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Dec 25, 2019

आँखों से आँख मिली-मिटटी में सोना १९६०

सन १९६० की फिल्म मिटटी में सोना से एक गीत सुनते
हैं. इसे लिखा है राजा मेहँदी अली खान ने. गीतकार का
नाम मदन मोहन के संगीत वाले गीतों के लिए ज़्यादा
जाना जाता है.

फिल्म से आप आशा भोंसले का गाया हुआ लोकप्रिय गीत
सुन चुके हैं इधर. प्रस्तुत गीत गाया है रफ़ी और आशा ने.
गौरतलब है रफ़ी और आशा के युगल गीतों की संख्या
लाता और रफ़ी के गाये ड्वेटस् से ज़्यादा है लगभग ढाई
गुना.

गीत का मसला पॉपुलर वाला है-मीठी नोक झोंक. रोमांटिक
नोक-झोंक भी कहा जा सकता है इसे.




गीत के बोल:

आँखों से आँख मिली
दिल से दिल टकराने दो
ना बाबा माफ़ करो देर
हुई घर जाने दो
आँखों से आँख मिली
दिल से दिल टकराने दो
ना बाबा माफ़ करो
देर हुई घर जाने दो

क्यूँ इतना घबराती हो
हम जैसे दीवानों से
क्यूँ इतना घबराती हो
हम जैसे दीवानों से
शमा हूँ लेकिन डरती हूँ
तुम जैसे परवानो से
शमा हूँ लेकिन डरती हूँ
तुम जैसे परवानो से
परवाने को ज़ालिम
पास तो अपने आने दो
ना बाबा माफ़ करो
देर हुई घर जाने दो

आँखों से आँख मिली
दिल से दिल टकराने दो
ना बाबा माफ़ करो
देर हुई घर जाने दो

क्या इस दिल की हालत है
तुझको कुछ मालूम नहीं
क्या इस दिल की हालत है
तुझको कुछ मालूम नहीं
तुझको खूब समझती हूँ
मैं इतनी मासूम नहीं
तुझको खूब समझती हूँ
मैं इतनी मासूम नहीं
शर्मीली आँखों को
दिल पर तीर चलाने दो
ना बाबा माफ़ करो
देर हुई घर जाने दो

आँखों से आँख मिली
दिल से दिल टकराने दो
ना बाबा माफ़ करो
देर हुई घर जाने दो

कॉलेज की हर लड़की से
ज़िक्र तुम्हारा करता हूँ
कॉलेज की हर लड़की से
ज़िक्र तुम्हारा करता हूँ
सबसे यही कहते होगे
मैडम तुमपे मरता हूँ
सबसे यही कहते होगे
मैडम तुमपे मरता हूँ
अरे उल्फत में जो कुछ हो
मेरी कसम हो जाने दो
अरे ना बाबा माफ़ करो
देर हुई घर जाने दो
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Aankhon se aankh mili-Mitti mein sona 1960

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Sep 27, 2016

पूछो न हमें हम उनके लिये-मिटटी में सोना १९६०

सुनने सुनाने वाले तीन गीत सुन लिए अब पूछने वाला एक गीत
सुन लेते हैं. क्रियाएँ बदलती रहना चाहिए उससे बोरियत नहीं होती
है.

मेलन्कली गीत सुनते सुनते आदमी दुखी होता चलता है हमारे एक
मित्र का मानना है, वे कहते हैं ग्लेड, ग्लेडर. ग्लेडेस्ट किस्म के गीत
सुनते रहना चाहिए बीच बीच में उससे मन प्रसन्न रहता है.

प्रस्तुत गीत है आशा भोंसले का एक बेहद लोकप्रिय गीत जिसे लिखा
है राजा मेहँदी अली खान ने और इसके संगीतकार हैं ओ पी नैयर.
राजा मेहँदी ने ओ पी नैयर के साथ ज्यादा काम नहीं किया है.

गीत का वीडियो उपलब्ध नहीं है ये अफ़सोस की बात है. ऑडियो सुन
कर काम चला लेते हैं. इसमें भी केवल एक अन्तरा मौजूद है. पूरा
गीत सुन पाना एक दुर्लभ अनुभव है.




गीत के बोल:

पूछो न हमें हम उनके लिये
क्या क्या नज़राने लाये हैं
देने को मुबारकबाद उन्हें
आँखों में ये आँसू आये हैं
पूछो न हमें हम उनके लिये
क्या क्या नज़राने लाये हैं
देने को मुबारकबाद उन्हें
आँखों में ये आँसू आये हैं

पूछो न हमें हम उनके लिये

जीवन की सुहानी राहों में
उनको एक जीवन मीत मिला
जीवन की सुहानी राहों में
उनको एक जीवन मीत मिला
और हँसती हुई इस महफ़िल से
हमको बिरहा का गीत मिला
कलियों की तरह मुसकाये थे हम
कलियों की तरह मुसकाये थे हम
फूलों की तरह मुरझाये हैं

पूछो न हमें हम उनके लिये

तूफ़ान हज़ारों साथ लिए
जीवन की धारा बहती है
तूफ़ान हज़ारों साथ लिए
जीवन की धारा बहती है
और देख के उसकी मौजों को
तक़दीर ये हँसकर कहती है
साहिल के लिए जो  तड़पे थे
साहिल के लिए जो तड़पे थे
वह आज भँवर में आए हैं

पूछो न हमें हम उनके लिये
क्या क्या नज़राने लाये हैं
देने को मुबारकबाद उन्हें
आँखों में ये आँसू आये हैं
पूछो न हमें हम उनके लिये
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Poochho na hamen ham unke liye-Mitti mein sona 1960

Artist: Mala Sinha

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