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Jan 2, 2018

अपने दिल से बड़ी दुशमनी-बेताब १९८२

फिल्म बेताब के लिए धर्मेन्द्र की इच्छा थी कि रफ़ी के गाने हों
मगर ऐसा हो ना सका. अगर ये फिल्म सन १९८० के पहले बनी
होती तो शायद संभव होता रफ़ी की आवाज़ वाले गीत इसमें होते.

रफ़ी के अवसान के बाद जिस गायक ने सबसे पहले उस रिक्त स्थान
को भरने की चेष्टा की वो है शब्बीर कुमार. या यूँ कहें संगीतकारों
को रफ़ी की याद निरंतर आती रही और उन्होंने शब्बीर कुमार से
गाने गवाना शुरू कर दिया.

आज सुनते हैं शब्बीर का एक लोकप्रिय गीत. ये एक युगल गीत है
जिसमें लता मंगेशकर की आवाज़ भी है. फिल्म का ये गीत लिखा
है आनंद बक्षी ने और इसके संगीतकार हैं राहुल देव बर्मन.



गीत के बोल:

अपने दिल से बड़ी दुशमनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की
अपने दिल से बड़ी दुशमनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की
अपने दिल को जला के रोशनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की
अपने दिल को जला के रोशनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की
अपने दिल से बड़ी दुशमनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की

तुमने अच्छा सहारा दिया
बेसहारा मुझे कर दिया
कल गले से लगाया मुझे
आज ठुकरा दिया बेवफ़ा
आज ठुकरा दिया बेवफ़ा
तुमने अच्छी सनम दिल्लगी की
किसलिये मैंने ठुमसे दोस्ती की

अपने दिल से बड़ी दुशमनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की

आस्माँ बन गयी ये ज़मीं
मेरे हमदम मेरे हमनशीं
तुमने देखी मेरी बेरुखी
बेबसी मेरी देखी नहीं
बेबसी मेरी देखी नहीं
मैं हूँ तसवीर इक बेकसी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की

अपने दिल को जला के रोशनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की

हर खुशी बस फराई हुई
मेरी दुश्मन खुदाई हुई
मुझको अफ सोस है प्यार में
मुझसे ये बेवफ़ाई हुई
मुझसे ये बेवफ़ाई हुई
मैंने तुमपे फ़िदा ज़िंदगी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की

अपने दिल को जला के रोशनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की
अपने दिल से बड़ी दुशमनी की
किसलिये मैंने तुमसे दोस्ती की
................................................................
Apne dil se badi dushmani-Betaab 1982

Artists: Sunny Deol, Amrita Singh

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Jun 30, 2017

जब हम जवां होंगे-बेताब १९८३

जब हम जवान होंगे जाने कहाँ होंगे-आसमान में या खजूर
पर, फर्स्ट फ्लोर पर या ग्राउंड फ्लोर पर, जहाँ भी होंगे, मगर
फ़रियाद करेंगे. प्यार का जज़्बा ही कुछ ऐसा है कि समय,
स्थान से उसे कोई मतलब नहीं, भावनाएं सर्वोपरि होती हैं.

सुना जाए फिल्म बेताब से फिल्म का सबसे ज्यादा बजने
वाला गीत. फिल्म अपने समय की एक बड़ी हिट फिल्म
है. सनी देवल और अमृता सिंह की जोड़ी वाली ये फिल्म
दोनों की पहली फिल्म है.

लता मंगेशकर और शब्बीर कुमार के गाये इस युगल गीत
को लिखा है आनंद बक्षी ने और धुन है पंचम की.



गीत के बोल:

जब हम जवां होंगे जाने कहाँ होंगे
लेकिन जहाँ होंगे वहाँ फ़रियाद करेंगे
तुझे याद करेंगे तुझे याद करेंगे

ये बचपन का प्यार अगर खो जाएगा
दिल कितना खाली खाली हो जाएगा
तेरे ख़यालों से इसे आबाद करेंगे
तुझे याद करेंगे तुझे याद करेंगे

ऐसे हँसती थी वो ऐसे चलती थी
चाँद के जैसे छुपती और निकलती थी
सबसे तेरी बातें तेरे बाद करेंगे
तुझे याद करेंगे तुझे याद करेंगे

तेरे शबनमी ख्वाबों की तस्वीरों से
तेरी रेशमी ज़ुल्फों की ज़ंजीरों से
कैसे हम अपने आप को आज़ाद करेंगे
तुझे याद करेंगे तुझे याद करेंगे

जहर जुदाई का पीना पड़ जाए तो
बिछड़ के भी हमको जीना पड़ जाए तो
सारी जवानी बस यूँ ही बरबाद करेंगे
तुझे याद करेंगे तुझे याद करेंगे

जब हम जवां होंगे जाने कहाँ होंगे
लेकिन जहाँ होंगे वहाँ फ़रियाद करेंगे
तुझे याद करेंगे तुझे याद करेंगे
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Jab ham jawan honge-Betaab 1982

Artists: Sunny Deol, Amrita Singh

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