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Jul 2, 2020

बहारों ने जिसे छेड़ा है-सुनहरे दिन १९४९

वाह वाह क्या गाना है ये. ऑसम जॉसम. गाने के बोल भी
लाजवाब हैं और संगीत भी.

सुनते हैं शेवान रिज़वी का लिखा और ज्ञान दत्त द्वारा कम्पोज़
किया गया गीत जिसे मुकेश गा रहे हैं परदे पर राज कपूर
के लिए.

आज बॉलीवुड वालों में से अभिनेत्री गौतमी, मोहम्मद अज़ीज़,
और रजा मुराद का जन्मदिन है. निर्देशक महेश कॉल की आज
पुण्यतिथि है.

राज कपूर आल इण्डिया रेडियो के माईक पर गाते दिख रहे हैं
गाने में और रेडियो पर इसे सुनने वालियों में शायद रेहाना और
रूपकमल हैं? पूरा ओर्केस्ट्रा भी दिख रहा है गाने में जो असल
में बजा रहा है या केवल गाने के लिए साज़ हिलाए डुलाये जा
रहे हैं ये आप मालूम कीजिये और हमें भी बतलाइये.





गीत के बोल:

बहारों ने जिसे छेड़ा है वो साज़-ए-जवानी है
ज़माना सुन रहा है जिसको
ज़माना सुन रहा है जिसको वो मेरी कहानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा

क़सम खा के किसी को जब कभी अपना बनाऊँगा
चमन की डालियों से लालियाँ फूलों की लाऊँगा
सितारों के चिराग़ों से फिर इस घर को सजाऊँगा
कि इस दुनिया में मुझको एक नई दुनिया बसानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा

चमन में सबने ही गाया तराना ज़िन्दगानी का
मगर सबसे अलग था रंग मेरी ही कहानी का
फ़साना इस क़दर रंगीन था मेरी जवानी का
कि जिसने भी सुना कहने लगा मेरी कहानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा

कोई समझे ना समझे मैं कहे देता हूँ दुनिया से
कि मैं दुनिया में हूँ मतलब नहीं रखता हूँ दुनिया से
कभी कुछ दिल में आता है तो कह देता हूँ दुनिया से
मेरी आवाज़ ही मेरी तमन्ना की निशानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा
ज़माना सुन रहा है जिसको वो मेरी कहानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा
………………………………………………
Baharon ne jise chheda-Sunehre Din 1949

Artists: Raj Kapoor, Rehana, Roopkamal, Nigar Sultana

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Mar 25, 2020

हुस्न की जुल्फें-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

जैसा कि एक गीत में वर्णन है-तू हुस्न है मैं इश्क हूँ,
उसके अनुसार हुस्न का अभिप्राय यहाँ नायिका से ही
होना चाहिए. गीत में बतलाया गया है –हुस्न की जुल्फें
काली पड़ गईं. अब वो बिना डाई के और बिना खिजाब
के कैसे पड़ीं, गीत के माध्यम से समझते हैं.

शेवान रिज़वी का गीत है जिसे बी एन बाली ने संगीत
में ढाला है. महेंद्र कपूर संग इसे उषा बलसावर ने गाया
है.

शेवान रिज़वी की कल्पनाशीलता इस गीत में फूट फूट
के बाहर आई है. कवियों और शायरों की ह्यूमन एनाटॉमी
की जानकारी और पैरेलल ड्रा करने की कला कभी कभी
दांतों तले उँगलियाँ दबाने पे मजबूर कर देती हैं.

   


गीत के बोल:

हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
आहों ने तकदीर बना दी काले काले बालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की

इश्क ने तुमको आहें दी हैं आह में दिल का साज़ दिया है
इश्क ने तुमको आहें दी हैं आह में दिल का साज़ दिया है
इश्क ने तुमको आहें दी हैं आह में दिल का साज़ दिया है
हो हमको बनाने वाले ने देखो
नाज़ दिया अंदाज़ दिया है
हमको बनाने वाले ने देखो
नाज़ दिया अंदाज़ दिया है
हमको बनाने वाले ने देखो
नाज़ दिया अंदाज़ दिया है
हो अंदाज़ दिया है अंदाज़ दिया है
ठोकर में हम रखते हैं
ठोकर में हम रखते हैं तकदीर ज़माने वालों की
ठोकर में हम रखते हैं तकदीर ज़माने वालों की
ठोकर में हम रखते हैं तकदीर ज़माने वालों की
ठोकर में हम रखते हैं तकदीर ज़माने वालों की
आहों ने तकदीर बना दी काले काले बालों की
आहों ने तकदीर बना दी काले काले बालों की

तेरे सा अंदाज़ न देखा हुस्न न देखा नाज़ न देखा
तेरे सा अंदाज़ न देखा हुस्न न देखा नाज़ न देखा
तेरे सा अंदाज़ न देखा हुस्न न देखा नाज़ न देखा
कलियाँ खिलती लाखों देखी लेकिन ये आगाज़ ना देखा
कलियाँ खिलती लाखों देखी लेकिन ये आगाज़ ना देखा
हुस्न को तेरे दुआ लगी है
हुस्न को तेरे दुआ लगी है शायद हम दिलवालों की
हुस्न को तेरे दुआ लगी है शायद हम दिलवालों की
अजी हुस्न को तेरे दुआ लगी है शायद हम दिलवालों की
हुस्न को तेरे दुआ लगी है शायद हम दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की

होश से हम मदहोश हुए हैं अरे मरने पे तैयार हुए हैं
होश से हम मदहोश हुए हैं अरे मरने पे तैयार हुए हैं
होश से हम मदहोश हुए हैं अरे मरने पे तैयार हुए हैं
आँखों में कुर्बान गए हैं क़त्ल बिना तलवार हुए हैं
आँखों में कुर्बान गए हैं क़त्ल बिना तलवार हुए हैं
आँखों में कुर्बान गए हैं क़त्ल बिना तलवार हुए हैं
हो कुर्बान गये हैं कुर्बान गये हैं
खून बन के किस्मत दी है
अरे खून बन के किस्मत दी है लाल गुलाबी गालों की
खून बन के किस्मत दी है लाल गुलाबी गालों की
खून बन के किस्मत दी है लाल गुलाबी गालों की
खून बन के किस्मत दी है लाल गुलाबी गालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
आहों ने तकदीर बना दी काले काले बालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
…………………………………………………..
Husn ki zulfen-Golden eyes secret agent 077 1968

Artists: Shailesh Kumar, Mumtaz

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Dec 4, 2019

अंता हबीबी-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

जेम्स बॉंड की फ़िल्में हमारे देश में बनती तो उसमें गाने
अवश्य होते. बिना ठुमका लगाये कोई मिशन पूरा नहीं होता.
ऐसा नहीं है कि सारी बॉंड फ़िल्में बिना संगीत के बन गयीं.
उन फिल्मों में भी गाने होते हैं, शीर्षक गीत या पार्श्व में
बजने वाला. बॉंड सीरीज़ की कई फिल्मों का संगीत लोकप्रिय
है. ‘डायमंड्स आर फॉरएवर’ सुन के पब्लिक आज भी आहें
भरा करती है.

हिंदी फिल्म जगत में तकरीबन १०० से अधिक जासूसी फ़िल्में
बन चुकी हैं जिनमें से बमुश्किल १५-१६ लोकप्रिय हुईं. जासूसी
फिल्मों को फिल्म समीक्षकों ने जबरन हिट साबित करने के
प्रयास नहीं किये.

एक बार फिर से खुशबूदार, झागवाला डिटरजेन्ट का कमाल.
नहीं नहीं, कमाल तो आप पिछले गीत में देख ही चुके हैं अब
सुनते हैं फिल्म से आशा का ही गाया अगला गीत.

शेवान रिज़वी का लिखा गीत है और बी एन बाली का संगीत.




गीत के बोल:

गुलशन पे घटा छाई बहार आई ज़रा देख
आँखों में मेरे प्यार की गहराई ज़रा देख
ये दिल का धुंआ है या कलेजे का धुआं है
ये दिल का धुंआ है या कलेजे का धुआं है
उल्फत ने कहा आग भडकाएं ज़रा देख

अंता हबीबी अंता रफीकी अंता हबीबी अंता रफीकी
जानेमन जाना ना दिल ये बोले हौले हौले
ना जाना ना जाना हबीबी हो रफीकी हो
अंता हबीबी अंता रफीकी अंता हबीबी अंता रफीकी
जानेमन जाना ना दिल ये बोले हौले हौले

ये रंग ना था ये नूर ना था जब यार ना था महफ़िल में
क्या रंग दिखाती शोख अदा दिलदार ना था महफ़िल में
ये रंग ना था ये नूर ना था जब यार ना था महफ़िल में
क्या रंग दिखाती शोख अदा दिलदार ना था महफ़िल में
ये शमा ना था परवाना ना जाना ना जाना
हबीबी हो रफीकी हो

अंता हबीबी अंता रफीकी जानेमन जाना ना
दिल ये बोले हौले हौले ना जाना ना जाना
हबीबी हो रफीकी हो

क्या किसने कहा क्या किसने सुना ये बात ना दुनिया समझे
एक आँख उठी एक आँख झुकी कह डाल कहानी दिल से
क्या किसने कहा क्या किसने सुना ये बात ना दुनिया समझे
एक आँख उठी एक आँख झुकी कह डाल कहानी दिल से
नज़रों में रहा अफ़साना ना जाना ना जाना
हबीबी हो रफीकी हो

अंता हबीबी अंता रफीकी जानेमन जाना ना
दिल ये बोले हौले हौले ना जाना ना जाना
हबीबी हो रफीकी हो
…………………………………………………..
Ek nazar dekh to lo-Golden eyes secret agent 077 1968

Artists: Shailesh Kumar, Mumtaz

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Jan 4, 2019

ये आँखें तेरी हैं कातिल-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

सुनहरी आँखें और गुप्त प्रतिनिधि फिल्म से अगला गीत
सुनते हैं. जो कि एक युगल गीत है आशा भोंसले और
महेंद्र कपूर का गाया हुआ.

हेलन और शैलेश कुमार पर ये गीत फिल्माया गया है.
जेम्स बाँड की फिल्मों में और देसी फिल्मों में अंतर सिर्फ
इतना है कि बाँड फिल्मों में नायिका अकेले नाचती है,
बल खाती है, समुद्र में डुबकी लगा के मिसाईल की तरह
आसमान को कूच कर जाती है मतलब वो जल थल और
पाताल कहीं भी जा सकती है, वहीँ हिंदी फिल्म में नायिका
केवल थल तक सीमित मिलेगी और उसके साथ नायक
का नाच भी अवश्य होगा. हम ७ ७ हैं वाला फंडा इधर
सभी जगह लागू होगा.

इसी चक्कर में ऐसी फ़िल्में पिट जाती हैं जो निर्माता और
निर्देशक की समझ में नहीं आता. एक और बात ये है बाँड
की फिल्मों का बाजार शहरी दर्शक ज्यादा है और विशेष रूप
से वो जो अंग्रेजी भाषा का जानकार है. ये बात कुछ हद तक
आज भी लागू है. अब तो सब तरफ इन्टरनेट की उपलब्धता
है और गांव का दर्शक भी जेम्स बाँड की फिल्मों को हिंदी
संवादों के साथ देख सकता है.



गीत के बोल:

ये आँखें तेरी हैं कातिल कहीं आ ना जाए तुझपे दिल
झूम झूम के कदम मिला के आओ डांस करें
ये आँखें तेरी हैं कातिल कहीं आ ना जाए तुझपे दिल
झूम झूम के कदम मिला के आओ डांस करें

ये तंग तेरा पजामा उफ़ चाल तेरी हंगामा
और तेरी तीर नज़र का दिल बोला सा रे गा मा
ये तंग तेरा पजामा उफ़ चाल तेरी हंगामा
और तेरी तीर नज़र का दिल बोला सा रे गा मा

बेचैन निगाहें तौबा बलखाती बाहें तौबा
ये इश्क बेचारा तौबा ये लंबी आहें तौबा
बेचैन निगाहें तौबा बलखाती बाहें तौबा
ये इश्क बेचारा तौबा ये लंबी आहें तौबा
ये आँखें तेरी हैं कातिल कहीं आ ना जाए तुझपे दिल
झूम झूम के कदम हिला के आओ डांस करें

तुम पानी की हो मछली या बादल की हो बिजली
अरे कुछ तो होगा हम में जो हो गई दुनिया पगली
तुम पानी की हो मछली या बादल की हो बिजली
अरे कुछ तो होगा हम में जो हो गई दुनिया पगली
ये आँखें तेरी हैं कातिल कहीं आ ना जाए तुझपे दिल
झूम झूम के कदम मिला के आओ डांस करें
………………………………………………………….
Ye aankhen teri hain katil- Golden eyes secret agent 077

Artists: Helen, Shailesh Kumar

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Jul 26, 2018

हाय मैं मर जाऊं-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

मुमताज़ और शैलेश कुमार अभिनीत इस फिल्म से आप
कुछ गीत सुन चुके हैं. अगला क्लासिक गीत सुनते हैं
आशा और महेंद्र कपूर की आवाजों में.

शेवान रिज़वी के बोल हैं और बलदेव नाथ बाली की धुन.





गीत के बोल:

हाय हाय हाय हाय हाय
हाय हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं
हाय हाय हाय हाय हाय
हाय मैं मर जाऊं

तेरे हुस्न का ये नज़ारा
तेरे हुस्न का ये नज़ारा
जैसे पानी पे अंगारा
कहता है दिल आवारा
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं
क्या मौसम है मस्ताना
हुआ देख के दिल दीवाना
और दिल से दिल का टकराना
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

ये तेरी तेज निगाहें तलवारें हैं के बाहें
दिल भूल गया है मंजिल
दिल भूल गया है मंजिल हम भूल गए हैं राहें
तेरे इश्क ने मुझको मारा
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

क्या मौसम है मस्ताना
हुआ देख के दिल दीवाना
और दिल से दिल का टकराना
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

हर बात तेरी मस्तानी जज़्बात तेरे तूफानी
जब प्यार से तूने देखा
जब प्यार से तूने देखा मैं शर्म से हो गई पानी
ज़रा देख ना फिर दुबारा
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

क्या मौसम है मस्ताना
हुआ देख के दिल दीवाना
और दिल से दिल का टकराना
हाय मैं मर जाऊं
ओये होये होये मैं मर जाऊं

दुनिया में कभी ना देखा दिलदार कोई तुम जैसा
हमने भी कहीं ना देखा
हमने भी कहीं ना देखा दिल फ़ेंक कोई तुम जैसा
तेरा मुखडा प्यार प्यारा
हाय मैं मर जाऊं
ज़रा कह दे फिर दोबारा
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

क्या मौसम है मस्ताना
हुआ देख के दिल दीवाना
और दिल से दिल का टकराना
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं
……………………………………..
Haye main mar jaoon- Golden eyes secret agent 077 1968

Artists: Mumtaz, Shailesh Kumar

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Jun 16, 2018

उल्फत की निशानी दे के-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

जी हाँ आप सही सोच रहे हैं. हमने इसे उल्फत हिट्स
श्रेणी में शामिल कर रखा है. वैसे भी हमें ऊ से शुरू
होने वाली श्रेणियों से काफी लगाव है. उत्तपम, उई उई,
उदबिलाव इत्यादि.

अच्छे से बोलों वाला ये गीत आशा भोंसले और कमाल बारोट
ने गाया है. मुमताज़ और हेलन पर शायद इसे फिल्माया गया
है.




गीत के बोल:

उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला

वो शोख अदाओं वाला दिलदार निगाहों वाला
जो प्यार से मेरे हो के चला बिस्मिल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला

दो नैन मिले रस्ते में
दो नैन मिले रस्ते में दिल ले के चले सस्ते में
हाय शर्म के मारे मर न सकी अल्लाह
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला


मेरे पीछे पीछे आ के
मेरे पीछे पीछे आ के मुझको आँखों में उलझा के
मेरे दिल को चुराया खींच के मेरा पल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला

उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
……………………………………………….
Ulfat ki nishani de ke chale- Golden Eyes Secret Agent 077 1968

Artists: Mumtaz, Helen

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Apr 1, 2018

मुझे मेरा प्यार दे दे-हमसाया १९६८

फिल्म हमसाया से अगला गीत सुनते हैं जिसे आशा और रफ़ी
ने गाया है. शेवन रिज़वी के बोल हैं और ओ पी नैया का संगीत.
फिल्म में दो नायिकाएं हैं-माला सिन्हा और शर्मिला टैगोर.

गीत में शायद खंडाला की घाटियाँ दिखलाई दे रही हैं जिन्हें ढेर
सारी फिल्मों में हम देख चुके हैं. उसके बाद एकदम से ऋतु
बदल जाती है गीत में और शायद किसी ठन्डे प्रदेश का दृश्य है.
एक गीत में ही कितनी जगह की मुफ्त सैर करवा देते हैं फिल्म
वाले.

जूडे में  गमला, चिड़िया का घोंसला, फूलगोभी इत्यादि सीरीज़ के
अंतर्गत कोई गीत देखे कई दिन हो गए थे इसलिए ये आपको
आज सुनवा और दिखला दिया है.




गीत का ऑडियो




गीत के बोल:

तेरा शुक्रिया
तेरा शुक्रिया के तूने
गले फिर लगा लिया है
तेरा शुक्रिया के तूने
गले फिर लगा लिया है
मैंने दिल के टुकड़े चुन कर
मैंने दिल के टुकड़े चुन कर
नया दिल बना लिया है
नया दिल बना लिया है
मुझे मेरा प्यार दे दे
मुझे मेरा प्यार दे दे
तुझे आजमा लिया है
तेरी वफ़ा के आगे
मैंने सर झुका लिया है
मुझे मेरा प्यार दे दे

तुझे पा के खो दिया था
तुझे खो के पा लिया है
जहाँ ख़ाक उड़ रही थी
जहाँ ख़ाक उड़ रही थी
वहीँ घर सजा लिया है
वहीँ घर सजा लिया है
मुझे मेरा प्यार दे दे
मुझे मेरा प्यार दे दे
तुझे आजमा लिया है
तेरी वफ़ा के आगे
मैंने सर झुका लिया है
मुझे मेरा प्यार दे दे

तेरी याद मेरा मंदिर
तेरा प्यार मेरी पूजा
तेरी याद मेरा मंदिर
तेरा प्यार मेरी पूजा
तुझे मैंने इतना पूजा
तुझे मैंने इतना पूजा
के खुदा बना लिया है
के खुदा बना लिया है

मुझे मेरा प्याज दे दे
मुझे मेरा प्यार दे दे
तुझे आजमा लिया है
तेरी वफ़ा के आगे
मैंने सर झुका लिया है
मुझे मेरा प्यार दे दे
.......................................................................
Mujhe mera pyar de do-Humsaya 1968

Artists: Joy Mukherji, Sharmila Tagore

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Dec 20, 2017

एक नज़र देख तो लो-गोल्डन आईज सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

एक अनजाना सा और नहीं के बराबर सुना हुआ गीत सुनते
और देखते हैं आज. आशा भोंसले ने इसे गाया है और इसे
मुमताज़ पर फिल्माया गया है.

एक नज़र देख तो लो कि ये शैम्पू का झाग है या साबुन का.
बाथरूम के वोल्यूम के २० प्रतिशत में झाग ही झाग है मानो
झाग के बादल ज़मीन पर इतर आये हों. इसे कहते हैं झाग
स्नान. झाग स्नान के बाद सौंदर्य और निखर के आया है मानो
किसी खास साबुन के विज्ञापन की शूटिंग हो रही हो.

फिल्म का नाम है गोल्डन आईज सीक्रेट एजेंट ०७७ जिसे देख
के शायद जेम्स बॉंड भी बोंडा खाने लग जाए या बेहोश हो जाए.
जेम्स बॉंड की फिल्मों में एक दृश्यावली ज़रूर हुआ करती थी
जिसमें नायिका की उछल-कूद और जिम्नास्टिक्स के साथ पार्श्व
में एक नामचीन महिला गायिका का गीत बजता मिलता था.

गीत में नायक शैलेश कुमार भी नज़र आ रहे हैं. शेवान रिज़वी
का गीत है और बी एन बाली का संगीत.




गीत के बोल:

एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो
एक छलका हुआ सागर मेरी अंगडाई है
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो

सामने एक हसीं गुलबदन माहज़बीं
सामने एक हसीं गुलबदन माहज़बीं
जिसकी जुल्फों को घटा देख के शरमाई है
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो

मोतियों की सी लड़ी सुर्ख गालों पे जड़ी
मोतियों की सी लड़ी सुर्ख गालों पे जड़ी
हुस्न कलियों का तो शबनम अदाओं की पाई है
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो

नाज़ अपने पे न कर नाज़ तकदीर पे कर
नाज़ अपने पे न कर नाज़ तकदीर पे कर
दिल चुराने को तेरा एक पारी आई है

एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो
एक छलका हुआ सागर मेरी अंगडाई है
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो
…………………………………………………
Ek nazar dekh to lo-Golden eyes secret agent 077 1968

Artists: Mumtaz, Shailesh Kumar

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Dec 18, 2017

उधर वो चाल चलते हैं-एक मुसाफिर एक हसीना १९६२

हिंदी सिनेमा में चाचा, पापा, मामा, नाना, दादा, वाले काफी गीत बने
हैं. उनमें से एक है फिल्म एक मुसाफिर एक हसीना में. फिल्म भले ही
पारिवारिक ना भी हों, ऐसे गीत उन्हें पारिवारिक का दर्ज़ा प्रदान कर देते
हैं. ये तो खैर एक पारिवारिक फिल्म ही है. मुझे ये समझने में कभी कभी
दिक्कत होती है पारिवारिक से मतलब क्या निकालें-जिस किसी फिल्म की
कहानी पारिवारिक हो या फिर उसे जिस फिल्म को बिना रिमोट से खिलवाड़
किये परिवार के साथ देखा जा सके. 

गीत सुनते हैं. शेवान रिज़वी के बोल हैं, आशा की आवाज़ और ओ पी नैयर
का संगीत.




गीत के बोल:

ला ला ला ला ला ला
हे हे हे हे हे
चा चा चा चा चा चा चा चा चा

उधर वो चाल चलते हैं इधर हम जान लेते हैं
नज़र पहचानने वाले नज़र पहचान लेते हैं
नज़र पहचानने वाले नज़र पहचान लेते हैं
उधर वो चाल चलते हैं इधर हम जान लेते हैं

अगर तुम हँस के देखोगे तो हम फिर मुस्करा लेंगे
बचा कर आँख निकलोगे नज़र हम भी फिरा लेंगे
तुम अपना रास्ता लोगे हम अपना रास्ता लेंगे
न हम एहसान करते हैं न हम एहसान लेते हैं
नज़र पहचानने वाले नज़र पहचान लेते हैं
नज़र पहचानने वाले नज़र पहचान लेते हैं
उधर वो चाल चलते हैं इधर हम जान लेते हैं

तुम्हें हमसे मोहब्बत है ज़रूरत क्या जताने की
इन्हें परदे में रहने दो ये बातें है छुपाने की
हमें आदत नहीं झूठी क़सम खाने खिलाने की
न हम ईमान देते हैं न हम ईमान लेते हैं
नज़र पहचानने वाले नज़र पहचान लेते हैं
नज़र पहचानने वाले नज़र पहचान लेते हैं
उधर वो चाल चलते हैं इधर हम जान लेते हैं
........................................................................
Udhar wo chaal-Ek musafir ek haseena 1962

Artists: Joy Mukherji, Sadhana, ??????

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Jun 24, 2017

तेरी नज़र में मैं-१८५७ १९४६

इस फिल्म का नाम १८५७ है. ये संग्राम के ऊपर
बनी हुई फिल्म है जो आजादी के लिए सबसे
पहले हुआ था. फिल्म सन १९४६ में रिलीज़ हुई
थी.

फिल्म से सुरेन्द्र और सुरैया का गाया युगल गीत
सुनते हैं. शेवन रिज़वी के बोल हैं और सज्जाद का
संगीत.



गीत के बोल:

तेरी नज़र में मैं रहूँ मेरी नज़र में तू
तेरी नज़र में मैं रहूँ मेरी नज़र में तू
तेरी कहानी मेरी कहानी तेरी कहानी
तेरी कहानी मैं कहूँ मेरी कहानी तू
तेरी नज़र में मैं रहूँ मेरी नज़र में तू

निखरी हुई हो चांदनी छाई हुई बहार
निखरी हुई हो चांदनी छाई हुई बहार
तुझसे जुदा ना मैं रहूँ
तुझसे जुदा ना मैं रहूँ और मुझसे जुदा ना तू
तेरी नज़र में मैं रहूँ मेरी नज़र में तू
तेरी नज़र में मैं रहूँ मेरी नज़र में तू

जलवे तेरे
जलवे तेरे नज़र में हों दिल में हो तेरी आरज़ू
जलवे तेरे
जलवे तेरे नज़र में हों दिल में हो तेरी आरजू
मुझको यही हो जुस्तजू
मुझको यही हो जुस्तजू लब पे मेरे हो तू
तेरी नज़र में मैं रहूँ या मेरी नज़र में तू
तेरी नज़र में मैं रहूँ या मेरी नज़र में तू

इश्क पे छायें मस्तियाँ हुस्न पे शोखियाँ
इश्क पे छायें मस्तियाँ हुस्न पे शोखियाँ
मस्ती भरी जवानियाँ
मस्ती भरी जवानियाँ छेड़ें यही कहानियां
के तुझसे जुदा न मैं रहूँ
के तुझसे जुदा न मैं रहूँ और मुझसे जुदा ना तू

तेरी नज़र में मैं रहूँ या मेरी नज़र में तू
……………………………………………………..
Teri nazar mein main rahoon-1857 1946

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May 21, 2017

उफ़ ये बेकरार दिल-दिल और मोहब्बत १९६८

हिंदी फिल्म संगीत जगत में ‘उई’ शब्द को वेटेज ज्यादा मिला
है बनिस्बत ‘उफ़’ शब्द के. वजह भी है एक उसकी. जिस शब्द
का भाव मन को ज्यादा भाता है उसका ज्यादा इस्तेमाल किया
जाता है. हर गीतकार की अपनी पसंद होती है मगर किसी गीत
में कभी कभी निर्माता निर्देशक की पसंद भी घुसेड दी जाती है.
जिसके पास पैसा हो वो सब कुछ करा सकता है. जिसकी लाठी
उसकी बफेलो.

आज सुनते हैं बेला बोस पर फिल्माया गया दिल और मोहब्बत
से एक गीत जिसे आशा भोंसले ने गाया है. शेवान रिज़वी के
बोल हैं और ओ पी नैयर का संगीत.



गीत के बोल:

उफ़
उफ़ ये बेक़रार दिल कहाँ लुटा ना पूछिये
हर निगाह चोर है जी नाम किसका लीजिये
उफ़
उफ़ ये बेक़रार दिल कहाँ लुटा ना पूछिये
हर निगाह चोर है जी नाम किसका लीजिये
उफ़

नज़र नज़र से मिल गई जबां से उफ़
नज़र नज़र से मिल गई जबां से उफ़ निकल गई
चली जो दिल को थाम कर तो आरजू मचल गई
ये कौन जादू कर गया
ये कौन जादू कर गया के दिल गया जिगर गया
हम आये थे इलाज को के दर्द और बढ़ गया
उफ़
उफ़ ये बेक़रार दिल कहाँ लुटा ना पूछिये
हर निगाह चोर है जी नाम किसका लीजिये
उफ़

हम अपने दिल को रोक लें मजाल क्या
हम अपने दिल को रोक लें हमारी क्या मजाल है
किसी को क्या बताएं हम जो आज दिल का हाल है
रात है शबाब पर नज़र झुकी है आप पर
रात है शबाब पर नज़र झुकी है आप पर
करेंगे दिल का फैसला हम आपके जवाब पर
उफ़
उफ़ ये बेक़रार दिल कहाँ लुटा ना पूछिये
हर निगाह चोर है जी नाम किसका लीजिये
उफ़

झुकी झुकी निगाह ने ये क्या किया
झुकी झुकी निगाह ने बिछा के जाल शाम का
चुपके चुपके कर लिया इरादा क़त्ले-आम का
हाय क्या अंधेर है ये किस्मतों का फेर है
हाय क्या अंधेर है ये किस्मतों का फेर है
अब हमारे क़त्ल में जी कहिये कितनी देर है
उफ़
उफ़ ये बेक़रार दिल कहाँ लुटा ना पूछिये
हर निगाह चोर है जी नाम किसका लीजिये
उफ़ उफ़
………………………………………………..
Uff ye bekarar dil-DIl aur mohabbat 1968

Artists: Joy Mukherji, Bela Bose

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Jun 14, 2012

वो हसीं दर्द दे दो-हमसाया १९६८

आज एक मकान में सूखते कपड़ों के बीच एक साये(petticoat) को सूखते  
देख एक कहावत याद आई-गर्दिश में साया भी साथ छोड़ देता है। उस
कहावत के याद आते आते एक हमसाये की याद भी आई जो अचानक
से गायब हो गया था समय के थपेड़ों में। लोग क्यूँ गायब हो जाते हैं
इसका पुख्ता जवाब मिलना असंभव सा है।

