जब चाहा यारा तुमने-ज़बरदस्त १९८५
आपको फिल्म 'ज़बर दस्त' से तीन गीत सुनवाए जा चुके हैं। फिल्म
ज़बरदस्त बहुसितारा फ्लॉप फिल्म है जो कुछ उम्दा गीतों से सजी
हुयी है। आइये सुनें इस फिल्म का सबसे चर्चित गीत जिसे आपके
कान एक ना एक बार ज़रूर सुन चुके होंगे। ये गीत चित्रहार के
ज़माने में कई बार टी वी पर दिखाई दे जाता था। गीत में बैगपाइपर
की ध्वनि का बढ़िया प्रयोग है। गीत आनंद बक्षी का लिखा हुआ और
किशोर कुमार द्वारा गाया गया है। फिल्म में संगीत पंचम
का है।
श्रेणी बनाने क शौक़ीन इसे बैगपाइपर हिट्स की श्रेणी में रख सकते हैं।
(वो वाला बैगपाइपर नहीं-बोतल में भरे रंगीन पेय के विज्ञापन वाला)
पंचम ने इस वाद्य का बढ़िया प्रयोग फिल्म "हम किसी से कम नहीं" के
गीत में भी किया है और वो गीत भी किशोर कुमार का गाया हुआ है।
गीत के बोल:
जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
अरे तुम्हारी मर्ज़ी पे चल रहें हैं, ख़ता हमारी क्या हो
जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
चलो जी हम बुरे सही, चलो जी हम झूठे हैं
मग़र इनहीं निगाहों से हज़ारों दिल टूटे हैं
चलो जी हम बुरे सही, चलो जी हम झूठे हैं
मग़र इनहीं निगाहों से हज़ारों दिल टूटे हैं
अरे, कसम से कहना, हमारी सूरत नहीं है प्यारी क्या हो
जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
अरे, लिपट के पूछो , के आगे मर्ज़ी है अब हमारी क्या हो
जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
अरे तुम्हारी मर्ज़ी पे चल रहें हैं, ख़ता हमारी क्या हो
जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
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Jab chaha yaara tumne-Zabardast 1985


2 comments:
जीवंत गीत! ज्योतिपर्व और बलि-प्रतिपदा की शुभकामनायें!
आपको भी
शुभकामनायें!
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