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Apr 6, 2020

नज़र लगे ना साथियों-देस परदेस १९७८

ढेर सारे गायकों वाला एक गाना सुनते हैं. ये कव्वाली नहीं
है, सामान्य गाना है. इसे सुनते सुनते समय बीत गया मगर
बरसों बाद मालूम हुआ कि इस भीड़ में विजय बेनेडिक्ट की
आवाज़ भी है. विजय बेनेडिक्ट बप्पी लहरी के लिए काफ़ी
गीत गा चुके हैं डिस्को युग में.

सुनते हैं गीत जिसमें बाप-बेटा अर्थात किशोर कुमार और उनके
पुत्र संग मनहर की आवाजें हैं चौथी आवाज़ के बारे में हम
लिख ही चुके हैं ऊपर.

गीत अमित खन्ना का है और इसका संगीत तैयार किया है
राकेश रोशन के भाई और संगीतकार रोशनलाल नागरथ के
सुपुत्र राजेश रोशन ने.

इस ब्लॉग पर संगीत रसिकों के लिए ही हम चर्चा करते हैं.
हमारा उद्देश्य केवल गीत प्रेमियों और गाना गुनगुनाने के
शौकीनों के लिए बोल देना है. ये कोई फ्री सर्विस नहीं कि
यहाँ तमाम लिरिक्स वाली साइटें के मालिक आ कर कॉपी
कर के अपनी साइटों पर पेस्ट मार दें.





गीत के बोल:

अरे नज़र लगे ना.........
अरे हो ...... ओ ओ ओ ओ
आज भरी महफ़िल मे
रे कहीं डोल न जाये ...
............. गोरी मेमों का
अ ब ब .........
अरे नज़र लगे ना.........
अरे हो ओ ओ ................
आज भरी .................
रे कहीं ....... न जाये दिल
इन गोरी गोरी ..... का
अ ब ब .................

वहाँ मिले थे ..........हम तुम कुछ दिन पहले
यहाँ मिले ..... विष मयखाने में ...........
अरे हुक्का ..... पीते थे वहां बाँध के ...... पगड़ी
अरे कस के बूट ............. बात करें कोई तगड़ी
यादें वादे .............. भूली बातें याद करा दे
अरे भटके ..... अरे यूँ ही अटके ........हम लटके लटके
उल्टा चोर ........... डांटे ये पुराना दस्तूर हमने माना
हुर्र .......भरी महफ़िल मे
रे कहीं ........ जाये दिल
इन गोरी ...... मेमों का
........... ब ब ब ब ब
भुर्र

अरे सोच ......... आगे बढ़ना आग का ये एक दरिया
दिलवालों से मिलना हो तो ........ ... ज़रिया हो
वहाँ ...... साथी है यहाँ .....नया साँवरिया
वो ..... तो ये भी ठीक है अपना अपना नज़रिया
झूमर पायल बिंदिया ....... चुनरी है ना है आँचल
रोज़ बरस के ....... है ये अंग्रेज़ी ...... का बादल
अरे ........ के बीच में ..... साबुत बचा न कोय
ये क्यों होये

आज ..... महफ़िल मे
रे कहीं डोल ..... दिल
इन गोरी गोरी मेमों का
बल्ले .. बल्ले .गेंद गेंद

इक दिन ........... था अब किसको ... के आये
हम तो ...... बैठे अब तुम क्या खाने आये हो
..... करो ......खेतों की .... जहाँ .... के आये
अरे यहाँ तो पल पल ..... मारे दम भी ..... जाये
आओ आओ उन्हें ... सोये हुओं को .... जगाओ
डरते ...... हैं करते सौ बार बचे हैं...... मरते
अरे खाओ ...... मनाओ मौका फिर नहीं आना
ओ रे लाना
हे रे कहीं ...... जाये दिल
इन गोरी गोरी .........
ब ब ब ....................
अरे नज़र लगे ना साथियों
अरे हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आज भरी ........ मे
रे कहीं ........ जाये दिल
इन ..... गोरी मेमों का
अ ब ब ब अ ब ब ब ..........
………………………………………………….
Nazar lage na sathiyon-Des Pardes 1978

Artists: Dev Anand, Tina Munim, Mehmood

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Mar 15, 2020

गली गली में फिरता है-त्रिदेव १९८९

आवारा और बंजारा शब्दों को जितना डिक्शनरी ने
पॉपुलर नहीं कराया उससे कहीं ज्यादा फिल्मों ने.
अब कौन कहता है फ़िल्में शिक्षा का माध्यम नहीं.
पब्लिक ने तो अदा से पप्पी झप्पी लेना भी फिल्मों
से सीखा है.

