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Feb 13, 2017

रोज़ अकेली आए–मेरे अपने १९७१

१९७१ की फिल्म मेरे अपने गुलज़ार के निर्देशन कैरियर का
डेब्यू था. फिल्म बंगाली फिल्म अपनजन का रिमेक थी. मूल
बंगला फिल्म ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था सर्वश्रेष्ठ फिल्म का.
जो रोल छाया देवी ने बंगला फिल्म में निभाया था वो हिंदी
फिल्म में मीना कुमारी ने निभाया. मीना कुमारी की ये अंतिम
हिंदी फिल्म थी.

फिल्म मेरे अपने से सुनते हैं अगला गीत लता मंगेशकर का
गाया हुआ. गुलज़ार के बोल हैं और सलिल चौधरी का संगीत.



गीत के बोल:

रोज़ अकेली आए  रोज़ अकेली जाए
रोज़ अकेली आए  रोज़ अकेली जाए
चाँद कटोरा लिए भिखारन रात
रोज़ अकेली आए  रोज़ बेचारी जाए

जोगन जैसी लागे  न सोये न जागे
जोगन जैसी लागे  न सोये न जागे
गली-गली में जाए भिखारन रात
रोज़ अकेली आए  रोज़ अकेली जाए
चाँद कटोरा लिए भिखारन रात
रोज़ अकेली आए  रोज़ बेचारी जाए

रोज़ लगाए फेरा  है कोई नन्हा सवेरा
रोज़ लगाए फेरा  है कोई नन्हा सवेरा
गोद में भर दो  आई भिखारन रात
रोज़ अकेली आए  रोज़ अकेली जाए
चाँद कटोरा लिए भिखारन रात
रोज़ अकेली आए  रोज़ बेचारी जाए
………………………………………………..
Roz akeli aaye-Mere apne 1971

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Jun 14, 2010

कोई होता जिसको अपना-मेरे अपने १९७१

किशोर कुमार के गाये शानदार दर्द भरे गीतों में से एक है फिल्म
मेरे अपने का गीत, जो विनोद खन्ना पर फिल्माया गया है।

फिल्म मेरे अपने का निर्देशन गुलज़ार ने किया है। गीत उन्ही का लिखा
हुआ है और संगीत तैयार किया है सलिल चौधरी ने। सलिल शायद ये गीत
भी मुकेश से गवाना पसंद करते । फिल्म आनंद के लिए उन्होंने मुकेश की
आवाज़ को चुना था। खैर जो भी हुआ हो, किशोर का गाया ये गीत एक मील
का पत्थर बन गया।



गीत के बोल:

कोई होता जिसको अपना
हम अपना कह लेते यारों
पास नहीं तो दूर ही होता
लेकिन कोई मेरा अपना

कोई होता जिसको अपना
हम अपना कह लेते यारों
पास नहीं तो दूर ही होता
लेकिन कोई मेरा अपना

आँखों में नींद ना होती, आंसू ही तैरते रहते
ख्वाबों में जागते हम रात भर

आँखों में नींद ना होती, आंसू ही तैरते रहते
ख्वाबों में जागते हम रात भर

कोई तो गम अपनाता, कोई तो साथी होता

कोई होता जिसको अपना
हम अपना कह लेते यारों
पास नहीं तो दूर ही होता
लेकिन कोई मेरा अपना

भूला हुआ कोई वादा, बीती हुई कुछ यादें
तनहाई दोहराती हैं रात भर

भूला हुआ कोई वादा, बीती हुई कुछ यादें
तनहाई दोहराती हैं रात भर

कोई दिलासा होता, कोई तो अपना होता

कोई होता जिसको अपना
हम अपना कह लेते यारों
पास नहीं तो दूर ही होता
लेकिन कोई मेरा अपना
..................................
Koi hota jisko apna-Mere apne 1971

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