Mar 27, 2013

आई आई रे होली-आबरू १९६८

एक होली गीत सुनते हैं जी एल रावल के बोलों वाला. हमने सभी
नामचीन शायरों और गीतकारों के होली गीत सुन रखे हैं. ये कम
सुना हुआ मगर अच्छा गीत है.

और गीतों की तरह इसमें भी एक आवश्यक तत्व मोहन-राधा का
जिक्र है और उपमाओं और अलंकारों काभी इसमें सुन्दर प्रयोग है.

फिल्म आबरू से इसे लिया गया है. सन १९६८ की फिल्म आबरू में
सोनिक ओमी का संगीत है. आवाजें आशा भोंसले और मन्ना डे की
है.



गीत के बोल:

आई आई रे होली ओ रंग लाई रे होली
ओ नाचो नाचो
बहारें संग लायी रे होली

होंठ गुलाबी, नैन शराबी
मस्त जवानी छायी है
मुखड़े से जो बच गयी लाली
वो फूलों पे आई है

आज मेरे घर साजन आये
देख जिसे चंदा शरमाये
कहीं लगे न चाँद की नजरिया
बड़ी दुश्मन है जुल्मी नजरिया
हाय मैं तो रख लूँगा सारी उमरिया
प्यार में ऐसा शाम ना करना
राधा को बदनाम ना करना
मेरी कोरी है लाज की चुनरिया
हाय रंग डालो ना मुझपे सांवरिया
मैं तो आई हूँ रंग में तेरे हो के बावरिया
आज मेरे घर सजन आये
देख जिसे चंदा शरमाये

युग युग से है साथ हमारा
तु है नदिया मैं हूँ किनारा
भारत की चले रंग की धारा
तुझ बिन सूनी मेरी बांसुरिया
प्यार में ऐसे शाम ना करना

मर मर जाऊं लाज की मारी
ताने देंगी सखियाँ सारी
है गुलाल रंग झूमें नर नारी
क्यूँ रंग डारी मेरी चुनरिया
आज मेरे घर साजन आये
देख जिसे चंदा शरमाये

तु है राधा मेरी, मैं तेरा मोहन
टूटे ना ये प्यार का बंधन
होली आई है गले लगा लो सजना
आज मुझको तुम अपना बना लो सजना
……………………………………………………….
Aayi aayi re holi-Aabroo 1968

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