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May 5, 2020

तू जाने ना-अजब प्रेम की गज़ब कहानी २००९

सुनते हैं अजब प्रेम की गज़ब कहानी से एक सोलो गीत
आतिफ असलम की आवाज़ में. गीत ख्यालों में चल रहा
है और ख्यालों की कोई सीमा या बंदिश नहीं होती. वो
रोम के कोलेसियम में जा सकता है तो दूसरे की क्षण वो
बर्फीले रेगिस्तान में सफ़ेद भालुओं से गले लग सकता है.

गीत में एक चीज़ दिखलाई गयी है टूटे तारे को देख कर
इच्छा करना. कहते हैं इस वक्त जो माँगा जाये वो प्राप्त हो
जाता है. प्रकृति उसकी व्यवस्था करती है आपके लिए.

विज्ञान के हिसाब से जो तारों की चमक हम वर्त्तमान में
देख रहे होते हैं उसे प्रकट हुए जाने कितने साल बीत चुके
होते हैं. प्रकाश को धरती तक आने में लगने वाले समय
की गणना करें तो ये सैकड़ों साल तक हो सकता है.

दो स्टाईल्स की गायकी का संगम है इस गीत में. एक
तो नॉर्मल वाली और दूसरी आतिफ असलम की टिपिकल.
आतिफ असलम के अलावा जो दूसरी आवाजें हैं इस गीत
में उनका कोई जिक्र नहीं है विवरण में.

गीत इरशाद कामिल का है और संगीत प्रीतम का.




गीत के बोल:

कैसे बतायें क्यूँ तुझको चाहे यारा बता न पायें
बातें दिलों की देखो जो बाकी आँखें तुझे समझाये
तू जाने ना तू जाने ना
तू जाने ना तू जाने ना

मिल के भी हम न मिले तुमसे न जाने क्यूँ
मीलों के है फासले तुमसे न जाने क्यूँ
अनजाने है सिलसिले तुमसे न जाने क्यूँ
सपने हैं पलकों तले तुमसे न जाने क्यूँ

कैसे बतायें क्यूँ तुझको चाहे यारा बता न पायें
बातें दिलों की देखो जो बाकी आँखें तुझे समझाये
तू जाने ना तू जाने ना
तू जाने ना तू जाने ना

निगाहों में देखो मेरी जो है बस गया
वो है मिलता तुमसे हू-ब-हू
ओ ओ ओ
जाने तेरी आँखें थी या बातें थी वजह
हुये तुम जो दिल की आरजू
तुम पास हो के भी तुम आस हो के भी
एहसास हो के भी अपने नहीं
ऐसे हैं हमको गिले तुमसे न जाने क्यूँ
मीलों के है फासले तुमसे न जाने क्यूँ
तू जाने ना तू जाने ना
तू जाने ना तू जाने ना
जाने ना जाने ना जाने ना जाने ना

ख्यालों में लाखों बातें यूं तो कह गया
बोला कुछ ना तेरे सामने
हो ओ ओ हुए न बेगाने भी तुम हो के और के
देखो तुम न मेरे ही बने
अफ़सोस होता है दिल भी ये रोता है
सपने संजोता है पगला हुआ
सोचे ये हम थे मिले तुमसे न जाने क्यूँ
मीलों के हैं फासले तुमसे न जाने क्यूँ
अनजाने हैं सिलसिले तुमसे न जाने क्यूँ
सपने हैं पलकों तले तुमसे न जाने क्यूँ

कैसे बतायें क्यूँ तुझको चाहे यारा बता न पायें
बातें दिलों की देखो जो बाकी आँखें तुझे समझाये
तू जाने ना तू जाने ना
तू जाने ना तू जाने ना
तू जाने ना तू जाने ना
………………………………………………………………..
Too jaane na-Ajab prem ki ghazab kahani 2009

Artists: Ranveer Kapoor, Katrina Kaif

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Apr 29, 2020

पालने में...मासूम सा-मदारी २०१६

नश्वर संसार है. जिसे आना है उसे जाना भी है किंतु कुछ
तो ऐसा है जिससे हमें किसी व्यक्ति विशेष के जाने पर
ज्यादा दुःख होता है.

जीवन सभी जीते हैं मगर सार्वजनिक जीवन में अपनी
सार्थकता आम जनता को महसूस कराने वाले बहुत कम
लोग होते हैं. ये आपको हर क्षेत्र में मिलेंगे जो प्रसिद्धि
की परवाह किये बिना अपना कार्य निरंतर करते रहते
हैं और दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बन जाते हैं.

फिल्म संसार में कुछ लोग कम आयु में इस दुनिया को
अलविदा कह चले. इरफ़ान खान भी ऐसी शख्सियत का
नाम है जिनसे आम जनता को काफ़ी सारी उम्मीदें थीं
फिल्मों की सार्थकता बढाने में उनके और योगदान की.

परदे पर उनकी उपस्थिति प्रभावशाली हुआ करती है. एक
छोटे से २० सेकण्ड के विज्ञापन में भी वे कुछ अलग कर
जाया करते थे.

बरसों पहले स्मिता पाटिल के असामयिक अवसान से भी
कुछ इसी तरह का दुःख उपजा था. स्मिता तो बहुत ज़ल्दी
ही दुनिया छोड़ चली थीं मात्र ३३ वर्ष की आयु में.शायद
विधि के ऐसे ही वाक्यों को हम क्रूर नियति कहते हैं.

एक गीत सुनते हैं फिल्म मदारी से. सुखविंदर की आवाज़
है, इरशाद कामिल के बोल और सनी-इन्दर बावरा का संगीत.




गीत के बोल:

पालने में चाँद उतरा खूबसूरत ख्वाब जैसा
गोद में उसको उठाता तो मुझे लगा था वैसा
सारा जहाँ मेरा हुआ
सारा जहाँ मेरा हुआ
सुबह के वो पहली दुआ या फूल रेशम का
मासूम सा मासूम सा
मेरे आसपास था मासूम सा
मेरे आसपास था मासूम सा

एक कमरा था मगर सारा ज़माना था वहाँ
खेल भी थे और खुशी दोस्ताना था वहां
चारदीवारों में रहती थी हजारों मस्तियाँ
थे वही पतवार भी सागर भी थे और कश्तियाँ
थे वही पतवार भी सागर भी थे और कश्तियाँ

मेरी तो वो पहचान था
मेरी तो वो पहचान था या यूँ कहो के जान था वो
चाँद आँगन का

मासूम सा मासूम सा
मेरे आसपास था मासूम सा
मेरे आसपास था मासूम सा
हो मासूम सा
…………………………………..
Palne mein…masoom sa-Madari 2016

Artist: Irfan Khan

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Mar 13, 2018

सजदे किये हैं-खट्टा मीठा २०१०

अक्षय कुमार पर फिल्माया गया एक गीत सुनते हैं फिल्म
खट्टा मीठा से. इसे अक्षय कुमार और तृषा कृष्णन पर
फिल्माया गया है. तृषा कृष्णन दक्षिण भारत की फिल्मों में
एक जाना पहचाना नाम है.

ऊंचे सुरों पर गाने के मामले में प्रवीण दो गायकों ने इसे
गाया है-के के और सुनिधि चौहान. इरशाद कामिल के बोल
हैं और प्रीतम का संगीत. बोल अलग हट के और अच्छे हैं
इस गीत के.



गीत के बोल:

तुम ता ना ना ना दे रे ना ना दे रे ना ना
सजदे किये हैं लाखों लाखों दुवायें मांगी
पाया है मैंने फिर तुझे
चाहत की तेरी मैंने हक में हवाएं मांगी
पाया है मैंने फिर तुझे
तुझसे ही दिल ये बहला तू जैसे करमा पहला
चाहूँ ना फिर क्यूँ मैं तुझे

जिस पल ना चाहूँ तुझको उस पल सजाएँ मांगीं
पाया है मैंने फिर तुझे
हो ओ ओ सजदे किये हैं लाखों लाखों दुवायें मांगी
पाया है मैंने फिर तुझे

जाने तू सारा वो दिल में जो मेरे हो
पढ़ ले तू आँखें हर दफ़ा
नखरे से ना जी भी होते हैं राज़ी भी
तुझसे ही होते हैं खफ़ा
जाने तू सारा वो दिल में जो मेरे हो
पढ़ ले तू आँखें हर दफ़ा
नखरे से ना जी भी होते हैं राज़ी भी
तुझसे ही होते हैं खफ़ा
जाने तू बातें सारी कटती हैं रातें सारी
जलते दिए से अनबुझे
उठ उठ के रातों को भी तेरी वफाएं मांगी
पाया है मैंने फिर तुझे
सजदे किये हैं लाखों लाखों दुवायें मांगी
पाया है मैंने फिर तुझे

चाहत के काजल से किस्मत के कागज़ पे
अपनी वफाएं लिख ज़रा
बोले ज़माना यूँ मैं तेरे जैसा हूँ
तू भी तो मुझसा दिख ज़रा
मेरा ही साया है तू मुझमें समाया है तू
हर पल ये लगता है मुझे
खुद को मिटाया मैंने तेरी बलाएँ मांगी
पाया है मैंने फिर तुझे
ओ ओ ओ चाहे तू चाहे मुझको ऐसी अदाएं मांगी
पाया है मैंने फिर तुझे
............................................................
Sajde kiye hain lakhon-Khatta Meetha 2010

Artists: Akshay Kumar, Trisha Krishnan

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Aug 3, 2017

कल मीरा तडपी...... साइयां-गुंडे २०१४

संगीतकार सोहेल सेन के संगीत वाला एक गीत सुनते हैं.
फिल्म वही है जिसमें ‘तूने मारी एंट्रियां’ गीत है.

फिल्म: गुंडे
वर्ष: २०१४
गीतकार: इरशाद कामिल
गायक: शहीद मलैया
संगीत: सोहेल सेन



गीत के बोल:

कल मीरा तडपी कान्हा को
सब लाज समाज गंवाई रे
अब प्रेम में तड़पन तरसन की
है बारी कान्हा की आई रे

मोरी जान गई मोरी जान गई
हो ओ ओ तोरा खेल हुआ हो तोरा खेल हुआ
मुझसे मैं रूठा
मुझमें मैं रूठा
ओ मुझसे मैं रूठा
मुझमें मैं टूटा
मुझको मैंने इश्क वफ़ा में
खुद ही है लूटा खुद ही है लूटा
लुट लुट के लुट लुट के
जीना है मरना बांके यार बिना

साइयां हुण मैं की करां साइयां
जीना या मरां साइयां
रब मुझसे खफा साइयां
साइयां हुण मैं की करां साइयां
जीना या मरां साइयां
रब मुझसे खफा साइयां

मुझसे मैं रूठा
मुझमें मैं टूटा
मुझको मैंने इश्क वफ़ा में
खुद ही है लूटा खुद ही है लूटा
लुट लुट के लुट लुट के
जीना है मरना बांके यार बिना

साइयां हुण मैं की करां साइयां
जीना या मरां साइयां
रब मुझसे खफा साइयां
साइयां हुण मैं की करां साइयां
जीना या मरां साइयां
रब मुझसे खफा साइयां

हो सपनों के शीशे टूटे
दुःख की दरार से
चाह के भी निकले ना मन मझधार से
कोई भी ना बोले और कोई भी बुलाये ना
फिर भी आवाजें सुने बादलों के पार से
रूस रूस के रूस रूस के
मन से मन जाना खुद ही यार बिना

साइयां हुण मैं की करां साइयां
जीना या मरां साइयां
रब मुझसे खफा साइयां
साइयां हुण मैं की करां साइयां
जीना या मरां साइयां
रब मुझसे खफा साइयां
……………………………………………………….
Kal Meera tadpi….Saiyan-Gunde 2014

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Apr 16, 2017

भागे रे मन-चमेली २००४

मन चलने से ज्यादा भागता है. सयानों ने अनुभव किया है.
चलायमान से केवल ये मतलब नहीं कि वो केवल चलेगा.
दौड़ने के लिए कोई दौडायमान शब्द नहीं है. घिसटने के
लिएभी यही शब्द इस्तेमाल होता है.

सुनते हैं फिल्म चमेली से एक गीत सुनिधि चौहान का गाया
हुआ. इसे इरशाद कामिल ने लिखा है और इसकी धुन बनाई है
सन्देश शांडिल्य ने.



