Showing posts with label SH Bihari. Show all posts
Showing posts with label SH Bihari. Show all posts

Mar 28, 2020

ज़ुल्फ़ लहराई तो-खून का बदला खून १९७८

७० के दशक के भूले बिसरे गीतों में से एक और पेश
है. अपने ज़माने का लोकप्रिय गीत जी ना जाने कहाँ
खो गया. वाणी जयराम ने इसे गाया है और आप इस
बात का यकीन नहीं कर सकते कि वाणी जयराम से
बोले रे पपीहरा जैसे गानों के अलावा भी कुछ और
उम्मीद हम कर सकते हैं.

आपको एक भूतिया फिल्म दो गज ज़मीन के नीचे
का गाना सुनवाया था जो वाणी जयराम ने गाया है.
वो भी थोडा तेज गति वाला गीत है मगर प्रस्तुत
गीत की बात और है कुछ.

परदे पर इसे एक हेल्दी अभिनेत्री आशा सचदेव पर
फिल्माया गया है. नायक महेंद्र संधू उनकी उछल कूद
का आनंद ले रहे हैं. महेंद्र संधू को जनता प्यार से
देसी जेम्स बाँड भी बुलाती थी.





गीत के बोल:

ज़ुल्फ़ लहराई तो
ज़ुल्फ़ लहराई तो सावन का महीना आ गया
ज़ुल्फ़ लहराई तो
आसमा पर हाय
आसमा पर बादलों को पसीना आ गया हाय
ज़ुल्फ़ लहराई तो
ज़ुल्फ़ लहराई तो सावन का महीना आ गया
ज़ुल्फ़ लहराई तो


हाय रे मेरी शोख जवानी
महके जैसे रात की रानी
दिल में प्यार के सपने सजा कर
लोग मरें जब मेरी अदा पर
दिल में प्यार के सपने सजा कर
लोग मरें जब मेरी अदा पर
मुझको भी जीना आ गया

ज़ुल्फ़ लहराई तो
ज़ुल्फ़ लहराई तो सावन का महीना आ गया
ज़ुल्फ़ लहराई तो
आसमा पर हाय
आसमा पर बादलों को पसीना आ गया हाय
ज़ुल्फ़ लहराई तो
ज़ुल्फ़ लहराई तो सावन का महीना आ गया
ज़ुल्फ़ लहराई तो

मै क्या जानूं रंग बदलना
पी के बहकना झूम के चलना
यारों ने आँखों से पिलाई
बन के पवन मैं भी लहराई
यारों ने आँखों से पिलाई
बन के पवन मैं भी लहराई
मुझको भी पीना आ गया

ज़ुल्फ़ लहराई तो
ज़ुल्फ़ लहराई तो सावन का महीना आ गया
ज़ुल्फ़ लहराई तो
आसमा पर हाय
आसमा पर बादलों को पसीना आ गया हाय
ज़ुल्फ़ लहराई तो
ज़ुल्फ़ लहराई तो सावन का महीना आ गया
ज़ुल्फ़ लहराई तो
…………………………………………………..
Zulf lehrayi to-Khoon ka badla khoon 1978

Artist: Asha Sachdev, Mahendra Sandhu

Read more...

Mar 14, 2020

दिल जनाब के कदमों में-द किलर्स १९६९

दिल भी क्या चीज़ है, उसे कहीं भी किसी भी
चीज़ पर निसार कर दो. कहाँ तो हिंदी फिल्म
का नायक कहता है-अपने पांव ज़मीन पर ना
रखियेगा मैले हो जायेंगे और कहाँ दिल क़दमों
में रखने की बात.

सुनते हैं आशा भोंसले का गाया हुआ एक गीत
एस एच बिहारी का लिखा हुआ जिसकी तर्ज़
ओ पी नैयर ने बनाई है.



गीत के बोल:

बा बा बा बा बा बा बा
बा बा बा बा बा बा बा

दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
पहले तो दिलरुबा
कहियो तो ये ज़रा
आपको कितना प्यार है

हो दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
पहले तो दिलरुबा
कहिये तो ये ज़रा
आपको कितना प्यार है
हो दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे

ढूंढती हैं कब से ये मेरी निगाहें
मंज़िले वफ़ा की ज़िन्दगी की राहें
प्यार न हो तो मेरी आँखों में दिलबर
चुभता है प्यारी रातों का मंज़र
ये जीना बेकार है

हो दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
पहले तो दिलरुबा
कहिये तो ये ज़रा
आपको कितना प्यार है
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे

ताजमहल से ये ले लो तुम गवाही
प्यार ने जहाँ में की है बादशाही
आज भी उल्फ़त का है दिल ये दीवाना
फिर भी न जाने क्यों ये ज़ालिम ज़माना
क्यूँ बेजार है

दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
पहले तो दिलरुबा
कहिये तो ये ज़रा
आपको कितना प्यार है
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
…………………………………………………
Dil janaab ke kadmon mein-The Killers 1969

Artist: Sheikh Mukhtar, Ajit, Helen

Read more...

Mar 8, 2020

नज़रे मिला के आपने-द किलर्स १९६९

ओ पी नैयर यूँ ही नहीं शम्सुल हुदा बिहारी की तारीफ
किया करते थे. एस एच बिहारी की लेखनी में आपको
वो सब मिलेगा जो किसी भी दूसरे नामचीन शायर या
गीतकार के लेखन में है. सरलता एस एच बिहारी का
मजबूत पक्ष है.

सन १९६९ की फिल्म द किलर्स से अगला गीत सुनते हैं
आशा भोंसले का गाया हुआ. इसका संगीत नैयर ने तैयार
किया है. गीत का शब्द सामन ना जाने क्यूँ साबुन सुनाई
देता है. दारा सिंह के हिस्से की एक्टिंग भी हेलन ने कर
ली है इस गाने में.




गीत के बोल:

नज़रे मिला के आपने एहसान कर दिया
नज़रे मिला के आपने एहसान कर दिया
फिर से हमारे जीने का सामान कर दिया

मिल के हमें हुज़ूर से महसूस ये हुआ
मिल के हमें हुज़ूर से महसूस ये हुआ
दुनिया में और कुछ भी नहीं प्यार के सिवा
सब कुछ वफ़ा के नाम पे कुर्बान कर दिया
नज़रे मिला के आपने एहसान कर दिया

बेचैन थी हमारी नज़र आपके बगैर
बेचैन थी हमारी नज़र आपके बगैर
मुश्किल था ज़िन्दगी का सफ़र आपके बगैर
बाहों में ले के आपने आसान कर दिया
नज़रे मिला के आपने एहसान कर दिया
फिर से हमारे जीने का सामान कर दिया
……………………………………………..
Nazren mila ke aapne- The Killers 1969

Artist: Dara Singh, Helen

Read more...

Jan 30, 2020

चाहे लाख तूफ़ान आये-प्यार झुकता नहीं १९८५

तूफ़ान आयें या सुनामी आये, सच्चा प्यार कभी
घबराता नहीं है. उसे डराने के लिए तरह तरह के
सामान मौजूद हैं मगर प्रेमियों में एक अटूट बंधन
और विश्वास पैदा हो जाता है जिससे उन्हें शक्ति
मिलती है प्यार के दुश्मनों का सामना करने की.

सनते हैं सन १९८५ की मिथुन और पद्मिनी वाली
फिल्म प्यार झुकता नहीं से एक युगल गीत जिसे
लता मंगेशकर संग शब्बीर कुमार ने गाया है.

एस एच बिहारी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का
संगीत. फिल्म को लक्ष्मी प्यारे की सबसे सफल
फिल्मों में गिना जाता है.

बोल लिखने के हिसाब से ये भी कठिन गाना है.
कहीं पे हो कहीं पे हो. गीत की पंक्तियाँ सब जगह
अलग अलग सी हैं.



गीत के बोल:

मोहब्बत की तड़प ए दिल
इधर भी हैं उधर भी हैं
कहें कैसे यही मुश्किल
इधर भी हैं उधर भी है

चाहे लाख तूफां आयें
चाहे जान भी अब जाये
मुश्किल हो जीना फिर भी
पड़े जहर पीना फिर भी
मिल के न होंगे जुदा जुदा
आ कसम खा लें ये
चाहत रहेगी सदा
आ आ कसम खा लें
चाहे लाख तूफां आयें
चाहे लाख तूफां आयें
चाहे जान भी अब जाये
मुश्किल हो जीना फिर भी
पड़े जहर पीना फिर भी
मिल के न होंगे जुदा जुदा
आ कसम खा लें ये
चाहत रहेगी सदा
आ आ कसम खा लें

हमको तुम्हारे सिवा कोई चीज़ प्यारी नहीं
हमको तुम्हारे सिवा कोई चीज़ प्यारी नहीं
ज़िन्दगी के सफ़र में जरुरत पड़ी जो कहीं
है वादा तुमको छू कर के हँसते हँसते तुम पर
कर देंगे जान फ़िदा
आ कसम खा लें
कर देंगे जान फ़िदा फ़िदा
आ कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें

कदम हैं तुम्हारे जहाँ मेरी मंज़िलें हैं वहां
कदम हैं तुम्हारे जहाँ मेरी मंज़िलें हैं वहां
तुम्हीं तुम हो दुनिया मेरी मेरे प्यार का आसमां
सनम अब दिल पर अपने सितम हो चाहे जितने
न छोड़ेंगे राह-ए-वफ़ा
आ आ कसम खा लें
न छोड़ेंगे राह-ए-वफ़ा वफ़ा
कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें

ठहर जायें दो चार पल समय से कह दो ज़रा
ठहर जायें दो चार पल समय से कह दो जरा
तुम्हारी मुलाकात से अभी दिल नहीं है भरा
अभी दिल नहीं है भरा अभी दिल नहीं है भरा
ना बदले कभी ये फ़ज़ा
आ आ कसम खा लें
ना बदले कभी ये फ़ज़ा फ़ज़ा
कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें
ये चाहत रहेगी सदा सदा
आ आ कसम खा लें
.........................................................
Chahe laakh toofan aaye-Pyar jhukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure

Read more...

Jan 21, 2020

हो दिलवर जानिया-प्यार झुकता नहीं १९८५

किसी फ़िल्मी कहानी में ५-६ गाने तो होना ही चाहिए.
बिना गानों के फिल्म पचती नहीं है. ये पाचक चूर्ण
का काम करते हैं. शायद यही सोच है हमारे फिल्मकारों
की जो कहानी की मांग के नाम पर यहाँ वहाँ गाने
ठूंस देते हैं.

कुछ हमारी भी आदत हो चली है गाने के बिना फिल्म
नहीं सुहाती. फिल्म तो सिनेमा घर में या दूसरे माध्यम
पर १-२ बार देखना है मगर गाने कभी भी सुने जा सकते
हैं और ये मनोरंजन के प्रमुख साधनों में आज भी हैं.

एक और युगल गीत सुन लेते हैं जिसे हमने आपके
लिया चुना है फिल्म प्यार झुकता नहीं से. इस गीत के
गीतकार/संगीतकार हैं एस एच बिहारी/लक्ष्मी प्यारे.
लता मंगेशकर और शब्बीर कुमार से इसे गवाया गया
है. बोल लिखे के लिहाज से गाना कठिन है. नेट पर
पसरी हुई ढेर सारी कॉपी पेस्ट साईट पर इसके बोल
अंट शंट मिलेंगे आपको. अब ये बात गूगल के मकड़े
यानि कि crawler के भी समझ आना चाहिए.

गीत में लक्ष्मी प्यारे की एक और हिट फिल्म का
नाम आता है, ज़रा ढूंढिए.



गीत के बोल:

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में न बीते ये जवानियाँ
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में ना
रुठने मनाने में ना बीते ये जवानियाँ
हो हो हो हो दिलवर

यही दिन तो अपने हँसने गाने के दिन हैं
मोहब्बत के वादे निभाने के दिन हैं
हाय मोहब्बत के वादे निभाने के दिन हैं
हाय मैं सदके जाऊं तेरे
तोड़ न बलमा दिल को मेरे
छोड़ न अधूरी सैयां
छोड़ न अधूरी सैयां प्यार की कहानियां

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
हो हो हो हो दिलवर

बिना तेरे जी के ज़ुल्मी का मैं करूंगी
बिना तेरे जी के ज़ुल्मी का मैं करूंगी
बिरहा की अग्नि में जल के मरूँगी
कैसे कटेंगे दिल बिरहन के
रात डसेगी नागन बन के
याद हमको आयेगी जब
याद हमको आयेगी जब तेरी मेहरबानियां

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में न बीते ये जवानियाँ
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
ओ ओ ओ ओ ओ दिलवर

फ़िर भी अगर तू न माना तो
बन के रहा जो बेगाना तो
खत्म हुआ ये अफसाना तो
कदमों में तेरे मर जाउंगी
हो रसिया मर जाउंगी हो
हो ओ ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलवर जाणियां
रुठने मनाने में ना
रुठने मनाने में ना बीते ये जवानियाँ
हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
ओ ओ ओ ओ ओ दिलवर
………………………….
Ho dilvar jaaniya-Pyar jhukta nahin

Artists: Mithun, Padmini Kolhapure

Read more...

Jan 20, 2020

तुमसे मिल कर ना जाने १-प्यार झुकता नहीं १९८५

सन १९८५ की फिल्म प्यार झुकता नहीं का शायद
सबसे प्रसिद्ध गीत है ये. मिथुन चक्रवर्ती ने सबसे
ज्यादा फ़िल्में की रंजीता के साथ. सन १९७९ की
तराना से शुरू हुआ ये सिलसिला काफी फिल्मों
तक चला.

कुछ एक घरेलू फिल्मों में मिथुन शोमा आनंद के
साथ भी दिखाई दिए. जागीर फिल्म में मिथुन की
जोड़ी शोमा आनंद के साथ है. ये फिल्म सन १९८४
में आई थी. जागीर एक बहुसितारा फिल्म थी मगर
ज्यादा चली नहीं.

प्यार झुकता नहीं फिल्म में कलाकारों की संख्या
थोड़ी कम है मगर फिल्म काफी चर्चित हुई. कहानी
में थोड़ी कसावट है और गाने कैची धुन पर बने
हुए. फार्मूला वही पुराना है-गरीब नायक और अमीर
नायिका. नायिका के माँ/बाप की दखलंदाजी. इसमें
नायिका के बाप की भूमिका डैनी ने निभाई है और
इसके लिए उनकी काफी सराहना हुई.

प्रस्तुत गीत एस एच बिहारी का लिखा हुआ है और
इसे लता संग शब्बीर कुमार ने गाया है.



गीत के बोल:

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
आज का अपना प्यार नहीं हैं
आज का अपना प्यार नहीं हैं
जन्मों का ये नाता है
नाता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

हो प्यार के कातिल प्यार की दुश्मन
लाख बनी ये दुनिया दीवानी
हो हमने वफ़ा की राह ना छोड़ी
हमने तो अपनी हार ना मानी
उस मोड़ से भी हम गुज़रे हैं
जिस मोड़ पे सब लुट जाता है
लुट जाता है

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

एक तेरे बिना इस दुनिया की
हर चीज अधूरी लगती है
तुम पास हो कितने पास मगर
नज़दीकी भी दूरी लगती है
प्यार जिन्हें हो जाये उन्हें
कुछ और नज़र कब आता है
कब आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

मर के भी कभी जो ख़त्म ना हो
ये प्यार का वो अफ़साना है
तुम भी तो हमारे साथ चलो
लो हमको वहाँ तक जाना है
वो झूम के अपनी धरती से
आकाश जहां मिल जाता है
मिल जाता है

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
……………………………………………
Tumse mil kar na jaane kyun-Pyar jhukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure

Read more...

Jan 7, 2020

आवाज़ हमारी-शूरवीर १९८८

कुछ गीत फिल्मों के नाम से भी ज्यादा प्रसिद्ध हो जाया
करते हैं. गीतों के अलावा श्रोता को ज्यादा मालूम नहीं
होता फिल्म के बारे में.

प्रस्तुत गीत कविता कृष्णमूर्ति और मोहम्मद अज़ीज़ ने
गाया है. एस एच बिहारी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे
का संगीत.



गीत के बोल:

ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
आज की बातें ये कल भी कहेंगी
गूंजेगा गीत सुहाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
आज की बातें ये कल भी कहेंगी
गूंजेगा गीत सुहाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
होंठों पे तो आया है कहीं भूल फ़साना
होंठों पे तो आया है कहीं भूल फ़साना
लाऊँ तो भला कैसे वो बचपन का ज़माना
ओ यार मेरे दिल के आ गा ले ज़रा मिल के
यादों का गीत सुहाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना

आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
आज की बातें ये कल भी कहेंगी
गूंजेगा गीत सुहाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
……………………………………………………
Awaaz hamari isi waadi mein rahegi-Shoorveer 1988

Artists: Rajan Sippy, Mandakini

Read more...

Oct 25, 2019

तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले-प्यार झुकता नहीं १९८५

मिथुन चक्रवर्ती की सबसे सफल और हिट फिल्मों में से
एक है-प्यार झुकता नहीं. फिल्म में यूँ तो कलाकार बहुतेरे
हैं मगर आपको केवल तीन ही दिखलाई देंगे-मिथुन, पद्मिनी
और डैनी.

शब्बीर कुमार के जो गीत प्रसिद्ध हुए उनमें भी ये गीत काफी
सुना हुआ गीत है. जनता आज भी इसे चाव से सुन लेती है.
लाता मंगेशकर और शब्बीर कुमार का गाया ये गीत लिखा है
एस एच बिहारी ने और इसका संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की
देन है.

गीत क्या है अपने आप में कहानी है. फिल्म का सारांश आपको
केवल इस एक गीत से समझ आ जायेगा. गरीबी हीरो और
अमीर हीरोईन, ये कोम्बिनेशन एक सिद्ध फार्मूला है हिंदी फ़िल्मी
दुनिया का. इस पर बनी अधिकाँश फ़िल्में हिट हुई हैं. वैसे
भी फिल्म के निर्माता के सी बोकाडिया हैं जिन्हें शायद कोई
जादुई छड़ी हाथ लग गयी थी फिल्म हिट करने की. फिल्म के
निर्देशक हैं विजय सदाना. विजय बृज सदाना के भाई हैं.




गीत के बोल:

हजारों आंधियां आयें हजारों बिजलियाँ चमकें
कभी साथी को तनहा राह में छोड़ा नहीं करते

तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मोहब्बत की दुनिया बसाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है

कहाँ से मैं लाऊंगा रेशम की साडी
ये बंगला ये मोटर नहीं ला सकूंगा
मेरा दिल ही बस एक मेरी मिल्कियत है
जो चाहो तो बस मैं यही दे सकूंगा
मगर दिल की धडकन सुनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
....................................................................
Tumhen apna sathi banana ke pehle-Pyar khukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure, Danny Dengzongpa

Read more...

Sep 20, 2019

ओ कन्हैया ओ कन्हैया-हमसाया १९६८

सुनते हैं बांके बिहारी को याद करता गीत एस एच बिहारी
का लिखा हुआ. गीत आशा भोंसले ने गाया है जिसे कम्पोज़
किया है ओ पी नैयर ने.

ओ पी नैयर को भक्ति गीत कम्पोज करने के मौके कम मिले
क्यूंकि उन्हें फ़िल्मी कथानक वैसे नहीं मिले जिनमें भजनों की
आवश्यकता ज्यादा हो. इसके अलावा उनके उल्लेखनीय भक्ति
गीतों में नया दौर का गीत है.

ऐसे कथानक सबसे ज्यादा एस एन त्रिपाठी, अविनाश व्यास
और चित्रगुप्त, को मिले. यूँ भी कह सकते हैं प्रमुख संगीतकारों
ने धार्मिक कथानकों में अपना योगदान देने में ना के बराबर
रूचि दिखलाई. इसे भगवान से डर का नाम कह लें या फिल्म
और फिल्म के संगीत फ्लॉप होने का डर.




गीत के बोल:

ओ कन्हैया ओ कन्हैया
ओ कन्हैया कन्हैया कन्हैया कन्हैया
ओ कन्हैया कन्हैया कन्हैया

आज पनघट पे है तेरी राधा अकेली खड़ी
तेरी राधा अकेली खड़ी
ओ कन्हैया

मन ये कहता है अब न पुकारूं तुझे
प्यार कहता है कैसे बिसारुं तुझे
प्रीत की रीत कैसे बदल दूँ भला
नैन कहते हैं हरदम निहारुं तुझे
आ भी जा साँवरे
आ भी जा साँवरे फिर छेड़ दे
फिर छेड़ दे रे वहीं बाँसुरी

ओ कन्हैया
ओ कन्हैया कन्हैया कन्हैया
आज पनघट पे है
तेरी राधा अकेली खड़ी
तेरी राधा अकेली खड़ी
ओ कन्हैया

मन के मंदिर में मैंने बिठाया तुझे
अपना सब कुछ ही मैंने बनाया तुझे
तेरी पूजा में मैं तो रही रे मगन
और भगवान बनना न आया तुझे
आ भी जा सांवरे
आ भी जा सांवरे फिर छेड़ दे
फिर छेड़ दे रे वहीं बाँसुरी

ओ कन्हैया
ओ कन्हैया कन्हैया कन्हैया
आज पनघट पे है
तेरी राधा अकेली खड़ी
तेरी राधा अकेली खड़ी
ओ कन्हैया
…………………………………
O Kanhaiya o Kanhaiya-Humsaya 1968

Artists: Sharmila Tagore, Joy Mukherji

Read more...

Sep 13, 2019

कमर पतली नज़र बिजली-कहीं दिन कहीं रात १९६८

जब हमने ब्लॉग लिखना शुरू किया था तब ऐसे ब्लॉग नेट
पर २-३ ही थे. धीरे धीरे संख्या बढ़ी और रंग बिरंगी साइटें
उगना शुरू हुयीं और उन लिरिक्स की अंग्रेजी वाली साइटों
की चकाचौंध में हमारा ब्लॉग कहीं दब सा गया.

सारी मक्खियाँ एक ही जगह जा के चिपकें तो आश्चर्य होता
है. जब इन्डियन क्रिकेट टीम में २-३ विकेट जल्दी जल्दी
गिर जायें तो बाकियों को भी दस्तें लग जाती हैं तब उतना
अचरज नहीं होता.

सुनते हैं फिल्म कहीं दिन कही रात से एक गीत महेंद्र कपूर
की आवाज़ में. एस एच बिहारी के बोल हैं और ओ पी नैयर
का संगीत.



गीत के बोल:

कमर पतली नज़र बिजली
सुराहीदार गर्दन
क़यामत से में जन कम नहीं हो
कमर पतली नज़र बिजली
सुराहीदार गर्दन
……………………………………………..
Kamar patli-Kahin din kahin raat 1968

Artist:

Read more...

Sep 12, 2019

तुम्हारा चाहने वाला-कहीं दिन कहीं रात १९६८

फिल्म का सबसे लोकप्रिय गीत है इसलिए हमने कभी क्वश्चन
नहीं किया कि कौन सी दुनिया की बात कर रहे हों. ज़मीन
वाली या आसमान वाली.

एस एच बिहारी की रचना है और ओ पी नैयर का संगीत.
गायक कलाकार हैं महेंद्र कपूर. नैयर के संगीत में सन १९६५
और उसके बाद महेंद्र कपूर के गीत काफी हैं.



गीत के बोल:

तुम्हारा चाहने वाला खुदा की दुनिया में
मेरे सिवा भी कोई और हो खुदा न करे
तुम्हारा चाहने वाला खुदा की दुनिया में
मेरे सिवा भी कोई और हो खुदा न कर
तुम्हारा चाहने वल

ये बात कैसे गवारा करेगा दिल मेरा
तुम्हारा ज़िक्र किसी और की ज़ुबान पे हो
तुम्हारे हुस्न की तारीफ आइना भी करे
तो मैं तुम्हारी क़सम है के तोड़ दूँ उसको
तुम्हारे प्यार तुम्हारी अदा का दीवाना
मेरे सिवा भी कोई और हो खुदा न करे
तुम्हारा चाहने वाला

वो दिन नआये के मुझसे कभी जुदा हो कर
किसी का प्यार दोबारा कहीं तलाश करो
झुका के सर को किसी अजनबी के शानो पर
तुम अपने गम का सहारा कहीं तलाश करो
करीब दिल के तुम्हारे किसी भी हालत में
मेरे सिवा भी कोई और हो खुदा न करे
तुम्हारा चाहने वाला

तुम्हारे दिल को कहीं मुझसे कभी ठेस लगे
मुझे यकीं है ऐसा कभी नहीं होगा
मुझे वफाओ पे अपनी बड़ा भरोसा है
तुम्हारा प्यार ही दे जाये ना कहीं धोखा
दुआ ये है के तुम्हारा खुदा की दुनिया में
मेरे सिवा भी कोई और हो खुदा न करे
तुम्हारा चाहने वाला
………………………………………..
Tumhara chahne wala-Kahin din kahin raat 1968

Artist: Biswajeet

Read more...

Jul 17, 2019

आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें-लव ८६

सन १९८६ की एक फिल्म का गाना याद आ गया शहनाई
फिल्म के गीत से. क्या लाजवाब बोल हैं इसके भी. प्यार
की हद से आए निकल जाने की बात हो रही है गीत में.
मोहब्बत के सारे चैप्टर नहीं खुला करते किसी एक गीत
में. 

सुनते अं अपने ज़माने का सुपरहिट गीत जिसे लिखा है
एस एच बिहारी ने. मोहम्मद अज़ीज़ संग इसे गाया है
कविता कृष्णमूर्ति ने. लक्ष्मी प्यारे ने इसकी धुन तैयार
की है. ये इकोनोमी मोड वाला गीत है. दो जोड़ों के लिए
दो ही सिंगर. 





गीत के बोल:

प्यार की हद से आगे निकल आये हम
आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें
आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें
प्यार के हद से आगे निकल आये हम
आ इबादत को कोई नया नाम दें
आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें

ये निगाहें उठी वो फ़साने बने
आँख के बोल कब किसी ने सुने
दिल से दिल मिल गया अब ज़माने से क्या
आ इजाज़त को कोई नया नाम दें
आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें
आ

जब से तूने छुआ एक नशा सा छ गया हो
जब से तूने छुआ एक नशा सा छ गया हो
दर्द में जिंदगी का मज़ा आ गया
धडकनों को नहीं धडकनों से गिला आ
आ शिकायतों को कोई नया नाम दें
आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें
आ

तेरे दामन की खुशबू से महकी रहूँ
बिन पिए ही सदा लडखडाया करूं
कभी मैं तेरे दिल को सताया करूं
कभी मैं तेरे दिल को जलाया करूं
देख कर भी तुझे अनदेखा करूं
आ शरारत को कोई नया नाम दें
आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें

प्यार की हद से आगे निकल आये हम
आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें
आ इबादत को कोई नया नाम दें
आ
…………………………………………………
Aa mohabbat ko koi naya naam-Love 86

Artists: Farha, Rohan Kapoor, Govinda, Neelam

Read more...

Jul 9, 2018

किसी पर जान देते है-झुक गया आसमान १९६८

नेट पर बिखरी लिरिक्स की साइटें(lyrics sites) भी
कमाल की हैं. किसी में मात्रा की गलतियाँ, किसी
में शब्द इधर से उधर. एक आध गलती हो तो
समझ आता है. गलतियों का भण्डार मिलता है
कहीं कहीं पर.

ज़माना शुद्धता का बचा नहीं. ज़माना तो वो है जो
फिल्म पुष्पक में कमल हासन डब्बे में माल बंद
कर के ऊपर से इत्र छिड़क के चमकीले कागज़ में
बंद कर के ले जाता है. पैकिंग देख के जनता की
आँखें चौड़ी हो जाती है.

खैर, ये सब चलता रहेगा. सुनते हैं आज का गीत
जो है आशा भोंसले की आवाज़ में झुक गया आसमान
फिल्म से. एस एच बिहारी की रचना है और इसका
संगीत शंकर जयकिशन की बदौलत तैयार हुआ.

गीत में मधुमति को हेलन बना दिया गया है और
अगर आपने ध्यान से नहीं देखा ये गाना तो आपको
वो हेलन ही नज़र आयेंगी.  नर्तकियों को पक्षी बनाने
की एक प्रतियोगिता चलती थी साठ के और सत्तर
के दशक में. इसमें ज्यादा पंख वाला पक्षी है.


गीत के बोल:

किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
वही करते है दिल वाले जो दिल में ठान लेते हैं
ज़माने जान जान जान जान जान जान
किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
वही करते है दिल वाले जो दिल में ठान लेते हैं
ज़माने जान जान जान जान जान जान

मुश्किल है यारों दामन बचाना
बच के हमारी नज़रों से जाना
मुश्किल है यारों दामन बचाना
बच के हमारी नज़रों से जाना
हाँ या

किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
वही करते है दिल वाले जो दिल में ठान लेते हैं
ज़माने जान जान जान जान जान जान

दिल की नज़र या दिल की अदायें
कौन है मुजरिम कैसे बतायें
इनकी नजर या इनकी अदायें
कौन है मुजरिम कैसे बतायें
हाँ या

किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
वही करते है दिल वाले जो दिल में ठान लेते हैं
ज़माने जान हाय हाय हाय हाय हाय

कौन जियेगा किसे कज़ा है
ये बात प्यारे किसको पता है
कौन जियेगा किसे कज़ा है
ये बात प्यारे किसको पता है
हाँ या

किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
वही करते है दिल वाले जो दिल में ठान लेते हैं
ज़माने जान हाय हाय हाय हाय हाय

किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
वही करते है दिल वाले जो दिल में ठान लेते हैं
ज़माने जान जान जान जान जान जान
किसी पर जान देते है किसी की जान लेते हैं
………………………………………………….
Kisi par jaan dete hain-Jhuk gaya aasman 1968

Artists: Madhumati, Rajendra Kumar, Prem Chopda

Read more...

May 6, 2018

वो चाँद छुप कर-शर्त १९५४

आज हम सुनेंगे सन १९५४ से दो गीत. पहला है फिल्म शर्त से.
ये एक युगल गीत है लता मंगेशकर और हेमंत कुमार की आवाजों
में. शमसुल हुदा बिहारी के बोल हैं और हेमंत कुमार का संगीत.

इसे दीपक और श्यामा पर फिल्माया गया है. फिल्म से आपको
पूर्व में चाँद शब्द वाले दो गीत सुनवा चुके हैं. सदा मुस्कुराती
श्यामा के चेहरे पर मुसकुराहट किसी बिजली के स्विच से संचालित
होती प्रतीत होती है. इतनी स्पीड से भाव बदलते हैं कि समझ
पाना मुश्किल है किस शब्द पर क्या भाव हैं.




गीत के बोल:

वो चाँद छुप के करता है क्या इशारे देखो
वो चाँद छुप के करता है क्या इशारे देखो
शायद ये कह रहा है हम हो गये तुम्हारे
हो गये तुम्हारे
हम हो गये तुम्हारे हो गये तुम्हारे देखो

उल्फ़त का आज हमने इक़रार कर लिया है
लेकिन ये कौन जाने किस्मत में क्या लिखा है
मंजिल को चल पड़े हैं तक़दीर के सहारे
हो गये तुम्हारे देखो
वो चाँद छुप के करता है क्या इशारे देखो

ऐसा ना हो के हमको रस्ते में छोड़ जाओ
जा कर कहीं किसी की दुनिया नई बसाओ
मंझधार में रहे हम लग जाओ तुम किनारे
हो गये तुम्हारे देखो
वो चाँद छुप के करता है क्या इशारे देखो

दिल में सिवा तुम्हारे कोई नहीं हमारे
अपने दिल से पूछो क्या दिल में है तुम्हारे
देंगे मेरी गवाही कुदरत के ये नज़ारे
हो गये तुम्हारे देखो
वो चाँद छुप के करता है क्या इशारे देखो
.................................................................
Dekho wo chand chhup kar-Shart 1954

Artists:

Read more...

May 4, 2018

ओ मेरी गोरी गोरी जान-ऐसा भी होता है १९७१

एक छोटा सा गाना सन १९७१ की फिल्म ऐसा भी होता है से.
फिल्म आपको देखने को मिल जाए तो हम भी कहेंगे-ऐसा भी
होता है जी !

एस एच बिहारी का गीत है, ओ पी नैयर का संगीत और इसे
किशोर कुमार ने गाया है.





गीत के बोल:

या डिर डिर डे ई
ओ मेरी गोरी गोरी जान मैं हूँ तेरा एक दीवाना
ओ मेरी गोरी गोरी जान मैं हूँ तेरा एक दीवाना
मिट जाऊँगा प्यार में तेरे मैं हूँ परवाना
ओ मेरी गोरी गोरी जान मैं हूँ तेरा एक दीवाना


जिंदगी की ये जवान रातें चाहती हैं बेखुदी की बातें
जिंदगी की ये जवान रातें चाहती हैं बेखुदी की बातें
हो गया हूँ प्यार में हुस्न के सिंगार में
होश क्यूँ रहे भला मौसम ए बहार में
दुनिया से अलग तो नैन ई मेरा अफसाना

ओ मेरी गोरी गोरी जान मैं हूँ तेरा एक दीवाना
मिट जाऊँगा प्यार में तेरे मैं हूँ परवाना
ओ मेरी गोरी गोरी जान मैं हूँ तेरा एक दीवाना
...........................................................................
O meri gori gori jaan-Aisa bi hota ai 1971

Artist: Deb Mukhherji

Read more...

Mar 31, 2018

आ जा मेरे प्यार के सहारे-हमसाया १९६८

आशा भोंसले जिन गीतों के लिए ज्यादा प्रसिद्ध हैं उनमें से एक
और पेश है हमसाया फिल्म से. माला सिन्हा पर फिल्माए गए
आशा के गीत कम हैं और ये उन सब में बिलकुल अलग है और
काफी लोकप्रिय भी.

गीत फिल्म में से गायब है और ये सोचने वाली बात है कि नैयर
के बेहतर गाने कई फिल्मों से उड़ा दिए गए. सन १९७४ की फिल्म
प्राण जाए पर वचन ना जाए का सबसे बेहतरीन गीत जिसके लिए
नैयर को फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था वो भी फिल्म से नदारद
है.




गीत के बोल:

आ जा मेरे प्यार के सहारे अभी अभी
होते हैं ये प्यार के नज़ारे कभी कभी
आ जा मेरे प्यार के सहारे अभी अभी
होते हैं ये प्यार के नज़ारे कभी कभी
देखो देखो देखो क्या समां है
आ जा के अभी तो दिल जवान है
आ जा मेरे प्यार के सहारे अभी अभी
होते हैं ये प्यार के नज़ारे कभी कभी
आ जा आ जा आ जा आ जा आ जा


मैं भी ज़रा जानूं वो कौन बेवफा है
जिसके ख्याल में तू ऐसा खो गया है
मैं भी ज़रा जानूं वो कौन बेवफा है
जिसके ख्याल में तू ऐसा खो गया है
हा आ आ हा आ आ हा आ आ आ
देखो देखो देखो क्या समां है
आ जा के अभी तो दिल जवान है
आ जा मेरे प्यार के सहारे अभी अभी
होते हैं ये प्यार के नज़ारे कभी कभी
आ जा आ जा आ जा आ जा आ जा


जितने भी गम हैं तुम्हारी जिंदगी में
चाहो तो बदल दूं मैं प्यार की खुशी में
जितने भी गम हैं तुम्हारी जिंदगी में
चाहो तो बदल दूं मैं प्यार की खुशी में
हा हा आ हा हा आ हा हा आ
हो हो ओ हो हो ओ हो हो ओ आ
देखो देखो देखो क्या समां है
आ जा के अभी तो दिल जवान है
आ जा मेरे प्यार के सहारे अभी अभी
होते हैं ये प्यार के नज़ारे कभी कभी
देखो देखो देखो क्या समां है
आ जा के अभी तो दिल जवान है
आ जा मेरे प्यार के सहारे अभी अभी
होते हैं ये प्यार के नज़ारे कभी कभी
आ जा आ जा आ जा आ जा आ जा
.................................................................................
Aa ja mere pyar ke sahare-Humsaya 1968

Artists: Joy Mukherji, Mala Sinha

Read more...

Feb 5, 2018

बीकानेर की चुनरी ओढ़ी-प्राण जाए पर वचन ना जाए १९७३

सुनते हैं एक गीत बीकानेर हिट्स और चुनरी हिट्स श्रेणियों के
अंतर्गत आने वाला. बीकानेर शहर का नाम कुछ गीतों में आया
है. फिल्म का नाम है प्राण जाए पर वचन न जाए.

अक्सर आपने गीतों में बीकानेर की चुनरी का जिक्र सुना होगा.
बीकानेर की चुनरी ओढ़ी-इस गीत की ही पंक्ति है. कभी आपने
किसी गीत में बीकानेर की भुजिया खाई नहीं सुना होगा. ये एक
विशेष प्रकार की नमकीन सेव होती है जिसकी इजाद इसी शहर
में हुई है. इसके निर्माण में मोठ और लोंगिया मिर्ची का प्रयोग
होता है.

एस एच बिहारी के गीत को गाया है आशा भोंसले ने नैयर के
संगीत निर्देशन में.




गीत के बोल:

बीकानेर की चुनरी ओढ़ी लहँगा पहना जयपुर का
हाथ में चूड़ी फ़ैज़ाबादी और मेरठ का गजरा
हो गजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ
गजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ
बीकानेर की चुनरी ओढ़ी लहँगा पहना जयपुर का
हाथ में चूड़ी फ़ैज़ाबादी और मेरठ का गजरा
हो गजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ
गजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ

चोली मेरी अम्बाले वाली झिलमिल जिसमें रेशम की जाली
चोली मेरी अम्बाले वाली झिलमिल जिसमें रेशम की जाली
जाली से तन चमके चमकेगा
मुखड़ा मेरा दमके अरे दमकेगा
बात बरेली वाला डाला दोनों आँखों में कजरा
हो कजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ
हो कजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ

बीकानेर की चुनरी ओढ़ी लहँगा पहना जयपुर का
हाथ में चूड़ी फ़ैज़ाबादी और मेरठ का गजरा
हो गजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ
गजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ

छलके छलके सावर ये आँखों के डूबे जिनमें ईमान लाखों के
छलके छलके सावर ये आँखों के डूबे जिनमें ईमान लाखों के
ऐसे न दिल मचले मचलेंगे
काहे को ना तड़पे तड़पेंगे
चाल जवानी की मस्तानी  धरम करम ये नखरा
हो नखरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ
हो नखरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ

बीकानेर की चुनरी ओढ़ी लहँगा पहना जयपुर का
हाथ में चूड़ी फ़ैज़ाबादी और मेरठ का गजरा
हो गजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ
हो गजरा डाल के तेरे दिल पर मैं नाचूँ
………………………………………………………………..
Bikaner ki chunri odhi-Pran jaaye par vachan na jaaye 1973

Artist:

Read more...

Feb 1, 2018

शाम सुहानी नदी के किनारे-निशान डंका १९५२

आपको आज एक और युगल गीत सुनवाते हैं तलत महमूद और
गीता दत्त का गया हुआ. इस गीत का संगीत तैयार किया है
बसंत प्रकाश ने. बसंत प्रकाश संगीतकार खेमचंद प्रकाश के
भाई थे.

श्रेणी बनाने के शौक़ीन लोग इसे ‘नदी का किनारा’ हिट्स श्रेणी
में रखते हैं. पुराना गीत है अतः इसके शौक़ीन भी पुराने ही
होंगे.

इसका सबसे पहला वर्ज़न जो मैंने सुना था वो था-हवा में उड़ता
जाए वर्ज़न. ये ऐसे गीत होते थे जो रेडियो सीलोन से रेकोर्ड किये
गए होते थे. इनमें गाना कुछ यूँ रेकोर्ड होता था मानो गाने वाले
दरियागंज से कश्मीरी गेट चले जाते हों और फिर वापस आ जाते
हों. ये आना-जाना लगा ही रहता है गीत में. इन्हें हम अंग्रेजी
में कहते हैं-HMUJ version.





