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Sep 17, 2015

ख़ामोशी है एक बजा है-धरती पुत्र १९९२

फिल्म धरती पुत्र से एक गीत सुनवाते हैं जो एक लोरी सा है.
मल्टीपरपज़ लोरी है ये. धरती पुत्र के कुछ गीत आप सुन चुके
हैं पहले. प्रस्तुत गीत में थोडा दर्द छुपा हुआ है. परदे पर ये
गीत दुःख वाले दृश्य समेटे हुए है.

इस गीत में ममूटी और जया प्रदा नामक कलाकारों के दर्शन होंगे
आपको. साथ में एक बच्चा भी है जिसे मैं पहचान नहीं पा रहा
हूँ. एक और अभिनेत्री हैं इसमें-नगमा.

गीत अलका याग्निक और कुमार सानू ने गाया है. इस गीत के
रचनाकार हैं समीर और इसे संगीत से संवारा है नदीम श्रवण ने.



   

गीत के बोल:

जागते रहो
जागते रहो

ख़ामोशी है एक बजा है
खली रास्ता बोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है
सो जा मेरे मुन्ने राजा
तू क्यूँ आँखें खोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है
सो जा मेरे मुन्ने राजा
तू क्यूँ आँखें खोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है

तू बता तुझको कैसे सुलाऊँ
कौन सी लोरी तुझको सुनाऊँ
तू बता तुझको कैसे सुलाऊँ
कौन सी लोरी तुझको सुनाऊँ
चांदनी ढल गयी
चाँद भी सो गया
देख तनहाइयों में जहाँ खो गया

न कोई झोंका आ रहा है
न कोई पत्ता डोल रहा है
न कोई झोंका आ रहा है
न कोई पत्ता डोल रहा है
सो जा मेरे मुन्ने राजा
तू क्यूँ आँखें खोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है
सो जा मेरे मुन्ने राजा
तू क्यूँ आँखें खोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है
जागते रहो
जागते रहो जागते रहो
जागते रहो
………………………………………………………….
Khamoshi hai ek baja hai-Dharti putra 1992

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May 2, 2015

बुलबुल बोले अंगना मेरे-धरती पुत्र १९९२

इस फिल्म का नाम आपने बेशक ना सुना हो मगर इस गीत
को आपने एक न एक बार अवश्य सुना होगा. ये एक लोकप्रिय
गीत है अलका याग्निक का गाया हुआ. जितने भी गीत हैं शब्द
बुलबुल वाले, सभी लोकप्रिय हैं कुछ एक को छोड़ कर. इसकी
वजह नहीं समझ आई. पुराने गीत को ही ले लीजिए-क़ैद में है
बुलबुल सैय्याद मुस्कुराए-कितना लोकप्रिय हुआ. उससे पुराना
गीत-मेरा बुलबुल सो रहा है, शोरगुल न मचा आज भी लोकप्रिय
है.




गीत के बोल:

बुलबुल बोले
बुलबुल बोले अंगना मेरे
बुलबुल बोले अंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
पूछे मुझसे कंगना मेरे
पूछे मुझसे कंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे

बागों से कलियों से फिजाओं से पूछूं
खुशबू उडाती इन हवाओं से पूछूं
बागों से कलियों से फिजाओं से पूछूं
खुशबू उडाती इन हवाओं से पूछूं
मौसम मिलन का कब आएगा
कब तक मुझे वो तडपायेगा
मेरा परदेसी पिया कब आएगा
क्या पता क्या पता क्या पता
बुलबुल बोले अंगना मेरे
बुलबुल बोले अंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे

मेरे तो सपनों में है उसका चेहरा
जाने कब आएगा वो बाँध के सेहरा
मेरे तो सपनों में है उसका चेहरा
जाने कब आएगा वो बाँध के सेहरा
बनके दुल्हन मैं मुस्काऊंगी
सज के सजन घर जाऊंगी
सेज सजेगी कब बहकी बहारें
तू बता तू बता तू बता

बुलबुल बोले अंगना मेरे
बुलबुल बोले अंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
पूछे मुझसे कंगना मेरे
पूछे मुझसे कंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
.....................................................
Bulbul bole angna mere- Dharti putra 1992