शब्द तो खैर बहुत कुछ कहते ही हैं मगर मूक कला
माईम भी एक विधा है जिसमें केवल भावों से और
शरीर के अंगों की हलचल से बहुत कुछ कहा जाता
है. इसे समझने के लिए बहुत फरर्टाइल दिमाग की
ज़रूरत होती है. अब कलाकार जलेबी बनाने की
विधि बतला रहा है या कसरत का ज्ञान आम आदमी
कैसे जान सकता है. मॉडर्न आर्ट का भी कुछ वैसा ही
हाल है. बनाने वाले से समझना पढता है वो क्या
कहना चाह रहा है या क्या कह चुका है.

अरे हम तो निबंध की ओर बढ़ने लगे, ना बाबा ना,
गीत की तरफ लौटते हैं. अलका याग्निक और मनहर
के गाये गीत को लिखा है आनंद बक्षी ने और इस गीत
की धुन तैयार की है विजू शाह ने.

टूथपेस्ट के विज्ञापन जैसे दृश्य से शुरू होता ये गीत
फिल्माया गया है जैकी श्रॉफ़ और संगीता बिजलानी
पर. गीत में आपको ढेर सारे कलाकार दिखलाई देंगे.
इनमें से दो ऐसे हैं जिनको लेकर बिछुडे हुए भाइयों
की कोई फिल्म बनाई जा सकती थी-डैन धनोवा और
तेज सप्रू. इसके अलावा उसी फिल्म में जैकी की बड़े
भाई की भूमिका भी हो सकती थी. खैर हो सकता था
वगैरह सब चलता ही रहता है, होता क्या है वो किसी
को मालूम नहीं होता. अब इससे आगे लिखने पर
यही मसाला किसी अंग्रेजी के ब्लॉग पर चटपटे
अनुवाद की शक्ल में दिखने लगेगा, इसलिए इधरिच
फुलस्टॉप. कहते हैं ना इश्क की आग वो आग है जो
बुझाये ना बुझे वैसे ही ब्लोगिंग की खुजली भी कुछ
ऐसी है जो खुजाए न खुजे.



गीत के बोल:

गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो तेरा प्यार है एक सोने का पिंजरा ओ शहज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी

मौका है दीवाने दिल का खाली दामन भर ले
इस दुनिया में जीना है तो प्यार किसी से कर ले
तेरे दिल को छेड़ रहा है मेरा प्यार अकेला
मेरे दिल में लगा हुआ है कई ग़मों का मेला

हो गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो तेरा प्यार है एक सोने का पिंजरा ओ शहज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी

मेरी तरह नहीं है कोई इस दुनिया में देख यहाँ
राजा बन जा मेरा साथी हाथ पकड़ ले मेरा
मेरा रास्ता रोक रही है तू कैसी दीवानी
एक जगह मैं कैसे ठहरूं मैं दरिया का पानी

हो गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो तेरा प्यार है एक सोने का पिंजरा ओ शहज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी

और किसी से मैं ये कहती वो कुछ भी कर जाता
मेरे एक इशारे पे बस वो हंस के मर जाता
ना मैं शायर ना कोई आशिक ना कोई दीवाना
मैं तुझपे नहीं मरने वाला मैं हूँ बड़ा सयाना

हो गली गली में फिरता है तू क्यूँ बन के बंजारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
आ मेरे दिल में बस जा मेरे आशिक आवारा
हो तेरा प्यार है एक सोने का पिंजरा ओ शहज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी
मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आज़ादी
………………………………………………………
Gali gali mein phirta hai-Tridev 1989

Artists: Jackie Shroff, Sangeet Bijlani

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Dec 12, 2019

हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते-सड़क १९९१

मेंडोलिन नाम के वाद्य का प्रयोग हिंदी गीतों में खूब
हुआ है. कई ऐसे गीत हैं जिनके अंत में गीत की पंक्ति
की जगह मेंडोलिन पर बजायी धुन प्रयोग में लायी
गयी है. ये गीत की खूबसूरती को बढ़ा देती है.

सुनते हैं सन १९९१ की फिल्म सड़क से एक हिट गीत
जिसे मनहर और अनुराधा पौडवाल ने गाया है. समीर
के बोल हैं और नदीम श्रवण का संगीत.



गीत के बोल:

हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
तुम नहीं आते तो हम मर जाते
हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
तुम नहीं आते तो हम मर जाते
हाय प्यार क्या चीज़ है ये जान नहीं पाते
हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
तुम नहीं आते तो हम मर जाते
हाय प्यार क्या चीज़ है ये जान नहीं पाते
हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
तुम नहीं आते तो हम मर जाते

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
उड़े खुशबू कली महके ये रुत बदले बहार आये
मुहब्बत करने की जानम उम्र तो एक बार आये
तुम्हें प्यार करने को जी करता है
इकरार करने को जी करता है
इकरार करने को जी करता है
तुम नहीं होते तो दिल न लगाते
तुम नहीं होते तो दिल न लगाते
दिल की तड़प हम किसको बताते
हाय प्यार क्या चीज़ है ये जान नहीं पाते
हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
तुम नहीं आते तो हम मर जाते

भुलाये से नहीं भूले मेरे दिलबर तेरी बातें
तेरी यादों में गुज़रीं हैं कई सुबह कई रातें
तुझसे दूर जो कहीं हम जायेंगे
हर घड़ी हम तुझे याद आयेंगे
हर घड़ी हम तुझे याद आयेंगे
तेरी इन बातों से हम घबराते
तेरी इन बातों से हम घबराते
तौबा तुम हमें कितना तड़पाते
हाय प्यार क्या चीज़ है ये जान नहीं पाते
हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
तुम नहीं आते तो हम मर जाते

कभी देखूं जो मैं दर्पण चेहरा तेरा नज़र आये
जब जब लेती हूँ मैं साँसें तेरी खुशबू बिखर जाये
तेरे बिन जीना अब मुश्किल है
मैं दिल हूँ तेरा तू मेरा दिल है
मैं दिल हूँ तेरा तू मेरा दिल है
सारी उमर हम तो पछताते
सारी उमर हम तो पछताते
राज़ कोई जो तुझसे छुपाते
हाय प्यार क्या चीज़ है ये जान नहीं पाते

हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
तुम नहीं आते तो हम मर जाते
हाय प्यार क्या चीज़ है ये जान नहीं पाते
हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते
तुम नहीं आते तो हम मर जाते
...................................................................
Ham tere bin kahin-Sadak 1991

Artists: Sanjay Dutt, Pooja Bhatt

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Sep 24, 2018

हर जनम में हमारा मिलन-कागज़ की नाव १९७६

७० के दशक में अगर प्रमुख संगीतकारों के गीत
लोकप्रिय थे तो कुछ अनजाने और कम सुने गए
संगीतकारों के गीत भी लोकप्रिय हुए.

कुछ गीत जैसे जिंदगी और तूफ़ान का-मौसम आवारा
है, जान हाज़िर है का-हम न रहेंगे तुम ना रहोगे
दशक के मध्य में कागज़ की नाव फिल्म का ये
गाना भी लोकप्रिय था. हाँ लोकप्रियता कम ज्यादा
थी, मैं मानता हूँ.

नक्श लायलपुरी की रचना है और सपन जगमोहन
का संगीत. इसे स्वर दिया है आशा भोंसले और
मनहर ने. इसके पहले जो मनहर का युगल गीत
लोकप्रिय हुआ वो है-लूटे कोई मन का नगर फिल्म
अभिमान से.





गीत के बोल:

हर गीत के बोल चाहिए तो कम से कम
कमेन्ट बॉक्स में कुछ लिख तो दिया करें.
.
चिड़िया भी दाना खा के चूं चूं कर के जाती है
या बीट कर जाती है, कुछ तो करो भाई लोग
.
.
…………………………………………………..
Har janam mein hamara Milan-Kagaz ki naav 1976

Artists: Sarika, Raj Kiran

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Feb 22, 2018

चले आओ चले आओ-मीत मेरे मन के १९९१

संभावनाओं वाले संगीतकार बाबुल बोस के संगीत निर्देशन में
बना एक और गीत सुनते हैं सन १९९१ की अनजानी सी फिल्म
मीत मेरे मन के से.

मनहर उधास और सलमा आगा की आवाज़ है. गीत को लिखा है
रवींद्र रावल ने. सलमा आगा और फिरोज़ खान पर इसे फिल्माया
गया है.



गीत के बोल:

चले आओ चले आओ
चले आओ चले आओ
कोई वादा नहीं फिर भी निगाहें राह तकती हैं
तुम्हारा वो हसीं चेहरा ये कैसे भूल सकती हैं
चले आओ चले आओ
चले आओ चले आओ

तुम्हारी एक झलक देखी मगर बेताब हैं ऐसे
बड़ी प्यारी हमारी चीज कोई खो गयी जैसे
उसी दीदार की खातिर तम्मानाएं मचलती हैं
चले आओ चले आओ

कोई वादा नहीं फिर भी निगाहें राह तकती हैं
तुम्हारा वो हसीं चेहरा ये कैसे भूल सकती हैं
चले आओ चले आओ
चले आओ चले आओ

जिसे माँगा दुआओं में जिसे चाहा ख्यालों में
मिला वो ख्वाब तक बन के हमें दिन के उजालों में
नज़र की खुशनसीबी पर ये बाहें रश्क करती है
करीब आओ करीब आओ
करीब आओ करीब आओ
..........................................................................
Chale aao chale aao-Meet mere man ke 1991

Artists: Feroz Khan, Salma Agha

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Aug 11, 2017

मैं उससे इतना प्यार करता हूँ-मेरा जवाब १९८५

एक युगल गीत सुनते हैं ८० के दशक से. इसे मनहर और
अनुराधा पौडवाल ने गाया है. आनंद बक्षी के बोल है और
लक्ष्मी-प्यारे का संगीत.

गीत में जोड़ी वही है फिल्म हीरो वाली. फिल्म हीरो के दो
साल के बाद ये फिल्म आई थी.




गीत के बोल:

मैं उससे इतना प्यार करता हूँ
के जितना वो नहीं करती
वो मुझसे इतना प्यार करती है
के जितना मैं नहीं करता
वो मुझसे इतना प्यार करती है
के जितना मैं नहीं करता
मैं उससे इतना प्यार करता हूँ
के जितना वो नहीं करती

मैं उससे इतना प्यार करती हूँ
के जितना वो नहीं करता

प्यार अपना असर दिखाता है
आदमी क्या से क्या हो जाता है
प्यार अपना असर दिखाता है
कोई शायर बन जाता है
कोई दीवाना हो जाता है
मैं उसपे इतना मरता हूँ
के जितना वो नहीं मरती

मैं उससे इतना प्यार करती हूँ
के जितना वो नहीं करता
वो मुझसे इतना प्यार करता है
के जितना मैं नहीं करती

क्यों ये चाहत करने जां मसरती है
हर घड़ी क्यूं ये धड़कन मचलती है
क्यों ये चाहत करने जां मसरती है
हर घड़ी क्यूं ये धड़कन मचलती है
आग सी सीने में मेरे जलती है
रोज़ जिस दम से ये शाम ढलती है
मैं उससे इतना याद करती हूँ
के जितना वो नहीं करता
मैं उससे इतना प्यार करती हूँ
के जितना वो नहीं करता

मैं उससे इतना प्यार करता हूँ
के जितना वो नहीं करती
मैं उससे इतना प्यार करती हूँ
के जितना वो नहीं करता

वो मेरे ही दिल में रहती है
मैं जिससे मोहब्बत करता हूँ
वो मेरे ही दिल में रहती है
मैं जिससे मोहब्बत करता हूँ
उसको ही खुदा मैंने माना है
मैं जिसकी इबादत करती हूँ
मैं उसपे इतना नाज़ करता हूँ
कि जितना वो नहीं करती
मैं उसपे इतना नाज़ करती हूँ
कि जितना वो नहीं करता

मैं उससे इतना प्यार करता हूँ
के जितना वो नहीं करती
मैं उससे इतना प्यार करती हूँ
के जितना वो नहीं करता
वो मुझसे इतना प्यार करता है
के जितना मैं नहीं करती
……………………………………………
Main usse itna pyar-Mera jawab 1985

Artists: Jackie Shroff, Meenakshi Sheshadri

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May 26, 2017

डिंग डोंग ओ बेबी सिंग-हीरो १९८३

सन १९८३ की फिल्म हीरो के सभी गीत लोकप्रिय हैं.
बजने के मामले में सबसे ज्यादा जो ३ गीत फिल्म के
सुनाई देते हैं उनमें से एक ये भी है.

अनुराधा पौडवाल, मनहर और कोरस के गाये इस गीत
को जैकी श्रोफ, मीनाक्षी शेषाद्रि और अन्य कलाकारों
पर फिल्माया गया है. इसका गीत और संगीत क्रमशः
आनंद बक्षी और लक्ष्मी-प्यारे का है.




गीत के बोल:

सा रे गा मा
सा सा रे रे गा गा मा मा पा
डिंग डोंग ओ बेबी सिंग ए सोंग
आज के शाम का  प्यार के नाम का
जब जब बाजे यादों की बंसी
तब तब दिल उड़ जाये
बन के गीतों का पंछी
डिंग डोंग ओ बेबी सिंग ए सोंग
आज के शाम का  प्यार के नाम का

ज़ंजीर ज़ंजीर ज़ंजीर हैं पाँव में
पहरे हैं निगाह में
फिर भी उड़ती फिरते हैं
इन मदमस्त हवाओं में
प्रेमियों के छत पे गीतों के पंछी
डिंग डोंग ओ बेबी सिंग ए सोंग

तीरों से तलवारों से
न ऊँची दीवारों से
रुकेगा न ये लोगों से
यार जो मिले यारों से
दुनियाँ से न हारे जीतों के पंछी
डिंग डोंग ओ बेबी सिंग ए सोंग
..........................................................
Ding dong o baby sing a song-Hero 1983

Artists: Jackie Shroff, Meenakshi Sheshadri

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Dec 28, 2016

मौसम की तरह तुम भी-जानवर १९९९

कई फिल्मों के नाम ऐसे होते हैं कि फिल्म में या उसके गीतों
में उसे ढूँढना पढता है. आज आपको सुनवाते हैं सन १९९९ की
फिल्म जानवर से एक गीत जो काफी लोकप्रिय हुआ था अपने
समय में और कई साल तक हमने इसे सुना.

अलका याग्निक और मनहर उधास का गाया युगल गीत है ये.
आपको गर याद हो सन १९८३ की फिल्म हीरो का युगल गीत
मनहर उधास और अनुराधा पौडवाल की आवाज़ में. उस गीत
से इसे कम्पेयर कीजिये तो आपको लगेगा मनहर उधास पर
उम्र का ज्यादा असर नहीं हुआ है.

गीत के रचयिता हैं समीर और संगीतकार आनंद मिलिंद जो
१९९०-२००० के बीच ताबड़ तोड़ ढेर सारी फिल्मों में संगीत देने
के बाद धीरे धीरे हिंदी फिल्म जगत से दूर होना शुरू हो गए.



गीत के बोल:

दुनिया की तरह रस्मों की तरह
वादों की तरह कसमों की तरह
मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे
मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे
दुनिया बदलती है मौसम बदलते हैं
लेकिन मेरे दिल को बदल नहीं पाओगे

मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे
मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे

आसमानों के आगे तुमने वादा किया है
दिल के बदले में मैने प्यार तुमको दिया है
धरती की अम्बर की कसम
मुझको है तेरे सर की कसम
नज़रें बदलती हैं सपने बदलते हैं
लेकिन मेरी धड़कन को तुम धड़काओगे

मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे
मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे

मेरी पहली तमन्ना आखरी प्यार हो तुम
रूह में बस गए हो मेरे दिलदार हो तुम
ऐसे ही तुम्हें चाहूंगा मैं
तुम्हें दुल्हन भी बनाऊंगा मैं
सहरे बदलते हैं खुश्बू बदलती है
पल पल मेरी साँसों को तुम महकाओगे
मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे

तुमने धोखा दिया तो कुछ भी कर जाऊंगी मैं
तुम जुदा जो हुए तो देखो मर जाऊंगी मैं
मेरी मंज़िल तेरी राहों में है
मेरी जन्नत तेरी बाहों में है
राही बदलते हैं रस्ते बदलते हैं
मैं दौड़ के आऊँगा जो मुझको बुलाओगे

मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे
मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे
बदल तो न जाओगे
बदल तो न जाओगे
…………………………………………
Mausam ki tarah tum bhi-Jaanwar 1999

Artists: Akshay Kumar, Karishma Kapoor

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Dec 14, 2016

आग लग जाए कहीं पर-अकेला १९९१

ये सही है कहीं भी आग लगे तो धुआं उठता ही है चाहे थोडा ही
क्यूँ ना हो. अब आग आगे लगे या पीछे, दिल में लगे या दिमाग
में धुंआ सब जगह से उठता है.

अकेला शब्द भाषा का काफी पुराना शब्द है और थकेला, पकेला,
हठेला इत्यादि बाद में प्रकट हुए. ये बाद में प्रकट हुए शब्द मुंबई
की लोकल भाषा में काफी प्रयोग होते हैं. हर शब्द में केला अवश्य
है. केला कितना महत्वपूर्ण फल है जिसके सहारे इतने सारे शब्द बन
गए.

गीत फिल्माया गया है अमिताभ, जैकी और मीनाक्षी शेषाद्री पर.
मोहम्मद अज़ीज़, मनहर और अलका याग्निक ने इस गाया है.
आनंद बक्षी, लक्ष्मी प्यारे क्रमशः गीतकार और संगीतकार हैं.




गीत के बोल:

आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
इश्क़ हो जाये अगर तो कहां छुपता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
इश्क़ हो जाये अगर तो कहां छुपता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है


जब सामने वो आ जाए तो
जब सामने वो आ जाए तो
ये ये साँस ज़रा रुक जाती है
ये साँस ज़रा रुक जाती है
ये आँख ज़रा झुक जाती है
बेसबब यूं ही ये सर ऐसे कहां झुकता है
बेसबब यूं ही ये सर ऐसे कहां झुकता है
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
इश्क़ हो जाये अगर तो कहां छुपता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है

इस इश्क़ की क्या तारीफ़ करूं
दिल का इक अरमान है ये
इस इश्क़ की क्या तारीफ़ करूं
दिल का इक अरमान है ये
अरमान नहीं तूफ़ान है ये
रोकने से भी ये तूफ़ान कहां रुकता है
रोकने से भी ये तूफ़ान कहां रुकता है
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
उड़ जाती है खबर इश्क़ हो जाये अगर
इश्क़ हो जाये अगर तो कहां छुपता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
आग लग जाए कहीं पर तो धुआं उठता है
………………………………………………….
Aag lag jaaye kahin–Akela 1991

Artists: Amitabh Bachchan, Jackie Shroff, Meenakshi Sheshadri

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Aug 29, 2015

मेरी बहना ये राखी की लाज-घर द्वार १९८५

रक्षा बंधन के अवसर पर आज आपको सुनवाते हैं फिल्म
घर द्वार(१९८५) से एक गीत. श्रीम लागू गीत गाना शुरू
करते हैं जो भाई की भूमिका में हैं. बहन छोटी है काफी.
गीत तीन गायकों ने गाया है-मोहम्मद अज़ीज़, मनहर
और सुरेश वाडकर ने. दूसरे दो भाई हैं राजकिरण और
सचिन पिलगांवकर. मनहर ने श्रीराम लागू के लिए गाया
है, अज़ीज़ ने राजकिरण के लिए और सुरेश वाडकर ने
सचिन के लिए. बहन के रोल में हैं श्रद्धा वर्मा जिन्होंने
और भी कई पारिवारिक फिल्मों में अभिनय किया है.

गीत अनजान का लिखा हुआ है और इसके संगीतकार हैं
चित्रगुप्त जिनकी संभवतः ये आखिरी हिंदी फिल्म थी
बतौर संगीतकार. इस फिल्म में उनके पुत्र उनके सहायक
रहे-आनंद और मिलिंद.

फिल्म के दो गीत काफी लोकप्रिय हैं इसके अलावा जिनमें
से एक किशोर का गाया हुआ और दूसरा अलका याग्निक
द्वारा जिनपर चर्चा फिर कभी. हाल फिलहाल ये गीत सुनिए.




गीत के बोल:

मेरी बहना ये राखी की लाज तेरा भैया निभाएगा
मेरी बहना ये राखी की लाज तेरा भैया निभाएगा
तुझे दिल से कभी ना भुलायेगा
मेरी बहना ये राखी की लाज तेरा भैया निभाएगा

दिन रात देखें मन एक सपना
जब तेरी बारात आएगी अंगना
दिन रात देखें मन एक सपना
जब तेरी बारात आएगी अंगना
हीरे मोती तुझपे लुटा के
हीरे मोती तुझपे लुटा के
चाँद तारों से डोली सजायेगा

मेरी बहना ये राखी की लाज तेरा भैया निभाएगा

हम एक डाल के फूल हैं सारे
एक दूजे को जान से प्यारे
हो, हम एक डाल के फूल हैं सारे
एक दूजे को जान से प्यारे
प्यार का बंधन प्रीत की डोरी
प्यार का बंधन प्रीत की डोरी
कोई कैसे कभी तोड़ पायेगा

मेरी बहना ये राखी की लाज तेरा भैया निभाएगा

तू पास हो या दूर कहीं जाए
सारी उम्र तू यूँ ही मुस्कुराये
तू पास हो या दूर कहीं जाए
सारी उम्र तू यूँ ही मुस्कुराये
तुझपे कभी जो कोई आंच आये
तुझपे कभी जो कोई आंच आये
जान तेरी खुशी पे लुटायेगा

मेरी बहना ये राखी की लाज तेरा भैया निभाएगा
तुझे दिल से कभी ना भुलायेगा
मेरी बहना ये राखी की लाज तेरा भैया निभाएगा
ओ मेरी बहना ये राखी की लाज तेरा भैया निभाएगा
..........................................................................................
Meri behna ye rakhi ki laaj-Ghar Dwaar 1985

Artists:  Raj Kiran, Sachin, Shraddha Verma, Shriram Lagoo, Tanuja

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Feb 26, 2015

हम न रहेंगे-जान हाज़िर है १९७५


आपको फिल्म "जान हाज़िर है" से एक गीत सुनवाया था कुछ साल
पहले. इस फिल्म से दूसरा गीत सुनिए और देखिये. ये एक रेयर
क्लिप है और शायद संगीत के काफी गंभीर किस्म के भक्त ने इसे
लोड किया है यू ट्यूब पर. इसके अलावा इसका वीडियो मुझे देखने
को नहीं मिला है. शैलेन्द्र पुत्र शैली शैलेन्द्र ने इसके बोल लिखे हैं और
ये तीन गायकों की आवाज़ में है-मनहर उधास, अमित कुमार और
दिलराज कौर. फिल्म ज्यादा क्या नहीं के बराबर चली मगर संगीत
सुना गया इसका. ये गीत आकाशवाणी पर सुनाई देता रहा बरसों.
आज के दौर में इसे सुनना दुर्लभ अनुभव है.



गीत में आपको तीन कलाकार दिखाई देंगे-शेखर कपूर, प्रेम किशन और
नताशा.






गीत के बोल:

हम न रहेंगे, तुम न रहोगे, ये प्यार हमारा हमेशा रहेगा
प्यार का ऐसा फ़साना रचेंगे, के याद हमारी ज़माना करेगा
हम न रहेंगे

सूरज धरती चंदा जैसा, अपना नाता है सदियों पुराना
चलते चलते चाहे ये रुक जाए
फिर भी रहेगा ये रिश्ता सुहाना
आंधी या तूफ़ान
आंधी या तूफ़ान चाहे जो भी आये
कारवां हमारा तो चलता रहेगा

जन्म मरण का साथ हमारा, हर जीवन हम मिल के रहेंगे
चमकेंगे कभी बन के सितारे, फूल बन के कभी हम सब खिलेंगे
समय का सागर
समय का सागर, सुख भी जाए
प्रेम का कमल तो खिलता रहेगा
हम न रहेंगे, तुम न रहोगे,
................................
Ham na rahenge-Jaan Hazir Hai 1975

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Jan 7, 2015

लूटे कोई मन का नगर-अभिमान १९७३


फ़िल्मी गीतों में डबिंग आर्टिस्ट नाम का किरदार होता है एक.
डबिंग आर्टिस्ट से पहले गाना गवा लिया जाता है और बाद में
प्रमुख गायक/गायिका की आवाज़ में वो गीत रेकोर्ड किया जाता
ये चलन पहले काफी था अब कम है. इस गीत के साथ किस्सा
यूँ है-मनहर ने इस गीत को डबिंग आर्टिस्ट के तौर पर गाया .
मुकेश ने जब इसे सुना तो निवेदन किया कि इसे फिल्म में
रहने दिया जाए. निवेदन मान लिया गया. फिल्मों के इतिहास
में कोई ऐसी फिल्म नहीं जिसमें लता-रफ़ी, लता-किशोर और
लता-मुकेश के युगल गीत एक साथ हों. अगर ऐसा होता तो
एक इतिहास बन जाता. ये उस ज़माने की फिल्म है जब "बिग"
जया और अमिताभ केवल "बी" हुआ करते थे. जया स्थापित
अभिनेत्री थीं  और अमिताभ नवागंतुक अभिनेता. गीत आकर्षक
धुन वाला है और मेरे हिसाब से इसे ज्यादा गुनगुनाया है जनता ने
बनिस्बत फिल्म के दूसरे युगल गीतों के.



गीत के बोल: 



लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
कौन है वो, अपनों में कभी, ऐसा कहीं होता है,
ये तो बड़ा धोखा है

लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी

यहीं पे कहीं है, मेरे मन का चोर
नज़र पड़े तो बइयाँ दूँ
यहीं पे कहीं है, मेरे मन का चोर
नज़र पड़े तो बइयाँ दूँ
जाने दो, जैसे तुम प्यारे हो,
वो भी मुझे प्यारा है, जीने का सहारा है
देखो जी तुम्हारी यही बतियाँ मुझको हैं तड़पातीं

लूटे कोई मन का नगर
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी

रोग मेरे जी का, मेरे दिल का चैन
साँवला सा मुखड़ा, उसपे कारे नैन
ऐसे को, रोके अब कौन भला,
दिल से जो प्यारी है, सजनी हमारी है
का करूँ मैं बिन उसके रह भी नहीं पाती

लूटे कोई मन का नगर
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
…………………………………………..
Loote koi man ka nagar-Abhimaan 1973

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Dec 15, 2010

तू मेरा हीरो है-हीरो १९८३

हीरो फिल्म से एक गीत इधर है -लम्बी जुदाई । अब अगला गीत सुनिए जो एक
सुपर हिट गीत है। जैकी श्रोफ की बतौर हीरो पहली फिल्म और फिल्म का नाम
भी हीरो। सुभाष घई की फिल्म बहुत लोकप्रिय है और इसका संगीत भी बहुत
बजा है। जो गीत आपको सुनवाया जा रहा है वो एक बेहद सफल गीत है और
इस गीत से मनहर उधास का नाम एक बार फिर लोगों की जुबान पर चढ़ गया।
साथ में उनके अनुराधा पौडवाल गा रही है। गीत जैकी के साथ मीनाक्षी शेषाद्री
पर फिल्माया गया है और युवा प्रेमी इसे मन लगा के देखा करते हैं।




गीत के बोल:


मेरा जानम मेरा साजन मेरा साजन मेरा बालम
मेरा बालम मेरा मजनू मेरा मजनू मेरा रांझा
जानू
तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है
तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है
मेरी प्रेम कहानी का तू हीरो है

पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
अपनी तकदीर तो जीरो है, हो ओ ओ ओ ओ
तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है
मेरी प्रेम कहानी का तू हीरो है

पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
अपनी तकदीर तो जीरो है, हो ओ ओ ओ ओ

दिलवालों में न कोई अमीर होता है
न गरीब होता है

किसी किसी को यह प्यार नसीब होता है
किसी किसी को यह प्यार नसीब होता है

दिल की दुनिया से दुनिया दूर होती है
दिल करीब होता है
कोई कोई ऐसा खुशनसीब होता है
कोई कोई ऐसा खुशनसीब होता है

तेरी बातें तू ही जाने
मैं तो बस इतना जानूं
जानू ,जानू ,जानू
तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है
मेरी प्रेम कहानी का तू हीरो है
पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
अपनी तकदीर तो जीरो है, हो ओ ओ ओ ओ
आ आ आ आ आ


प्रेमी के हाथों में प्रेमलकीर होती है
तहरीर होती है
नहीं नहीं आँखों में तस्वीर होती है
प्यार वो करते है जिनकी तकदीर होती है
जागीर होती है

कुछ भी हो लेकिन रांझे की हीर होती है
कुछ भी हो लेकिन रांझे की हीर होती है

यह सब किस्से हैं पुराने
मैं तो बस इतना जानूं
के प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
अपनी तकदीर तो जेरो है, हो

पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
तू मेरा हीरो है, ओ
आ, आ आ आ, आ आ, आ आ
कितना काफी है तू मुझे
प्यार करता है, इकरार करता है

याद तुझे एक पल में दिल सौ बार करता है

देखे कौन जुदा हमको
दिलदार करता है, इनकार करता है

प्यार कहाँ लोगों का इंतज़ार करता है

तेरी बातें तू ही जाने
मैं तो बस इतना जानूं
जानू जानू जानू जानू
जानू जानू जानू जानू जानू

मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है
मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है

पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
तू मेरा हीरो है, हो

मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है
मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है
मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है
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Too mera janu hai, too mera hero hai-Hero 1983

Artists:  Jackie Shroff,  Meenakshi Sheshadri,

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Jan 26, 2010

तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में१-आप तो ऐसे ना थे १९८०

फ़िल्म : आप तो ऐसे न थे
वर्ष: १९८०
गीतकार : निदा फाजली
संगीतकार : उषा खन्ना
गायक : मनहर
कलाकार: राज बब्बर, रंजीता


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गाने के बोल:

तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है

ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा
ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा
हर एक चीज़ है अपनी जगह ठिकाने पे
कई दिनों से शिकायत नहीं ज़माने से
ये ज़िंदगी है सफ़र तू सफ़र की मंज़िल है,
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है

तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है

हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन
हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन
ये रोशनी जो ना हो ज़िंदगी अधूरी है
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है
ये रास्ता कहीं तनहा कटे तो मुश्किल है,
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है

तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
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Too is tarah se meri zindai mein1-Aap to aise na the 1980

Artists-Ranjeeta, Raj Babbar

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