Showing posts with label Rajeev Kapoor. Show all posts
Showing posts with label Rajeev Kapoor. Show all posts

Dec 17, 2014

जीने दे ये दुनिया २- लावा १९८५

फिल्म लावा कुछ अच्छे गीतों से सजी फिल्म थी. फिल्म ज्यादा
नहीं चली. आज एक गीत का वो वाला तर्जुमा सुनवा रहे हैं जो
बहुत ही कम लोगों ने सुना होगा. ये है आशा भोंसले की आवाज़
में. गीत दर्दीला है और इसका ओर्केस्ट्रा भी वैसा ही है. राहुल देव
बर्मन ने जो भी गीत आशा के लिए बनाये हैं गुणवत्ता के हिसाब
से इसे आप टॉप टेन आशा-आर डी कॉम्बिनेशन में रख सकते हैं.
बोल और धुन लाजवाब हैं. पैसा वसूल गीत है ये. अपने प्रेमी से
बिछड़ने और मजबूरन एक खब्ती दबंग रईस से चिपकाए जाने की
मिली जुली प्रतिक्रिया इस गीत में व्यक्त हो रही है. नायिका झरने
के किनारे कड़ी लगभग ख़ुदकुशी करने के कगार पर है जब ये
गीत गा रही है. इसी जगह उसने अपने प्रेमी को पानी की
गहराईयों में खोते हुए देखा था. इसका वीडियो उपलब्ध नहीं है
सुन कर आनंद उठायें.




गीत के बोल:

जीने दे ये दुनिया चाहे मार डाले

कागज पे कुछ हो, लिखा तो मिटा दूं
सौदा किया हो हो तो कीमत चूका दूं
कागज पे कुछ हो, लिखा तो मिटा दूं   
सौदा किया हो हो तो कीमत चूका दूं
देखा हो सपना तो सपना भुला दूं
कैसा भुला दूं तुम्हें याद आने वाले
लोग हम निराले प्यार करने वाले

जीने दे ये दुनिया चाहे मार डाले

गजरा खुला था कजरा बहा था
कल रात मुझको तू याद आ रहा था
गजरा खुला था कजरा बहा था
कल रात मुझको तू याद आ रहा था

आँखों में बस जा मैंने कहा था
ये कब कहा था की नींदें चुरा ले
लोग हम निराले प्यार करने वाले

जीने दे ये दुनिया चाहे मार डाले
.............................................
Jeene de ye duniya(Asha version)-Laava 1985

Read more...

Oct 27, 2011

जब चाहा यारा तुमने-ज़बरदस्त १९८५

आपको फिल्म 'ज़बर दस्त' से तीन गीत सुनवाए जा चुके हैं। फिल्म
ज़बरदस्त बहुसितारा फ्लॉप फिल्म है जो कुछ उम्दा गीतों से सजी
हुयी है। आइये सुनें इस फिल्म का सबसे चर्चित गीत जिसे आपके
कान एक ना एक बार ज़रूर सुन चुके होंगे। ये गीत चित्रहार के
ज़माने में कई बार टी वी पर दिखाई दे जाता था। गीत में बैगपाइपर
की ध्वनि का बढ़िया प्रयोग है। गीत आनंद बक्षी का लिखा हुआ और
किशोर कुमार द्वारा गाया गया है। फिल्म में संगीत पंचम
का है।

श्रेणी बनाने क शौक़ीन इसे बैगपाइपर हिट्स की श्रेणी में रख सकते हैं।
(वो वाला बैगपाइपर नहीं-बोतल में भरे रंगीन पेय के विज्ञापन वाला)
पंचम ने इस वाद्य का बढ़िया प्रयोग फिल्म "हम किसी से कम नहीं" के
गीत में भी किया है और वो गीत भी किशोर कुमार का गाया हुआ है।




गीत के बोल:

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
अरे तुम्हारी मर्ज़ी पे चल रहें हैं, ख़ता हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया

चलो जी हम बुरे सही, चलो जी हम झूठे हैं
मग़र इनहीं निगाहों से हज़ारों दिल टूटे हैं
चलो जी हम बुरे सही, चलो जी हम झूठे हैं
मग़र इनहीं निगाहों से हज़ारों दिल टूटे हैं
अरे, कसम से कहना, हमारी सूरत नहीं है प्यारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया

समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
अरे, लिपट के पूछो , के आगे मर्ज़ी है अब हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
अरे तुम्हारी मर्ज़ी पे चल रहें हैं, ख़ता हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
..............................................
Jab chaha yaara tumne-Zabardast 1985

Read more...

Apr 29, 2010

भूल हो गई जाने दे-ज़बरदस्त १९८५

हिंदी फिल्मों के कुछ फार्मूले समझ के बाहर हैं मसलन जब हीरो
हिरोइन से रूठ के कहीं जाने लगता है तो उसके हाथ में एक छोटा सा
बैग होता है जिसमे १०-२० जोड़ी मोज़े या रुमाल से ज्यादा कुछ नहीं
आ सकता। दूसरी बात वो जंगल या पहाड़ पर ही ज्यादा रूठा करता है।
ऐसी गति से चलता है मानो कोई बस या कार उड़ते हुए पहाड़ पर उसको
लेने आनेवाली हो । २-३ मिनट तक ये ड्रामा चलता है, हिरोइन उसको
मना लेती है और जाने का प्रोग्राम कैंसल । ऐसा संगीतमय ड्रामा नासिर हुसैन
के एक फिल्म -प्यार का मौसम में भी है जिसमे शशि कपूर रूठ के कहीं चले
जा रहे हैं और नायिका आशा पारेख गीत गा के उनको मनाने का यत्न कर रही हैं ।

फिल्म ज़बरदस्त जिसका युगल गीत हम आज सुनेंगे उसमे भी अभिनेत्री
रति अग्निहोत्री नायक राजीव कपूर को मनाने का संगीतमय प्रयत्न करती
नज़र आएँगी। ये फिल्म भी नासिर हुसैन निर्देशित फिल्म है और संगीत
राहुल देव बर्मन का है। पहाड़ी भी कुछ कुछ मिलती जुलती है -वही शायद
प्यार का मौसम वाली। मेरे अनुमान से पूना और मुंबई के बीच की कोई पहाड़ी
होना चाहिए।

गीत की धुन आकर्षक एवं तेज़ है जो आपको बांधे रखेगी। गायक कलाकार हैं
आशा भोंसले और किशोर कुमार।



गीत के बोल:

अरे भूल हो गई जाने दे सजना
मर जाऊंगी, मान जा, मान जा , मान जा

हो ओ ओ भूल हो गई जाने दे सजना
मर जाऊंगी, मान जा, मान जा , मान जा

सजा दे इन आखों को कि ये खता है इनकी
कहे ना पहचाना तुझे
तुझे क्या से क्या समझा कहूं क्या मैं इस दिल को
कैसे नहीं जाना तुझे
मानती हूँ जाने दे सजना
मर जाऊंगी, मान जा, मान जा ना, मान जा

तुझे मैं ना चाहूंगी तो कैसे ना चाहूंगी
मैं तो दीवानी यार की
गिले जो भी हैं दिल के मिटा ले गले मिल के
तुझको कसम है यार की

छोड़ गुस्सा जाने दे सजना
मर जाऊंगी, मान जा, मान जा ना, मान जा

भूल हो गई जाने दे सजना
मर जाऊंगी, मान जा, मान जा ना, मान जा

हा हा ,चलो माफ़ करता हूँ
कहा तो कहा तुमने
आगे ना कहना फिर कभी
चला जाऊँगा वरना कहीं तुमसे इतनी दूर
ढूंढोगी सारी ज़िन्दगी
और फिर पुकारोगी सजना
अरे मर जाऊंगी मान जा, मान जा, मान जा

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP