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Jan 2, 2011

नया नया चाँद है-खुदा का बंदा १९५७

नया साल, नई उमंगें, नई उमंगें, नई मंजिलें और नये रेज़ोल्यूशन ।
नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ ही ये गीत प्रस्तुत है पुरानी फिल्म
खुदा का बंदा से। संगीत एस एन त्रिपाठी का है और इसे गा रहे हैं
गीता दत्त और मन्ना डे।

नए साल में आपको प्याज़ और टमाटर खूब खाने को मिलें इसी दुआ
के साथ.......



गीत के बोल:

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया प्यार है जी
नया नया साथ है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नई नई रात है

कितने भी रंग चाहे बदले ज़माना
हो ओ ओ ओ ओ ओ
कितने भी रंग चाहे बदले ज़माना
दिल में जो आई हो तो
दिल पे ना जाना
दिल पे ना जाना
जी दिल पे ना जाना

मिल के बिछड़ जाना
बड़ी बुरी बात है
मिल के बिछड़ जाना
बड़ी बुरी बात है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया प्यार है जी
नया नया साथ है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नई नई रात है

नज़रों में आज मेरी दुनिया हसीं है
हो ओ ओ ओ
नज़रों में आज मेरी दुनिया हसीं है
उल्फत की राह देखो
कितनी रंगीन है
कितनी रंगीन है
जी,कितनी रंगीन है

घर में हमारे आई
ख़ुशी की बारात है
घर में हमारे आई
ख़ुशी की बारात है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया प्यार है जी
नया नया साथ है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नई नई रात है

तुम जो मिले तो
मिला ख़ुशी का खज़ाना
हो ओ ओ ओ ओ ओ
तुम जो मिले तो मिला
ख़ुशी का खज़ाना
तुम जो हो पास मेरे
समा है सुहाना
समा है सुहाना
जी समा है सुहाना

प्यार फले फूले यही
दुआ दिन रात है
प्यार फले फूले यही
दुआ दिन रात है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया प्यार है जी
नया नया साथ है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नई नई रात है

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