खैर फिल्म हमसाया से एक बेहद लोकप्रिय गीत सुनते हैं आज जिसे
गाया है आशा भोंसले ने। इसे फिल्माया गया है माला सिन्हा और जॉय
मुखर्जी पर। माला सिन्हा पर फिल्माए लता के गाये हिट गीत आपने
बहुतेरे सुने होंगे, ये दुर्लभ सा है। क्यूँ ना हो, फिल्म में संगीत नैयर का
जो है। अब नैयर हैं तो लता के गीत आपको फिल्म में कैसे मिल सकते
हैं भाई ? गीत शेवान रिज़वी साहब ने लिखा है ।

गीत क्या है जनाब   आवाज़ और वाद्य यंत्रों की आवाजों का अद्भुत मिश्रण
है और किसी भी आवाज़ की अनुपस्थिति की कल्पना करना असंभव सा
है। गीत की ताल मनमोहक किस्म की है जो दिमाग की सीढियां तुरंत ही
चढ़ जाती है।




गीत के बोल:

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ
वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ
वो निगाह मुझ पे डालो, कि मैं ज़िंदगी बना लूँ

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ

मैं तुमसे मांगती हूँ, ज़रा अपना हाथ दे दो
मुझे आज ज़िंदगी की, वो सुहागरात दे दो
जिसे ले के कुछ न मांगूं, और मांग में सजा लूँ

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ
वो निगाह मुझ पे डालो, कि मैं ज़िंदगी बना लूँ

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ

मेरी आरज़ू तो देखो, तुम्हें सामने बिठा कर
कभी दिल के पास लाकर, कभी दिलरुबा बना कर
कोई दास्तान सुन लूँ, कोई दास्तां सुना लूँ

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ
वो निगाह मुझ पे डालो, कि मैं ज़िंदगी बना लूँ

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ

मैंने प्यार के अलावा कभी तुमसे कुछ ना माँगा
तुम्हें जाने क्या समझ कर मैंने हर कदम पे चाहा
मेरा आज फैसला है तुम्हें हमसफ़र बना लूं

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ
वो निगाह मुझ पे डालो, कि मैं ज़िंदगी बना लूँ

वो हसीन दर्द दे दो, जिसे मैं गले लगा लूँ
..........................................
Wo haseen dard de do-Humsaya 1968

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May 28, 2011

हम भी खो गये हैं-मैडम जोरो १९६२

आपको एक और मधुर गीत सुनवाते हैं, ये उन गुमनाम सी फिल्मों
में छुपे हुए नायाब रातों में से एक है। एक आध बार आपके कान में
इसकी ध्वनि ज़रूर पड़ी होगी। मुकेश और कमल बारोट की आवाज़
में ये युगल गीत है फिल्म मैडम जोरो से। सन १९६२ की फिल्म ने
कुछ ख़ास करिश्मा नहीं किया बॉक्स ऑफिस पर। फिल्म के प्रमुख
कलाकार आज़ाद, नादिरा, हेलन और भगवान हैं। बुलो सी रानी फिल्म
के संगीतकार हैं जिन्होंने ४० के दशक से लगाकर ६० के दशक तक
अपनी उपस्थिति बनाये रखी हिंदी फिल्म संगीत के क्षेत्र में और कई
कर्णप्रिय नगमे दिए सौगात स्वरुप श्रोताओं को।




गीत के बोल:

हम भी खो गये हैं
दिल भी खो गया है
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है

हम भी खो गये हैं
दिल भी खो गया है
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है

दिल हमको ढूंढता है
हम दिल को ढूंढते हैं
मंजिल पे हम खड़े हैं
मंजिल को ढूंढते हैं
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
दिल हमको ढूंढता है
हम दिल को ढूंढते हैं
मंजिल पे हम खड़े हैं
मंजिल को ढूंढते हैं
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है

हम भी खो गये हैं
दिल भी खो गया है
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है

क्या चीज़ है मोहब्बत
समझेगा क्या ज़माना
इतनी सी है कहानी
इतना सा है फ़साना
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
क्या चीज़ है मोहब्बत
समझेगा क्या ज़माना
इतनी सी है कहानी
इतना सा है फ़साना
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है

हम भी खो गये हैं
दिल भी खो गया है
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है

हम भी खो गये हैं
..........................
Ham bhi kho gaye hain-Madam Zorro 1962

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Jan 2, 2011

नया नया चाँद है-खुदा का बंदा १९५७

नया साल, नई उमंगें, नई उमंगें, नई मंजिलें और नये रेज़ोल्यूशन ।
नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ ही ये गीत प्रस्तुत है पुरानी फिल्म
खुदा का बंदा से। संगीत एस एन त्रिपाठी का है और इसे गा रहे हैं
गीता दत्त और मन्ना डे।

नए साल में आपको प्याज़ और टमाटर खूब खाने को मिलें इसी दुआ
के साथ.......



गीत के बोल:

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया प्यार है जी
नया नया साथ है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नई नई रात है

कितने भी रंग चाहे बदले ज़माना
हो ओ ओ ओ ओ ओ
कितने भी रंग चाहे बदले ज़माना
दिल में जो आई हो तो
दिल पे ना जाना
दिल पे ना जाना
जी दिल पे ना जाना

मिल के बिछड़ जाना
बड़ी बुरी बात है
मिल के बिछड़ जाना
बड़ी बुरी बात है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया प्यार है जी
नया नया साथ है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नई नई रात है

नज़रों में आज मेरी दुनिया हसीं है
हो ओ ओ ओ
नज़रों में आज मेरी दुनिया हसीं है
उल्फत की राह देखो
कितनी रंगीन है
कितनी रंगीन है
जी,कितनी रंगीन है

घर में हमारे आई
ख़ुशी की बारात है
घर में हमारे आई
ख़ुशी की बारात है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया प्यार है जी
नया नया साथ है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नई नई रात है

तुम जो मिले तो
मिला ख़ुशी का खज़ाना
हो ओ ओ ओ ओ ओ
तुम जो मिले तो मिला
ख़ुशी का खज़ाना
तुम जो हो पास मेरे
समा है सुहाना
समा है सुहाना
जी समा है सुहाना

प्यार फले फूले यही
दुआ दिन रात है
प्यार फले फूले यही
दुआ दिन रात है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया प्यार है जी
नया नया साथ है

नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नया नया चाँद है जी
नई नई रात है
नई नई रात है

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Oct 26, 2009

दिल की आवाज़ भी सुन-हमसाया १९६८

"इश्क़ मासूम है इल्जाम लगाने पे ना जा" । ये पंक्तियाँ
बारंबार याद आती हैं। इनसे एक वाकया जुडा है । हुआ यूँ
एक लड़का अपने पड़ोस की एक लड़की को लेके भाग गया।
ये शायद १९७५ की बात है। बहुत दिन बीतने के बाद दोनों
लौट आए, कैसे लौटे , या लौटाए गए याद नहीं , मगर इस घटना के
बाद उस लड़की की ज़िन्दगी नर्क बन गई। करमजली, जनमजली
की उपाधियाँ उसको दिन में सैंकडों बार दी जाती । लड़की मासूम सी
थी और उसका दोष उतना नहीं था जितना उस मक्कार से दिखने वाले
युवक का। एक दिन इस विषय पर मित्रों के बीच चर्चा हो रही थी और
दूर किसीके ट्रांजिस्टर सेट पर ये गाना बजना शुरू हुआ। गाना चलता रहा
लेकिन जैसे ही ये पंक्तियाँ आई, हमारे दिमाग की सुई अटक गई। तभी से
इस गाने के शुरू होते ही वो लाइन दिमाग में घूमती है -इश्क़ मासूम है....
शेवान रिज़वी के लिखे गाने को धुन में बांधा है ओ पी नय्यर ने और गायक
.....आपको पता है, कौन है....... ;)



गाने के बोल:

दिल की आवाज़ भी सुन
दिल की आवाज़ भी सुन मेरे फ़साने पे न जा
मेरी नज़रों की तरफ़ देख ज़माने पे न जा
दिल की आवाज़ भी सुन मेरे फ़साने पे न जा
मेरी नज़रों की तरफ़ देख ज़माने पे न जा

इक नज़र देख ले
इक नज़र देख ले जीने की इजाज़त दे दे
रूठने वाले वो पहली सी मुहब्बत दे दे
इक नज़र देख ले जीने की इजाज़त दे दे
रूठने वाले वो पहली सी मुहब्बत दे दे

इश्क़ मासूम है
इश्क़ मासूम है, इलज़ाम लगाने पे न जा

वक़्त इनसान पे
वक़्त इनसान पे ऐसा भी कभी आता है
राह में छोड़के साया भी चला जाता है
वक़्त इनसान पे ऐसा भी कभी आता है
राह में छोड़के साया भी चला जाता है

दिन भी निकलेगा कभी
दिन भी निकलेगा कभी, रात के आने पे न जा
मेरी नज़रों की तरफ़ देख ज़माने पे न जा

दिल की आवाज़ भी सुन

मैं हक़ीक़त हूँ
मैं हक़ीक़त हूँ ये इक रोज़ दिखाऊँगा तुझे
बेगुनाही पे मुहब्बत की रुलाऊँगा तुझे
मैं हक़ीक़त हूँ ये इक रोज़ दिखाऊँगा तुझे
बेगुनाही पे मुहब्बत की रुलाऊँगा तुझे

दाग दिल के नहीं
दाग दिल के नहीं मिटते हैं मिटाने पे न जा
मेरी नज़रों की तरफ़ देख ज़माने पे न जा

दिल की आवाज़ भी सुन मेरे .....

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