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May 25, 2016

बावला हूँ मैं बावला-गंगा की कसम १९९९

फिल्म गंगा की कसम से हमने आपको पहले एक गीत सुनवाया
था जो राजस्थानी लोक गीत था फ़िल्मी रंग में. आइये अब सुनें
दूसरा गीत.

गंगा की कसम(१९९९) टी एल वी प्रसाद निर्देशित फिल्म है जिसका
निर्माण सुनील बोहरा ने किया. इस फिल्म में जैकी, मिथुन, मिंक,
दीप्ति भटनागर, मुकेश ऋषि, शक्ति कपूर और जॉनी लीवर प्रमुख
कलाकार हैं.

एक पिछली पोस्ट में घंटियाँ टन टना टन बजी थीं इस गीत में
भी बजी हैं. जसपिंदर नरूला और सुखविंदर इस गीत को गा रहे
हैं माया गोविन्द के बोल हैं, संगीत बप्पी लहरी का है.

कई शहरों और राज्यों को याद किया गया है गीत में. भूगोल की
क्लास के लिए उपयुक्त है ये.



प्रीत लगा के यार को अपने
छोड़ कभी मत दीजो
हो दिल का शीशा नाज़ुक होवे
तोड़ कभी मत दीजो

बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
ओ झांझर वाली ओ झूमर वाली
ओ लहंगे वाली दुपट्टे वाली
ओ बिंदिया वाली ओ चूडियाँ वाली
ओ कजरे वाली ओ गजरे वाली
धीर से आ के हाय
नखरे दिखा के हाय
झांझर बजा के हाय
हाय हाय घूंघट हटा के हाय
अरे ओ मतवाली मतवाले को
चाँद तू दिखला दे
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
ओ झांझर वाली ओ झूमर वाली
ओ लहंगे वाली दुपट्टे वाली
ओ बिंदिया वाली ओ चूडियाँ वाली
ओ कजरे वाली हाय हाय गजरे वाली

हुस्न क्या है ये जवानी क्या है
कोई बतलाये कहानी क्या है
जवानी प्यार करती है
जवानी जान देती है
अगर अपनी पे आ जाये
जवानी जान लेती है
जवानी जैसे फूल गुलाब
जवानी मस्त मस्त हैं ख्वाब
जवानी का जोबन है फूल
जवानी में होती है भूल
जवानी मस्ती भरी उमंग
जवानी कर देती है तंग
अरे कोई जवान मेरे दिल में
भी हलचल मचवा दे
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला

ओ जयपुर वाली ओ दिल्ली वाली
ओ पटने वाली ओ मुंबई वाली
हैदराबाद वाली कलकत्ते वाली
हाँ हाँ  पटियाले वाली
हरियाणे वाली लखनऊ की मलिका
कश्मीर का फुलवा
आसाम की गोरी इंदौर की छोरी
अरे कहीं की भी हो दिल की
घंटी टन टन टन बजवा दे
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला

अरे ओ बावले तो इश्क के बारे में क्या जाने
इश्क ही जिंदगी है मौत भी माने या न माने
इश्क के कितने हो गए रोगी
इश्क में कितने हो गए जोगी
इश्क कर देता सबको बेकाबू
इश्क में कितने हो गए डाकू
इश्क में फूल थे वो धूल हुए
इश्क में बादशाह फकीर हुए
मुझको बेहयात दे साकी
एक कतरा भी तो न चखा है
तेरी आँखें बता रही हैं मुझे
तूने मयखाना खोल रखा है

गोरे रंग वाली काले तिल वाली
ओ झुमके वाली ओ नथनी वाली
आ जोबन वाली ओ घुँघरू वाली
पायल वाली हाय हाय जीजा की साली
मकान मांगे तू दुकान मांगे तू
ईमान मांगे तू मेरी जान मांगे तू
अरे जीवन भर मैं करूं गुलामी
कागज पे लिखवा ले
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
ओ झांझर वाली हो झूमर वाली
ओ लहंगे वाली दुपट्टे वाली
ओ बिंदिया वाली ओ चूडियाँ वाली
ओ कजरे वाली ओ गजरे वाली
धीरे से आ के हाय
नखरे दिखा के हाय
झांझर बजा के हाय
घूंघट हटा के हाय
अरे ओ मतवाली मतवाले को
चाँद तू दिखला दे
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
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Bawla hoon main bawla-Ganga ki kasam 1999

Artists:  Jackie Shroff, Mink

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Oct 4, 2015

बन्ना रे बागां में झूला घाल्या-गंगा की कसम १९९९

राजस्थान की संस्कृति और संगीत बहुत समृद्ध हैं. लोक गीत
जीवंत हैं वहां के. समय समय पर वहां के गीतों का प्रयोग
हिंदी फिल्मों में होता रहा है. ये बात दीगर है सभी प्रकार के
गीत फिल्मों में सुनाई दिए हैं. प्रस्तुत गीत एक सोबर किस्म
का गीत है और इसे आप बेफिक्र होकर सुन सकते हैं. हाँ इसे
राजस्थान के मूल कलाकारों की आवाज़ में सुनना ज्यादा
आनंददायी होता है. फिल्मीकरण में वो मज़ा नहीं.

