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Sep 1, 2017

मधुबन ख़ुशबू देता है-साजन बिना सुहागन १९७८

सन १९७८ का एक लोकप्रिय हिट गीत सुनते हैं. फिल्म का नाम है
साजन बिना सुहागन. सावन कुमार टाक फिल्म के निर्माता हैं.
सावन कुमार ने कई गीत भी लिखे हैं. कहा जाता है उनके गीतों में
सावन शब्द ज़रूर आता है.

प्रस्तुत गीत के लेखक इन्दीवर हैं मगर इस गीत में भी सावन
शब्द आता है और रिपीट हुआ है कई बार. उषा खन्ना का संगीत है
और येसुदास की आवाज़. फिल्म में ये गीत तीन बार प्रकट होता है.





गीत के बोल:

मधुबन ख़ुशबू देता है सागर सावन देता है
जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है
मधुबन ख़ुशबू देता है

सूरज न बन पाए तो  बन के दीपक जलता चल
सूरज न बन पाए तो  बन के दीपक जलता चल
फूल मिलें या अँगारे  सच की राहों पे चलता चल
सच की राहों पे चलता चल
प्यार दिलों को देता है  अश्कों को दामन देता है
जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है

मधुबन ख़ुशबू देता है सागर सावन देता है
मधुबन ख़ुशबू देता है

चलती है लहरा के पवन  के साँस सभी की चलती रहे
चलती है लहरा के पवन  के साँस सभी की चलती रहे
लोगों ने त्याग दिये जीवन  के प्रीत दिलों में पलती रहे
के प्रीत दिलों में पलती रहे
दिल वो दिल है जो औरों को  अपनी धड़कन देता है
जीना उसका जीना है  जो औरों को जीवन देता है

मधुबन ख़ुशबू देता है सागर सावन देता है
मधुबन ख़ुशबू देता है
.................................................................
Madhuban khushboo deta hai-Sajanbina suhagan 1978

Artists: Padmini Kolhapure, Rajendra Kumar, Nutan

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Feb 28, 2017

कैसे जीत लेते हैं लोग दिल-साजन बिना सुहागन १९७८

इस गीत के लिए एक ही शब्द है-लाजवाब. पसंद अपनी
अपनी ख्याल अपना अपना. इन्दीवर के गीत के लिए
बढ़िया धुन बनायीं है उषा खन्ना ने. उषा खन्ना के बारे
में एक बात सुनी जाती थी कि वे गीतकार को सम्मान
देते हुए गाने की धुनें बाद में ही तैयार करना पसंद
करतीं थीं.

इस गीत के साथ मजेदार वाकया है, इसके अंतरे के बोलों
की जगह हम चक्के में चक्का, चक्के में गाडी फिट करके
गाया करते थे. मोहल्ले के एक शंकर जयकिशन भक्त वक्र
दृष्टि से हमें देखा करते थे. उनकी वक्र दृष्टि पर हम ज्यादा
ध्यान इसलिए नहीं देते थे क्यूंकि हमें उनसे गाने सुनने
का काम पड जाता था कभी कभी. उनके पास चोगे वाला
भोंपू जो था जिसके अंदर देख के कुत्ता भौंकता था किसी
ज़माने में. 



गीत के बोल:

कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का
कोई तो सिका दे हमें प्यार का सलीका
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का

कोई महबूबा हमको चाहे
प्यार के वादे कर के निभाये
आँखों में ये ख्वाब लिए हम
सारे जहाँ में भटका किये हम
हाय रे दिल की कमनसीबी
हमको दिल मिला ना किसी रूप की कली का
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का
कोई तो सिका दे हमें प्यार का सलीका
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का

हमने ना देखा जुल्फों का सावन
हमने ना थामा किसी का दामन
ले के चले कोई हमको वहाँ पर
रहते हैं दिलदार जहाँ पर
हाय रे दिल की कमनसीबी
हमको ना मिला पता दिलदार की गली का

कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का
कोई तो सिका दे हमें प्यार का सलीका
कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का
……………………………………………………….
Kaise jeet lete hain log dil kisi ka-Saajan bina suhagan 1978

Artists: Vinode Mehra, Aarti Chopra

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