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Aug 10, 2017

चक दे इंडिया-चक दे इंडिया २००७

बॉलीवुड सिनेमा ज़्यादातर एक ढर्रे पर चला करता है जिसका नाम
है-मसाला फ़िल्में. इसके अलावा सामानांतर सिनेमा होता है जिसकी
फ़िल्में कब आयीं कब गयीं मालूम करना मुश्किल होता है.

खेल प्रधान फ़िल्में कम बनी हैं अभी तक. जितनी भी बनी हैं वे
मसलों से भरपूर रही हैं मसलन गानों से लबालब, प्यार इश्क के
चर्चों से पटी पड़ीं फ़िल्में. सन २००७ की फिल्म चक दे इण्डिया
इस मामले में थोड़ी अलग फिल्म है जिसमें खेल पर काफी ध्यान
दिया गया है. एक अच्छा और सार्थक प्रयास है जिसकी चहुँ-ओर
सराहना हुई. इसकी सफलत इस बात का संकेत भी है कि दर्शक
अब गंभीर विषयों पर बनी फ़िल्में भी देखना चाहता है.

एक प्रश्न ज़रूर मन में कौंधता है अगर शाहरुख खान की जगह इस
फिल्म में कोई और कम जाना पहचाना नायक होता तब भी क्या ये
फिल्म उतनी ही सफल होती ?

सुनें इस फिल्म से जयदीप साहनी का लिखा और सलीम-सुलेमान
द्वारा संगीतबद्ध सुखविंदर और सलीम मर्चेंट का गाया एक गीत जो
काफी लोकप्रिय हुआ था.



गीत के बोल:

कुछ करिए  कुछ करिए
नस नस मेरी खोले  हाय कुछ करिए
कुछ करिए  कुछ करिए
बस बस बड़ा बोले  अब कुछ करिए
हो कोई तो चल ज़िद्द फड़िए  तू बिदरिये या मरिये
चक दे हो चक दे इंडिया
चक दे हो चक दे इंडिया

कुचों में गलियों में  राशन की फलियों में
बैलों में बीजों में  ईदों में तीजों में
रेतों के दानों में  फिल्मों के गानों में
सड़को के गड्ढों में  बातों के अड्डों में
हुंकारा आज भर ले  दस बारह बार कर ले
रहना ना यार पीछे  कितना भी कोई खींचे
टस है ना मस है जी  ज़िद है तो ज़िद है जी
किसना यूँ ही  पिसना यूँ ही  पिसना यूँ ही
बस करिए
कोई तो चल ज़िद्द फड़िए  तू बिदरिये या मरिये
चक दे हो चक दे इंडिया
चक दे हो चक दे इंडिया

लड़ती पतंगों में  भिड़ती उमँगों में
खेलों के मेलों में  बलखाती रेलों में
गन्नों के मीठे में  खद्दर में  झींटें में
ढूँढो तो मिल जावे  पत्ता वो ईंटों में
रंग ऐसा आज निखरे  और खुलके आज बिखरे
मन जाए ऐसी होली  रग-रग में दिल के बोली
टस है ना मस है जी  ज़िद है तो ज़िद है जी
किसना यूँ ही  पिसना यूँ ही  पिसना यूँ ही
बस करिए
कोई तो चल ज़िद्द फड़िए  तू बिदरिये या मरिये
चक दे हो चक दे इंडिया
चक दे हो चक दे इंडिया
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Chak de India-Tite song 2007

Artists: Sharukh Khan

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Aug 24, 2016

आशाएँ खिलें दिल की-इक़बाल २००६

नए ज़माने की फिल्म से एक आशावादी गीत सुनते हैं.
ये है फिल्म इकबाल से जिसे के के और क्लिंटन सेरेजो
ने गाया है. श्रेयस तलपड़े और नसीरूदीन शाह पर इसे
फिल्माया गया है.

गीत लिखा है इरफ़ान सिद्दीकी ने और इसे संगीत में बाँधा
है सलीम सुलेमान ने.



गीत के बोल:

आशाएं आशाएं आशाएं
आशाएं आशाएं आशाएं

कुछ पाने की हो आस आस
कुछ अरमां हो जो ख़ास ख़ास
आशाएं आशाएं आशाएं

हर कोशिश में हो वार वार
करे दरियाओं को आर पार
आशाएं आशाएं आशाएं

तूफानों को चीर के
मंजिलों को छीन ले
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

उड़ जाए ले के ख़ुशी
अपने संग तुझको वहाँ
जन्नत से मुलाक़ात हो
पूरी हो तेरी हर दुआ

आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी

आशाएं आशाएं आशाएं

गुज़रे ऐसी हर रात रात
हो ख्वाहिशों से बात बात
आशाएं आशाएं आशाएं
ले कर सूरज से आग आग
गाये जा अपना राग राग
आशाएं आशाएं आशाएं
कुछ ऐसा करके दिखा
खुद खुश हो जाए खुदा

आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आशाएं....उम्मीदें
……………………………………………………
Ashayen khilen dil ki-Iqbal 2006

Artists: Shreyas Talpade, Naseeruddin Shah, Shweta Prasad, Pratiksha Lonkar

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Jan 18, 2015

लफ़्ज़ों से जो था....दरमियान- जोड़ी ब्रेकर्स २०१२

दरमियान-इस शब्द को लोकप्रियता दिलाने में इसी नामसे आई एक
फिल्म का योगदान भी है थोडा सा. इसीशब्द का प्रयोग २०१२ की फिल्म
जोड़ी ब्रेकर्स के एकगीत में हुआ है. गीत इस शब्द से शुरू नहीं होता पर
ये इसी शब्द से जाना पहचाना जाता है.

पहले के समयमें ये ट्रेंड नहीं था. गीत अपने मुखड़े के शुरूआती बोलों
से ही पहचाना जाता था. इरशाद कामिल ने बोल लिखे हैं और संगीत
एक नयी जोड़ी का है-सलीम सुलेमान.

गायक हैं शफ़कत अमानत अली खान और क्लिंटन सेरेजो. इस गीत
को फिल्माया गया है माधवन और बिपाशा बसु पर.




गीत के बोल:

लफ़्ज़ों से जो था परे
खालीपन को जो भरे
कुछ तो था तेरे मेरे दरमियाँ
रिश्ते को क्या मोड़ दूं
नाता ये अब तोड़ दूं
या फ़िर यूँ ही छोड़ दूं दरमियाँ
बेनाम रिश्ता वो
बेचैन करता जो
हो ना सके जो बयां दरमियाँ
दरमियाँ दरमियाँ
दरमियाँ दरमियाँ
कुछ तो था तेरे मेरे दरमियाँ
दरमियाँ दरमियाँ
दरमियाँ दरमियाँ
कुछ तो था तेरे मेरे दरमियाँ

Oh its a special feeling
These moments between us
How will I live without you

Oh its a special feeling
These moments between us
How will I live without you


आँखों में तेरे साये
चाहूँ तो हो ना पाए
यादों से तेरी फासला
जा के भी तु ना जाये
ठहरी तू दिल में हाय
हसरत सी बन के क्यूँ भला
क्यूँ याद करता हूँ
मिटता हूँ, बनता हूँ
मुझको तू लायी ये कहाँ
बेनाम रिश्ता वो
बेनाम रिश्ता वो, बेचैन करता जो
हो न सके बयाँ जो दरमियाँ
दरमियाँ, दरमियाँ
दरमियाँ, दरमियाँ
कुछ तो था तेरे मेरे दरमियाँ
दरमियाँ दरमियाँ
दरमियाँ दरमियाँ
कुछ तो था तेरे मेरे दरमियाँ

Hard for us to say
It was so hard for us to say
Can't close a day by day
But Then the world's got me in way
दरमियाँ


चलते थे जिनपे हम-तुम
रास्ते वो सारे हैं गुम
अब ढूँढूँ कैसे मंजिलें
रातें हैं जैसे मातम
आते हैं दिन भी गुमसुम
रूठी हैं सारी महफ़िलें
इतना सताओ ना
यूँ याद आओ आना
बन जाये आँसू ही जुबां

बेनाम रिश्ता वो, बेचैन करता जो
हो न सके बयाँ जो दरमियाँ
दरमियाँ, दरमियाँ
दरमियाँ, दरमियाँ
कुछ तो था तेरे मेरे दरमियाँ
दरमियाँ दरमियाँ
दरमियाँ दरमियाँ
कुछ तो था तेरे मेरे दरमियाँ
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Lafzon se jo tha pare….darmiyan-Jodi breakers 2012

Artists: Madhavan, Bipasha Basu

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