Showing posts with label Pyar Kiye ja. Show all posts
Showing posts with label Pyar Kiye ja. Show all posts

Jun 7, 2011

फूल बन जाऊँगा-प्यार किये जा १९६६

राजेंद्र कृष्ण का गीत और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का संगीत ? और तो और
शशि कपूर पर महेंद्र कपूर की आवाज़। कुछ अटपटा कोम्बिनाशन है ना।
जो भी हो, ये गीत बढ़िया बन पड़ा है और खासा लोकप्रिय हुआ था। साथ
में आवाज़ है लता मंगेशकर की। शशि के साथ जो खाते पीते घर की
अभिनेत्री हैं उनका नाम है-राजश्री, ये दक्षिण भारत की अभिनेत्री हैं। इस
फिल्म में दो बड़े नामी हास्य कलाकार मौजूद हैं-महमूद और किशोर कुमार।
किशोर कुमार तो फिल्म में नायक हैं और उनकी जोड़ी जमाई गई है कल्पना
के साथ। सभी अभिनेत्रियाँ इस फिल्म की सेहतमंद और तंदुरुस्त हैं।



गीत के बोल:

फूल बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
फूल बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
अपनी जुल्फों में मुझको सजा लीजिये
अपनी जुल्फों में मुझको सजा लीजिये
ख्वाब बन जाऊंगी शर्त ये है मगर
ख्वाब बन जाऊंगी शर्त ये है मगर
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये

कभी कभी सोचूं की तुम मेरे क्या हो
कभी कभी सोचूं की तुम मेरे क्या हो
दर्द हो दिल का, आ आ आ आ आ आ आ
दर्द हो दिल का या तुम दवा हो
दर्द बान जाऊँगा शर्त ये है मगर
दर्द बान जाऊँगा शर्त ये है मगर
दर्द-ए-दिल की मुझी से दवा लीजिये
दर्द-ए-दिल की मुझी से दवा लीजिये
ख्वाब बन जाऊंगी शर्त ये है मगर
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ
तुमने चाह था अफसाना मैं बन गया
तुमने चाह था अफसाना मैं बन गया
बैठे बिथ्लाये दीवाना मैं बन गया
होश में लूंगी, शर्त ये है मगर
होश में लूंगी, शर्त ये है मगर
इक सिवा मेरे सब कुछ भुला दीजिये
इक सिवा मेरे सब कुछ भुला दीजिये
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये

दुनिया में मेरी जो तुम ही ना आते
दुनिया में मेरी जो तुम ही ना आते
गीत हमारे ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
गीत हमारे सितारे ना गाते
गीत बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
गीत बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
अपने कानों में मुझको जगह दीजिये
अपने कानों में मुझको जगह दीजिये
ख्वाब बन जाऊंगी शर्त ये है मगर
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये

फूल बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
अपनी जुल्फों में मुझको सजा लीजिये
अपनी जुल्फों में मुझको सजा लीजिये

................................
Phool ban jaoonga-Pyar kiye ja 1966

Read more...

Oct 23, 2009

गोरे हाथों पे न ज़ुल्म करो-प्यार किए जा १९६६

शशि कपूर के ऊपर फिल्माया गया और रफी का गाया हुआ
एक हल्का फुल्का गीत पेश है। 'प्यार किए जा' फ़िल्म का ये गीत
थोड़ा कम लोकप्रिय था मगर सुनने में लाजवाब है। 'प्यार किए जा'
एक कॉमेडी फ़िल्म है जिसमे शशि कपूर और किशोर कुमार हीरो
हैं । गाने की धुन बनाई है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने। इस फ़िल्म के और
गीतों पर जिक्र आगे होगा, पढ़ते रहिये ये ब्लॉग
-हिन्दी फ़िल्म संगीत का खजाना।



गाने के बोल:

गोरे हाथों पे न ज़ुल्म करो
हाज़िर है ये बंद हुकम करो

गोरे हाथों पे न ज़ुल्म करो
हाज़िर है ये बंद हुकम करो

ओ, गोरे हाथों पे न ज़ुल्म करो
हाज़िर है ये बंद हुकम करो

तुम्हारी कंवारी कलाई को दाग न लगे

गोरे हाथों पे न ज़ुल्म करो
हाज़िर है ये बंद हुकम करो

जानेमन इन हाथों में तो मेहँदी का रंग लगना है
हाय, प्यार की रंगत से तेरा नाज़ुक अंग अंग सजना है

है कौन सी ऐसी मजबूरी
जो हुस्न करे ये मजदूरी

तुम्हारी कंवारी कलाई को दाग न लगे
गोरे हाथों पे न ज़ुल्म करो
हाज़िर है ये बंद हुकम

महलों की तुम रानी हो मैं प्रीत नगर का शहजादा
बाँट ले हम क्यूँ न दोनों धन अपना आधा आधा

हम काम करें तुम राज़ करो मंज़ूर तो हाथ पे हाथ धरो
तुम्हारी कंवारी कलाई को दाग न लगे

गोरे हाथों पे न ज़ुल्म करो
हाज़िर है ये बंद हुकम करो

गुस्से में जो उलझी है आओ तो वो लट मैं सुलझा दूँ
हाय, छेड़े जो जुल्फें तेरी उस शोख हवा को रुकवा दूँ

देखो न यूँ ऑंखें मॉल मॉल के, पड़ जायेंगे धब्बे काजल के

तुम्हारी कंवारी कलाई को दाग न लगे

गोरे हाथों पे न ज़ुल्म करो
हाज़िर है ये बंद हुकम करो
...............................
Gore hathon par na zulm karo-Pyar kiye ja 1966

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP