Aug 1, 2013

ओ यारा तू-काश १९८७

किशोर कुमार के अंतिम गीतों में से एक है ये फिल्म काश
का गीत. इसे फिल्माया गया है जैकी श्रोफ और एक बच्चे पर.
बच्चे के लिए स्वर दिया है अनुपमा देशपांडे ने. फिल्म के गीत
फारूक कैसर के हैं और संगीत राजेश रोशन का.

फिल्म में जैकी के साथ डिम्पल है नायिका के तौर पर. फिल्म
में नायिका का किरदार मजबूत है. एक फिल्म स्टार सफलता का
स्वाद चखने के बाद नाकामयाबी के दौर से गुज़रता है और धीरे
धीरे दारुडिया हो जाता है, बाद में और भी पेचीदगियां बढती हैं
और नायिका के सामने विकल्प रखा जाता है-नौकरी या पति ,
वो समय की मांग के हिसाब से पहला विकल्प चुनती है जिसके
कारण विवाह सम्बन्ध खतम हो जाता है. फिल्म के अंत में हालांकि
दोनों फिर से मिल जाते हैं, वजह जाने के लिए पढते रहिये .........

   
       
   



गीत के बोल:


ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
मेरा है मेरा ही रहेगा
दिलदार मैं तो ये ही कहूँगा
पाया जग सारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ये क्या किया मचले जिया

लब पे हंसी है दिल में खुशी है
फिर भी कमी है थोड़ी सी
दिल की लगी है वैसे बुझी सी
फिर भी बची है थोड़ी सी
लब पे हंसी है दिल में खुशी है
फिर भी कमी है थोड़ी सी
दिल की लगी है वैसे बुझी सी
फिर भी बची है थोड़ी सी
मेरा है मेरा ही रहेगा
दिलदार मैं तो ये ही कहूँगा
पाया जग सारा

ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा

तू है जहाँ दिल है वहाँ
अपनी वफाएं कितनी जताएं
कितनी छुपाएँ कह देना
अपनी कहानी कितनी छुपाएँ
कितनी सुनाएँ कह देना
अपनी वफाएं कितनी जताएं
कितनी छुपाएँ कह देना
अपनी कहानी कितनी छुपाएँ
कितनी सुनाएँ कह देना
मेरा है मेरा ही रहेगा
दिलदार मैं तो ये ही कहूँगा
पाया जग सारा

ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
………………………………………………….
O yaara too pyaron se hai pyara-Kaash 1987

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