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Jul 28, 2020

वादा भूल न जाना-जलते बदन १९७३

हिंदी फिल्म जगत या बॉलीवुड से इस साल रुखसत होने
वाली शख्सियतों में एक नाम और जुड गया आज. गुज़रे
ज़माने की मशहूर नायिका कुमकुम भी इस संसार को छोड़
गयीं.

कुमकुम ७० के दशक के बाद फिल्मों में नहीं दिखलाई दीं.
मूलतः बिहार की कुमकुम ने भोजपुरी फिल्मों में भी काम
किया. चपलता से नृत्य करने वाली कुमकुम कत्थक में
पारंगत थीं.

आज सुनते हैं सन १९७३ की फिल्म जलते बदन से एक
गीत माया गोविन्द का लिखा हुआ. इसकी धुन तैयार की
है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने. गीत अपने ज़माने का एक हिट
गाना है. ये फिल्म में २-३ बार बजता है.



  

गीत के बोल:

वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना

तेरे साथ ही जियेंगे तेरे साथ ही मरेंगे
तुझे हर जनम में पायें बस यही दुआ करेंगे
तेरे साथ ही जियेंगे

ये वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना

फूलों की धूप थे हम सूरज भी डूबता था
आँखों पे होंठ रख के जब तूने ये कहा था
ये घटा से बाल काले तेरी चाल जैसे नागन
तू हुस्न वादियों का तेरा प्यार जैसे सावन

तुझसे जुदा न होंगे न तुझे जुदा करेंगे
तुझे हर जनम में पायें बस यही दुआ करेंगे
तेरे साथ ही जियेंगे

ये वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना
………………………………………….
Wada bhool na jaana-Jalte Badan 1973

Artists: Kumkum, Kiran Kumar

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Jun 17, 2018

काला डोरिया-दीवाना मैं दीवाना २०१३

काला डोरिया-एक पंजाबी लोक गीत है जिसे समय समय पर
कलाकार गाते रहे हैं अपने अंदाज़ में. इन्हीं बोलों को ले कर
कई दूसरी रचनाएँ भी बनीं. आज आपको सुनवा रे हैं २०१३ की
फिल्म दीवाना मैं दीवाना से एक गीत.

गोविंदा और प्रियंका चोपड़ा की मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्म
का निर्देशन किया है के सी बोकाडिया ने. माया गोविन्द के लिखे
गीत को संगीत से सजाया है बप्पी लहरी ने. इसे तीन लोगों
ने गाया है-सुनिधि चौहान, इला अरुण और सुदेश भोंसले ने.




गीत के बोल:

सुन सुन प्यारी प्यारी
मीठी मीठी बोलियां हाँ
केड़े केड़े केड़े जो बड़ा है सोणिया हो

काला डोरिया
काला डोरिया कुण्डी नाल अड़ता है
ओ काला डोरिया कुण्डी नाल अड़ता है
मुंडा कोई ना
मुंडा कोई ना मेरी नज़र में चढ़ता है
मुंडा कोई ना मेरी नज़र में चढ़ता है हां

.....................................................................
Kala Doriya-Deewana main deewana 2013

Artists: Govinda, Priyanka Chopda

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Jan 7, 2018

देखो कान्हा नहीं मानत बतियाँ-पायल की झंकार १९८०

एक गीत सुनते हैं राजकमल के संगीत निर्देशन वाला. ७० के
दशक में राजकमल ने सावन को आने दो फिल्म के गीतों से
तहलका मचाया था. राजकमल यूँ तो हिंदी फिल्म संगीत के
क्षेत्र में काफी पहले आ गए थे मगर प्रसिद्धि उन्हें उसी फिल्म
से मिली जिसका जिक्र हमने ऊपर किया है.
   
फिल्म का नाम है पायल की झंकार जिसका गीत आज आप
सुनेंगे. इसे माया गोविन्द ने लिखा है और इस गीत को येसुदास
और सुलक्षणा पंडित गा रहे हैं. फ़िल्मी कृष्ण भजन है मगर इसे
सुनते सुनते आप ध्यानमग्न हो जायेंगे.




गीत के बोल:

देखो कान्हा नहीं मानत बतियाँ
छलिया छेड़े बाँसुरिया
देखो कान्हा नहीं मानत बतियाँ
छलिया छेड़े बाँसुरिया
देखो कान्हा नहीं मानत बतियाँ

बंशी बजा के करे बरजोरी
बंशी बजा के करे बरजोरी
बिनती करूँ पर माने नहीं मोरी
देखो देखो रोके हमरी डगरिया
छलिया छेड़े बाँसुरिया
देखो कान्हा नहीं मानत बतियाँ

जमुना पे आई भरन गगरिया
गगरिया गगरिया
जमुना पे आई भरन ग

नीर भरत जमुना तट पर जब
भर भर नीर उठाई गगर
तब डगर चलत मोहे छेड़त लंगर
हट जाओ जी कुँवर फूटी जात गगर
मोहे छोड़ छोड़ माधव माधव माधव
मोहे छोड़ छोड़ माधव माधव माधव
मोहे छोड़ छोड़ माधव माधव माधव

जमुना पे आई भरन गगरिया
मैं तो भोली श्यामा गुजरिया
भरी गगरी पे मारी कंकरिया
छलिया छेड़े बाँसुरिया
देखो कान्हा नहीं मानत बतियाँ
छलिया छेड़े पांसुरिया
देखो कान्हा नहीं मानत बतियाँ

दीम ता रे ना दिर देना देरे न
दीम ता रे ना दिर देना देरे न
दीम ता दीम ता दीम ता ना दिर देना देरे न
दीम ता दीम ता दीम ता ना दिर देना देरे न
ना दिर न दीम ता दीम ता दीम ता दीम देरे न
देरे न
दीम ता रे ना दिर देना देरे न
ओ दिर तानी दिर दिर तानी दीम तानी दीम देरे न
ओ दिर दिर तानी दीम तानी दीम देरे न
ता दीम ता दीम ता दीम ता दीम देरे न
ता दीम ता दीम ता दीम ता दीम देरे न
धागर किट तक धुम किट तक धि ता धा ता धा ता
दीम तारे ना दिर देना देरे न देरे न देरे न
देरे न देरे न

गोपाल गोपाल गोपाल
बिन गोपाल भयो ब्रज सूनो
बिन गोपाल भयो ब्रज सूनो
कहाँ हो गोपाल कहाँ हो गोपाल
कहाँ हो गोपाल चौपाल
बिन गोपाल भयो ब्रज सूनो
मधुवन सूनो यमुना सूनी
मधुवन सूनो यमुना सूनी
आज कदम की छैयां सूनी
आज कदम की छैयां सूनी
यशोदा को घर आँगन सूनो
नन्द बाबा की अँखियाँ सूनी
सूनी सूनी दधि की मटकियाँ
राधा रानी को मन सूनो
कहाँ हो गोपाल
कहाँ हो गोपाल
कहाँ हो गोपाल
गोपाल
..............................................................
Dekho Kanha nahin maanat-Payal ki jhankar 1980

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Dec 15, 2017

करा ले साफ़ करा ले-कैद १९७५

किसी भी संस्कृति में कुछ सेन्स वाली कृतियाँ होती हैं तो कई
सेन्सलेस कृतियाँ भी होती हैं. आदमी की अपने को पहचानने
वाली प्रवृत्ति के चलते वो अपने शरीर के सभी पुर्जों को पहचानने
की कोशिश करता है. इसी उपक्रम में उसने कब कान खुजाना
और उससे मैल निकालना शुरू किया ये शोध का विषय हो
सकता है. उसके लिए साधन भी जुटा लिए उसने. हाट बाजार
या मेले में लगने वाले बाजारों में आज भी आपको इसके लिए
बनाये गए औज़ार मिल जायेंगे. एक सेट आता है जिसमें जीभ,
दांत और कान साफ़ करने के औजार होते हैं और ये सेट
ताम्बे का बना होता है.

वैसे आधुनिक आयुष विज्ञानं या अंग्रेजी दवाई पद्धति अनुसार
कान साफ़ करने के ज़रूरत नहीं होती. वो जो मैल नाम का
कुछ कुछ होता है वो दरअसल वैक्स होता है जो कान के परदे
को सुरक्षा प्रदान करने का सामान होता है उसके अलावा परदे
के लिए डैम्पिंग का कार्य भी करता है. ये जब ज्यादा बन जाता
है तो अपने आप बाहर आ जाता है.




गीत के बोल:

करा ले साफ़ करा ले
मेरी जान साफ़ करा ले

..................................................................
Kara le saaf kara le-Qaid 1975

Artists: Mehmood, Jayshri T

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May 5, 2017

यहाँ कौन है असली-क़ैद १९७५

हिंदी फिल्मों के इनोवेटिव मैथड्स मौजूद होते हुए भी ना
जाने क्यूँ जनता रोते-झींकते काम करती है. गौर फरमाएं
कपडे धुलाई, बर्तन धुलाई, खाना बनाना, कपडे सीना और
जो कुछ भी मुझे याद नहीं आ रहा है अभी, वो सब फिल्मों
में संगीतमय तरीके से करना बतला दिया गया है. ९०  के
दशक में इंडीपॉप वीडियो के ज़रिये इला अरुण ने भी गा के
और झूम झूम के झाड़ू लगाना सिखा दिया जनता को.

ये गाना अपने समय का एक हिट और खूब बजने वाला गीत
रहा है, जो हम आज आपको सुनवा रहे हैं. पहले फरमाईशी
कार्यक्रम काफी आया करते थे जिससे जनता क्या सुनना
चाहती है इसका काफी हद तक सही अनुमान लगता था. अभी
आजकल के अधिकांश कार्यक्रमों में रेडियो जॉकी(जोकर) की
व्यक्तिगत पसंद भी शामिल हो जाती है.




गीत के बोल:

यहाँ कौन है असली कौन है नकली
अपने हैं या बेगाने
ये तो राम जाने ये तो राम जाने

…………………………………………………………..
Yahan kaun hai asli-Qaid 1975

Artist: Leena Chandavarkar

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Mar 22, 2017

आंखों में बसाया था-टक्कर १९९५

फिल्म टक्कर से आपने अभिजीत का गाया गीत सुना था पहले.
इस गीत का दूसरा तर्जुमा सुनते हैं कुमार सानू की आवाज़ में.
इसके बोल भी माया गोविन्द ने लिखे हैं और संगीत एक बार
फिर से अन्नू मलिक का ही है.

नयी फिल्मों में एक गीत दो रंग वाला कंसेप्ट अब दूसरे तरीके
से प्रस्तुत किया जाने लगा है-रिमिक्स, रिप्राईज़, सरप्राईज़ वर्ज़न
इत्यादि के रूप में आता है.



गीत के बोल:

हे हो ओ ओ हे हो ओ ओ
हे हे ला ला ला ला ला ला

आंखों में बसाया था
हाँ आंखों में बसाया था तुम्हें दिल में छुपाया था
आंखों में बसाया था तुम्हें दिल में छुपाया था
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ  आईना बनाया था
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ  आईना बनाया था
हे हो ओ ओ हे हो ओ ओ
हे ए ए

आंखों में बसाया था
आंखों में बसाया था  तुम्हें दिल में छुपाया था
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ  आईना बनाया था
आंखों में बसाया था  तुम्हें दिल में छुपाया था

आँखों में अन्धेरा है  वीराना सेहरा है
ना जाने मेरा वो चांद  किस शहर में उतरा है
जीने का बता तू ही  अब क्या अरमान करूं
मर जाने का ऐ दिल  कोई सामान करूं
इक साथ जियेंगे हम
हाँ इक साथ जियेंगे हम  क्यों ख्वाब दिखाया था
इक साथ जियेंगे हम  क्यों ख्वाब दिखाया था
जब चाहूँ देखूँ  आईना बनाया था
हे हो ओ ओ हे हो ओ ओ
हे ए ए

क्या जान सकोगे तुम दिन कैसे गुज़रता है
इक पल भी नही गुजरे  हां ऐसे गुज़रता है
ना चैन ही आता है  ना नींद ही आती है
तेरी याद आती है  आकर तड़पाती है
मैंने तो तुझे जानम
हाँ मैने तो तुझे जानम पलकों पे बिठाया था
मैने तो तुझे जानम पलकों पे बिठाया था
जब चाहूँ देखूँ  आईना बनाया था

आंखों में बसाया था
हाँ आंखों में बसाया था तुम्हें दिल में छुपाया था
आंखों में बसाया था  तुम्हें दिल में छुपाया था
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ  आईना बनाया था

हे हो ओ ओ हे हो ओ ओ
हे हे आ
..............................................................
Aankhon mein basaya tha-Takkar 1995

Artist: Sunil Shetty

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Feb 27, 2017

चंदा देखे चंदा-झूठी १९८५

आज आपको एक ऐसा गीत सुनवाते हैं जिसको सुन कर दूसरे
संगीतकार की धुनें याद आ जाती हैं. फिल्म झूठी का ये गीत
ऐसा लगता है मानो एस डी बर्मन के संगीत से प्रेरित हो. मेघा
छाये आधी रात और तेरे मेरे मिलन की ये रैना इन दो गीतों को
मिला लीजिए और हो गया झूठी का गीत तैयार. गीत लिखा है
माया गोविन्द ने. इसे गाया है लता मंगेशकर और किशोर कुमार
ने. दरअसल बंगाली लोक संगीत समृद्ध है और उसका प्रभाव सभी
बंगाली संगीतकारों के गीतों पर आपको मिलेगा.

फिल्म संगीत इतिहास में सबसे ज्यादा चौंकाने का काम किया है
उषा खन्ना ने. प्रतिभाशाली उषा खन्ना ने अलग अलग संगीतकारों
की शैली वाली धुनें बनाई तो सुनने वालों ने दांतों तले उँगलियाँ दबा
लीं. उनकी अपनी भी एक शैली है जिसके तहत उन्होंने कई हिट
गीत बनाये हैं.



गीत के बोल:

चंदा देखे चंदा  तो वो चंदा शरमाये
गोरी गोरी चांदनी में  गोरी जब मुस्काए
जिया बोले पिया  तो ये जिया शरमाये
गोरी गोरी चांदनी में  गोरी जब मुस्काए

चाँद से माथे पे बिंदिया झिलमिलाए ऐसे
चाँद सूरज रात में एक साथ चमके ऐसे
जी करे ये उमर यू हीं देखते कट जाए
जिया बोले पिया  तो ये जिया शरमाये
गोरी गोरी चांदनी में  गोरी जब मुस्काए
चंदा देखे चंदा 

नैन बन जाती है घूँघट मन दुल्हन की आशा
बांचते हैं जब नयन तेरे नयन की भाषा
नैन में छुप कर मेरे मुझको तू मुझसे चुराए
चंदा देखे चंदा  तो वो चंदा शरमाये
गोरी गोरी चांदनी में  गोरी जब मुस्काए
चंदा देखे चंदा

प्रीत के रंग में रंगा है तेरा उड़ता आंचल
मैने बांधा है इसी में एक दीवाना पागल
आंचल की छाया में ये पागल जिये मर जाए
ल जिया बोले पिया  तो ये जिया शरमाये
गोरी गोरी चांदनी में  गोरी जब मुस्काए
चंदा देखे चंदा 
………………………………………………………………
Chanda dekhe chanda-Jhoothi 1985

Artists: Raj Babbar, Rekha

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Nov 26, 2016

ये तो ज़िन्दगी है-कैद १९७५

किशोर कुमार के आवाज़ युवा पीढ़ी को क्यूँ पसंद आती है उसका
जवाब आपको इस गीत में भी मिल सकता है. काफी उर्जा वाला ये
गीत है फिल्म क़ैद में. फिल्म के गीत अपने ज़माने में काफी ज्यादा
बजा करते थे और उस समय की युवा पीढ़ी को खूब भाते थे.

नायक नायिका एक ट्रक पर सवार हैं जिसका पीछा एक मुशटंडा सा
खलनायक कर रहा है अपनी गाडी से. थोड़ी देर में ट्रक चालक उसको
चकमा देने में कामयाब हो जाता है और नायक नायिका के साथ जो
जनता ट्रक में सवार है वो उतर कर गीत गाने का कार्यक्रम करती
है. नायिका का नाम प्रीत है और गीत में उसका नाम लिया जा रहा
है. गीत का दूसरा अन्तरा सन्देश देता है उसे ध्यान से सुनें.

गीत माया गोविन्द का है और संगीत नितिन मंगेश का. गीत में जो
अतिरिक्त आवाजें कोरस के अलावा निकाली गई हैं वो स्वयं संगीतकार
की हैं.




गीत के बोल:

ये तो ज़िन्दगी है कभी ख़ुशी है कभी ग़म
ये तो ज़िन्दगी है कभी ख़ुशी है कभी ग़म
मेरी जाँ रोना नहीं दामन भिगोना नहीं
ज़ू ज़ू
होगी सहर
ज़ू ज़ू ज़ू ओ मेरे सनम
ये तो ज़िन्दगी है कभी ख़ुशी है कभी ग़म हे
ये तो ज़िन्दगी है कभी ख़ुशी है कभी ग़म

बिछुआ बिछुआ बिछुआ
बिछुआ बिछुआ बिछुआ

आँखों में जो आँसू भरे हैं
होंठों से अपने मैं इन्हें छीन लूँगा
राहों में जो काँटे बिछे हैं
पलकों से अपनी मैं इन्हें बीन लूँगा
मेरी प्रीत ये जान ले इतना सच मान ले
ज़ू ज़ू
हारेंगे ग़म
ज़ू ज़ू ज़ू जीतेंगे हम

ये तो ज़िन्दगी है कभी ख़ुशी है कभी ग़म हे
ये तो ज़िन्दगी है कभी ख़ुशी है कभी ग़म

मोती अभी लुटाए हैं तुमने
ज़रा मुस्कुरा के कलियाँ लुटा दो
जिसको कभी ग़म ना मिला हो
उस आदमी का तुम पता तो बता दो
मेरे यार कुछ तो कहो
ज़ालिम अब तो हँसो
ज़ू ज़ू
मर जाऊँगा
ज़ू ज़ू ज़ू तुम्हारी क़सम

ये तो ज़िन्दगी है कभी ख़ुशी है कभी ग़म हे
ये तो ज़िन्दगी है कभी ख़ुशी है कभी ग़म
मेरी जाँ रोना नहीं दामन भिगोना नहीं
ज़ू ज़ू
होगी सहर
ज़ू ज़ू ज़ू ओ मेरे सनम
......................................................................
Ye to zindagi hai-Qaid 1975

Artists: Vinod Khanna, Leena Chandavarkar

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Oct 27, 2016

दीवाना हूँ प्यार का-क़ैद १९७५

इस गीत का जलवा आप देखते सन १९७५ में. मोहल्ले
के टपोरी और सेमी-टपोरी किस्म के छोरे इसे बड़े चाव
के साथ गुनगुनाते थे.

फिल्म क़ैद एक सस्पेंस फिल्म है इसके निर्माता निर्देशक
आत्माराम हैं. वही आत्माराम जिन्हें शंकर जयकिशन के
संगीत से बड़ा लगाव था. इस फिल्म के लिए उन्होंने
नितिन मंगेश को बतौर संगीतकार लिया और कुछ अच्छी
धुनें तैयार करवा लीं.

विनोद खन्ना और लीना चंदावरकर की जोड़ी के साथ इस
फिल्म में महमूद और जयश्री टी की जोड़ी भी है. कम्प्लीट
मसाला फिल्म क़ैद एक पैसा वसूल फिल्म है.

माया गोविन्द का लिखा गीत किशोर कुमार ने गाया है.
इसमें जोर लगा के दी...वा....ना... आवाज़ किसने निकाली
है इसकी जानकारी मुझे नहीं है.



गीत के बोल:

दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
दीवाना
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
एक बार आँखें हों चार तो तू भी यार बोल
क्या
महबूबा महबूबा महबूबा महबूबा
दीवाना

आँख लड़ा के जान लड़ी है
मौत भी सर पे आन खड़ी है
सुन ले सारा जहां इश्क की दास्तां
सुन ले सारा जहां इश्क की दास्तां
सूली पे जा के आंसू बहा के
यूँ आशिक ने जा के कहा
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
एक बार आँखें हों चार तो तू भी यार बोल
क्या
महबूबा महबूबा महबूबा महबूबा
दीवाना

एक था मजनू एक थी लैला
दुश्मनों का जाल था फैला
खतरे को झेल के जान पे खेल के
खतरे को झेल के जान पे खेल के
मजनू ने आ के कलेजे लगा के
नैना मिला के कहा
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
एक बार आँखें हों चार तो तू भी यार बोल
क्या
महबूबा महबूबा महबूबा महबूबा
दीवाना
.................................................................
Deewana hoon pyar ka-Qaid 1975

Artists: Vinod Khanna, Leena Chandavarkar, Mehmood, Jayshri T

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Aug 8, 2016

आंखों में बसे हो तुम-टक्कर १९९५

टक्कर नाम से दो फ़िल्में बनी थीं. एक आई थी सन १९८० में
जिसमें आर डी बर्मन का संगीत है. आज आपको सन १९९५ की
टक्कर से एक प्रचलित गीत सुनवा रहे हैं जिसे अभिजीत और
अलका याग्निक ने गाया है.

बोल हैं माया गोविन्द के और अन्नू मलिक का संगीत है. फिल्म में
सुनील शेट्टी, दीप्ति भटनागर और नसीरूदीन शाह प्रमुख कलाकार हैं.




गीत के बोल:

हे ए हो ओ
ला ला ला ला ला

आंखों में बसे हो तुम
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगा
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगा
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ आईना बना लूंगा
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगा
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगा
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ आईना बना लूंगा
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगा

आंखों में बसे हो तुम
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ आईना बना लूंगी
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ आईना बना लूंगी
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी

तकदीर मेरी अब तो तकदीर तुम्हारी है
ज़हां दिल था कभी मेरा तस्वीर तुम्हारी है
ये लब जो तेरे लरज़े मेरे दिल में हुई हलचल
मेरा चैन चुराता है तेरी आँख का काजल
अभी चैन चुराया है
अभी चैन चुराया है कल तुम्हें चुरा लूँगी
अभी चैन चुराया है कल तुम्हें चुरा लूँगी

हे ए हो ओ

तू पास जो मेरे है क्या काम बहारों से
ये चमकीले नैना क्या काम सितारों से
तेरे नाम की धड़कन हूँ तेरे नाम की सांसें हूँ
इक पल ना जुदा हो तुम आँखों में आँखें हों
कोई नाम-ए-वफ़ा पूछे
कोई नाम-ए-वफ़ा पूछे मैं नाम तेरा लूंगा
कोई नाम-ए-वफ़ा पूछे मैं नाम तेरा लूंगा
जब चाहूँ देखूँ आईना बना लूंगा

हे ए हो ओ
ला ला ला ला ला

आंखों में बसे हो तुम
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ आईना बना लूंगी
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी
आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगी
जब चाहूँ तुम्हें देखूँ आईना बना लूंगी

हे ए हो ओ
ला ला ला ला ला
.........................................................................................
Ankhon mein base ho tum-Takkar 1995

Artists: Sunil Shetty, Deepti Bhatnagar

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May 25, 2016

बावला हूँ मैं बावला-गंगा की कसम १९९९

फिल्म गंगा की कसम से हमने आपको पहले एक गीत सुनवाया
था जो राजस्थानी लोक गीत था फ़िल्मी रंग में. आइये अब सुनें
दूसरा गीत.

गंगा की कसम(१९९९) टी एल वी प्रसाद निर्देशित फिल्म है जिसका
निर्माण सुनील बोहरा ने किया. इस फिल्म में जैकी, मिथुन, मिंक,
दीप्ति भटनागर, मुकेश ऋषि, शक्ति कपूर और जॉनी लीवर प्रमुख
कलाकार हैं.

एक पिछली पोस्ट में घंटियाँ टन टना टन बजी थीं इस गीत में
भी बजी हैं. जसपिंदर नरूला और सुखविंदर इस गीत को गा रहे
हैं माया गोविन्द के बोल हैं, संगीत बप्पी लहरी का है.

कई शहरों और राज्यों को याद किया गया है गीत में. भूगोल की
क्लास के लिए उपयुक्त है ये.



प्रीत लगा के यार को अपने
छोड़ कभी मत दीजो
हो दिल का शीशा नाज़ुक होवे
तोड़ कभी मत दीजो

बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
ओ झांझर वाली ओ झूमर वाली
ओ लहंगे वाली दुपट्टे वाली
ओ बिंदिया वाली ओ चूडियाँ वाली
ओ कजरे वाली ओ गजरे वाली
धीर से आ के हाय
नखरे दिखा के हाय
झांझर बजा के हाय
हाय हाय घूंघट हटा के हाय
अरे ओ मतवाली मतवाले को
चाँद तू दिखला दे
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
ओ झांझर वाली ओ झूमर वाली
ओ लहंगे वाली दुपट्टे वाली
ओ बिंदिया वाली ओ चूडियाँ वाली
ओ कजरे वाली हाय हाय गजरे वाली

हुस्न क्या है ये जवानी क्या है
कोई बतलाये कहानी क्या है
जवानी प्यार करती है
जवानी जान देती है
अगर अपनी पे आ जाये
जवानी जान लेती है
जवानी जैसे फूल गुलाब
जवानी मस्त मस्त हैं ख्वाब
जवानी का जोबन है फूल
जवानी में होती है भूल
जवानी मस्ती भरी उमंग
जवानी कर देती है तंग
अरे कोई जवान मेरे दिल में
भी हलचल मचवा दे
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला

ओ जयपुर वाली ओ दिल्ली वाली
ओ पटने वाली ओ मुंबई वाली
हैदराबाद वाली कलकत्ते वाली
हाँ हाँ  पटियाले वाली
हरियाणे वाली लखनऊ की मलिका
कश्मीर का फुलवा
आसाम की गोरी इंदौर की छोरी
अरे कहीं की भी हो दिल की
घंटी टन टन टन बजवा दे
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला

अरे ओ बावले तो इश्क के बारे में क्या जाने
इश्क ही जिंदगी है मौत भी माने या न माने
इश्क के कितने हो गए रोगी
इश्क में कितने हो गए जोगी
इश्क कर देता सबको बेकाबू
इश्क में कितने हो गए डाकू
इश्क में फूल थे वो धूल हुए
इश्क में बादशाह फकीर हुए
मुझको बेहयात दे साकी
एक कतरा भी तो न चखा है
तेरी आँखें बता रही हैं मुझे
तूने मयखाना खोल रखा है

गोरे रंग वाली काले तिल वाली
ओ झुमके वाली ओ नथनी वाली
आ जोबन वाली ओ घुँघरू वाली
पायल वाली हाय हाय जीजा की साली
मकान मांगे तू दुकान मांगे तू
ईमान मांगे तू मेरी जान मांगे तू
अरे जीवन भर मैं करूं गुलामी
कागज पे लिखवा ले
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
ओ झांझर वाली हो झूमर वाली
ओ लहंगे वाली दुपट्टे वाली
ओ बिंदिया वाली ओ चूडियाँ वाली
ओ कजरे वाली ओ गजरे वाली
धीरे से आ के हाय
नखरे दिखा के हाय
झांझर बजा के हाय
घूंघट हटा के हाय
अरे ओ मतवाली मतवाले को
चाँद तू दिखला दे
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
बावला हूँ मैं बावला
.....................................................
Bawla hoon main bawla-Ganga ki kasam 1999

Artists:  Jackie Shroff, Mink

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Jan 28, 2012

मुझे ऐसा मिला मोती-पिघलता आसमान १९८५

इस गीत को देख कर जाने क्यूँ 'बर्फ पर निबंध' याद आ जाता है ।
इस्कूल में एक बार निबंध लिखने का कार्यक्रम हुआ(अक्सर हो जाया
करता था) । हमने तो हाथ खड़े कर दिए और मार खा ली मगर एक
निबंध जो पढने को मिला वो इस प्रकार से था- बर्फ आइस फैक्ट्री से
आती है। ये बड़ी बड़ी सिल्लियों के आकर में आती है । इसे तोड़ कर
और बिना तोड़े भी बेचा जाता है। तोड़ फोड़ करने के बाद इसका प्रयोग
गन्ने के रस को ठंडा करने और उसकी मात्रा बढ़ाने के लिए किया जाता है।
इसे पिघलने से बचाने के लिए बोरे में लपेट कर रखा जाता है......................
उसे बाद के हिस्से में कुछ इस प्रकार से था- जो बर्फ हिंदी फिल्मों में
दिखाई जाती है वो दूसरी किस्म की बर्फ होती है । वो खाने के काम नहीं आती ।
वो कश्मीर में पायी जाती है जिसके ऊपर फिल्म के हीरो हीरोइन नाचते- कूदते
और गाना गाते हैं।

गीत है फिल्म पिघलता आसमान का जिसे देख कर दर्शक ज्यादा नहीं पिघले
और फिल्म थोड़ा बहुत चलने के बाद सिनेमा गृहों से गायब हो गई।



गीत के बोल:

आ आ आ आ आ आ आ आ आ
मुझे ऐसा मिला मोती
ऐसा मोती कोई सागर में ना होगा
मुझे ऐसा मिला मोती
ऐसा मोती कोई सागर में ना होगा
मुझे ऐसा मिला तारा
ऐसा तारा कोई अम्बर में ना होगा

तन जिसका है मनभावन
मन जिसका पवन पवन
तन जिसका है मनभावन
मन जिसका पवन पवन
ऐसे वो मिला जैसे के मिले
प्यासी धरती को सावन

मुझे ऐसा मिला मोती
ऐसा मोती कोई सागर में ना होगा
मुझे ऐसा मिला तारा
ऐसा तारा कोई अम्बर में ना होगा

महलों से मैं कब मानी
दौलत को ना दौलत जानी
महलों से मैं कब मानी
दौलत को ना दौलत जानी
सारा ही जहाँ सूरत देखे
मैं सीरत की दीवानी

मुझे ऐसा मिला मोती
ऐसा मोती कोई सागर में ना होगा
मुझे ऐसा मिला तारा
ऐसा तारा कोई अम्बर में ना होगा

वो ज़फ़ा करें सह लूंगी
वो गिला करें सह लूंगी
वो ज़फ़ा करें सह लूंगी
वो गिला करें सह लूंगी
जिस हाल में वो रखे मुझको
उस हाल में मैं रह लूंगी

मुझे ऐसा मिला मोती
ऐसा मोती कोई सागर में ना होगा
मुझे ऐसा मिला तारा
ऐसा तारा कोई अम्बर में ना होगा
...................................
Mujhe aisa mila moti-Pighalta Aasman 1985

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Nov 21, 2010

सब कुछ मिला तू ना मिला-आरोप १९७३

गीतकार माया गोविन्द पर चर्चा हमने थोड़े समय पहले की थी ।
फिल्म आरोप से उन्होंने अपना गीत लेखन का फ़िल्मी कैरियर शुरू
किया । आइये फिल्म आरोप का एक गीत और सुनें।

ये एक कैबरे गीत है जो बिंदु पर फिल्माया गया है। कैबरे गीत है तो
स्वाभाविक तौर पर आवाज़ आशा भोंसले की ही होना चाहिए। संगीत
भूपेन हजारिका का है। एक बारगी सुनने में ऐसा लगता है मानो इस
गीत के संगीत की रचना आर डी बर्मन ने की हो।



गीत के बोल:

झिन्चक झिन्चाक झिगिंग झिगिंग
झिन्चक झिन्चाक झिगिंग झिगिंग
हो, दिल का जाम
जाने जाना जान

झिन्चक झिन्चाक झिगिंग झिगिंग
हो, झिन्चक झिन्चाक झिगिंग झिगिंग
कितने बीत गए हैं दिन
कितनी बीती रातें मगर दिलरुबा
सब कुछ मिला तू ना मिला
सब कुछ मिला तू ना मिला

हे, पीता जा जाने जान
जाने जाना जानेमन

जला जला के
जला जला के
जला जला के अपना दिल
किया उजाला हमने
झिन्चक झिन्चक झिगिंग झिगिंग
प्यास जगा के होठों में
जाम लिया मौसम ने
प्यास जगा के होठों में
जाम लिया मौसम ने

सब कुछ मिला तू ना मिला
सब कुछ मिला तू ना मिला

ये ये ये ये ये ये
या या या , या या

दो दिनों की,
दो दिनों की
दो दिनों की ज़िन्दगी
क्यूँ ना करें मनमानी
झिन्चक झिन्चाक झिगिंग झिगिंग
बीत ना जाए अरे कहीं
यूँ ही जवानी जानी
बीत ना जाए अरे कहीं
यूँ ही जवानी जानी

सब कुछ मिला तू ना मिला
सब कुछ मिला तू ना मिला

अरे फरेबी,
ऐ, अरे फरेबी
अरे फरेबी जालिम
तूने चुराया है दिल
झिन्चक झिन्चाक झिगिंग झिगिंग
कोई ना जाने मेरे सिवा
कौन है मेरा कातिल
कोई ना जाने मेरे सिवा
कौन है मेरा कातिल

सब कुछ मिला तू ना मिला
सब कुछ मिला तू ना मिला

सब कुछ मिला तू ना मिला
तू ना मिला
हे पीता जा जाने जान
जाने जाना जानेमन
..................................................................................
Sab kuchh mila too na mila-Aarop 1973

Artist: Bindu

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Nov 18, 2010

नैनों में दर्पण है-आरोप १९७३

माया गोविन्द के नाम से एक मधुर गीत याद आया। ये है सन १९७३
की फिल्म आरोप से। इस फिल्म में बंगला जगत के प्रसिद्ध गायक,
संगीतकार भूपेन हजारिका का संगीत है। बतौर संगीत निर्देशक
शायद उनकी यह पहली हिंदी फिल्म है। नायक विनोद खन्ना और
नायिका सायरा बानो साईकिल पर सवारी करते हुए ये मधुर गीत
गा रहे हैं। गीत इतना खूबसूरत है कि मैदान में घास चरती भैंस भी
ब्यूटीफुल नज़र आ रही है।

ये गीत एक दुर्लभ कोम्बिनेशन है वो इसलिए कि आपने संगीतकार
भूपेन हजारिका के संगीत निर्देशन में माया गोविन्द का लिखा कोई
और गीत शायद ही कभी सुना होगा। कोशिश की जाएगी कि आपको
फिल्म आरोप का मन्ना डे का गाया गीत भी कभी सुनवाया जाए।

माया गोविन्द फिल्म निर्देशक आत्माराम की वजह से माया नगरी
में पधारीं। फिल्म आरोप उनकी पहली फिल्म है । इसके बाद उन्होंने
काफी फिल्मों में गीत लिखे हैं।

