे फिल्म उद्योग से जुडी रहीं और उनके वीडियो
में अतिरेक नहीं देखा हमने किसी भी विषय पर. वे
दूरदर्शन से जुडी रहीं इस वजह से उन्हें विषय को सार
गर्भित और व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने की आदत
है.




गीत के बोल:

ओ रेखा तुझे देखा जबसे देखा जबसे
दिल तेरे नशे में चूर हुआ हाँ चूर हुआ
ओ देख तूने दिल जीत लिया जीत लिया
दिल जीत के फ़िर क्यूँ दूर हुआ क्यूँ दूर हुआ
दिल तेरे नशे में चूर हुआ
दिल जीत के फ़िर क्यूँ दूर हुआ
क्यूँ तेरे नशे में चूर हुआ
क्यूँ दिल से मेरे तू दूर हुआ

बाकी के बोलों के लिए इंतज़ार करें.
…………………………………………….
O Rekha tujhe dekha jabse-Naya Bakra 1979

Artists: Jeetendra, Rekha

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Mar 24, 2020

हम तुम जीत गए-लोक परलोक १९७९

फिल्म लोक परलोक से एक गीत सुनते हैं जो
जीत की खुशी में गाया जा रहा है. जीतेंद्र और
जया प्रदा के अलावा ढेर सहायक कलाकारों की
मेहनत से सजा ये गीत गाया है किशोर कुमार
और आशा भोंसले ने. आनंद बक्षी का लिखा गीत
है और अनुमान लगाये संगीतकार कौन है ?

लोक परलोक फिल्म का सबसे पहला गीत हमने
आपको दस साल पहले सुनवाया था जब लिरिक्स
वाले कुकुरमुत्ते इन्टरनेट पर नहीं उगे थे. उस गीत
की लिरिक्स सैकड़ों जगह चिपक गईं अगले ३-४
साल में ही. गौरतलब है वो गीत हमने सुनवाया
था नर्क चतुर्दशी के दिन. उस गीत का सम्बन्ध
उस तिथि के कर्ता धर्ता से भी है.

अंग्रेजी के नियमों से बंधे क्रालिंग के तरीके से
हिंदी की साइटों के साथ न्याय नहीं हो पाता. इस
मामले में मैं अपने पाठकों से सुझाव चाहूँगा कि
इस ब्लॉग पर क्या कुछ और गतिविधि जोड़ी जाये
जैसे यूट्यूब पर जानकारी वाले वीडियोज़.




गीत के बोल:

हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
खुले मैदान में हम बाज़ी मार गये
घुँघरू बज उठे नाच उठे झूम के हम
झ न न न न झ न न न न

हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
खुले मैदान में हम बाज़ी मार गये
घुँघरू बज उठे नाच उठे झूम के हम
झ न न न न झ न न न न
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये

दौलत नहीं काम आई चाहत ने जीती लड़ाई
दौलत नहीं काम आई चाहत ने जीती लड़ाई
धडकनों से दूर रहे हम बड़े मजबूर रहे
धडकनों से दूर रहे हो ओ हो ओ ओ ओ
अपना सर ना झुकाया हमने सहे लाखों सितम
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये

तू इस खुशी के बहाने मत छेड़ मुझको दीवाने
तू इस खुशी के बहाने मत छेड़ मुझको दीवाने
प्यार में तकरार ना कर आ हा आज तू इंकार ना कर हो हो
प्यार में तकरार ना कर आज तू इंकार ना कर
आँचल छोड़ मेरा देखते हैं लोग बलम
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये

चलती है तू ले के ठुमके आय
हाय हाय ठुमके आय ओये ओये ठुमके
छाये गज़ब तेरे झुमके ओये होए झुमके
कैसा बेईमान है तू फ़िर भी मेरी जान है तू
फ़िर भी मेरी जान है तू
तेरे दम से मेरी जिंदगी है तेरी कसम
झ न न न न
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
………………………………………………………………..
Ham tum jeet gaye-Lok Parlok 1979

Artists: Jeetendra, Jaya Prada

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Feb 3, 2020

मेरी दिलरुबा तुझको आना पड़ेगा-तराना १९७९

सुन्दर सफ़ेद घोड़े को फिल्म में देखे कई दिन
हो गए हैं. सफ़ेद घोड़े वाले गीत कुछ रेयर हैं.
आज देखते हैं सुन्दर प्यारा सा सफ़ेद घोडा जिसके
साथ सांवला हीरो है.

सन १९७९ की फिल्म तराना में सफ़ेद घोडा है
जो आपको इस गीत के शुरू में दिखलाई देगा.
हां, साथ में नायक नायिका तो दिखेंगे ही. नायक
गाना गा रहा है अतः उसका दिखाई देना तो सबसे
ज्यादा ज़रूरी है.

गीत तिलकराज थापर ने लिखा है जिसका संगीत
तैयार किया है राम लक्ष्मण ने और शैलेन्द्र सिंह
इसे गा रहे हैं.



गीत के बोल:

तेरी यादों के चिरागों का उजाला है यहाँ
वरना दुनिया में अंधेरों के सिवा कुछ भी नहीं

दिलरुबा दिलरुबा ओ मेरी दिलरुबा
मेरी दिलरुबा तुझको आना पड़ेगा
मेरी दिलरुबा तुझको आना पड़ेगा
रस्म-ए-वफ़ा को निभाना पड़ेगा
मेरी दिलरुबा
मेरी दिलरुबा तुझको आना पड़ेगा

कोई हो जो आहट धडकता है दिल
उठी आरजू तू फिर आ के मिल
कोई हो जो आहट धडकता है दिल
उठी आरजू तू फिर आ के मिल
तुझे नाज़-ए-मौसम उठा पड़ेगा

मेरी दिलरुबा
मेरी दिलरुबा तुझको आना पड़ेगा

ज़माने से ये प्यार ऊंचा रहे
क़यामत तलक ये ज़माना कहे
ज़माने से ये प्यार ऊंचा रहे
क़यामत तलक ये ज़माना कहे
ज़माने को सर भी झुकना पड़ेगा

मेरी दिलरुबा
आ आ आ आ आ आ आ आ
……………………………………………….
Meri dilruba tujhko aana padega-Tarana 1979

Artists: Mithun, Ranjeeta, Jayshri T, White Horse

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Jan 5, 2020

अम्मा री अम्मा-लोक परलोक १९७९

एक छेड़ छाड़ वाला गीत फिल्म लोक परलोक से.
जीतेंद्र और जया प्रदा पर फिल्माया गया ये गीत
अपने समय में पब्लिक यानि के आम आदमी उर्फ
मैंगो पब्लिक द्वारा बेहद पसंद किया जाता था. उस
पब्लिक में हम भी शामिल थे भई.

हर दशक में एक ना एक टोपी सोंग आया है. बुडबक
और ज्ञानी लोग खोजें वो कौन से गीत हैं. एक हम
बतलाये देते हैं-मिस्टर इण्डिया का-टोपी वाले बॉल
दिला. बाकी के आप ढूँढिये.



गीत के बोल:

अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
रस्ते में छेड़े रस्ता न छोड़े
अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
रस्ते में छेड़े रस्ता न छोड़े

अम्मा री अम्मा
अम्मा री अम्मा ये लहंगे वाली
पीछे पड़ी है पीछा न छोड़े
अम्मा री अम्मा
हाना अम्मा री अम्मा

बीच डगर में दिल मेरा लूटा
बीच डगर में दिल मेरा लूटा
उसपे मचाया ये शोर झूठा
उसपे मचाया ये शोर झूठा
गिन गिन के लूँगा तुमसे बदले
गिन गिन के लूँगा तुमसे मैं बदले
शादी में बाकी अब दिन हैं थोड़े

अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
रस्ते में छेड़े रस्ता न छोड़े हाँ
ओए होये
हो नाजुक मैं ऐसी रेशम की डोरी
नाजुक मैं ऐसी रेशम की डोरी
जुल्मी करे मुझसे आ हा ओ हो
आ हा ओ हो जोरा जोरी
बाली उम्र में ऐसा बालम से
बाली उम्र में ऐसा बालम से
काहे को लड़ गए नैन निगोड़े

अम्मा री अम्मा ये लहंगे वाली
पीछे पड़ी है पीछा न छोड़े

बस हो चुकी ये झूठी लड़ाई
बस हो चुकी ये झूठी लड़ाई
अब प्यार होगा ऊँहूँ आ हा
ऊँहूँ आ हा छोडो कलाई
करता हूँ मैं भी तुमसे वादा
करता हूँ मैं भी तुमसे ये वादा
करती हूँ मैं भी तुमसे ये वादा
उसको कसम जो वादा ये तोड़े

अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
रस्ते में छेड़े रस्ता न छोड़े हाँ
पीछे पड़ी है पीछा न छोड़े
……………………………………….
Amma ri amma-Lok parlok 1979

Artists: Jeetendra, Jaya Prada

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Oct 28, 2019

चलो खो जाएँ-ज़ालिम १९७९

विनोद खन्ना और लीना चंदावरकर ने कुछ फिल्मों
में साथ काम किया है उनमें से एक है-ज़ालिम. १९७९
की इस फिल्म का निर्देशन बी सुभाष ने किया है.
बब्बर सुभाष को हालांकि सफलता ८० के दशक में
ज्यादा मिली जब डिस्को डांसर जैसी फिल्म आई.

सुनते हैं इस फिल्म से एक गीत आशा भोंसले और
किशोर कुमार का गाया हुआ. आनंद बक्षी की रचना
के लिए संगीत दिया है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने.