गीत के बोल:

बहका है मन कहीं
कहाँ जानती नहीं
कोई रोक ले यहीं
भागे रे मन कहीं आगे रे मन
चला जाने किधर जानूं ना

हाँ चले ठँडी हवा
हाँ संग मन भी गया
ढूंढूं मैं कहाँ उसको
बतलाए कोई मुझको
के हाँ हाँ हाँ रे
भागे रे मन

हाँ हाय ऐसा समा
हूँ फिर होगा कहाँ
जी लूं मैं इसे खुल के
सावन में ज़रा घुल के
अरे सुन सुन सुन
भागे रे मन
...................................................
Bhage re man-Chameli 2004

Artists: Rahul Bose, Kareena Kapoor

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Mar 10, 2017

तिनका तिनका ज़रा ज़रा-करम २००५

कर्म, भाग्य, किस्मत इत्यादि पर हर दशक में एक ना एक फिल्म
बन ही जाती है. सन २००४ में बनी थी किस किस की किस्मत जो
अपने ‘किस’ के लिए मशहूर हुई.

फिल्म के सितारों का भी भाग्य और कर्म में अटूट विश्वास होता
है, बस ये थोडा ‘अलग हट के’ होता है. आज सुनते हैं फिल्म करम
से एक गीत. जॉन अब्राहम और प्रियंका चोपड़ा अभिनीत ये फिल्म
सन २००५ में आई थी. फिल्म का यह लोकप्रिय गीत गाया है
मेड इन इण्डिया गर्ल अलीशा चिनॉय ने.

गीत काफी बेहतर तरीके से गवाया गया है और अलीशा की मादक
आवाज़ ने उसे और झकास बना दिया है-ऐसा मैंने सुना एक युवा
के मुखारविंद से इस गीत की प्रशंसा में. धुन ज़रूर आकर्षक है
मगर ये किसी विलायती लहजे में कही गयी कहानी सा लगता
है.

गीत इरशाद कामिल ने लिखा है और विशाल शेखर संगीतकार हैं.




गीत के बोल:

हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा


दिल पे एक नया सा नशा छा गया
खो रहा था जो ख्वाब लौट आ गया
दिल पे एक नया सा नशा छा गया
खो रहा था जो ख्वाब लौट आ गया
ये जो एहसास है जो करार है
क्या इसी का नाम प्यार है
ये जो एहसास है जो करार है
क्या इसी का नाम प्यार है
पूछे दिल थम के ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा,
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा
तिनका तिनका तिनका तिनका
.............................................................
Tinka tinka zara zara-Karam 2005

Artists: Priyanka Chopra, John Abraham

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Mar 2, 2017

मन सात समुंदर डोल गया–चमेली २००४

सन २००४ की चर्चित फिल्म चमेली से एक गीत सुनते हैं.
इसे सुनिधि चौहान गा रही हैं. इरशाद कामिल के बोल हैं
और सन्देश शांडिल्य का संगीत. इस गीत को आपने ढेर
सारी संगीत प्रतियोगिताओं में सुना होगा.

करीना कपूर आज की पीढ़ी की अभिनेत्रियों में से शायद
सबसे अभिनय कुशल अभिनेत्रियों में से एक हैं. उनकी ३-४
फ़िल्में आप देख्नेग तो आपको यकीन हो जायेगा.




गीत के बोल:

मन सात समुंदर डोल गया
जो तू आँखों से बोल गया
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
मन सात समुंदर डोल गया
जो तू आँखों से बोल गया
ले तेरी हो गई यार सजणा वे सजणा
ओ सजणा मेरे यार सजणा वे सजणा
जो सात समुंदर डोल गया
तेरे प्यार में ये दिल जो बोल गया
जो सात समुंदर डोल गया
तेरे प्यार में ये दिल जो बोल गया

ले तेरी हो गई यार सजणा वे सजणा
ओ सजणा मेरे यार सजणा वे सजणा

तुझे भर लूं अपनी आँखों में
इन आँखों को मैं खोलूं ना
खोलूं अपनी बातों में
फिर इस दुनिया से बोलूं ना
भर लूं अपनी आँखों में
इन आँखों को मैं खोलूं ना
खोलूं अपनी बातों में
फिर इस दुनिया से बोलूं ना
मैं देखूं मैं बात करूं
तेरे साथ जियूं तेरे साथ मरूं
मैं देखूं मैं बात करूं
तेरे साथ जियूं तेरे साथ मरूं
ले तेरी हो गई यार सजणा वे सजणा
हो सजणा मेरे यार सजना

तू और किसी का न होना
मैं जीते जी मर जाऊँगी
तेरी ख़ातिर  दुनिया से
अब तन्हा ही लड़ जाऊँगी
तू और किसी का न होना
मैं जीते जी मर जाऊँगी
तेरी ख़ातिर  दुनिया से
अब तन्हा ही लड़ जाऊँगी
मैंने तुझको कहा पिया
ये तन मन तेरे नाम किया
मैंने तुझको कहा पिया
ये तन मन तेरे नाम किया
ले तेरी हो गई यार सजणा वे सजणा
हो सजणा मेरे यार सजना वे सजणा

मन सात समुंदर डोल गया
जो तू आँखों से बोल गया
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
मन सात समुंदर डोल गया
जो तू आँखों से बोल गया
ले तेरी हो गई यार सजणा वे सजणा
ओ सजणा मेरे यार सजणा वे सजणा
.................................................................
Sajna ve sajna-Chameli 2004

Artists: Kareena Kapoor, Rahul Bose

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Mar 1, 2017

पटाखा गुड्डी-हाईवे २०१४

ए आर रहमान उत्तर भारतीय रंगों में भी अच्छे से घुल मिल
गए हैं. इस बदलाव की शुरुआत फिल्म ताल के संगीत के साथ
शुरू हो गयी थी. उसके पहले तक वे टिपिकल दक्षिण भारतीय
संगीतकार जैसे ही सुनाई देते थे. स्ट्राबेरी आँखों से गुलज़ार के
गीतों तक का उनका सफर निरंतर सुधार वाला रहा. पहले
शायद उन्हें हिंदी अच्छी नहीं आती थी तो उनके कुछ गीतों के
बोल अटपटे से लगते थे. ऐसा अक्सर उन फिल्मों के गीतों में
होता जो मूल दक्षिण भाषा में बनी होती थीं और जिनको बाद
में हिंदी में डब किया जाता.

समय के साथ उन्होंने बदलाव अपने संगीत में भी किये जो उत्तर
भारतीय श्रोताओं को लुभाने के लिए काफी हैं. हाइवे के गीत
उन्होंने काफी तबियत से बनाये हैं. आज सुनते हैं पंजाब की
प्रसिद्ध जोड़ी नूरां सिस्टर्स का गाया एक प्रचलित गीत. इस गीत
में ए आर रहमान की आवाज़ भी है साथ में. गीत लिखा है
इरशाद कामिल ने.



गीत के बोल:

हाँ मिट्ठे पान दी गल्लोरी
लट्ठा सूट दा लाहौरी
फट्टे मार दी फिल्लौरी
जुगनी मेल मेल के
कूद फांद के
चक्क चकौटे जावे

मौला तेरा माली
ओ हरियाली जंगल वाली
तू दे हर गाली पे ताली
उसकी कदम-कदम रखवाली
ऐं वे लोक लाज की सोच-सोच के
क्यूं है आफत डाली
तू ले नाम रब का नाम साईं का
अली अली अली अली
नाम रब का नाम साईं का
अली अली अली अली
शर्फ़ खुदा का ज़र्फ़ खुदा का
अली अली अली अली
शर्फ़ खुदा का ज़र्फ़ खुदा का
अली अली अली अली
अली हो अली हो
चली ओ रे चली चली चली ओ
अली अली तेरी गली
वो तो चली अली अली
तेरी गली चली ओ

ओ जुगनी ओ पटाखा गुड्डी ओ
नशे में उड्डी जाये रे हाये रे
सज्जे खब्बे धब्बे किल्ली ओ
ओ जुगनी ओ पटाखा गुड्डी ओ
नशे में उड्डी जाये रे हाये रे
सज्जे खब्बे धब्बे किल्ली ओ

मौला तेरा माली
ओ हरियाली जंगल वाली
तू दे हर गाली पे ताली
उसकी कदम-कदम रखवाली
ऐं वे लोक लाज की सोच-सोच के
क्यूं है आफत डाली
तू ले नाम रब का नाम साईं का
अली अली अली अली
नाम रब का नाम साईं का
अली अली अली अली

मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे छड्डेयाँ डोरियां
तू तो पाक रब का बांका बच्चा राजदुलारा तू ही
पाक रब का बांका बच्चा उसका प्यारा तू ही
मालिक ने जो चिंता दी तो दूर करेगा वो ही
नाम अली का ले के तू तो
नाच ले गली गली
अली ओ अली ओ अली ओ अली ओ

तू ले नाम रब दा नाम साईं का
अली अली अली अली
रब दा नाम साईं का
कांच कंवारी शर्म उतारी
चार पे भारी लगे
जाए भाड़ में दुनियादारी
वो तो चली चली चली
अली हो

जुगनी रुख पीपल दा होई
जूं पूजता हर कोई
जिसदी फसल किसे ना बोई
घर वि रख सके ना कोई
रास्ता नाप रही मरजानी
पट्ठी बारिश दा है पानी
जब नज़दीक जहान दे आणि
जुगनी मैली सी हो जानी
तू ले नाम रब दा अली अली
झाल्ल खलेरण छल्ली
नाम रब दा अली अली
हर दरवाज़ा अली
साईं रे साईं रे

मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे छड्डेयाँ डोरियां
........................................................................
Patakha Guddi-Highway 2014

Artists: Alia Bhatt, Randeep Hooda

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Dec 1, 2016

मिलने है मुझसे आई–आशिकी-२ २०१३

युवा पाठकों का ध्यान रखते हुए आज पेश है आशिकी २ से एक
और गीत जिसे आजकल की सनसनी अरिजीत सिंह ने गाया है.
गौर्तालाभई आशिकी २ ९० के दशक में अवतरित फिल्म आशिकी
का सीक्वेल है. ९० के दशक वाली फिल्म में राहुल रॉय और
अनु अग्रवाल की जोड़ी थी. फिल्म में नदीम श्रवण का संगीत
था जो खूब चला था.

गीत लिखा है इरशाद कामिल ने और धुन है जीत गांगुली की. यह
गीत आदित्य रॉय और श्रद्धा कपूर पर फिल्माया गया है. मिलने आई
हिट्स के अंतर्गत एक गीत ७० के दशक का खूब बजा था-मैं तुझसे
मिलने आई मंदिर जाने का बहाने. फिल्म में आशा पारेख और
सुनील दत्त की जोड़ी है.

प्रस्तुत गीत के आखिर में पानी गिरने लगता है और गाने वाला-ए ओ
वगैरह की आवाजें निकालने लगता है ठण्ड से बचने के लिए.




गीत के बोल:

मिलने है मुझसे आई
फिर जाने क्यूँ तन्हाई
किस मोड़ पे है लाई आशिक़ी
ओ ओ ओ ओ ख़ुद से है या ख़ुदा से
इस पल मेरी लड़ाई
किस मोड़ पे है लाई आशिक़ी
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

आशिक़ी बाज़ी है ताश की
टूटते बनते विश्वास की
ओ मिलने है मुझसे आई
फिर जाने क्यूँ तन्हाई
किस मोड़ पे है लाई आशिक़ी

जाने क्यूँ मैं सोचता हूँ
खाली सा मैं इक रास्ता हूँ
तूने मुझे कहीं खो दिया है
या मैं कहीं ख़ुद लापता हूँ
आ ढूँढ ले तू फिर मुझे
कसमें भी दूँ तो क्या तुझे
आशिक़ी बाज़ी है ताश की
टूटते बनते विश्वास की

मिलने है मुझसे आई
फिर जाने क्यूँ तन्हाई
किस मोड़ पे है लाई आशिक़ी

टूटा हुआ साज़ हूँ मैं
खुद से ही नाराज़ हूँ मैं
सीने में जो कहीं पे दबी है
ऐसी कोई आवाज़ हूँ मैं
सुन ले मुझे तू बिन कहे
कब तक खामोशी दिल सहे
आशिक़ी बाज़ी है ताश की
टूटते बनते विश्वास की
.............................................................
Milne hai mujhse aayi-Aashiqui 2 2013

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Aug 11, 2016

तू चले संग चले-आई २०१५

कैनेडी जॉन विक्टर उर्फ विक्रम एक नामचीन अभिनेता हैं
दक्षिण भारत के फिल्म उद्योग के. सबसे ज़्यादा उन्होंने तमिल
फिल्मों में काम किया है. सन १९९० में अपने एक्टिंग कैरियर
की शुरुआत करने वाले विक्रम को सन १९९९ की फिल्म सेतु
तक लोकप्रिय होने का इंतज़ार करना पड़ा. लगभग सभी
किस्म की फिल्मों को करने के बाद उन्होंने सन २०१५ में
शंकर की फिल्म ‘आई’ की जिसके लिए उन्हें अपने शरीर को
काफी कष्ट देना पड़ा. फिल्म व्यावसायिक दृष्टि से बेहद सफल
रही.

ये फिल्म विभिन्न चैनलों पर कई बार दिखलाई जा चुकी है.
फिल्म में उनके किरदार और एक्टिंग की क्रिटिक्स ने मुक्त
कंठ से प्रशंसा की है. आई फिल्म के हिंदी संस्करण से एक
गीत सुनते हैं आज जो इरशाद कामिल का लिखा हुआ है
और जिसकी धुन रहमान ने बनाई है. अरिजीत सिंह और
श्रेया घोषाल ने इसे गाया है.



गीत के बोल:

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
है ऐसा लगे गुल ग़लती से बन गए
रब ने था तुझे बनाना
ये महका मौसम हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

तू जाने ना जाने ना माने
जाना तेरा ख़याल
जाना तेरा क्या हाल
तेरे जिया की ताल सुरमयी
आँखों में है शबाब जैसे खिले गुलाब
देखें ऐसे ही ख़वाब हम कई

तेरे आने से यार ऐसा आया निखार
जैसे आई बहार हो नई
तेरे होंठों के जाम पी लूँ सुबह शाम
तू तो मेरा ही नाम हो गई
मेरी दुनिया में तूने है रंग भरा
मेरे साथ ये दुनिया देख ज़रा
मेरी तू ही तो है प्यारी दुनिया
सारी दुनिया
मेरे हमकदम

है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
है ऐसा लगे गुल ग़लती से बन गए
रब ने था तुझे बनाना
ये महका मौसम हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

दूर खिले रंग कौन सा
रंग तेरा है बतलाना
लो हाथ से छूटा दिल
रंग तेरे मैंने रंग है जाना

महक गयी है ले खुशबू
महका तेरा जो है ये आँचल
फूलों की तू है रानी
या फिर तू है कोई संदल
धीमी धीमी बातें सहज सुगम मौसम
पिया मेरे ऐसे मौसम अब आएंगे हरदम
तू जो मुझे हासिल
नैना करे झिलमिल
साथी तेरे होने से है
खुशियों के या काफ़िले

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल
है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
ये महका मौसम हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल
अपना है ये ख़याल
................................................................................
Too chale sang chale-I 2015

Artists: Amy Jackson, Vikram

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Jul 26, 2016

तुझ संग लगी-स्पेशल २६ २०१३

शब्दों के और बोलों के अर्थ समझना कभी कभी टेढ़ी खीर
या आडा हलवा साबित होता है. इस गीत की दो तीन पंक्तियाँ
अगर सरसरी तौर पर सुनेंगे तो समझ नहीं आएगा क्या लगी
कौन लगी, किसको लगी, क्यूँ लगी और कैसे लगी.

हम मान लेते हैं लगी को दिल्लगी, लगन लगी इत्यादि के
संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है. गीत इरशाद कामिल का
है. इसे दर्शनवादी गीत कहा जाए या रोमांटिक?

गीत गा रहे हैं के के के संग संगीतकार एम् एम् क्रीम. फिल्म
स्पेशल २६ से लिया गया है आपको सुनाने के लिए.



गीत के बोल:

रब रूठे या जग छूटे
जां रूठे या ज़हन ये छूटे
यार मेरे ऐतबार मेरे
पर तुझ संग लगी
तुझ संग लगी
लगी  ना छूटे
तुझ संग लगी

मांग लिया है सब कुछ मैंने
मांग लिया है जब तुझको
प्यार वफ़ा का काशी काबा
मान लिया है अब तुझको
ये भी पता है सच तू ही है
लोग हैं सारे बस झूठे
यार मेरे ऐतबार मेरे

ख़ाक बना दे अब तू चाहे
पाक बना दे चाहे तू
उफ़ ना करूँगा भूले से भी
अब मैं हवाले तेरे हूँ
हो ईद सा होगा वो पल जब तू
प्यार से मेरा सब लुटे
यार मेरे ऐतबार मेरे
..............................................................
Tujh sang lagi-Special 26

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कहाँ हूँ मैं-हाईवे २०१४

आज आपको सुनवाते हैं फिल्म हाइवे से एक और गीत.
इस फिल्म में रहमान का संगीत है. बोल इरशाद कामिल
के हैं. खोजपरक गीत है ये. गाने वाला ढूंढ रहा है अपने
को के वो किस जहां में है.  इसे जोनिता गाँधी ने गाया है.

हमने कुछ समय पहले की पोस्ट में चर्चा छेडी थी संगीत
के बदलते ट्रेंड के बारे में. २०१० के बाद ज़्यादातर संगीत
लूप वाला बनने लगा है. इलैयाराजा और ए आर रहमान
भी बदलते समय के साथ अपनी गति बनाये हुए हैं. पिछले
कुछ सालों में रिलीज़ हुई फिल्मों के संगीत पर गौर किया
जाए तो हमें लगेगा कि पुराने संगीतकार नए संगीतकारों
के साथ साथ कदम-ताल मिला के चल रहे हैं.




गीत के बोल:

कहाँ हूँ मैं
कहाँ हूँ मैं अब

आहें डर खुशी रास्ते
कच्ची बातें सच्चे वास्ते
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं

मैंने भी तो आना था इसी तरफ
मेरी भी तो राहें हैं यहीं कहीं
उलझनों के दो राहें
रास्तों की ये बाहें
आते-जाते पूछती मैं कहाँ
कहाँ हूँ मैं

ऊनी ऊनी बादल में गयी सिमट
जैसे मैं हूँ जाड़ों की हवा कोई
सोचूं ना क्या पीछे है
देखूँ ना जो आगे है
मन ये मेरा पूछता मैं कहाँ
कहाँ हूँ मैं

यादें अब ज़मीन ख्वाहिशें
पक्की चाहत कच्ची कोशिशें
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं
...........................................................................
Kahan hoon main-Hidhway 2014

Artists-Randeep Hooda, Alia Bhatt

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Jun 28, 2016

मेरे बिना तू-फटा पोस्टर निकला हीरो २०१३

सुनते हैं एक गीत फिल्म फटा पोस्टर निकला हीरो से. इसे
रहत फतह अली खान के साथ हर्षदीप कौर ने गाया है. एक
मधुर युगल गीत है आज के समय के हिसाब से.

