Showing posts with label Hritik Roshan. Show all posts
Showing posts with label Hritik Roshan. Show all posts

Mar 2, 2016

लक्ष्य तो हर हाल में पाना है-लक्ष्य २००४

लक्ष्य नाम से एक फिल्म आई १९९४ में और दूसरी आई 
२००४ में. आपको आज २००४ वाली फिल्म से शीर्षक गीत
सुनवा रहे हैं. इन्सपिरेशनल सोंग है जिसे जावेद अख्तर ने
लिखा है. संगीतकार हैं शंकर-एहसान-लॉय. शंकर महादेवन
इसके गायक हैं.

फरहान अख्तर निर्देशित इस फिल्म में अमिताभ बच्चन,
प्रीती जिंटा, ऋतिक रोशन, ओम पुरी और शरद कपूर जैसे
कलाकार हैं. सेना की पृष्ठभूमि पर इस फिल्म की कहानी
आधारित है. फिल्म का नायक सेना में भारती हो जाता
है. कारगिल युद्ध के बाद कई हिंदी फ़िल्में बनी ये उनमें
से एक है. बोमन ईरानी ने ऋतिक के पिता की भूमिका
निभाई है फिल्म में. फिल्म में ऋतिक के किरदार का नाम
करण है.



गीत के बोल:

पायेगा जो लक्ष्य है तेरा लक्ष्य

हाँ यही रास्ता है तेरा, तूने अब जाना है
हाँ यही रास्ता है तेरा, तूने अब जाना है
हाँ यही सपना है तेरा, तूने पहचाना है
हाँ यही रास्ता है तेरा, तूने अब जाना है
हाँ यही सपना है तेरा, तूने पहचाना है
तुझे अब यह दिखाना है, रोके तुझको आंधियाँ
या जमीं और आसमान पायेगा जो लक्ष्य है तेरा
लक्ष्य तो हर हाल में पाना है

मुश्किल कोई आ जाये तो, परबत कोई टकराए तो
ताकत कोई दिखलाये तो, तूफान कोई मंडराए तो
मुश्किल कोई आ जाये तो, परबत कोई टकराए तो
बरसे चाहे अम्बर से आग, लिपटे चाहे पैरो से लाख
बरसे चाहे अम्बर से आग, लिपटे चाहे पैरो से लाख
पायेगा जो लक्ष्य है तेरा लक्ष्य तो हर हाल में पाना है

हिम्मत से जो कोई चले, धरती हिले कदमो तले
क्या दूरियां क्या फासले मंजिल लगे आ के गले
हिम्मत से जो कोई चले, धरती हिले कदमों तले
तू चल यूं ही अब सुबह-ओ-शाम,
रुकना झुकना नहीं तेरा काम
तू चल यूं ही अब सुबह-ओ-शाम
रुकना झुकना नहीं तेरा काम
पायेगा जो लक्ष्य है तेरा, लक्ष्य तो हर हाल में पाना है

हाँ यही रास्ता है तेरा, तूने अब जाना है
हाँ यही सपना है तेरा, तूने पहचाना है
तुझे अब यह दिखाना है
रोके तुझको आंधियाँ
या जमीं और आसमान पायेगा जो लक्ष्य है तेरा
लक्ष्य तो हर हाल में पाना है
...................................................................
Lakshya to har haal mein paana-Lakshya 2004

Read more...

Feb 26, 2016

ना तुम जानो न हम-कहो न प्यार है २०००

ऋतिक रोशन की पहली फिल्म. साथ में नाईका अमीषा पटेल
की भी. पहली ही फिल्म में ऋतिक का डबल रोल. फिल्म हिट
हुयी और इसके गाने भी.

फिल्म का शीर्षक थोडा बड़ा है. मिर्ज़ा ब्रदर्स अपनी लंबे लंबे नाम
वाली फिल्मों के लिए प्रसिद्ध हुआ करते थे. ये ट्रेंड चेंज हुआ फिल्म
क़यामत से क़यामत तक के बाद. दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे
ने लंबे लंबे नाम वाली झिझक खत्म की बॉलीवुड की.

फिल्म का आनंद लेने का अपना सबका अंदाज़ होता है. किसी के
लिए ‘कहो न प्यार है’ तो किसी के लिए ‘कहो न बुखार है’.
इश्क भी एक तरीके की हरारत ही तो है. 

फिल्म से लकी अली का गाया हुआ एक गीत सुनवाते हैं जिसे
इब्राहिम अश्क ने लिखा है. लकी के साथ इसे रम्या ने गाया है. 



गीत के बोल:

क्यूं चलती है पवन क्यूं झूमें है गगन
क्यूं मचलता है मन ना तुम जानो ना हम

क्यूं आती है बहार
क्यूं लुटता है क़रार
क्यूं होता है प्यार
ना तुम जानो ना हम

ये मदहोशियां ये तनहाईयां
तसव्वुर में हैं किसकी परछाईयां
ये भीगा समां उमंगें जवां
मुझे इश्क़ ले जा रहा है कहां
क्यूं ग़ुम है हर दिशा
क्यूं होता है नशा
क्यूं आता है मज़ा
ना तुम जानो ना हम

धड़कता भी है तड़पता भी है
ये दिल क्यूं अचानक बहकता भी है
महकता भी है चहकता भी है
ये दिल क्या वफ़ा को समझाता भी है
क्यूं मिलती है नज़र
क्यूं होता है असर
क्यूं होती है सहर
ना तुम जानो ना हम
…………………………………………………..
Na tum jaano na hum-Kaho na pyar hai 2000

Read more...

Nov 11, 2009

तुम अगर मुझको न चाहो -दिल ही तो है १९६३

सभी तरह के भावों पर गाने बन चुके हैं। जो बाकी थे वो नई
हिन्दी अंग्रेज़ी मिश्रित फिल्मों ने पूरे कर दिए हैं। भावों का मिश्रण
जब होता है तो कुछ नया सा महसूस होता है। इस गाने के साथ
भी ऐसा ही कुछ है। इसमे नायक, नायिका को प्यार और शिकायत
भरी धमकी दे रहा है। अब प्यार मिली धमकी कुछ अलग हट के
लिखने वाले ही सोच सकते हैं। साहिर लुधियानवी इन बोलों के लिए
जिम्मेदार हैं और रोशन ने इसकी धुन बनाई है। गायक हैं मुकेश। ये
गीत अपने अलग अंदाज़ के कारण मशहूर हुआ है। नूतन इस गाने में
अपने अभिनय के जौहर दिखा रही हैं। ये गीत ऐसा है कि इसपे शायद
नूतन के अलावा आप और किसी अभिनेत्री की कल्पना नहीं कर सकते।



गाने के बोल

तुम अगर मुझको न चाहो तो कोई बात नहीं
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी

तुम अगर मुझको न चाहो तो कोई बात नहीं
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी

अब अगर मेल नहीं है तो जुदाई भी नहीं
बात तोड़ी भी नहीं तुमने बनाई भी नहीं
यह सहारा ही बहुत है मेरे जीने के लिए
तुम अगर मेरी नहीं हो तो परायी भी नहीं
मेरे दिल को न सराहो, मेरे दिल को न सराहो
तो कोई बात नहीं, तो कोई बात नहीं
गैर के दिल को सराहोगी तो मुश्किल होगी

तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी

तुम हसीं हो तुम्हे सब प्यार भी करते होंगे
में जो मरता हूँ तो क्या और भी मरते होंगे
सबकी आंखों में इसी शोख का तूफ़ान होगा
सबके सीने में यही दर्द उभरते होंगे
मेरे ग़म में न कराहो, मेरे ग़म में न कराहो
तो कोई बात नहीं, तो कोई बात नहीं
और के ग़म में कराहोगी तो मुश्किल होगी
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी

फूल की तरह हंसो सबकी निगाहों में रहो
अपनी मासूम जवानी की पनाहों में रहो
मुझको वो दिन न दिखाना तुम्हें अपनी ही कसम
मैं तरसता रहूँ तुम गैर की बाहों में रहो
तुम जो मुझसे न निबाहो, तुम जो मुझसे न निबाहो
तो कोई बात नही, तो कोई बात नही
किसी दुश्मन से निबाहोगी तो मुश्किल होगी
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी

तुम अगर मुझको न चाहो तो कोई बात नहीं
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी
.....................................
Tum agar mujhko na chaho-Dil hi to hai 1963

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP