चैन से हमको कभी-प्राण जाए पर वचन न जाए १९७४
से एक गीत जिस फिल्म में शामिल नहीं किया गया मगर
इसे उस साल के सर्वश्रेष्ठ गीत के पुरस्कार से नवाज़ा गया.
फिल्म के ऑडियो संग्रह का सबसे बढ़िया गीत भी यही है.
इस फिल्म में सारे गीत आशा भोंसले के गाये हुए हैं. इसे
श्रोताओं और समीक्षकों द्वारा सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ दर्दीले गीतों
की सूची में शामिल किया जाता है. सरल सा संगीत है गीत
का और बांसुरी के साथ इसका प्रभाव अलौकिक सा हो जाता
है. गीतकार ने बहुत फुर्सत से इस गीत को लिखा होगा .
गौरतलब है इस फिल्म के बाद ओ पी नैय्यर और आशा
का बरसों से चला आ रहा हिट संगीत का सिलसिला थम
गया. इस फिल्म के बाद आशा भोंसले आर डी बर्मन के
संगीत के लिए अपनी सेवाएं देने लगीं. इसके फिल्म के बाद
आशा की आवाज़ नैय्यर के संगीत में नहीं सुनाई दी. गीत
एस एच बिहारी का लिखा हुआ है और इसका कोई वीडियो
मौजूद नहीं है. ये एक ऑडियो क्लिप है यूट्यूब पर.
गीत के बोल:
चैन से हमको कभी आपने जीने न दिया
ज़हर भी चाहा अगर पीना तो पीने न दिया
चैन से हमको कभी
चाँद के रथ में रात की दुल्हन जब जब आएगी
याद हमारी आपके दिल को तरसा जायेगी
आपने जो है दिया वो तो किसी ने न दिया
ज़हर भी चाहा अगर पीना तो पीने न दिया
चैन से हमको कभी आपने जीने न दिया
ज़हर भी चाहा अगर पीना तो पीने न दिया
चैन से हमको कभी
आपका गम जो इस दिल में दिन रात अगर होगा
सोच के ये दम घुटता है फिर कैसे गुजर होगा
काश न होती अपनी जुदाई मौत ही आ जाती
कोई बहाने चैन हमारी रूह तो पा जाती
इक पल हंसना कभी दिल की लगी ने न दिया
ज़हर भी चाहा अगर पीना तो पीने न दिया
चैन से हमको कभी
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Chain se hamko kabhi-Pran jaaye par vachan na jaaye 1974

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