इसको दो लोगों ने मिल के लिखा है? अमिताभ भट्टाचार्य ने
और इरशाद कामिल ने. संगीत है प्रीतम का.




गीत के बोल:

मेरे बिना तू  मेरे बिना तू
मेरे बिना ख़ुश रहे तू ज़माने में
के आऊँ ना मैं याद भी अनजाने में
मेरे बिना तू  मेरे बिना तू

भूल अब जाना गुज़रा ज़माना
कह तो रहे हो मुझको मगर
तस्वीर ले लो  ख़त भी ले जाओ
लौटा दो मेरे शाम-ओ-सहर
जान जाए रे  जान जाए रे
जान जाए मेरी तुझको भुलाने में
के आऊँ ना मैं याद भी अनजाने में
मेरे बिना तू  मेरे बिना तू

तुझसे है वादा  है ये इरादा
अब ना मिलेंगे तुझसे कभी
दे जाओ मुझको सारे ही आंसू
ले जाओ मुझसे मेरी खुशी
मेरी खुशी तो  मेरी खुशी तो
मेरी खुशी आंसुओं को बहाने में
के आऊँ ना मैं याद भी अनजाने में
मेरे बिना तू  मेरे बिना तू

मुझको दोराहे पे छोड़ के यूँ
जाने चले हो तुम किस गली
तुमने ही दी थी मुझको ख़ुशी अब
तुमने ही जाने क्यूँ छीन ली
तुझे मिला क्या  तुझे मिला क्या
तुझे मिला क्या मुझे यूँ रुलाने में
के आऊं ना मैं याद भी अनजाने में
मेरे बिना तू  मेरे बिना तू
मेरे बिना ख़ुश रहे तू ज़माने में
……………………………………………………………….
Mere bina too-Phata poster nikla hero 2013

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Jun 14, 2016

वो पिया आये ना-आशिकी २ २०१३

इस ब्लॉग के बहुत से पाठक नई पीढ़ी के नौजवान भी हैं अतः
उनकी पसंद का ध्यान भी रखना पढता है. बीच बीच में हम
आपको नई फिल्म के गीत भी सुनवाते हैं. सुनते हैं आशिकी २
से एक और गीत जिसे के. के. संग तुलसी कुमार ने गाया है.

बोल एक बार फिर से इरशाद कामिल के हैं और संगीत तैयार
किया है जीत गांगुली ने. फिल्म के ज़रूरी नहीं कि सारे गीत हिट
हो जाएँ. इस गीत का फिल्मांकन अच्छा है. फिल्म का निर्देशन
मोहित सूरी ने किया है जो अभिनय के मामले में कैसे भी रहे
हों, निर्देशन उससे बेहतर करते हैं.



गीत के बोल:

तेरी ख़ता है मेरे जिया
तेरी ख़ता है मेरे जिया
उनपे भरोसा क्यूँ तूने किया

सब झूठे-झूठे वादे थे उनके
चल पीछे-पीछे आया तू जिनके
वो पिया आये ना
वो पिया आये ना
पिया आये ना  वो पिया आये ना

अब सभी उन ख़्वाबों की तू डगर छोड़ दे
अब सभी उन ख़्वाबों को खुद ही तोड़ दे
वो पिया आये ना
वो पिया आये ना
पिया आये ना  वो पिया आये ना

हर खता की होती है कोई ना कोई सज़ा
ग़म लिखे हो किस्मत में तो बन ही जाती वजह
अब सभी ग़म अश्कों में सिमट से गए
अब सभी आँसू पलकों से लिपट से गए
वो पिया आये ना
वो पिया आये ना
पिया आये ना  वो पिया आये ना

सच लगा था जो बेवजह हमको वो भरम हो गया है
भोर आने थे जिस फ़साने में वो ख़तम हो गया
भूले हम  भूले वो  कैसे सब कहें बात ये
अब चलो हम धीरे-धीरे विहल से गए
अब चलो हम जैसे भी हो संभल से गए
वो पिया आये ना
वो पिया आये ना
पिया आये ना  वो पिया आये ना

तेरी ख़ता है मेरे जिया
तेरी ख़ता है मेरे जिया
उनपे भरोसा क्यूँ तूने किया
………………………………………………………….
Wo piya aaye na-Aashiqui 2 2013

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Jun 9, 2016

अपनी आँखें...हम मर जाएँगे-आशिकी २ २०१३

आपने फिल्म आशिकी २ से ३ गीत सुन लिए हैं अभी तक.
चौथा भी सुन लीजिए, गीत खुश हो जायेगा. गीत श्रद्धा कपूर
और आदित्य रॉय कपूर पर फिल्माया गया है. गीत में बात
कहने का अंदाज़ बदल जाता है. अगर बातों में कहा जाए-
तुमने पानी पिया’ तो इसे गीत में यूँ कहा जायेगा- पिया गया
पानी तुम्हारे द्वारा. खैर कान सीधे पकड़ो या हाथ घुमा के,
बात का मजमून समझ पढ़ना चाहिए, बस. कोपी करो, पेस्ट
करो और खुश रहो.

फिल्म आशिकी-२ ९० की फिल्म आशिकी जैसी प्रसिद्ध तो नहीं
हुई और न ही इसके गीतों की रेकोर्ड तोड़ बिक्री हुयी मगर समय
के लिहाज़ से ये एक सफल फिल्म मानी जाती है और वो क्या
कहते हैं आजकल के समीक्षक-क्रिटिकली ऐक्लेम्ड मानी जाती
है.



गीत के बोल:

अपनी आँखें खाली कर दे
काश तू मेरी आँखें भर दे

मेरे यारा तेरे गम अगर पाएँगे
हमें तेरी है कसम  हम संवर जाएँगे
दो ये सौगात तुम  तो ज़माने की हम
हर खुशी से मुकर जाएँगे
हम मर जाएँगे

तेरे काँधे से ही लग के 
यारा बीती उम्र सारी
सोचो कैसी होगी किस्मत 
हुआ यूँ तो फिर हमारी
सारे आँसू तो हों तेरे  और आँखें हो हमारी
तेरे दर्द हमें जो मिले प्यार में
हम खुशी से यूँ भर जाएँगे
हम मर जाएँगे

चाहे दुःख हो  चाहे सुख हो 
दिल ने तुझको ही पुकारा
तूने हमको है बनाया  तूने हमको है संवारा
जहां को तो रब का है  हमें तेरा है सहारा
बस तेरा साथ हो  चाहे जो बात हो
बस तेरा साथ हो  चाहे जो बात हो
तेरे कहने से कर जाएँगे
हम मर जाएँगे
ओ ओ ओ ओ हम मर जाएँगे

मेरे यारा तेरे गम अगर पाएँगे
हमें तेरी है कसम  हम संवर जाएँगे
मेरे यारा तेरे गम अगर पाएँगे
हमें तेरी है कसम  हम संवर जाएँगे
…………………………………………………………
Ham mar jayenge-Aashiqui 2 2013

Artists-Aditya Roy Kapoor, Shraddha Kapoor

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May 17, 2016

तूने मारी एंट्रियां-गुंडे २०१४

एक मस्ती वाला गीत चार गायकों की आवाजों में. इसमें
बप्पी के अलावा विशाल दादलानी, के के और नीति मोहन
की आवाजें हैं. बोल लिखे हैं इरशाद कामिल ने जिन्होंने
अपनी वरसेटिलिटी बॉलीवुड में साबित कर दी है. इसकी
धुन बनायीं है सोहेल सेन ने.

आनंद उठायें इस गीत का. ज्यादा विवरण इसके लिए देने
की ज़रूरत नहीं है. रणवीर सिंह, अर्जुन कपूर और प्रियंका
चोपड़ा आपको गीत में नज़र आ जायेंगे.



गीत के बोल:

तूने मारी एंट्रियां रे
दिल में बजी घंटियाँ रे
तन तन तन तन तन तन तन
तूने मारी एंट्रियां रे
दिल में बजी घंटियाँ रे
टन टन टन टन टन टन टन टन
दिल की सुन कमेंट्रियां रे
प्यार की गारंटीयाँ रे

दिल में बजी घंटियाँ रे
टन टन टन टन टन टन टन टन
अरे ताड़ा ताड़ी करना
ना अब नहीं सुधारना
फूटने लगा है, अरे चाहतों का झरना
दिल की ना मरम्मतें हों
ना कोई वारंटीयाँ रे
टन टन टन टन टन टन टन टन

सीटी वीटी, आँखें वांखें, ना यूं मारो
फैंको ना चाहत के दाने
हाँ, मजनू-राँझे सारे झूठे हैं यहाँ पे
झूठे हैं दिल के फसाने
हो.. चाहे तो, ले ले तू
वफा की आज कसमें-वसमें
हो.. ना हूँ मैं, ना है दिल
ज़रा भी देख अपने बस में
पीछे मेरी आशिक़ों की
पूरी पूरी कंट्रीयाँ रे
मैंने मारी एंट्रियां रे...

हाँ मीठी मीठी बातें
करके आना चाहे
भीड़ से नज़दीक प्यारे
हाँ भोले पंछी तू ना समझे के मैं क्या हूँ
शोलों को समझे तू तारे
हो.. जो भी है, जैसी है
मेरी है जान मैंने माना
हो.. जो भी हो, जैसे हो
मैंने है यार तुझको पाना
सेंटी हो के बातें भी
तू कर रहा है सेंटियाँ रे
मैंने मारी एंट्रियां रे...
...........................................................................
Toone maari entriyan-Gunday 2014

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Apr 27, 2016

मैना ने सूहा साहा-हाईवे २०१४

विस्मृत और चमत्कृत करने वाले गीत हैं हाईवे फिल्म के. कुछ
अन कन्वेंशनल से. आज की फिल्मों के हिसाब से काफी समृद्ध.
आश्चर्य की बात ये है आज की पीढ़ी इसे सुन लेती है. इस बात
का मतलब ये है अभी भी समृद्ध संगीत सुनने वाले कान मौजूद
हैं.

जेबुन्निसा बंगश और आलिया भट्ट ने इस गीत को गाया है.
जेबुन्निसा बंगश एक पाकिस्तानी बैंड में गाया करती हैं. उनको
बॉलीवुड में सर्वप्रथम अवसर शांतनु मोइत्रा ने फिल्म मद्रास कैफे
में प्रदान किया. एम् टी वी के चर्चित कार्यक्रम कोक स्टूडियो से
वे भारतीय दर्शकों और संगीत प्रेमियों से मुखातिब हुईं.

गौरतलब है नायिका अलिया भट्ट ने भी इस गीत के ज़रिये
अपना गायन कैरियर शुरू किया. रहमान भी एक ऐसे संगीतकार
हैं जो अपने गायकों से जैसे चाहे गवा लेते हैं और जो उन्हें
चाहिए वो प्राप्त कर लेते हैं इस बहाने हमें गायकों के अनूठे और
नायाब गीत सुनने को मिल जाते हैं. पंजाबी गायक सुखविंदर
ने भी उनके लिए कई बढ़िया गीत गाये हैं. सुखविंदर खुद एक
समर्थ गायक और संगीतकार हैं. गीत इरशाद कामिल का लिखा
हुआ है.



गीत के बोल:

मैना ने सूहा साहा ले जाना खोय के
मीठी मीठी खेती में खेलन हो
तोता बोले पेड़ों पे  पेड़ से पूड़ी से
सूहा साहा नींदन में ओखा ना हो
संगी साथी हंसू ने तारे हो ना हो
सूहा साहा अम्मा का
सूहा साहा अम्मा का

रैना कारी कारी कोयलां सी रैना
नींदी तोला तोला सी नैना हो
तारों का बिछौना चैन से सोना
रैना कारी कारी कोयलां सी रैना
नींदी तोला तोला सी नैना
तारों का बिछौना चैन से सोना

गोटा-गोटा गुदड़ी में घूमेगा घामेगा
सूहा साहा मैना ले जाना हो

टूटा तारा सा छोटा सा
तारा सा टूटा रे
पूछे वो देखूँ तेरे ही बारे
क्यूं ना सोये क्यूं तू रोये
क्यूं तू खोये यूं परदेस में हो
क्यूं तू रूठा किससे रूठा
क्या है छूटा तेरा देस में हो
जो भी है रूखा-सूखा
मन में वो बोलो तो
खोलो राहें बातों की बाहें हो

तोता बोले पेड़ों पे  पेड़ से पूड़ी से
सूहा साहा नींदन में ओखा ना हो
संगी साथी हंसू ने तारे हो ना हो
सूहा साहा अम्मा का
सूहा साहा अम्मा का
सूहा साहा अम्मा का
............................................................................
Maina ne sooha saha-Highway 2014

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Apr 13, 2016

कौन मेरा ३-स्पेशल २६ २०१३

सन २०१३ की फिल्म स्पेशल २६ से आपने एक गीत सुना
था नई गायिका चैत्रा की आवाज़ में. अब सुनते हैं यही गीत
सुनिधि चौहान की आवाज़ में. इस गीत को भी इरशाद कामिल
ने लिखा है और संगीत से संवारा है एम् एम् कीरवानी उर्फ
एम् एम् क्रीम ने. वाह क्या क्रीमी धुन है ये. बिलकुल वही
La crème de la crème वाली.

नए गीतों में सन २०१३ में जितने भी बने उनमें सबसे मधुर
जो भी हैं ये उनमें से एक है और लंबे समय तक सुना जा
सकता है.




गीत के बोल:

कौन मेरा, मेरा, क्या तू लागे?
क्यूँ तू बांधे, मन के मन से धागे
बस चले ना क्यूँ मेरा तेरे आगे
कौन मेरा, मेरा, क्या तू लागे?
क्यूँ तू बांधे, मन के मन से धागे

छोड़ कर ना तू कहीं भी
दूर अब जाना, तुझको कसम है
साथ रहना जो भी है तू
झूठ या सच है, या भरम है
अपना बनाने का जतन
कर ही चुके अब तो
बैय्याँ पकड़ कर आज चल
मैं दूं बता सबको

कौन मेरा, मेरा, क्या तू लागे?
क्यूँ तू बांधे, मन के मन से धागे
बस चले ना क्यूँ मेरा तेरे आगे
कौन मेरा, मेरा, क्या तू लागे?
क्यूँ तू बांधे, मन के मन से धागे
.........................................................................
Kaun mera 3- Special 26 2013

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Apr 5, 2016

माही वे-हाईवे २०१४

अभी कुछ पोस्ट पहले हमने बात की थी कि आजकल
गीत के मुखड़े विवरणों में लिखने का तरीका बदल गया
है. कहीं के भी शब्द लिख दिए जाते हैं जो पहेली बन
जाते हैं सुनने वाले के लिए. अब उदाहरण के लिए इस
गीत की पंक्तियाँ शुरू होती हैं-धूप पानी पे बरस जाये
मगर आज कि जनता इसे जानती है ‘माही वे’ से. ये
माही-वे  फिल्म हाई-वे से लिया गया है. इसे लिखा है
इरशाद कामिल ने और इसकी धुन बनाई है ऑस्कर
विजेता संगीतकार रहमान ने.

माही वे-इन शब्दों से शुरू होने वाला एक गीत २००० के
आसपास आ चुका है. वो फिल्म कांटे में था. उस फिल्म
में आनंद राज आनंद का संगीत है.

गीत फिल्माया गया है अलिया भट्ट और रणदीप हुडा पर.




गीत के बोल:

धूप पानी पे बरस जाये
ये साये बनाये, मिटाये
मैं कहूँ और तू आ जाये, बहलाए
हर दूरी शरमाये
तू साथ है, हो दिन रात है
परछाईयाँ बतलाये
तू साथ है, हो दिन रात है
साया साया
माही वे! माही वे!
मेरी हर बात में साथ तू है
माही वे! माही वे!
मेरे सारे हालात तू
माही वे
आ ये यो
माही वे
आ ये यो

हाय सताये, मनाये, सताये
तू रुलाये, हँसाए भी तू ही
हमसाये, हर दूरी शरमाये
तू साथ है, हो दिन रात है
परछाईयाँ बतलाये
तू साथ है, हो दिन रात है
माही वे! माही वे!
मेरी सब राज़, कल आज तू है
माही वे! माही वे!
मेरी हर उड़ान एक तू
माही वे
ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
माही वे
ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ

ये जीना भी, ना जीना भी
है दोनों का तुमसे ही वास्ता
मैं ही तो हूँ तेरा पता
है दूसरा ना कोई रास्ता
आये मुझ तक वो तुमको जो हो ढूंढता
मेरी खामोशियों में है तू बोलता
ये जीना भी, ना जीना भी
जो भी हुआ है, वो तुमसे हुआ
……………………………………………………………..
Maahi ve-Highway 2014

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Mar 28, 2016

जिया मैं ना जिया-गुंडे २०१४

सन २०१४ की फिल्म गुंडे से एक गीत सुनते हैं आज जो
अरिजीत सिंह का गाया हुआ है. फिल्म के निर्देशक है अली
अब्बास ज़फर और इसके निर्माता हैं आदित्य चोपड़ा.  ७०
के दशक के कलकत्ता के गुंडों की कहानी है ये जैसा कि इस
फिल्म के बारे में बतलाया गया है.

संगीतकार सोहेल सेन प्रसिद्द संगीतकार जोड़ी दिलीप सेन
समीर सेन  से सम्बन्ध रखते हैं और वे समीर सेन के सुपुत्र
हैं.

फिल्म : गुंडे
वर्ष : 2014
गायक : अरिजीत सिंह
गीतकार : इरशाद कामिल
संगीतकार : सोहेल सेन



गीत के बोल:

जिया, मैं ना जिया
रेज़ा रेज़ा, मैं ना जिया

मैं बेगाना सा, था दीवाना सा
मुझको तेरी चाहत ने बसा दिया
जिया, मैं ना जिया
रेज़ा रेज़ा, मैं ना जिया

लिखूं हवाओं पे मैं
नैनों से नाम तेरा
साये से मैं हाथों के
साया लूँ थाम तेरा
इश्क़ का तू हरफ
जिसके चारों तरफ
मेरी बाहों के घेरे का
बने हाशियाँ
जिया, मैं ना जिया
रेज़ा रेज़ा, मैं ना जिया

नैना फ़िरोज़ी नहर
ख्वाबों के पानी में घर
ऐसे हूँ मैं तेरे बिन
सहरा की जैसे सहर
सांस में तू भरे
दो जहां से परे
आके तुझसे मिलूं मैं
मेरे साथिया
जिया, मैं ना जिया
रेज़ा रेज़ा, मैं ना जिया
....................................................................
Jiya main na jiya-Gunday 2014

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