Showing posts with label Sunny Deol. Show all posts
Showing posts with label Sunny Deol. Show all posts

Feb 13, 2015

यारा ओ यारा-जीत १९९६

कुछ गाने मुझे सार्वजनिक जगहों पर बजते मिले उनमें
से एक है फिल्म जीत का गीत. जीत सनी देवल और
करिश्मा अभिनीत १९९६ की फिल्म है. नदीम श्रवण ९०
के दशक में काफी सक्रिय रहे और लगभग हर चोटी के
फिल्मकार को उन्होंने संगीतमय सेवाएं दीं. उनके गीतों
में विनोद राठौड की आवाज़ आपको कुछ ही गीतों में
मिलेगी. 




गीत के बोल:

यारा ओ यारा मिलना हमारा, जाने क्या रंग लाएगा
यारा ओ यारा मिलना हमारा, जाने क्या रंग लाएगा
अब एक पल भी तुमसे बिछड के, ये दिल न रह पायेगा
थोडा सा तू पागल है थोडा सा दीवाना 
मुझे दिल में रखना नज़र में छुपाना 
तेरा मेरा रिश्ता किसी ने न जाना 
यारा ओ यारा मिलना हमारा, जाने क्या रंग लाएगा
अब एक पल भी तुमसे बिछड के, ये दिल न रह पायेगा
यारा ओ यारा

ये अदा ये नज़र ये मुस्कुराना तेरा
शोखियाँ प्यार की दिल है दीवाना मेरा
ये अदा ये नज़र ये मुस्कुराना तेरा
शोखियाँ प्यार की दिल है दीवाना मेरा
रंग है रूप है ख्वाबों की बरात है
और क्या चाहिए जन्नत मेरे साथ है
है माफ सारी खताएं तेरे लिए है मेरी वफाएं 
यारा ओ यारा मिलना हमारा, जाने क्या रंग लाएगा
अब एक पल भी तुमसे बिछड के, ये दिल न रह पायेगा
यारा ओ यारा

मैं तेरा आसमान, तू है मेरी चांदनी
क्या तुझे है पता, मेरे लिए तू बनी
मैं तेरा आसमान, तू है मेरी चांदनी
क्या तुझे है पता, मेरे लिए तू बनी
जिंदगी बन गयी तू जो मुझे मिल गयी 
धूप की आग में नाज़ुक कली खिल गयी
न जाने दिल पे कैसा असर है जादू जगाया तू जादूगर

यारा ओ यारा मिलना हमारा, जाने क्या रंग लाएगा
अब एक पल भी तुमसे बिछड के, ये दिल न रह पायेगा
थोडा सा तू पागल है थोडा सा दीवाना 
मुझे दिल में रखना नज़र में छुपाना 
तेरा मेरा रिश्ता किसी ने न जाना 
यारा ओ यारा मिलना हमारा, जाने क्या रंग लाएगा
अब एक पल भी तुमसे बिछड के, ये दिल न रह पायेगा
………………………………………………….
Yaara O Yaara Milna Hamara-Jeet 1996

Read more...

Dec 19, 2014

मेरा दिल ले गयी ओए-जिद्दी १९९७

पप्पू-गुड्डू जैसे  नाम केवल घरों में ही नहीं वरन हिंदी फिल्म उद्योग
में भी पाए जाते हैं. के. पप्पू की एक फिल्म से आपको गान सुनवा चुके
हैं और एक गुड्डू धनोवा की फिल्म से. आज गुडू धनोवा की ही एक
फिल्म से ही गाना सुनेंगे. गुड्डू की कुछ प्रमुख फ़िल्में हैं -

दीवाना  २०००
गुंडाराज  १९९५
तू चोर मैं सिपाही १९९६
जिद्दी १९९७
बिच्छू २००० 
सिसकियाँ २००५

तरह तरह की फिल्म बना चुके धनोवा एक स्थापित निर्देशक हो चुके हैं नयी
पीढ़ी के निर्देशकों में. वैसे अनुराग कश्यप , अनुराग बासु वगैरह की पीढ़ी
इसके बाद वाली है.

आज गाना सुनिए १९९७ की फिल्म जिद्दी से जिसमें सनी देवल की प्रमुख
भूमिका है. Quality का मतलब अगर गुणवत्ता है तो   Kwality नाम एक
आइसक्रीम का है. बहुत सारे समीर और बहुत सारे सेन इस गीत से जुड़े
हैं. गीत समीर ने लिखा, गाया ललित सेन ने औए संगीतकार हैं दिलीप सेन
समीर सेन.



गीत के बोल: 

तैयार हो रहे हैं जी....................

Read more...

Oct 27, 2011

जब चाहा यारा तुमने-ज़बरदस्त १९८५

आपको फिल्म 'ज़बर दस्त' से तीन गीत सुनवाए जा चुके हैं। फिल्म
ज़बरदस्त बहुसितारा फ्लॉप फिल्म है जो कुछ उम्दा गीतों से सजी
हुयी है। आइये सुनें इस फिल्म का सबसे चर्चित गीत जिसे आपके
कान एक ना एक बार ज़रूर सुन चुके होंगे। ये गीत चित्रहार के
ज़माने में कई बार टी वी पर दिखाई दे जाता था। गीत में बैगपाइपर
की ध्वनि का बढ़िया प्रयोग है। गीत आनंद बक्षी का लिखा हुआ और
किशोर कुमार द्वारा गाया गया है। फिल्म में संगीत पंचम
का है।

श्रेणी बनाने क शौक़ीन इसे बैगपाइपर हिट्स की श्रेणी में रख सकते हैं।
(वो वाला बैगपाइपर नहीं-बोतल में भरे रंगीन पेय के विज्ञापन वाला)
पंचम ने इस वाद्य का बढ़िया प्रयोग फिल्म "हम किसी से कम नहीं" के
गीत में भी किया है और वो गीत भी किशोर कुमार का गाया हुआ है।




गीत के बोल:

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
अरे तुम्हारी मर्ज़ी पे चल रहें हैं, ख़ता हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया

चलो जी हम बुरे सही, चलो जी हम झूठे हैं
मग़र इनहीं निगाहों से हज़ारों दिल टूटे हैं
चलो जी हम बुरे सही, चलो जी हम झूठे हैं
मग़र इनहीं निगाहों से हज़ारों दिल टूटे हैं
अरे, कसम से कहना, हमारी सूरत नहीं है प्यारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया

समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
समझ सको तो हमसफ़र, हमें तुम अपना जानो
उधर नहीं इधर चलो, कभी तो कहना मानो
अरे, लिपट के पूछो , के आगे मर्ज़ी है अब हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
अरे तुम्हारी मर्ज़ी पे चल रहें हैं, ख़ता हमारी क्या हो

जब चाहा यारा तुमने, आँखों से मारा तुमने
होंठों से ज़िन्दा कर दिया
..............................................
Jab chaha yaara tumne-Zabardast 1985

Read more...

Jan 9, 2010

ऐसे ना ठुकराओ-ज़बरदस्त १९८५

जब से संगीत उत्पादक यन्त्र संयंत्र सस्ते और आम आदमी की पहुँच में
आये हैं तबसे हमें बैलगाड़ी, रेलगाड़ी, टेम्पो, रिक्शा, ट्रक, ट्रक्टर-ट्रोली
इत्यादि में गाने बजते मिल जाते हैं। अभी एक सवारी का जिक्र हमने
नहीं किया है वो है 'कार' । आपको कभी कभार ऐसी कारें ज़रूर मिली होंगी
जिसमे से धम धम की ध्वनियाँ निकल रही होती हैं, उसके अलावा कुछ
सुनाई नहीं देता। ऐसा लगता है मानो कोई धौंकनी चल रही हो या कपड़ों
की धुलाई हो रही हो। इन संगीत प्रेमियों को केवल धम धम से मतलब होता
है, गाना चाहे कोई भी हो। खुद से ज्यादा वे दूसरों को सुनाने का प्रयत्न करते हैं।
वैसी ही धम धम की ध्वनि इस गीत में भी है, मगर इसमें आपको बोल भी सुनाई
देंगे। आशा भोंसले की आवाज़ में ये गीत है फिल्म ज़बरदस्त से जो सन १९८५ की
फिल्म है। इस फिल्म में उनके साथ नायक हैं-सनी देवल । इस गीत में राहुल देव बर्मन
ने भी अपनी आवाज़ फिट की है । गीत कर्णप्रिय है और कम सुना हुआ भी।
बांसुरी का उपयुक्त प्रयोग हुआ है इस गीत में।



गीत के बोल:

आ, ऐसे ना ठुकराओ
ऐसे ना, ओ ठुकराओ ए सनम
अब के गए तो फिर ना आयेंगे हम
आ, ऐसे ना ठुकराओ ए सनम
हो, अब के गए तो फिर ना आयेंगे हम
आ.....

आ, कैसे हम तुझसे कहें
अब कोई सपना नहीं
भीगी आँखों में तेरे सिवा
तडपे दिल जिसके लिए
कोई ऐसा दिलवर नहीं
सूनी रातों में तेरे सिवा

हा हा हा, हा हा , हा हा हा हा

हो, ऐसे ना ठुकराओ ए सनम
अब के गए तो फिर ना आयेंगे हम
हा.....

हाँ, हम तो टूटा दिल लिए
ये जलते आंसू पिए
भटकेंगे जाने कहाँ कहाँ
पर इतना तुम भी सुनो
के चाहनेवाला कोई
मिलता है मुश्किल से जाने जां
हा हा हा, हा हा हा

हो, ऐसे ना ठुकराओ ए सनम
अब के गए तो फिर ना आयेंगे हम
हा.....

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP