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May 10, 2017

अगर मैं कहूँ –लक्ष्य २००४

एक दिन टी वी पर एक कपडे धोने वाले पावडर के विज्ञापन को
देख कर ये गीत याद आया. फिल्म लक्ष्य के गीत में नायिका ने
जो इच्छा ज़ाहिर की थी वो इस विज्ञापन में पूरी होती दिखी.

प्रीति जिंटा और ऋतिक रोशन की जोड़ी वाली इस फिल्म में यह
गीत गाया है उदित नारायण और अलका याग्निक ने. जावेद अख्तर
का गीत है और शंकर एहसान लॉय की तिकड़ी का संगीत.

कहानी का लक्ष्य जो भी रहा हो, फिल्म अपने व्यावसायिक लक्ष्य
यानि कि बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा देर नहीं टिकी.




गीत के बोल:

अगर मैं कहूँ
मुझे तुमसे मोहब्बत है
मेरी बस यही चाहत है तो क्या कहोगी
अगर मैं कहूँ
मुझे तुमसे मोहब्बत है
मेरी बस यही चाहत है तो क्या कहोगी

मैं तुमसे कहूँगी
इस बात को अगर तुम
ज़रा और सजा के कहते
ज़रा घुमा फिरा के कहते
तो अच्छा होता

अगर मैं कहूँ
तुमको जब देखूँ लगती हो जैसे नई
होंठ हैं पंखड़ी फूल की
आँखें जैसे जुगनू चमकते हुये
सोचे मेरा ये दिल धड़कते हुये

अगर मैं कहूँ अगर मैं कहूँ
ये जो चेहरा है जैसे कोई चाँद है
तो क्या कहोगी

मैं तुमसे कहूँगी
मुझको भूले से भी चाँद तुम न कहो
चाँद में तो कई दाग़ हैं
मुझे फूल न कहना वो मुरझाते हैं
जुगनू भी न कहना वो खो जाते हैं
ये बातें पुरानी हैं
जो मुझको सुनानी हैं
किसी और अदा से कहते
ज़रा घुमा फिरा के कहते
तो अच्छा होता

अगर मैं कहूँ
मुझे तुमसे मोहब्बत है
मेरी बस यही चाहत है तो क्या कहोगी

अगर मैं कहूँ अगर मैं कहूँ
बातें सुन के तुम्हारी मैं हैरान हूँ
जो भी कहना है कैसे कहूँ
लगता तुम्हें कुछ भी अच्छा नहीं
सच को भी कहती हो सच्चा नहीं

अगर मैं कहूँ अगर मैं कहूँ
तुम्हें पता नहीं है क्यों
है प्यार मुझे भी तुमसे
तो क्या कहोगे

मैं तुमसे कहूँगा
मेरे दिल का है ये कहना
हम को है साथ में रहना

ये दोनों के दिल में है ना
तो फिर क्यों कहना

अगर मैं कहूँ
तो मैं तुमसे कहूँगी
………………………………………………………………
Agar main kahoon-Lakshya 2004

Artists: Preity Zinta, Hrithik Roshan

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Mar 2, 2016

लक्ष्य तो हर हाल में पाना है-लक्ष्य २००४

लक्ष्य नाम से एक फिल्म आई १९९४ में और दूसरी आई 
२००४ में. आपको आज २००४ वाली फिल्म से शीर्षक गीत
सुनवा रहे हैं. इन्सपिरेशनल सोंग है जिसे जावेद अख्तर ने
लिखा है. संगीतकार हैं शंकर-एहसान-लॉय. शंकर महादेवन
इसके गायक हैं.

फरहान अख्तर निर्देशित इस फिल्म में अमिताभ बच्चन,
प्रीती जिंटा, ऋतिक रोशन, ओम पुरी और शरद कपूर जैसे
कलाकार हैं. सेना की पृष्ठभूमि पर इस फिल्म की कहानी
आधारित है. फिल्म का नायक सेना में भारती हो जाता
है. कारगिल युद्ध के बाद कई हिंदी फ़िल्में बनी ये उनमें
से एक है. बोमन ईरानी ने ऋतिक के पिता की भूमिका
निभाई है फिल्म में. फिल्म में ऋतिक के किरदार का नाम
करण है.



गीत के बोल:

पायेगा जो लक्ष्य है तेरा लक्ष्य

हाँ यही रास्ता है तेरा, तूने अब जाना है
हाँ यही रास्ता है तेरा, तूने अब जाना है
हाँ यही सपना है तेरा, तूने पहचाना है
हाँ यही रास्ता है तेरा, तूने अब जाना है
हाँ यही सपना है तेरा, तूने पहचाना है
तुझे अब यह दिखाना है, रोके तुझको आंधियाँ
या जमीं और आसमान पायेगा जो लक्ष्य है तेरा
लक्ष्य तो हर हाल में पाना है

मुश्किल कोई आ जाये तो, परबत कोई टकराए तो
ताकत कोई दिखलाये तो, तूफान कोई मंडराए तो
मुश्किल कोई आ जाये तो, परबत कोई टकराए तो
बरसे चाहे अम्बर से आग, लिपटे चाहे पैरो से लाख
बरसे चाहे अम्बर से आग, लिपटे चाहे पैरो से लाख
पायेगा जो लक्ष्य है तेरा लक्ष्य तो हर हाल में पाना है

हिम्मत से जो कोई चले, धरती हिले कदमो तले
क्या दूरियां क्या फासले मंजिल लगे आ के गले
हिम्मत से जो कोई चले, धरती हिले कदमों तले
तू चल यूं ही अब सुबह-ओ-शाम,
रुकना झुकना नहीं तेरा काम
तू चल यूं ही अब सुबह-ओ-शाम
रुकना झुकना नहीं तेरा काम
पायेगा जो लक्ष्य है तेरा, लक्ष्य तो हर हाल में पाना है

हाँ यही रास्ता है तेरा, तूने अब जाना है
हाँ यही सपना है तेरा, तूने पहचाना है
तुझे अब यह दिखाना है
रोके तुझको आंधियाँ
या जमीं और आसमान पायेगा जो लक्ष्य है तेरा
लक्ष्य तो हर हाल में पाना है
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Lakshya to har haal mein paana-Lakshya 2004

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