Showing posts with label Akela. Show all posts
Showing posts with label Akela. Show all posts

Oct 21, 2018

मुझे आज कुछ न कहना-अकेला १९९१

फ़िल्मी नोकझोंक वाला एक गीत सुनते हैं जो ९० के दशक
में खूब बजा करता था. अमिरभ पर फिल्माए गए इस गीत
को सुदेश भोंसले और अलका याग्निक ने गाया है.

गीत में अमृता सिंह और अमिताभ के बीच नोक झोंक चल
रही है. गीत आनंद बक्षी का है और संगीत लक्ष्मी प्यारे का.



गीत के बोल:

चोरी से छुप छुपा के आया था मैं लगा के
फिर पान भी चबाया फिर इतर भी लगाया
थोड़ा सम्भल सम्भल के आया मैं सीधा चल के
पर लड़खड़ा गया मैं

मेरी चोरी पकड़ी गई ना
मुझे आज कुछ न कहना मेरा दिल ठिकाने हई ना

मुर्गे से बोली मुर्गी तोते से बोली मईना
उनका मज़ाक ठहरा मेरी जान गईना
मुझे आज कुछ न कहईना मेरा दिल ठिकाने हईना

मस्तियां और बढ़ें और नशा छाये
झूम उठे मेरा दिल पास जो तू आए
अब तुझको देखता हूँ मैं दिल में सोचता हूँ
कितनी हसीन है तू लड़की है या है जादू
है गोरा गोरा मुखड़ा ये काले काले नैना
मुझे आज कुछ न कहईना

अब तक हूँ मैं कुंवारा मुश्किल है अब गुज़ारा
मंडप सजा हुआ है बाजा भी बज रहा है
चाहे तो साथ मेरे ले ले तू सात फेरे
ना ना अच्छा हूँ मैं अकेला शादी तो है झमेला
दिन रात की सलामी बीवी की है गुलामी
रोते अच्छे अच्छे मुझको तो तोता बन के
पिंजरे में नईयो रहना
मुझे आज कुछ न कहईना

प्यार पर क़ैद है न दिल पे कोई पहरे
दूल्हा दुल्हन के हैं फूलों की तरह चेहरे
ये रानी और वो राजा गूंजा खुशी का बाजा
जारी है जश्न-ए-शादी बाकी है रात आधी
नाचूंगा गाऊंगा रे मैं आज सारी रईना
मुझे आज कुछ न कहईना ...
…………………………………………………
Mujhe aaj kuchh na kehna-Akela 1991

Artists: Amitabh Bachchan, Amrita Singh

Read more...

Dec 14, 2016

आग लग जाए कहीं पर-अकेला १९९१

ये सही है कहीं भी आग लगे तो धुआं उठता ही है चाहे थोडा ही
क्यूँ ना हो. अब आग आगे लगे या पीछे, दिल में लगे या दिमाग
में धुंआ सब जगह से उठता है.

अकेला शब्द भाषा का काफी पुराना शब्द है और थकेला, पकेला,
हठेला इत्यादि बाद में प्रकट हुए. ये बाद में प्रकट हुए शब्द मुंबई
की लोकल भाषा में काफी प्रयोग होते हैं. हर शब्द में केला अवश्य
है. केला कितना महत्वपूर्ण फल है जिसके सहारे इतने सारे शब्द बन
गए.

गीत फिल्माया गया है अमिताभ, जैकी और मीनाक्षी शेषाद्री पर.
मोहम्मद अज़ीज़, मनहर और अलका याग्निक ने इस गाया है.
आनंद बक्षी, लक्ष्मी प्यारे क्रमशः गीतकार और संगीतकार हैं.




गीत के बोल:

आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
इश्क़ हो जाये अगर तो कहां छुपता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
इश्क़ हो जाये अगर तो कहां छुपता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है


जब सामने वो आ जाए तो
जब सामने वो आ जाए तो
ये ये साँस ज़रा रुक जाती है
ये साँस ज़रा रुक जाती है
ये आँख ज़रा झुक जाती है
बेसबब यूं ही ये सर ऐसे कहां झुकता है
बेसबब यूं ही ये सर ऐसे कहां झुकता है
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
इश्क़ हो जाये अगर तो कहां छुपता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है

इस इश्क़ की क्या तारीफ़ करूं
दिल का इक अरमान है ये
इस इश्क़ की क्या तारीफ़ करूं
दिल का इक अरमान है ये
अरमान नहीं तूफ़ान है ये
रोकने से भी ये तूफ़ान कहां रुकता है
रोकने से भी ये तूफ़ान कहां रुकता है
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
इश्क़ हो जाये अगर तो कहां छुपता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
………………………………………………….
Aag lag jaaye kahin–Akela 1991

Artists: Amitabh Bachchan, Jackie Shroff, Meenakshi Sheshadri

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP