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Aug 14, 2017

चाँद को क्या मालूम-लाल बंगला १९६६

फिल्म लाल बंगला से आपको रफ़ी का गाया हुआ एक गीत
सुनवाया था पहले. अब सुनते हैं इस फिल्म का सर्वाधिक
लोकप्रिय गीत जिसे मुकेश ने गाया है. उषा खन्ना जैसा कि
हम पहले आपको बता चुके हैं, एक हतप्रभ, चम्तकृत करने
वाली संगीत निर्देशक हैं. वो कब कौनसा हिट गीत बना दें ये
आम जनता के लिए पहेली सा होता था.

उन्होंने काफी सारे लोकप्रिय गीतों का सर्जन किया है. प्रस्तुत
गीत में घोड़े की टाप वाली ताल का प्रयोग हुआ है. कुछ लोग
ऐसे मानते हैं कि ये ओ पी नैयर की स्टाइल वाला है, मेरा
विचार थोडा भिन्न है इस मामले में.

उषा खन्ना के गीतों में वाद्य यंत्रों की जमावट श्वेत श्याम युग
में कल्याणजी आनंदजी वाले अंदाज़ से मेल खाती थी. शत
प्रतिशत तो नहीं मगर काई सारे गीतों में. कुछ एक गीतों में वे
ओ पी नैयर जैसा सुनाई देतीं.

प्रस्तुत गीत गुलशन बावरा ने लिखा है. इसे फिल्म के निर्देशक
जुगल किशोर और जयंती नामक नायिका पर फिल्माया गया
है. नायिका के चहरे के भाव गीत के पहले हिस्से में परिपक्व
व्यक्ति जैसे हैं, गीत के मध्य में मंद बुद्धि बच्चों जैसे दिखलाई
दे रहे हैं और गीत के अंत में किसी ठीक ठाक अभिनय करने
वाली हीरोईन जैसे. निर्देशक ने उससे इतनी कसरत क्यूँ करवाई
ये समझ के बाहर है.



गीत के बोल:

चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
वो बेचारा दूर से देखे वो बेचारा दूर से देखे
करे न कोई शोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर

दूर से देखे और ललचाये
प्यास नज़र की बढ़ती जाये बढ़ती जाये
बदली क्या जाने है पागल
किसके मन का मोर                
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर

साथ चले तो साथ निभाना
मेरे साथी भूल ना जाना भूल ना जाना
मैने तुम्हारे हाथ में दे दी
अपनी जीवन डोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
वो बेचारा दूर से देखे वो बेचारा दूर से देखे
करे न कोई शोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
...........................................................
Chand ko kya maloom-Lal Bangla 1965

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Aug 6, 2016

हसीन वादियों-लाल बंगला १९६६

कुछ अलग हट के सुनाई देने वाले मधुर गीतों में ये शुमार
है फिल्म लाल बंगला का रफ़ी का गाया रोमांटिक गीत. ये
काफी खुशनुमा और अतिश्योक्ति से भरा ये गीत लिखा है
गुलशन बावरा ने. इसकी धुन बनायीं है उषा खन्ना ने.

यूँ तो रफ़ी के सबसे बड़े फैन इस गीत को सुनते आये होंगे,
मगर आम जनता से इस गीत का परिचय तब हुआ जब
एच एम् वी ने ‘रेयर जेम्स’ नाम का दो कैसेट का संग्रह
निकाला जो बाद में सी डी में भी आया. उसमें ये गीत भी
शामिल था.

फिल्म लाल बंगला की स्टारकास्ट कुछ यूँ है- पृथ्वीराज कपूर,
शेख मुख्तार, सुजीत कुमार, श्यामा, मोहन चोटी, हीरालाल,
राजन हक्सर, रचना, जयंती और जुगल किशोर. फिल्म के
निर्देशक जुगल किशोर हैं जिनकी कई फिल्मों में उषा खन्ना
का संगीत है. फिल्म का निर्माण भी उन्हीं की संस्था ने किया
था. 

प्रस्तुत गीत सुजीत कुमार पर फिल्माया गया है. आपको कुछ
पोस्ट पहले हमने सुजीत कुमार पर फिल्माए गए किशोर के
गाये एक दुर्लभ गीत से मिलवाया था.

गीत के बोल:

हसीन वादियों
फिजाओं से कह दो हवाओं से कह दो
मेरा यार मेरा प्यार ले के आया है
हसीन वादियों

सूरत है भोली सी कातिल हर एक अदा
दिल-ओ-जान से हुआ हूँ मैं तो उसपे फ़िदा
कोई जाने ना जाने कोई माने ना माने
मैं तो कहता हूँ उनको खुदाओं का खुदा
मेरा यार मेरा प्यार
मेरा यार मेरा प्यार
वो तो आँखों में खुमार ले के आया है
हसीन वादियों

कली से है नाज़ुक फूलों से भी हसीन
मेरे यार जैसा कोई भी ज़माने में नहीं
उस जैसी नाजनी उस जैसी दिलनशीं
दिया ले के भी ढूंढो तो मिलेगी ना कहीं
मेरा यार मेरा प्यार
मेरा यार मेरा प्यार
वो तो दिल का करार ले के आया है
हसीन वादियों

डाली जैसे तो लचकती है पतली कमर
शरमाये भी ज़रा घबराये भी ज़रा
अभी प्यार की राहों में नया नया है सफर
मेरा यार मेरा प्यार
मेरा यार मेरा प्यार
वो तो उम्मीदों का निखार ले के आया है
हसीन वादियों
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Haseen Wadiyon-Lal Bangla 1966

Artist: Sujit Kumar

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