गीत के बोल:

हो हो हो हो हो हो ओ ओ ओ
आ हा हा हा हा हूँ हूँ हूँ
चलो खो जाएँ चलो खो जाएँ
इन नजारों में हम ढूँढें फूल दिल के
इन बहारों में हम चलो सो जाएँ
खो जाएँ
चलो खो जाएँ
इन नजारों में हम ढूँढें फूल दिल के
इन बहारों में हम चलो खो जाएँ

जब फूल मिल जायें बना लें हम आशियाना
जब फूल मिल जायें बना लें हम आशियाना
आशियाना बन जाए तो देखो ये ज़माना
ये ज़माना हमें ढूंढें तो हम छुप जाएँ इन्हीं
गुल-ओ-गुलज़ारों में
चलो खो जाएँ चलो खो जाएँ

गुल-ओ-गुलज़ारों में गुजारें ये जवानी
गुल-ओ-गुलज़ारों में गुजारें ये जवानी
इस जवानी को बना दें प्यार की हम कहानी
ये कहानी कुछ हो ऐसी
कहानी कोई ऐसी ना हो एक हजारों में
चलो खो जाएँ चलो खो जाएँ

हजारों दीवानों में हम वो दीवाने
दीवाने तुम्हारे हैं आशिक पुराने
हजारों दीवानों में हम वो दीवाने
दीवाने तुम्हारे हैं आशिक पुराने
ये पुराने हैं किस्से नयी हैं ये बातें
हुई है जो इशारों में
चलो खो जाएँ हा आ आ
चलो खो जाएँ
इन नजारों में हम ढूँढें फूल दिल के
इन बहारों में हम चलो खो जाएँ
चलो खो जाएँ
चलो चलो खो जाएँ
……………………………………………..
Chalo kho jayen-Zalim 1979

Artists: Vinod Khanna, Leena Chandavarkar

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Jun 30, 2018

बेदर्दी पिया-लोक परलोक १९७९

किसी को खुश नहीं होना है तो लाख जतन कर लो
उसकी सेहत पर कोई असर नहीं होगा. कुछ लोग
खुशी के क्षणों में भी दुःख ढूँढने की कोशिश करते हैं.
ऐसे लोग खुद तो दुखी रहते ही हैं दूसरों को भी दुखी
करने का प्रयत्न करते रहते हैं.

गीत सुनते हैं फिल्म लोक परलोक से जिसमें नायिका
को शिकायत है नायक से. अब वो किस प्रकार की है
कॉपी पेस्ट से समझ नहीं आएगा, गाना सुनना पड़ेगा.

गीत आनंद बक्षी का है और इसे गाया है आशा भोंसले
ने. लक्ष्मी प्यारे ने फिल्म लोक परलोक का संगीत
तैयार किया है. ये बात हम बार बार रिपीट करते हैं
क्यूंकि आज कल की फिल्मों में ढेर सारे संगीतकार
होते हैं. विवरण देने के वक्त गलतियाँ हो जाती हैं.



गीत के बोल:

लुटा दी मोहब्बत मिटा दी जवानी
मगर खुश हुआ ना मेरे दिल का जानी
बेदर्दी पिया बेदर्दी पिया
तूने जो भी कहा मैं वो मान गई
तेरा जी ना भरा रे मेरी जान गई
तेरा जी न भरा

रो कर नाची हंस कर नाची
मैं तेरे इशारों पर नाची
रो कर नाची हंस कर नाची
मैं तेरे इशारों पर नाची
अब मैं क्या करूं
मैंने हो मैंने क्या ना किया

बेदर्दी पिया बेदर्दी पिया
तूने जो भी कहा मैं वो मान गई
तेरा जी ना भरा रे मेरी जान गई
तेरा जी न भरा

कजरा बिखरा चूड़ी टूटी
तूने मेरी निंदिया लूटी
कजरा बिखरा बिखरा ओ चूड़ी टूटी टूटी टूटी
तूने मेरी मेरी निंदिया निंदिया लूटी लूटी
सारी रैना जागी
जैसे हो जैसे बाती पिया

बेदर्दी पिया बेदर्दी पिया
तूने जो भी कहा मैं वो मान गई
तेरा जी ना भरा रे मेरी जान गई
तेरा जी न भरा

मैं जी का रोग लगा बैठी
सोने का रूप गँवा बैठी
मैं जी का रोग लगा बैठी
सोने का रूप गँवा बैठी
हो ओ ओ पीतल का मुझे छल्ला ना दिया

बेदर्दी पिया बेदर्दी पिया
तूने जो भी कहा मैं वो मान गई
तेरा जी ना भरा रे मेरी जान गई
तेरा जी न भरा
………………………………………………………………..
Aise nacho aise gao-Lok Parlok 1979

Artists: Premnath, Madan Puri, Deven Verma

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Mar 8, 2018

मचल के जब भी आँखों से-गृह प्रवेश १९७९

एक क्रिटिकली ऐक्लेडम्ड फिल्म से गीत सुनते हैं. ये विशेष किस्म की
या क्रिटिकली ऐक्लेडम्ड फ़िल्में वे होती हैं जो अलग हट के होती हैं और
बॉक्स ऑफिस से भी अलग हट के खड़ी मिलती हैं. जिनका कथानक
समझ ना आये उनको भी क्रिटिकली ऐक्लेडम्ड घोषित कर दिया जाता
है. ये जुमला ज्यादा पुराना नहीं है. इसका प्रयोग सन २००० के बाद
से होने लगा है.

फिल्म में संजीव कुमार और शर्मिला टैगोर ने अपने अपने केलिबर के
हिसाब से अभिनय किया है. कथानक अंग्रेजी फिल्मों की तरह कुछ
धीमा सा है जिसकी भारतीय दर्शकों को आदत नहीं पड़ी है अभी तक.

गुलज़ार की रचना है और कनु रॉय का संगीत. इसे भूपेंद्र ने गाया है.
फिल्म से पूर्व में आपको दो गीत हम सुनवा(कॉपी पेस्ट करवा)) चुके हैं.




गीत के बोल:

मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू
मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू
सुना है आबशारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है
मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू
मचल के जब भी आँखों से

खुदारा अब तो बुझ जाने दो इस जलती हुई लौ को
खुदारा अब तो बुझ जाने दो इस जलती हुई लौ को
चरागों से मज़ारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है
चरागों से मज़ारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है

मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू
मचल के जब भी आँखों से
कहूँ क्या वो बड़ी मासूमियत से पूछ बैठे हैं
कहूँ क्या वो बड़ी मासूमियत से पूछ बैठे हैं
क्या सचमुच दिल के मारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है
क्या सचमुच दिल के मारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है

मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू
मचल के जब भी आँखों से

तुम्हारा क्या तुम्हें तो राह दे देते हैं काँटे भी
तुम्हारा क्या तुम्हें तो राह दे देते हैं काँटे भी
मगर हम ख़ाकसारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है
मगर हम ख़ाकसारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है

मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू
सुना है आबशारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है
मचल के जब भी आँखों से
....................................................................................
Machal ke jab bhi aankhon se-Griha pravesh 1979

Artists: Sanjeev Kumar, Sharmila Tagore

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Feb 15, 2018

न बोले तुम न मैंने कुछ-बातों बातों में १९७९

फिल्म गोलमाल से सुर्ख़ियों में आये अमोल पालेकर के बारे
में उस समय की पत्रिकाओं में काफी लिखा जाता था जैसे
आज का सुपरस्टार, सभी स्टारों को पीछे छोड़ने वाला इत्यादि.

अमोल पालेकर अच्छे कलाकार तो हैं मगर वे कमर्शियल सिनेमा
के सुपर स्टार ना बन सके. सुपरस्टार बनने के लिए सबसे
पहली शर्त शायद नाक-नक्श लुभावने होने चाहिए. अभिनय से
अपनी धाक ज़माने वाले अमोल पालेकर को बतौर नायक काफी
फिल्मों में मौके मिले.

आज जिस फिल्म से गीत सुनेंगे वो भी अपने समय की एक
सफल और हिट फिल्म है जिसके गीत भी खूब चले और आज
भी बजते हैं. गीत एक पार्टी सोंग है जिसे आशा भोंसले और
आमिर कुमार ने गाया है. योगेश के बोल हैं और इसका संगीत
राजेश रोशन ने तैयार किया है.



गीत के बोल:

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई
न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई

बदल रही है ज़िंदगी बदल रहे हैं हम
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ ओ
थिरक रहे हैं जाने आज क्यों मेरे कदम
मेरे कदम मेरे कदम
किसी को हो न हो मगर हमें तो है पता

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई

घुली सी आज साँसों में किसी की साँस है
साँस है साँस है
ये कौन आज दिल के मेरे आस-पास है
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ ओ
ये धीरे धीरे हो रहा है प्यार का नशा

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ

ये लग रहा है सारी उलझनें सुलझ गईं
सुलझ गईं सुलझ गईं
ये धड़कनों की बात धड़कने समझ गईं
न बोलिये की बोलने को कुछ नहीं रहा

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई
न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई
...................................................................
Na bole tum na maine kuchh-Baaton baton mein 1979

Artists: Amol Palekar, Tina Munim

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Feb 14, 2018

मौसम आएगा जायेगा-शायद १९७९

सन १९७९ की नसीरूदीन शाह, विजयेन्द्र घाटगे और नीता मेहता
अभिनीत फिल्म शायद से आपने एक गीत सुना था कुछ समय
पहले. अब दूसरा गीत सुनते हैं जो कि एक युगल गीत है.

मन्ना डे और आशा भोंसले के गाये इस युगल गीत को लिखा है
विट्ठलभाई पटेल ने और इसकी धुन तैयार की श्यामल मित्रा ने.



गीत के बोल:

मौसम आएगा जाएगा प्यार सदा मुस्काएगा
मौसम आएगा जाएगा प्यार सदा मुस्काएगा
बाहों में तेरी मेरे सजना सच हो जायेगा सपना
बाहों में तेरी मेरे सजना सच हो जायेगा सपना
सारा जहाँ दोहराएगा
हो मौसम आएगा जाएगा प्यार सदा मुस्काएगा
मौसम आएगा जाएगा प्यार सदा मुस्काएगा

ये वादा इरादा चलो हसीं वादी में खो जायें
चलो ना आओ ना फूलों के साये में खो जायें
समां है सुहाना तेरे संग आज बहक जायें
ला ला ला ला ला ला प्यार की राहें महक जायें
प्यारा प्यारा ये नज़ारा आज सबको कबूल हो जायेगा
मौसम आएगा जाएगा प्यार सदा मुस्काएगा

ओ जानी दीवानी जागी जागी रातों में कहर आये
रसिया तेरी ही कसमों पे जिंदगी गुजर जाये
जानेमन जाने जान तेरे लब पे मेरे लब के साये
सजना ना ना ना जिया जले नैना शरमाएं
दिल दीवाना मस्ताना हर शय पे खुमार आ जायेगा

मौसम आएगा जाएगा प्यार सदा मुस्काएगा
बाहों में तेरी मेरे सजना सच हो जायेगा सपना
हो ओ ओ ओ बाहों में तेरी मेरे सजना सच हो जायेगा सपना
सारा जहाँ दोहराएगा
मौसम आएगा जाएगा प्यार सदा पुस्काएगा
मौसम आएगा जाएगा प्यार सदा मुस्काएगा
…………………………………………………………..
Mausam aayega jayega-Shayad 1979

Artists: Vijyendra Ghatge, Nita Mehta

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Jan 3, 2018

डफ़ली वाले डफ़ली बजा-सरगम १९७९

लोकप्रिय गीतों में श्रृंखला में अगला गीत प्रस्तुत है फिल्म सरगम
से. एक जगह हमने रिपीट वैल्यू के बारे में चर्चा की थी. पुराने गीतों
के शौकीनों के हिसाब और पैरामीटर पर ये गाना अपवाद जैसा है. इस
गाने की रिपीट वैल्यू के बारे में सभी जानते हैं. ये आज भी सुनाई देता
है. हाँ, आज के धम धम धूं धूं संगीत के ज़माने में उतना ज्यादा तो
नहीं बजता है जितना ये ९० के दशक में बजा करता था.

ऋषि कपूर और जया प्रदा पर इसे फिल्माया गया है. गीत लता और
रफ़ी ने गाया है. बोल और संगीत क्रमशः आनंद बक्षी और लक्ष्मी प्यारे
के हैं.

गीत में शब्द ढपली होना चाहिए या डफली आप ही डिसाईड कीजिये.



गीत के बोल:

डफ़ली वाले डफ़ली बजा
डफ़ली वाले डफ़ली बजा
मेरे घुँघरू बुलाते हैं आ
मैं नाचूँ तू नचा
डफ़ली वाले डफ़ली बजा
मेरे घुँघरू बुलाते हैं आ
मैं नाचूँ तू नचा

तेरे बिन मैं क्या मेरे बिन तू क्या
इक दूजे बिन हम अकेले
दोनों के मन से मन के मिलन से
लगते हैं सरगम के मेले
हाय हाय हाय
तेरे बिन मैं क्या मेरे बिन तू क्या
इक दूजे बिन हम अकेले
दोनों के मन से मन के मिलन से
लगते हैं सरगम के मेले
तू तोड़े के जोड़े तू रखे के छोड़े
ये दिल किया तेरे हवाले

डफ़ली वाले डफ़ली बजा
मेरे घुँघरू बुलाते हैं आ
मैं नाचूँ तू नचा

तेरी छम छम से मेरी डम डम से
क्या रंग छाने लगा है
आँखों के रस्ते तू हँसते-हँसते
दिल में समाने लगा है
तेरी छम चम से मेरी धम धम से
क्या रंग छाने लगा है
आँखों के रस्ते तू हँसते-हँसते
दिल में समाने लगा है
उन्हें भी दिखाओ
उन्हें भी दिखाओ उन्हें भी बुलाओ
कहाँ हैं ये दुनिया वाले

डफ़ली वाले डफ़ली बजा
मेरे घुँघरू बुलाते हैं आ
मैं नाचूँ तू नचा
डफ़ली वाले डफ़ली वाले
...................................................................
Dafli wale-Sargam 1979

Artists: Jaya Prada, Rishi Kapoor

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Dec 19, 2017

अंखियों में छोटे छोटे सपने(लता)-नौकर १९७९

जैसा कि हम बतला चुके हैं आपको और बारम्बार बतलाते हैं कि
फ़िल्म संगीत के खजाने में कई लोरियां भी हैं. ये फ़िल्म नौकर की
लोरी है जिसे लता मंगेशकर ने गाया है. परदे पर इसे फिल्माया गया
है जया भादुड़ी पर. इस गीत का किशोर वाला वर्ज़न संजीव कुमार पर
फिल्माया गया है जिसे आप सुन चुके हैं अरसा पहले.

इसके बोल मजरूह के हैं और संगीत आर डी बर्मन का. इस गीतकार
और संगीतकार के कोम्बिनेशन वाले तकरीबन सवा सौ गीत आप सुन
चुके हैं इस ब्लॉग पर. आंकड़ों का ज़माना है और आजकल किसने कितने
ग्राम भूसा खाया और कौन कितने एम. एल. पसीना निकाल रहा है
ज्यादा चलन में है.




गीत के बोल:

अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाय के
बहियों में निंदिया के पंख लगाय के
चँदा में झूले मेरी बिटिया रानी
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम
अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाय के
बहियों में निंदिया के पंख लगाय के
चँदा में झूले मेरी बिटिया रानी
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम

यही तो कली है प्यारी मेरी सारी बगिया में
यही तो कली है प्यारी मेरी सारी बगिया में
मैंने यही मोती पाया जीवन नदिया में
ममता लुटाऊं ऐसी मच जाए धूम
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम

अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाय के
बहियों में निंदिया के पंख लगाय के
चँदा में झूले मेरी बिटिया रानी
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम

निंदिया के संग-संग राजा कोई आयेगा
निंदिया के संग-संग राजा कोई आयेगा
बिंदिया लगायेगा रे माला पहनायेगा
लेगा फिर प्यारे-प्यारे मुखड़े को चूम
चाँदनी रे झूम हो चाँदनी रे झूम

अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाय के
बहियों में निंदिया के पंख लगाय के
चँदा में झूले मेरी बिटिया रानी
………………………………………………………………..
Ankhiyon mein chhote chhote-Naukar 1979

Artist: Jaya Bhaduri

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Dec 4, 2017

ये मुलाक़ात इक बहाना है-खानदान १९७९

कुछ गीत कालजई कहलाते हैं जैसे कि फिल्म खानदान का ये
गीत जिसे लता मंगेशकर ने गाया है. इसके बोल और संगीत
दोनों लाजवाब हैं.

बोल नक्श लायलपुरी के हैं और संगीत खय्याम का. गीत में
नायक जीतेंद्र और फिल्म कि दो नायिकाएं-सुलक्षणा पंडित और
बिंदिया गोस्वामी दिखलाई दे रहे हैं.




गीत के बोल:

ये मुलाक़ात एक बहाना है
ये मुलाक़ात एक बहाना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाक़ात एक बहाना है

धड़कने धड़कनों में खो जायें
धड़कने धड़कनों में खो जायें
दिल को दिल के क़रीब लाना है
दिल को दिल के क़रीब लाना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाक़ात एक बहाना है

मैं हूँ अपने सनम के बाहों में
मैं हूँ अपने सनम के बाहों में
मेरे क़दमों तले ज़माना है
मेरे क़दमों तले ज़माना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाक़ात एक बहाना है

ख़्वाब तो काँच से भी नाज़ुक है
ख़्वाब तो काँच से भी नाज़ुक है
टूटने से इन्हें बचाना है
टूटने से इन्हें बचाना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाक़ात एक बहाना है

मन मेरा प्यार का शिवाला है
मन मेरा प्यार का शिवाला है
आप को देवता बनाना है
आप को देवता बनाना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाक़ात एक बहाना है
……………………………………………………..
Ye mulaqat ek bahana hai-Khandan 1979

Artists: Bindiya Goswami, Jeetendra, Sulakshana Pandit

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Oct 10, 2017

गगन ये समझे चाँद-सावन को आने दो १९७९

सफलता प्राप्त करने के लिए उसके पीछे छिपी मेहनत किसी
को दिखाई नहीं देती. कितना पसीना बहा, कितने पापड बिले
ये सब अनजान रह जाता है. जो तस्वीर सामने दिखती है
वो चमकते दमकते सफल व्यक्तित्व की.

मेहनत और मेनिपुलेशन दो तरीके हैं ऊपर चढ़ने के. जिसके
जो तरीका समझ आ जाए और हाथ लग जाए. मेहनत वाले
रास्ते में रफ़्तार धीमी हो सकती है मगर धड़ाम से गिरने का
खतरा कम से कम होता है.

फिल्म का नायक कुछ सार्थक करने के उद्देश्य से शहर आता
है और यहाँ उसे हाथ रिक्शा चलने का काम मिल जाता है
जिस पर वो माल धुलाई करता है. काम करते हुए भी वो अपना
शौक-गाना को जिंदा रखता है. आगे चल के यही आवाज़ किसी
कद्रदान के कानों में पड़ेगी और उसकी किस्मत खुल जायेगी.

लखनऊ शहर की सड़कें और गलियां हैं इस गीत में.

गीत मदन भारती का लिखा हुआ है और इसे जसपाल सिंह ने
गाया है. संगीत राजकमल का है.



गीत के बोल:

आ हा हा आ आ आ आ हा हा आ आ आ
आ हा हा आ आ आ आ हा हा आ आ आ
आ हा हा आ आ आ आ हा हा आ आ आ

गगन ये समझे चाँद सुखी है
चंदा कहे सितारे
गगन ये समझे चाँद सुखी है
चंदा कहे सितारे
दरिया की लहरें ये समझे
हमसे सुखी किनारे
ओ साथी दुःख में ही सुख है छिपा रे
ओ साथी दुःख में ही सुख है छिपा रे

भैया रे साथी रे
भैया रे ओ साथी रे

दूर के पर्वत दूर ही रह कर लगते सबको सुहाने
पास अगर जा कर देखें तो पत्थर की चट्टानें
दूर के पर्वत दूर ही रह कर लगते सबको सुहाने
पास अगर जा कर देखें तो पत्थर की चट्टानें

कलियाँ समझे चमन सुखी है
चमन कहे रे बहारें
ओ साथी दुःख में ही सुख है छिपा रे
ओ साथी दुःख में ही सुख है छिपा रे
भैया रे साथी रे
भैया रे हो साथी रहो

हो ओ ओ ओ ओ ओ
हे राम हो हे रामा

रात अंधेरी हे रामा
रात अँधेरी सोचे मन में है दिन में उजियारा
दिन की गरमी सोच रही है है शीतल अंधियारा
ओ साथी है शीतल अंधियारा
रात अँधेरी सोचे मन में है दिन में उजियारा
दिन की गरमी सोच रही है है शीतल अंधियारा
ओ साथी है शीतल अंधियारा

पतझड़ समझे सुखी है सावन
सावन कहे अंगारे
ओ साथी दुःख मे ही सुख है छिपा रे ओ साथी
दुःख मे ही सुख है छिपा रे
…………………………………………………………………
Gagan ye samjhe chand sukhi-Sawan ko aane do 1979

Artist: Arun Govil

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Oct 4, 2017

चन्दा मामा से प्यारा मेरा मामा-कर्तव्य १९७९

असल जीवन की और फिल्मों की कहानियों में कुछ ही मामा नाम के
चरित्र आपको साफ़ सुथरे मिलेंगे. एक फ़िल्मी गीत सुनते हैं जिसमें
मामा को चंदा मामा से बेहतर बताया गया है.

७९ की फिल्म कर्त्तव्य का ये गीत गाया है उषा मंगेशकर और रफ़ी ने.




गीत के बोल:

बोल बाद में........
.............................................................................
Chanda mama se pyara-Kartavya 1979

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Sep 18, 2017

चाहिए थोड़ा प्यार-लहू के दो रंग १९७९

हिंदी फिल्म सिनेमा इतिहास में कम ही ऐसे गीत ऐसे हैं जिनमें
इतने जोर से प्यार शब्द बोला गया है. वो भी एक बार नहीं कई
बार. गाने वाले की पूरा दम ही निकल दिया गया है गीत में.

फारूख कैसर का गीत है और बप्पी लहरी का संगीत. गायक को
आप पहचान ही जायेंगे. ना पहचान पायें तो टैग में नाम दिया
हुआ है.

इस गाने के मुखड़े को  प्याज बेचने के लिए भी प्रयोग किया जा
सकता है. सब्जी विक्रेताओं का ध्यान शायद इस ओर नहीं गया है
अभी तक.



गीत के बोल:

प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार
चाहिए थोड़ा प्यार थोड़ा प्यार चाहिए
चाहिए थोड़ा प्यार थोड़ा प्यार चाहिए
जानेमन गुलबदन मेरी बात मानिए
चाहिए थोड़ा प्यार थोड़ा प्यार चाहिए
प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार

चोरी छुपे प्यार कभी होना चाहिए
रुत हो जवाँ फिर तो हमें खोना चाहिए
चोरी छुपे प्यार कभी होना चाहिए
रुत हो जवाँ फिर तो हमें खोना चाहिए
जय काली कलकत्ते वाली तेरा वचन न जाए खाली
बच्चा लोग अरे बजाओ ताली
चाहिए थोड़ा प्यार थोड़ा प्यार चाहिए
प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार

कोई हसीं कर न सका मेरा सामना
मेरी नज़र जादू भरी दिल को थामना
कोई हसीं कर न सका मेरा सामना
मेरी नज़र जादू भरी दिल को थामना
जय काली कलकत्ते वाली तेरा वचन न जाए खाली
छोकरी लोग अरे बजाओ ताली

चाहिए थोड़ा प्यार थोड़ा प्यार चाहिए
जानेमन गुलबदन मेरी बात मानिए
चाहिए थोड़ा प्यार थोड़ा प्यार चाहिए
प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार
.......................................................................
Chahiye thoda pyar-Lahu ke do rang 1979

Artists: Vindo Khanna, Shabana Azmi

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Sep 12, 2017

अजीब सानेहा-गमन १९७९

जो लीक पर चला करते हैं उन्हें धन ज्यादा मिलता है और जो
अलग हट के कुछ करने की कोशिश करते हैं उन्हें वाह वाह ही
ज्यादा मिला करती है. संगीतकार जयदेव के साथ भी ऐसा ही
कुछ था. उन्होंने कई प्रतिभाओं को मौके दिए. एक नाम उनमें
है-हरिहरन.

सुनते हैं शहरयार का लिखा एक गीत फिल्म गमन से. इसे सुन
कर आपको फिल्म हम दोनों का एक गीत याद आएगा-कभी खुद
पे कभी हालत पे रोना आया.




गीत के बोल:

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो
मैं अपने साये से
मैं अपने साये से कल रात डर गया यारो
मैं अपने साये से कल रात डर गया यारो
अजीब सानेहा

हर एक नक़्श तमन्ना का हो गया धुंधला
हर एक नक़्श तमन्ना का हो गया धुंधला
हर एक ज़ख़्म मेरे दिल का भर गया यारो
हर एक ज़ख़्म मेरे दिल का भर गया यारो
अजीब सानेहा

भटक रही थी जो
भटक रही थी जो कश्ती वो ग़क़र-ए-आब हुई
चढ़ा हुआ था जो दरिया उतर गया यारो
चढ़ा हुआ था जो दरिया उतर गया यारो
अजीब सानेहा

वो कौन था
वो कौन था वो कहाँ का था क्या हुआ था उसे
सुना है आज कोई शख़्स मर गया यारो
सुना है आज कोई शख़्स मर गया यारो

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो
मैं अपने साये से कल रात डर गया यारो
अजीब सानेहा
……………………………………………………….
Ajeeb saneha-Gaman 1979

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Aug 11, 2017

कोयल बोली-सरगम १९७९

आपको फिल्म आग से एक गीत सुनवाया था जिसमें कोयल
शोर मचा रही थी. पक्षी परिंदों के जिक्र वाले गीत अकसर ही
लोकप्रिय हो जाते हैं. फिल्म आग के गीत की तरह ही एक
और गीत है ७० के दशक का जो बेहद लोकप्रिय हुआ था-
सरगम फिल्म का जिसमें कोयल बोल रही है और दुनिया डोल
रही है. फिल्म १९७९ में रिलीज़ हुई थी.

जया प्रदा पर फिल्माया गया ये गीत लाता मंगेशकर का गाया
हुआ है. फिल्म की नायिका बोल नहीं सकती और ये चुनौती से
भरी भूमिका जया प्रदा ने खूब निभाई और उन्हें इस रोल के
लिए काफी सराहना भी मिली.




गीत के बोल:

कोयल बोली दुनिया डोली
कोयल बोली दुनिया डोली समझो दिल की बोली
कोयल बोली दुनिया डोली समझो दिल की बोली
दिल दुनिया में फर्क है कितना तू है कितनी भोली
हो ओ ओ ओ
कोयल बोली दुनिया डोली समझो दिल की बोली

इस दिल के झरोखे में रह लो कुछ भी सुन लो कुछ भी कह लो
इस दिल के झरोखे में रह लो कुछ भी सुन लो कुछ भी कह लो
राग बिना ना खेली जाए इस जीवन की होली
कोयल बोली दुनिया डोली समझो दिल की बोली

ऊपर अम्बर नीचे ज़मीन है इतना बड़ा घर कोई नहीं है
ऊपर अम्बर नीचे ज़मीन है इतना बड़ा घर कोई नहीं है
फूल पवन बादल पंछी ये सब अपने हमजोली
हो ओ ओ ओ
कोयल बोली दुनिया डोली समझो दिल की बोली

देखो हंस दो दिल न तोड़ो मैं खुश हूँ तुम मेरा साथ ना छोडो
देखो हंस दो दिल न तोड़ो मैं खुश हूँ तुम मेरा साथ ना छोडो
तेरा साथ मैं छोड़ दूंगा पर भेज के तेरी डोली
कोयल बोली दुनिया डोली
कोयल बोली दुनिया डोली
…………………………………………………….
Koyal boli-Sargam 1979

Artists: Rishi Kapoor, Jaya Prada

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Aug 7, 2017

ओ मेरी लाडली प्यारी बहना-आतिश १९७९

एक भाई बहन गीत सुनते हैं फिल्म आतिश से जिसे रफ़ी
संग हेमलता ने गाया है.

गीत में जीतेंद्र, निरुप रॉय, ओम शिवपुरी, मास्टर राजू और
एक अभिनेत्री दिखाई दे रहे हैं. आपको इस अभिनेत्री को
पहचानना है, कौन है?

गीत और संगीत रवींद्र जैन का है.



गीत के बोल:

ओ मेरी लाडली प्यारी बहना रानी बहना
तू मेरे होते हुए आंसुओं में नहीं बहना
हो मान लिया मैंने तेरा कहना
.....................................................................
O meri ladli pyari behna-Aatish 1979

Artists: Jeetendra, A heroine

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