गीत के बोल:

शाम सुहानी नदी के किनारे
मचलने लगे आज अरमान हमारे
नदी के किनारे
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ

रुपहली सुनहरी ये दरिया की मौजें
हो ओ ओ आये चढती हुई जैसे राजा की फौजें
भागें छुप जाएँ हम डर के मारे
भागें छुप जाएँ हम डर के मारे
नदी के किनारे

शाम सुहानी नदी के किनारे
मचलने लगे आज अरमान हमारे
नदी के किनारे
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ

आओ आओ मोहब्बत की दुनिया बसायें
मन को भाति नहीं आपकी ये अदायें
निराले हैं दुनिया से नखरे तुम्हारे
नदी के किनारे
निराले हैं दुनिया से नखरे तुम्हारे
नदी के किनारे
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ

शाम सुहानी नदी के किनारे
मचलने लगे आज अरमान हमारे
नदी के किनारे
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
.....................................................
Shaam suhani nadi ke kinare-Nishan Danka 1952

Read more...

Jan 16, 2018

आँखों में क़यामत के काजल-किस्मत १९६८

आज ओ पी नैयर को याद करते हुए एक गीत सुनते हैं फिल्म
किस्मत से. महेंद्र कपूर के गाये इस गीत को लिखा है नैयर के
रेगुलर गीतकार एस एच बिहारी ने.

एस एच बिहारी की लेखनीकी ओ पी नैयर ने काफी तारीफ़ की थी
उजाले उनकी यादों के कार्यक्रम में.





गीत के बोल:

आँखों में क़यामत के काजल
आँखों में क़यामत के काजल
होंठों पे गज़ब की लाली है
बंदापरवर कहिये किसकी
बंदापरवर कहिये किसकी
तक़दीर संवरने वाली है
आँखों में क़यामत के काजल
होंठों पे गज़ब की लाली है
बंदापरवर कहिये किसकी
तक़दीर संवरने वाली है
आँखों में क़यामत के काजल

सदके
सदके मैं तुम्हारी बाहों के
जो आग लगा दी पानी में
सदके मैं तुम्हारी बाहों के
जो आग लगा दी पानी में
कुर्बान तुम्हारी आँखों के
जो भर दें रंग जवानी में
मर जाऊँ तुम्हारे गालों पर
मर जाऊँ तुम्हारे गालों पर
जिनमें के गुलों की लाली है
बंदापरवर कहिये किसकी
बंदापरवर कहिये किसकी
तक़दीर संवरने वाली है
आँखों में क़यामत के काजल

ओ हो हो
ये आपकी मस्ती का आलम
ये बहके हुए जज़बात मेरे
ये आपकी मस्ती का आलम
ये बहके हुए जज़बात मेरे
कुछ कह न सका मैं दीवाना
कहते हैं मगर हालात मेरे
या आप नशे में डूबे हैं
या आप नशे में डूबे हैं
या मेरी नज़र मतवाली है
बंदापरवर कहिये किसकी
बंदापरवर कहिये किसकी
तक़दीर संवरने वाली है
आँखों में क़यामत के गाजल
होंठों पे गज़ब की लाली है
बंदापरवर कहिये किसकी
तक़दीर संवरने वाली है
आँखों में क़यामत के काजल
..........................................................
Aankhon mein kayamat ke kajal-Kismat 1968

Artists: Biswajeet, Babita

Read more...

Nov 19, 2017

न जाने क्यूँ हमारे दिल को-मोहब्बत जिंदगी है १९६६

प्यार इश्क और मोहब्बत ही जिंदगी है वरना रखा क्या है जीने
में. ऐसा कुछ दार्शनिकों, कवियों और प्रेमियों मानना है. मोहब्बत
किसी से भी हो सकती है.

रफ़ी का गाया ये पॉपुलर गीत सुनते हैं सन १९६६ की फिल्म से
जिसका नाम है-मोहब्बत जिंदगी है. एस एच बिहारी के बोल हैं
और ओ पी नैयर का संगीत.     प्रस्तुत गीत धर्मेन्द्र और राजश्री पर
फिल्माया गया है और गीत में थोड़ी सी रोमांटिक कुश्ती भी हो
रही है.




गीत के बोल:

न जाने क्यूँ
न जाने क्यूँ हमारे दिल को तुमने दिल नहीं समझा
ये शीशा तोड़ डाला
ये शीशा तोड़ डाला प्यार के काबिल नहीं समझा
न जाने क्यूँ

हमारा प्यार देखो और हमारा हौसला देखो
हमारा प्यार देखो और हमारा हौसला देखो
मोहब्बत का जुनून हमको कहाँ तक ले चला देखो
तुम्ही ने जान ले ली
तुम्ही ने जान ले ली और तुम्हे क़ातिल नहीं समझा
न जाने क्यूँ
न जाने क्यूँ हमारे दिल को तुमने दिल नहीं समझा
न जाने क्यूँ

तड़प दी भी तो ऐसी दी के मुश्किल हो गया जीना
चलाये तीर वो तुमने के छलनी हो गया सीना
और उस पर ये सितम है
और उस पर ये सितम है के हमे घायल नहीं समझा
न जाने क्यूँ
न जाने क्यूँ हमारे दिल को तुमने दिल नहीं समझा
न जाने क्यूँ

मोहब्बत का ये जादू एक दिन सर चढ़ के बोलेगा
मोहब्बत का ये जादू एक दिन सर चढ़ के बोलेगा
हर एक आँधी हर एक तूफान को दामन में ले लेगा
मोहब्बत ने किसी भी
मोहब्बत ने किसी भी काम को मुश्किल नहीं समझा
न जाने क्यूँ
न जाने क्यूँ हमारे दिल को तुमने दिल नहीं समझा
न जाने क्यूँ
...........................................................................
Na jaane kyon hamre dil ko-Mohabbat zindagi hai 1966

Artists: Dharmendra, Rajshri

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP