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Feb 28, 2017

मैंने कहा तुमने सुना-डकैत १९८७

कुछ गीत आपको यूँ ही अच्छे लगते हैं, कोई वजह होना ज़रूरी
नहीं है. किसी गीत की टूं टां, ट्यूं ट्यूं ढिचिक ढिचिक, धप धप,
ढम ढम आपको अच्छी लगती है तो किसी की बांसुरी, संतूर.
आर डी बर्मन के संगीत में तो किसी किसी गीत में आशा भोंसले
की और स्वयं आर डी बर्मन की आवाज़ भी अनूठी है जिसे सुन के
वाद्य यंत्र भी भौंचक्के रह जाएँ.

सुनते हैं गीत जिसे सुरेश वाडकर और आशा भोंसले ने गाया है.
आनंद बक्षी का गीत है. जीवन में सबको किसी ने किसी से लगाव
हो जाता है चाहे वो परिवार के सदस्य हों या कोई जीव हो. जीव
पालतू भी हो सकता है और नहीं भी. लगाव सबसे बुरी चीज़ है
दिल की दुश्मन जैसी है, क्यूंकि कोई चीज़ दुनिया की स्थाई नहीं
है. वो कभी न कभी बिछड़ने पर दुःख देती है.





गीत के बोल:

मैंने कहा तुमने सुना
हो मैंने कहा तुमने सुना
ये हवा कहती ही क्या
जिंदगी दर्द है
प्यार दर्द की दवा

मैंने कहा तुमने सुना
ये हवा कहती ही क्या
जिंदगी दर्द है
प्यार दर्द की दवा
मैंने कहा तुमने सुना

रुत की हसीना लगाती है काजल
मगर दिल तरसता है
पर्वत पे जब झूम जाते हैं बादल
तो सावन बरसता है
रुत की हसीना लगाती है काजल
मगर दिल तरसता है
पर्वत पे जब झूम जाते हैं बादल
तो सावन बरसता है

हो मैंने कहा तुमने सुना
ये घटा कहती ही क्या
जिंदगी दर्द है
प्यार दर्द की दवा
मैंने कहा हो तुमने सुना

हम ही नहीं बस दो प्रेमी
के सारे ये कहते हैं
हो मिलने से लोगों के लगते हैं मेले
नज़ारे ये कहते हैं
हम ही नहीं बस दो प्रेमी
के सारे ये कहते हैं
हो मिलने से लोगों के लगते हैं मेले
नज़ारे ये कहते हैं

हो मैंने कहा तुमने सुना
ये फिजा कहती ही क्या
जिंदगी दर्द है
प्यार दर्द की दवा

देखो सुनो गौर से आसमानों से
आवाज़ आती है
हो दिल बेजुबान है मगर
बेजुबानों से आवाज़ आती है
देखो सुनो गौर से आसमानों से
आवाज़ आती है
दिल बेजुबान है मगर
बेजुबानों से आवाज़ आती है

हो मैंने कहा तुमने सुना
ये सजा कहती है क्या
जिंदगी दर्द है
प्यार दर्द की दवा

मैंने कहा मैंने कहा
तुमने सुना तुमने सुना
ये हवा कहती ही क्या
जिंदगी दर्द है
प्यार दर्द की दवा
मैंने कहा तुमने सुना
..................................................................................
Maine kaha tumne suna-Dacait 1987

Artists: Sunny Deol, Meenakshi Sheshadri

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Jun 5, 2011

वो तेरी दुनिया नहीं-डकैत १९८७

डकैत समस्या पर कई फ़िल्में बनी हैं हिंदी सिनेमा जगत में।
इनमें से अधिकतर फ़िल्में ७० के दशक में बनीं और खूब चलीं।
८० के दशक में रोमांटिक फिल्मों का दौर आया और बाकी के
सारे विषय पीछे छूट गये। इस दौर में कुछ फ़िल्में लीक से हट कर
भी बनीं जिनमें से अधिकतर बॉक्स ऑफिस की पटरी से ज़ल्दी
उतर भी गयीं। ऐसी ही एक फिल्म है-डकैत जिसमे सनी देओल ने
डकैत की भूमिका निभाई। फिल्म परेश रावल के जीवंत अभिनय
के लिए याद की जाती है तो दूसरी वजह इसके मधुर गीत हैं।

प्रस्तुत गीत में नायिका नायक से फ़रियाद कर रही है, उसे विद्रोह
के रास्ते से सामान्य जीवन की तरफ लाने की संगीतमय कोशिश।
गीत में अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्री ने बढ़िया अभिनय किया है। गीत
कर्णप्रिय है और इसे आप कभी कभार अवश्य सुन सकते हैं।




गीत के बोल:

वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं
उस तरफ मत जा
उधार, रस्ता तो है मंजिल नहीं

वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं
उस तरफ मत जा
उधर, रस्ता तो है मंजिल नहीं

वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं

हर कसम को तोड़ कर
हर एक वादा तोड़ कर
हर कसम को तोड़ कर
हर एक वादा तोड़ कर
जा रहा है आज तू
नफरत से सबको छोड़ कर
क्या मेरी, क्या मेरी
क्या मेरी चाहत भी तेरे
प्यार के काबिल नहीं
उस तरफ मत जा
उधर, रस्ता तो है मंजिल नहीं

वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं

गीत बुलबुल का है ये
कोयल की मीठी कूक है
ज़िन्दगी है फूल
तेरे हाथ में बन्दूक है
तू मेरा, तू मेरा
तू मेरा साजन है, साजन
तू कोई कातिल नहीं

उस तरफ मत जा
उधर, रस्ता तो है मंजिल नहीं

वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं

......................................................
Wo teri duniya nahin-Dacait 1987

Artists: Meenakshi Sheshadri, Sunny Deol

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