ये भी रोचक तथ्य है की उनको फ़िल्मी प्रसिद्धि उनके सौम्य साहित्यिक
गीतों की वजह से नहीं बल्कि "चढ़ गया ऊपर रे अटरिया पे लोटन कबूतर
रे-दलाल" जैसे गीतों से मिली। इस गीत के बाद तो उनके पास गीत
लिखने का काफी काम आ गया



गीत के बोल:

नैनों में दर्पण है
दर्पण में कोई
देखूं जिसे सुबह शाम

बोलो जी बोलो
ये राज़ खोलो
हम भी सुनें दिल को थाम

या तो है धरती
या है गगन
या तो है सूरज
या है पवन
उं हूँ , उसका तो साजन है नाम

नैनों में दर्पण है
दर्पण में कोई
देखूं जिसे सुबह शाम

हे ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ

हो, ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

मस्ती में गाये
दिल को लुभाए
कानों में मिसरी सी घोले

बोलो जी बोलो
ये राज़ खोलो
मेरा भी मन आज डोले

या तो कोयल की है रागिनी
या तो पायल है याबंसुरी
ना, उसका तो सजी है नाम

नैनों में दर्पण है
दर्पण में कोई
देखूं जिसे सुबह शाम

बहकी बहकी चाल है उसकी
झूमे वो आवारा

बोलो जी बोलो
ये राज़ खोलो
किसकी तरफ है इशारा
बोलो
किसकी तरफ है इशारा

या तो जोगी है
या पागल
या तो बादल है
या आंचल

उं हूँ , उसका तो प्रीतम है नाम

नैनों में दर्पण है
दर्पण में कोई
देखूं जिसे सुबह शाम

ला ला ला ला ला ला ला ला ला
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
................................................................
Nainon mein darpan hai-Aarop 1973

 Artists: Vinod Khanna, Saira Bano

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Nov 17, 2010

आएगी वो आएगी -अनमोल

अब आप कहेंगे ये ब्लैक एंड व्हाइट के बाद रंगीन झटका क्यूँ।
कड़ी में से कड़ी निकाल आई है जी । अनमोल घडी के नाम से
सन १९९१ की फिल्म अनमोल याद आ गई। प्यानो देख के
अकोर्डियन याद आ गया जो ऋषि कपूर के हाथ में है। आपने
ऋषि कपूर के पिता के हाथ में अकोर्डियन कई फिल्मों में देखा
होगा। इसमें देखिये ऋषि थोडा ज्यादा उछल कूद कर के इसे बजा
रहे हैं। अब आप पब्लिक लायब्रेरी के ऊपर पूरा ओर्केस्ट्रा ले के
खड़े हो जायेंगे तो जनता यानि कि पब्लिक तो जमा होनी ही है।

गीत लिखा है माया गोविन्द ने और धुन बनाई है राम-लक्ष्मण ने।
युगल गीत में उदित नारायण का साथ दिया है लता मंगेशकर ने।
राम लक्ष्मण(विजय पाटिल) अपने 'टूं-टां' वाले ओर्केस्ट्रा से अलग
पहचान में आ जाते हैं। गीत काफी रोचक है और आपको अंत तक
बांधे रखेगा(अगर आपने इसे पूरा देखने का निश्चय किया तो)।



गीत के बोल:

आएगी वो आएगी
दौड़ी चली आएगी
सुन कर मेरी आवाज़ आएगी

आएगी वो आएगी
दौड़ी चली आएगी
सुन कर मेरी आवाज़ आएगी

तोड़ के दीवारें
गली चौबारें
देखेंगे सारे
बाहों में आएगी

आएगी वो आएगी
दौड़ी चली आएगी
सुन कर मेरी आवाज़ आएगी

तुझे रोक पाए
भला किस्मे दम है
चली आ चली आ
मेरी कसम है
तुझे रोक पाए
भला किस्मे दम है
चली आ चली आ
मेरी कसम है

मैं जानता हूँ
पहचानता हूँ
तुझे मौत भी अब
रोक ना पायेगी

आएगी वो आएगी
दौड़ी चली आएगी
सुन कर मेरी आवाज़ आएगी

आज तुझे मैं ले जाऊँगा
जान या अपनी दे जाऊँगा
आज तुझे मैं ले जाऊँगा
जान या अपनी दे जाऊँगा

किस्मत फूटे
जा जग रूठे
या जान जाएगी
या जान आएगी

आएगी वो आएगी
दौड़ी चली आएगी
सुन कर मेरी आवाज़ आएगी

आई लो आई
हो, आई मैं आई
तुमने पुकारा मैं चली आई

आऊंगी मैं आऊंगी
दौड़ी चली आऊँगी
सुन कर तेरी आवाज़ आऊँगी

आऊंगी मैं आऊंगी
दौड़ी चली आऊँगी
सुन कर तेरी आवाज़ आऊँगी

लोग ज़हर भी पी जाते हैं
प्यार में मर के जी जाते हैं

लोग ज़हर भी पी जाते हैं
प्यार में मर के जी जाते हैं

प्यार का वादा
मैं भी निभऊंगी
मिटना पड़ा तो मिटके दिखूंगी

आऊंगी मैं आऊंगी
ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला

ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
..................................................
Aayegi wo aayegi-Anmol 1993

Artists: Rishi Kapoor, Manisha Koirala

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