मिथुन चक्रवर्ती अभिनीत सन १९९९ की फिल्म गंगा की कसम
के लिए इसे लिखा अनजान ने और धुन बनाई बप्पी लहरी ने.
गायक कलाकार हैं-सुखविंदर और जसपिंदर नरूला. गौरतलब
है दोनों पंजाबी मूल के गायक हैं और दोनों ही ऊंची पट्टी पे
गाने के लिए विख्यात हैं. सुखविंदर तो सक्रिय हैं हिंदी फिल्मों
में मगर जसपिंदर नरूला को ज्यादा अवसर नहीं मिलते वर्त्तमान
में. पाठकों से बोलों की त्रुटियाँ दूर करने का निवेदन एडवांस में.
.



गीत के बोल:

गोरी रे गोरी रे गोरी रे

बन्ना रे बागां में झूला घाल्या
हो बन्ना रे बागां में झूला घाल्या

म्हारे हिवडे की म्हारे जियरा की
म्हारा मनवा की कोयल बोले
म्हारा छैल कँवर सा
म्हारे हिवडे की म्हारे जियरा की
म्हारा मनवा की कोयल बोले
म्हारा छैल कँवर सा

गोरी रे बागां में झूला घाल्या
गोरी रे बागां में झूला घाल्या

म्हारे हिवडे का म्हारे जियरा का
म्हारे मनवा का मोरया नाचे
झूला चाल कँवर सा

म्हारे हिवडे का म्हारे जियरा का
म्हारे मनवा का मोरया नाचे
झूला चाल कँवर सा

बन्ना रे बागां में झूला घाल्या
हो ओ ओ गोरी रे बागां में झूला घाल्या

हो बन्ना रे बन्ना रे
गोरी रे गोरी रे गोरी रे, गोरी रे

बन्ना रे फागां की रुत आई
बन्ना रे फागां की रुत आई
मैं लुक छुप मैं तो गुप चुप
मैं तो छोले छोले आई म्हारा छैल कँवर सा
मैं लुक छुप मैं तो गुप चुप
मैं तो छोले छोले आई म्हारा छैल कँवर सा

गोरी रे रंग गुलाबी थारो
हो हो हो गोरी रे रंग गुलाबी थारो
काले नैनों से लाल गलों से
लाल होंठों से रंग मत मारो
मेरी जान कँवर सा
काले नैनों से लाल गलों से
लाल होंठों से रंग मत मारो
मेरी जान कँवर सा
बन्ना रे बागां में झूला घाल्या
गोरी रे बागां में झूला घाल्या

बन्ना बन्ना बन्ना रे
बन्ना बन्ना बन्ना रे
गोरी रे गोरी रे गोरी रे

बन्ना रे रंग में रंग घुल जाए
बन्ना रे रंग में रंग घुल जाए

जब नैन मिले जब होंठ मिले
जब मनवा से मन मिल जाए
म्हारा छैल कँवर सा
जब नैन मिले जब होंठ मिले
जब मनवा से मन मिल जाए
म्हारा छैल कँवर सा
गोरी रे प्रीत की डोर न टूटे
गोरी रे प्रीत की डोर न टूटे
इस जनम में उस जनम में सौ जनम में
साथ न छूटे मेरी जान कँवर सा
इस जनम में उस जनम में सौ जनम में
साथ न छूटे म्हारा छैल कँवर सा
सौ जनम में साथ न छूटे मेरी जान कँवर सा
सौ जनम में साथ न छूटे म्हारा छैल कँवर सा

बन्ना रे बागां में झूला घाल्या
गोरी रे बागां में झूला घाल्या
बन्ना रे बागां में झूला घाल्या
हो हो गोरी रे बागां में झूला घाल्या
गोरी रे गोरी रे  गोरी रे
बन्ना रे बन्ना रे बन्ना रे
बन्ना रे बन्ना रे
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Banna re baagan mein-Ganga ki kasam 1999

Artists: Mithun Chakravorty, Deepti

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