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Mar 8, 2017

सपने सुहाने लड़कपन के-बीस साल बाद १९६२

बीस साल बाद क्या, आज ५५ साल बाद भी फिल्म के संगीत
का जादू वैसे ही बरकरार है. टीनेज यानि के लड़कपन जिसमें
सुहाने और हसीन सपने ज्यादा दिखाई देते हैं उसपर कुछ बयां
है इस गीत में.

इस गीत को शकील बदायूनीं ने लिखा है और इसका संगीत
तैयार किया हेमंत कुमार ने. गायिका है लता मंगेशकर. फिल्म
का लता का गाया एक गीत ज़बरदस्त हिट है-कहीं दीप जले
कहीं दिल. फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं वहीदा रहमान और
विश्वजीत. विश्वजीत का नाम बिस्वजीत भी लिखा पाया जाता
है कहीं कहीं. बंगाली और हिंदी नामों में थोड़ा फर्क है. फिल्म
का निर्देशन बीरेन नाग ने गीतांजलि पिक्चर्स नाम की संस्था
के लिए किया. ये संस्था हेमंत कुमार की है.



गीत के बोल:

सपने सुहाने लड़कपन के
मेरे नैनों में डोले बहार बन के
सपने सुहाने लड़कपन के
मेरे नैनों में डोले बहार बन के

जब छाए घटा मतवाली
मेरे दिल पे चलाए आरी
घबराये अकेले मनवा
मैं ले के जवानी हारी
कैसे कटें दिन उलझन के
कोई ला दे ज़माने वो बचपन के

सपने सुहाने लड़कपन के
मेरे नैनों में डोले बहार बन के

जब दूर पपीहा बोले
दिल खाये मेरा हिचकोले
मैं लाज में मर-मर जाऊँ
जब फूल पे भंवरा डोले
छेड़े पवनिया तराने जब मन के
मुझे भाये ना रंग ये जीवन के

सपने सुहाने लड़कपन के
मेरे नैनों में डोले बहार बन के
..........................................................................
Sapne suhane ladakpan ke-Bees saal baad 1962

Artists: Waheeda Rehman, Biswajeet

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Aug 1, 2016

ज़रा नज़रों से कह दो जी-बीस साल बाद १९६२

हेमंत कुमार के गीतों में कुछ अलग ही खुशबू हुआ
करती थी. उनके गाये रोमांटिक गीतों में से कुछ
बेहद लोकप्रिय हुए हैं. आज आपको ऐसा ही एक
गीत सुनवा रहे हैं. गुज़रे ज़माने के चोकलेटी हीरो
विश्वजीत पर फिल्माया गया ये गीत कैची धुन पर
बना हुआ है और आसानी से जुबान पर चढ जाता
है.

गीत शकील बदायूनीं ने लिखा है और इसकी धुन
स्वयं हेमंत कुमार ने बनाई है. हेमंत कुमार उन
प्रतिभाशाली संगीतकारों में से एक हैं जिनकी शान में
संगीत समीक्षकों ने कसीदे नहीं काढ़े. हेमंत कुमार
बिना इस बात की परवाह किये अपना काम करते रहे
और मधुर धुनों का सृजन करते रहे. हिंदी फिल्म
संगीत का इतिहास जब भी पढ़ा और सुना जायेगा,
उसमें फिल्म नागिन और बीस साल बाद का जिक्र
ज़रूर आयेगा.


गीत के बोल:


ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए
ज़रा नज़रों से कह दो जी
मज़ा जब है तुम्हारी हर अदा क़ातिल ही कहलाए
ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए
ज़रा नज़रों से कह दो जी

क़ातिल तुम्हे पुकारूँ के जान-ए-वफ़ा कहूँ
हैरत में पड़ गया हूँ के मैं तुम को क्या कहूँ

ज़माना है तुम्हारा
ज़माना है तुम्हारा चाहे जिसकी ज़िंदगी ले लो
अगर मेरा कहा मानो तो ऐसे खेल न खेलो
तुम्हारी इस शरारत से न जाने किस की मौत आए
ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए
ज़रा नज़रों से कह दो जी

हाय, कितनी मासूम लग रही हो तुम
तुमको ज़ालिम कहे वो झूठा है

ये भोलापन तुम्हारा
ये भोलापन तुम्हारा ये शरारत और ये शोखी
ज़रूरत क्या तुम्हें तलवार की तीरों की खंजर की
ये भोलापन तुम्हारा ये शरारत और ये शोखी
ज़रूरत क्या तुम्हें तलवार की तीरों की खंजर की
नज़र भर के जिसे तुम देख लो वो खुद ही मर जाए

ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए
ज़रा नज़रों से कह दो जी

हम पे क्यों इस क़दर बिगड़ती हो
छेड़ने वाले तुमको और भी हैं
बहारों पर करो गुस्सा उलझती हैं जो आँखों से
हवाओं पर करो गुस्सा जो टकराती हैं ज़ुल्फ़ों से
कहीं ऐसा न हो कोई तुम्हारा दिल भी ले जाए

ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए
ज़रा नज़रों से कह दो जी
मज़ा जब है तुम्हारी हर अदा क़ातिल ही कहलाए
ज़रा नज़रों से कह दो जी
………………………………………..
Jara nazron se keh do ji-Bees saal baad 1962

Artists: Waheeda Rehman, Biswajeet

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Jul 30, 2016

बेकरार कर के हमें यूँ-बीस साल बाद १९६२

बीस साल बाद फिल्म का नाम है. ये इतना घिसा हुआ अर्थात
बजा हुआ रोमांटिक गीत है कि आपको आज से बीस साल बाद
भी सुनाई दे जायेगा. हेमंत कुमार के गाये गीतों में जो सबसे
ज्यादा सुने गए गीत हैं उनमें से एक है ये.

परदे पर विश्वजीत वहीदा रहमान के लिए इस गीत को गा रहे
हैं. गीत शकील बदायूनीं ने लिखा है और धुन हेमंत कुमार की
बनाई हुई है.




गीत के बोल:

बेक़रार कर के हमें यूँ न जाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये
बेक़रार कर के हमें यूँ न जाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये 

देखिये वो काली काली बदलियाँ
ज़ुल्फ़ की घटा चुरा न ले कहीं
चोरी चोरी आके शोख बिजलियाँ
आपकी अदा चुरा न ले कहीं
यूँ क़दम अकेले न आगे बढ़ाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये 

देखिये गुलाब की वो डालियाँ
बढ़ के चूम ले न आप के क़दम
देखिये गुलाब की वो डालियाँ
बढ़ के चूम ले न आप के क़दम
खोए खोए भँवरे भी हैं बाग़ में
कोई आपको बना न ले सनम
बहकी बहकी नज़रों से खुद को बचाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये 

ज़िन्दगी के रास्ते अजीब हैं
इनमें इस तरह चला न कीजिये
खैर है इसी में आपकी हुज़ूर
अपना कोई साथी ढूँढ लीजिये
सुन के दिल की बात ना मुस्कुराइये
आपको हमारी कसम लौट आइये
................................................
Bekaraar kar ke hamen-Bees saal baad 1962


Artists: Biswajeet, Waheeda Rehman

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