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Feb 1, 2013

तुमसे बढ़ कर दुनिया में–कामचोर १९८२

कामचोरों और बेरोजगारों पर बॉलीवुड में पहले भी फ़िल्में
बनी हैं. १९८२ की फिल्म कामचोर में ग्लैमर है. थोडा नए
तरीके से प्रस्तुति है पुराने फार्मूले की. फिल्म के गीत भी
बढ़िया हैं. राकेश रोशन ने मेहनत की है अभिनय के मामले
में. बाकी लोगों का अभिनय तो बढ़िया है ही, जिसमें
अभिनेत्री जया प्रदा और श्रीराम लागू उल्लेखनीय हैं.
तनूजा और सुजीत कुमार भी अपनी अपनी भूमिकाओं में
जंचे हैं.

नायक लड़की पटाने की राह में एक पुराना एल. पी. रेकोर्ड
खरीद लाता है. जो गाना बजना शुरू होता है ग्रामोफोन पर,
थोड़ी देर में सुई अटकने लग जाती है. जिस गायक की ये
आवाज़ है भारी सी-उनका नाम है चंद्रू आत्मा. नायक
खुद गाना शुरू करता है इस गीत को, जो कि फिल्म के
मुताबिक़ ज़रूरी था. बाड में नायिका भी सुर में सुर मिलाने
वाली है.

   


गीत के बोल:

तुमसे बढ़ कर दुनिया में ना देखा कोई और
जुबां पर आज दिल की बात आ गई

क्या खूब ऑंखें हैं तेरी
इनमें जिंदगानी है मेरी
जी लेंगे हम देख देख के इनको
तू ही तू ख्वाबों में
है ना दूजा कोई और
जुबां पर आज दिल की बात आ गई

सुंदरता तूने वो पायी,
नाजां हैं तुझपे खुदाई
नाज़ नहीं अपने पर
फिर भी तुझको
दिल का हसीं तेरे जैसा
ना देखा कोई और
जुबां पर आज दिल की बात आ गई

बातों में तेरी एक अदा है
तेरी अदा में वफ़ा है
फिर भी तुझसे मिलने को जी चाहे
दिल में इतना प्यार लिए
ना आया कोई और
जुबां पर आज दिल की बात आ गई
………………………………………………..
Tumse badh kar duniya mein-Kaamchor 1982

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Oct 27, 2011

जब चाहा यारा तुमने-ज़बरदस्त १९८५

आपको फिल्म 'ज़बर दस्त' से तीन गीत सुनवाए जा चुके हैं। फिल्म
ज़बरदस्त बहुसितारा फ्लॉप फिल्म है जो कुछ उम्दा गीतों से सजी
हुयी है। आइये सुनें इस फिल्म का सबसे चर्चित गीत जिसे आपके
कान एक ना एक बार ज़रूर सुन चुके होंगे। ये गीत चित्रहार के
ज़माने में कई बार टी वी पर दिखाई दे जाता था। गीत में बैगपाइपर
की ध्वनि का बढ़िया प्रयोग है। गीत आनंद बक्षी का लिखा हुआ और
किशोर कुमार द्वारा गाया गया है। फिल्म में संगीत पंचम
का है।

श्रेणी बनाने क शौक़ीन इसे बैगपाइपर हिट्स की श्रेणी में रख सकते हैं।
(वो वाला बैगपाइपर नहीं-बोतल में भरे रंगीन पेय के विज्ञापन वाला)
पंचम ने इस वाद्य का बढ़िया प्रयोग फिल्म "हम किसी से कम नहीं" के
गीत में भी किया है और वो गीत भी किशोर कुमार का गाया हुआ है।




गीत के बोल:

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
अरे तुम्हारी मर्ज़ी पे चल रहें हैं, ख़ता हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया

चलो जी हम बुरे सही, चलो जी हम झूठे हैं
मग़र इनहीं निगाहों से हज़ारों दिल टूटे हैं
चलो जी हम बुरे सही, चलो जी हम झूठे हैं
मग़र इनहीं निगाहों से हज़ारों दिल टूटे हैं
अरे, कसम से कहना, हमारी सूरत नहीं है प्यारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया

समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
अरे, लिपट के पूछो , के आगे मर्ज़ी है अब हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
अरे तुम्हारी मर्ज़ी पे चल रहें हैं, ख़ता हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
..............................................
Jab chaha yaara tumne-Zabardast 1985

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May 28, 2011

तेरे लिए मैंने जनम लिया-सिंहासन १९८६

आपको इसी श्रेणी से अगला गीत सुनवाते हैं फिल्म सिंहासन से। अंग्रेजी
में इस फिल्म का नाम सिंघासन पढने में आता है। अब थोड़ी सी बी ऐ से
बी. एड. तो हो ही जाती है ना जी नाम रखने में। ढेर सारे कलाकारों को
रोज़गार देने वाला ये पर्ववारण प्रेमी गीत भी एक आकर्षक धुन में बंधा है।
नृत्य भी इसका मनोरंजक है। आनंद उठाइए किशोर कुमार और दक्षिण
भारत की नामचीन और बढ़िया गायिका पी. सुशीला के युगल गीत का जिसे
फिल्माया गया है जीतेंद्र और जया प्रदा पर। संगीत एक बार फिर से वही,
जी हाँ, बप्पी लहरी का है और बोल इन्दीवर के हैं। इस गीत में नायक और
नायिका ने फुगडी वाला पुराना खेल भी खेला है।



गीत के बोल:

हा आ आ आ, हा आ आ आ आ आ

छूम नाना छूम, छूम नाना छूम
छूम नाना छूम, छूम नाना छूम

हो हो हो हो हो, हा हा हा हा
हा आ आ आ आ, हा आ आ आ

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

हो हो हो हो, ला ला ला ला
हा हा हा हा, ला ला ला ला

बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

झूम ताना झूम, झूम ताना झूम
झूम ताना झूम, झूम ताना झूम

जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी
हर साथ मैंने छोड़, हर हाथ मैंने छोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

छूम छूम छूम, छूम नाना छूम
झूम झूम झूम, झूम नाना झूम
..............................
Tere liye maine janam liya-Singhasan 1986

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Nov 19, 2010

अपना घर है स्वर्ग से सुन्दर-स्वर्ग से सुन्दर १९८६

बॉलीवुड के निर्देशकों ने कौनसी विषय-वस्तु छोड़ी है
इस पर मैं काफी सोचता हूँ। शायद मंगल ग्रह की सैर
पर कोई गीत नहीं बना है अभी तक।

जीव जंतुओं और पशु-पक्षियों पर हिंदी सिने-जगत
काफी मेहरबान रहा है, हालाँकि अभी भी 'Anaconda'
या 'Jurassic Park' जैसी क्लासिक फिल्म का इंतज़ार
है।

आज हो गीत हम आपको सुना रहे हैं वो मच्छरों को
समर्पित है। फिल्म का नाम है स्वर्ग से सुन्दर। इसके
निर्देशक हैं के. बापैया । नटखट गीत के लिए गायक भी
उपयुक्त चुने गये हैं-किशोर कुमार और आशा भोंसले ।
लिखा है आनंद बक्षी ने और इसे धुन से सजाया है
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने।

मच्छर गाथा परदे पर गाने वाले कलाकार हैं जीतेंद्र
और जया प्रदा।



गीत के बोल:

हो, ओ ओ ओ ओ
अपना घर है स्वर्ग से सुन्दर, हो
अपना घर है स्वर्ग से सुन्दर
अरे स्वर्ग में आये कहाँ से आये मच्छर,
हाय
ये मच्छर
स्वर्ग में आये कहाँ से आये मच्छर
अरे मच्छर भी आशिक हैं तुम पर क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं

अरे काट रहा है मुझको बिस्तर
अच्छा
ये बिस्तर
काट रहा है मुझको बिस्तर

अरे बिस्तर भी आशिक हैं तुम पर क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं

अपना घर है स्वर्ग से सुन्दर

शादी से पहले की रातें
भूल गए तुम सारी बातें
हो ओ ओ ओ
शादी से पहले की रातें
भूल गए तुम सारी बातें

अरे नयी मोहब्बत हाय नयी जवानी
अरे नयी मोहब्बत नयी जवानी
हो गई अब हर चीज़ पुराणी
हो गई अब हर चीज़ पुराणी

याद वो दिन आते हैं अक्सर क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं

अपना घर है स्वर्ग से सुन्दर

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ऊं हूँ
ना ना ना ना
आ हा आ, आ आ आ
ऊं हूँ, हो

प्यार में ये गुस्सा अच्छा है
पर बीच में ये तकिया क्यूँ रखा है
प्यार में ये गुस्सा अच्छा है
पर बीच में ये तकिया क्यूँ रखा है

बात है लम्बी रात है थोड़ी
किसने बनाई थी ये जोड़ी
मैं हूँ शीशा तुम हो पत्थर क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं

अपना घर है स्वर्ग से सुन्दर

जो होता है वो होने दो
जो होता है वो होने दो
मुझको थोडा सा सोने दो

घर आते ही आ गई निंदिया
काहे लगायी मैंने बिंदिया
घर आते ही आ गई निंदिया
काहे लगायी मैंने बिंदिया

बैठी रह गई मैं सज धज कर क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं

अपना घर है स्वर्ग से सुन्दर
स्वर्ग में आये कहाँ से आये मच्छर
ये मच्छर
स्वर्ग में आये कहाँ से आये मच्छर
अरे मच्छर भी आशिक हैं तुम पर क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं
हाय मैं क्या करूं

अपना घर है स्वर्ग से सुन्दर
.................................
Apna ghar hai swarg se sunder-Swarg se sunder 1986

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Jan 9, 2010

ऐसे ना ठुकराओ-ज़बरदस्त १९८५

जब से संगीत उत्पादक यन्त्र संयंत्र सस्ते और आम आदमी की पहुँच में
आये हैं तबसे हमें बैलगाड़ी, रेलगाड़ी, टेम्पो, रिक्शा, ट्रक, ट्रक्टर-ट्रोली
इत्यादि में गाने बजते मिल जाते हैं। अभी एक सवारी का जिक्र हमने
नहीं किया है वो है 'कार' । आपको कभी कभार ऐसी कारें ज़रूर मिली होंगी
जिसमे से धम धम की ध्वनियाँ निकल रही होती हैं, उसके अलावा कुछ
सुनाई नहीं देता। ऐसा लगता है मानो कोई धौंकनी चल रही हो या कपड़ों
की धुलाई हो रही हो। इन संगीत प्रेमियों को केवल धम धम से मतलब होता
है, गाना चाहे कोई भी हो। खुद से ज्यादा वे दूसरों को सुनाने का प्रयत्न करते हैं।
वैसी ही धम धम की ध्वनि इस गीत में भी है, मगर इसमें आपको बोल भी सुनाई
देंगे। आशा भोंसले की आवाज़ में ये गीत है फिल्म ज़बरदस्त से जो सन १९८५ की
फिल्म है। इस फिल्म में उनके साथ नायक हैं-सनी देवल । इस गीत में राहुल देव बर्मन
ने भी अपनी आवाज़ फिट की है । गीत कर्णप्रिय है और कम सुना हुआ भी।
बांसुरी का उपयुक्त प्रयोग हुआ है इस गीत में।



गीत के बोल:

आ, ऐसे ना ठुकराओ
ऐसे ना, ओ ठुकराओ ए सनम
अब के गए तो फिर ना आयेंगे हम
आ, ऐसे ना ठुकराओ ए सनम
हो, अब के गए तो फिर ना आयेंगे हम
आ.....

आ, कैसे हम तुझसे कहें
अब कोई सपना नहीं
भीगी आँखों में तेरे सिवा
तडपे दिल जिसके लिए
कोई ऐसा दिलवर नहीं
सूनी रातों में तेरे सिवा

हा हा हा, हा हा , हा हा हा हा

हो, ऐसे ना ठुकराओ ए सनम
अब के गए तो फिर ना आयेंगे हम
हा.....

हाँ, हम तो टूटा दिल लिए
ये जलते आंसू पिए
भटकेंगे जाने कहाँ कहाँ
पर इतना तुम भी सुनो
के चाहनेवाला कोई
मिलता है मुश्किल से जाने जां
हा हा हा, हा हा हा

हो, ऐसे ना ठुकराओ ए सनम
अब के गए तो फिर ना आयेंगे हम
हा.....

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Jan 8, 2010

चली आना तू पान की दुकान पे -आज का अर्जुन १९९०

पान की दुकान हमेशा से आम जनता की एक प्रिय स्थली रही है
यहाँ जाने वालों और खड़े रहने वालों के उद्देश्य भिन्न भिन्न होते
हैं। कोई अख़बार की नयी ख़बरों पर चर्चा करता मिल जायेगा, तो
कोई सामाजिक व्यवस्था का रोना रोता हुआ। किसी भी गली मोहल्ले
का एक छोटा सूचना केंद्र होता है ये। यहीं से किसी व्यक्ति के चारित्रिक
हनन की कारवाई शुरू की जाती है, जानकारियों को मसाला लगा के।
पान की बिक्री कम होने से वहां एक व्यक्ति के खड़े होने का औसत
समय भी कम हो गया है। अब ज्यादातर सिगरेट पीने वाले ही धुंए का
छल्ला बनाते नज़र आते हैं । पान मसाले के पाउच खाने वाले व्यक्ति
फटाफट पाउच लेकर चलते बनते हैं। इस गीत का संगीत तैयार किया है
बप्पी लहरी ने।



गीत के बोल:

हे हे, हो हो , ओये ओये ओये ओये
पलट तेरा ध्यान किधर है गोरी

सूट बूट यह इंग्लिस्तानी, मेरा नाम है भीमा
याने नेम माय है भीमा, टोपी लंदन वाली
तेरे लिए क्या रूप है बदला,
देख ओ ढाबेवाली, अरे रुक रुक
चली आना प् प् प् प् पान पान, प् प् प् प् पान पान
चली आना तू पान की दुकान पे
हे हे हे हे... साड़े तीन बजे
रस्ता देखूंगा मैं
रस्ता देखूंगा मैं पान की दुकान पे,
साड़े तीन बाजे
चली आना तू पान की दुकान पे
साड़े ऊंह, साड़े म्म, साड़े तीन बाजे

तू आ, धिनक धिन धा, चली आ, धिनक धिन धा
काहे गुस्सा करे फिजूल, मैंने मान ली अपनी भूल
मेरा प्यार है सच्चा प्यार, करले मेरा प्यार काबुल
हो हो हो हो, ओह ओह हो ओ
काहे गुस्सा करे फिजूल, मैंने मान ली अपनी भूल
मेरा प्यार है सच्चा प्यार, करले मेरा प्यार कबूल
अपनी जोड़ी खूब जमेगी
अपनी जोड़ी खूब जमेगी मैं भंवरा तू फूल
चली आना प् प् प् प् पान पान, प् प् प् प् पान पान
चली आना तू पान की दुकान पे
हे हे हे हे, साड़े तीन बाजे
रस्ता देखूंगा मैं पान की दुकान पे
साड़े ऊंह, साड़े म्म, साड़े तीन बजे


नखरेवाली नखरा छोड़, काहे इतना करे गुमान
दीवाने का दिल ना तोड़, अब तो दिल का कहना मान
हो हो हो हो ओह ओह हो ओ ओ
नखरेवाली नखरा छोड़, काहे इतना करे गुमान
दीवाने का दिल ना तोड़, अब्ब तो दिल का कहना मान
तडपाया तो तड़प तड़प के ओ ओ ओ
तडपाया तो तड़प तड़पकर दे दूंगा मैं जां
हो आऊंगी रे,
हो आऊँगी रे मैं पान की दुकान पे,
साड़े, साड़े, साड़े तीन बजे
हो रस्ता देखूँगी में पान के दुकान पे,
साड़े तीन बजे

डोंगर ऊपर डोंगरी, छोरे पे मर गयी छोकरी
हाँ, डोंगर ऊपर डोंगरी, छोरे पे मर गयी छोकरी
डोंगर ऊपर डोंगरी, छोरे पे मर गयी छोकरी
डोंगर ऊपर डोंगरी, छोरे पे मर गयी छोकरी
टा टा, ना ना, टा टा ,
रुक रुक रुक रुक गोरी

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Nov 26, 2009

प्यार किसे कहते हैं-मैं आवारा हूँ १९८३

कौनसा गीत किसे पसंद आ जाए कुछ नहीं कहा जा सकता ।
ये गीत मुझे बहुत पसंद है। इसमे संजय दत्त और जयाप्रदा
नाच रहे हैं . नाच तो जया प्रदा और बाकी कलाकार दिखा रहे हैं,
संजय दत्त अंग्रेज़ी का 'shake-a-leg' कर रहे हैं।
संजय दत्त उन कलाकारों में से हैं जिनको नाचना
नहीं आता। जयाप्रदा जिस उन्मुक्तता और तबियत से
न्र्तिया करती हैं वो बेजोड़ है। उनका साथी कलाकार
कोई भी हो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनकी स्क्रीन
प्रेजेंस ज़बरदस्त है। इस ब्लॉग में हम बाकी की भाषाओँ के
गीत शामिल नहीं कर पाएंगे वरना आपको एक चिरंजीवी का
"ऊट पटांगो-पी. टी.-डिस्को" नृत्य का विडियो दिखलाता
जिसमे जया प्रदा उनके साथ नाच रही हैं।




गाने के बोल:

प्यार किसे कहते हैं
प्यार किसे कहते हैं
जो हमने किया तुमसे
जो तुमने किया हमसे
प्यार इसे कहते हैं।

अरे,प्यार किसे कहते हैं
प्यार किसे कहते हैं
जो हमने किया तुमसे
जो तुमने किया हमसे
प्यार इसे कहते हैं।

हे, हा हा हा हा हा
देख लिया दुनिया ने ज़ोर लगा के
प्यार करने वालों पे पहरे बिठा के
हे, रोके से न रुके
रोके से न रुके
दिल किसी बाँध से
दीवारें फांद के ये दरिया बहते हैं
हाँ हाँ ,प्यार इसे कहते हैं

हाय, प्यार किसे कहते हैं
जो हमने किया तुमसे
जो तुमने किया हमसे
प्यार इसे कहते हैं।

हो हो हो हो हो हो हो हो हो

ये भेद तो उसी पे खुलेगा
जो इन नैनों के तराजू में तुलेगा

हे, हम दिलवाले भला
हम दिलवाले भला
हंस हंस के किसलिए
सारे जहान के, लाख सितम सहते हैं

हाँ हाँ ,प्यार इसे कहते हैं

हो, प्यार किसे कहते हैं
जो हमने किया तुमसे
जो तुमने किया हमसे
प्यार इसे कहते हैं।
हाँ हाँ ,प्यार इसे कहते हैं

हे, हा हा
हे हुर्र, हे हे
पटा के, जमा के, लगा के, हे हे
हे

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Nov 25, 2009

ओ सजन बीत न जाए सावन-मर्दों वाली बात १९८७

८० के दशक के कर्णप्रिय गीतों में से एक। इस बरसाती गीत में
नायक नायिका दोनों के हिस्से का अभिनय अभिनेत्री ने कर लिया है।
जाया प्रदा इस फ़िल्म की नायिका हैं। जलती हुई आग और बारिश का
अनूठा संगम इस गाने के पहले इतने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया
हो याद नहीं पड़ता मुझे। दृष्यावली सुंदर बन पड़ी है इस गीत की।
जया प्रदा और संजय दत्त बतौर हीरो हिरोइन कुछ फिल्मों में आए हैं।
इस गीत में छायाकार ने जया प्रदा का पूरा अभिनय कौशल दर्शकों
के सामने रख दिया है। वे बेहद प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं। उनका अपना
एक अलग प्रशंसक वर्ग है। उनके सौंदर्य के सत्यजित रे भी मुरीद थे।

इन्दीवर ने राहुल देव बर्मन के साथ बहुत कम काम किया है। ये गीत
फ़िल्म 'मर्दों वाली बात' का सबसे बढ़िया गीत है। फ़िल्म कब आई कब गई
पता नहीं इसलिए इसके गीत भी नहीं सुनाई दिए। इस गीत में आवाजें
आशा भोंसले और एस पी बालसुब्रमण्यम की हैं।



गाने के बोल

ओ सजन ओ सजन
ओ सजन बीत न जाए सावन
जल रहा है तन मन
अंग लगा ले साजन
न जा, न जा, तू आ मिटा
मेरे तन की तड़पन
न जा, न जा, तू आ मिटा
मेरे तन की तड़पन

ओ सजन बीत न जाए सावन
जल रहा है तन मन
अंग लगा ले साजन
न जा, न जा, तू आ मिटा
मेरे तन की तड़पन
न जा, न जा, तू आ मिटा
मेरे तन की तड़पन

धरती भीगी, कलियों के भी बुझते हैं अगन
प्यास मिटी न, आग बुझी न, अब तक जले ये तन

धरती भीगी, कलियों के भी बुझते हैं अगन
प्यास मिटी न, आग बुझी न, अब तक जले ये तन

हे, धडकनों में सरगम, दो दिलों का संगम
प्यार का ये मौसम,
मुझे पता न था सनम,
मांगे तुझे मेरा मन

ओ सजन बीत न जाए सावन
जल रहा है तन मन
अंग लगा ले साजन
न जा, न जा, तू आ मिटा
मेरे तन की तड़पन
न जा, न जा, तू आ मिटा
मेरे तन की तड़पन

तू न जाए पास किसीके इतना प्यार दूँ
तेरे होंठों आँखों पर मैं सब कुछ वार दूँ.
तू न जाए पास किसीके इतना प्यार दूँ
तेरे होंठों आँखों पर मैं सब कुछ वार दूँ.

हे, धडकनों में सरगम, दो दिलों का संगम
प्यार का ये मौसम,
मुझे पता न था सनम,
मांगे तुझे मेरा मन

ओ सजन बीत न जाए सावन
जल रहा है तन मन
अंग लगा ले साजन
न जा, न जा, तू आ मिटा
मेरे तन की तड़पन
न जा, न जा, तू आ मिटा
मेरे तन की तड़पन

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Nov 24, 2009

आईने के सौ टुकड़े-माँ १९९१

९० के दशक से एक बढ़िया नग़मा । आज कल नई फिल्मों में प्यानो
वाले गाने कम हैं। पुराने वक्त की याद दिलाता ये गीत कुमार सानू
ने गाया है । ८० के बाद के आधे दशक में चीख पुकार के दौर के बाद
थोड़े कर्णप्रिय गीत ९० में भी सुनने को मिले। हसरत जयपुरी ने अपनी
छाप इस गाने में भी छोड़ी है। धुन बनाई है अन्नू मलिक ने। हिन्दी सिनेमा
की सबसे सुंदर अभिनेत्रियों में से एक इस फ़िल्म में मौजूद है ।
नायक जीतेंद्र हैं जो इस गीत को परदे पर गा रहे हैं ।



गाने के बोल:

आईने के सौ टुकड़े, कर के हमने देखे हैं
आईने के सौ टुकड़े, कर के हमने देखे हैं
एक में भी तनहा थे, सौ में भी अकेले हैं
सौ में भी अकेले हैं

आईने के सौ टुकड़े, कर के हमने देखे हैं
एक में भी तनहा थे, सौ में भी अकेले हैं
सौ में भी अकेले हैं

आईने के सौ टुकड़े, कर के हमने देखे हैं

जो बना था एक साथी, वो भी हम से छूटा है
बेवफा नहीं जब वो, फ़िर क्यो हम से रूठा है
जो बना था एक साथी, वो भी हम से छूटा है
बेवफा नहीं जब वो, फ़िर क्यो हम से रूठा है
फ़िर क्यो हम से रूठा है

खोयी खोयी आखों में, आसुओं के मेले हैं
खोयी खोयी आखों में, आसुओं के मेले हैं
एक में भी तनहा थे, सौ में भी अकेले हैं
सौ में भी अकेले हैं

आईने के सौ टुकड़े, कर के हमने देखे हैं

उस का हाल क्या होगा, यही गम सताता है
नींद भी नहीं आती, दर्द बढ़ता जाता है
उस का हाल क्या होगा, यही गम सताता है
नींद भी नहीं आती, दर्द बढ़ता जाता है
दर्द बढ़ता जाता है

जिंदगी की राहों में, लोग हम से खेले हैं
जिंदगी की राहों में, लोग हम से खेले हैं
एक में भी तनहा थे, सौ में भी अकेले हैं
सौ में भी अकेले हैं


आईने के सौ टुकड़े, कर के हमने देखे हैं

हर तरफ़ उजाला है, दिल में एक अन्धेरा है
सामने कब आयेगा, क्यों छुपा सवेरा है
हर तरफ़ उजाला है, दिल में एक अन्धेरा है
सामने कब आयेगा, क्यों छुपा सवेरा है
क्यों छुपा सवेरा है


मेरा दिल ज़िगर देखो, कितने दर्द झेले हैं
मेरा दिल ज़िगर देखो, कितने दर्द झेले हैं
एक में भी तनहा थे, सौ में भी अकेले हैं
सौ में भी अकेले हैं


आईने के सौ टुकड़े, कर के हमने देखे हैं
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Aaine ke sau tukde-Maa 1991

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