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Mar 7, 2015

अरे सुन ओ हसीना काजल वाली-संगीत १९९२

तो श्रीमान, जिन मुखड़ों में शब्द युग्म "ओ हसीना" आता है ऐसे दो
वाकये हम पेश कर चुके हैं इस ब्लॉग पर. आइये लगे हाथ तीसरा
उदाहरण भी प्रस्तुत कर देते हैं. ये कुछ नया नया सा है. वैसे इसे
भी रुपहले परदे पर अवतरित हुए बस २३ साल ही हुए हैं. ये सन
१९९२ का गीत है फिल्म संगीत से. अब आपको ये भी बता दिया जाए,
किस किस का ओ हसीना आपने सुना है अब तक. एक तो पहले
आपने  सुना है इधर-तीसरी मंजिल से मजरूह का, दूसरा आपने
पिछली पोस्ट में सुना आनंद बक्षी वाला, अब सुनने वाले हैं आप
संतोष आनंद की कलम से निकला 'ओ हसीना ' आप कहेंगे ये तो
बेईमानी है क्यूंकि ये शब्द मुखड़े की जगह तीसरी पंक्ति में आ रहे
हैं. अब क्या करें, ये गीत इन्हीं शब्दों से प्रसिद्ध है. मुझे हमेशा ऐसे
गीतों से दिक्कत रही, जो शुरू कानपुर से होते हैं और सी. डी., कैसेट
वगैरह के विवरण में नागपुर छपा मिलता है. ऐसा अक्सर उन गीतों
के साथ भी होता है जिनके शुरू में एक आध शेर-शेरनी चिपके होते हैं.
जैसे साम्बर के साथ चटनी फ्री मिलती है, वैसे ही कुछ गीतों के
साथ शुरू में शेर फ्री मिला करते हैं हिंदी फिल्म संगीत के खजाने में.
वैसे एक बात तो तय है कुछ शेर गीत की खूबसूरती में इजाफा ही
करते हैं.

गीत फिल्माया गया है जैकी श्रोफऔर माधुरी दीक्षित पर. संगीत
तैयार किया है आनंद-मिलिंद ने. गीत को गा रहे हैं जोली मुखर्जी.
जिनकी आवाज़ बिलकुल अलग हट के है और वे सैकड़ों की भीड़
में अलग पहचाने जाते हैं. फिल्म चांदनी का शीर्षक गीत आपको
याद ही होगा-'चांदनी मेरी चांदनी' इन्हीं का गाया हुआ है.



gगीत के बोल:

ओ उड़ उड़ उड़ता जाऊं मैं पंछी अलबेला कोई
सुने या सुने न मुझको अरे गाता जाऊं अकेला

अरे सुन ओ हसीना काजल वाली, अरे सुन ओ हसीना
अरे सुन ओ हसीना काजल वाली
मेरा पूछो पता न दिलदारा मैं आवारा एक बंजारा
मेरा पूछो पता न दिलदारा मैं आवारा एक बंजारा
मैं आवारा एक बंजारा, मैं आवारा एक बंजारा
मेरा पूछो पता न दिलदारा मैं आवारा एक बंजारा
रे, मेरा पूछो पता न दिलदारा मैं आवारा एक बंजारा

तेरी साँसों के झूले में झूला झूलूँ मैं अरे झूला झूलूँ मैं
तेरे होंठों के फूलों को हौले से छू लूं, छू लूं मैं.
अरे दिल का बजाऊँ मैं इकतारा मैं आवारा एक बंजारा
हो, दिल का बजाऊँ मैं इकतारा मैं आवारा एक बंजारा

अरे सुन ओ हसीना काजल वाली, अरे सुन ओ हसीना
अरे सुन ओ हसीना काजल वाली 
मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा
मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा

धूप में भी चला, छांव में भी चला
अरे मन मेरा मनचला, सबसे प्यार से मिला
धूप में भी चला, छांव में भी चला
अरे मन मेरा मनचला, सबसे प्यार से मिला
पीछे मुड के देखा न दोबारा, मैं आवारा एक बंजारा
पीछे मुड के देखा न दोबारा, मैं आवारा एक बंजारा

अरे सुन ओ हसीना काजल वाली, अरे सुन ओ हसीना
अरे सुन ओ हसीना काजल वाली 
मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा
रे मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा
मैं आवारा एक बंजारा, मैं आवारा एक बंजारा
मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा
रे मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा
मैं आवारा एक बंजारा, मैं आवारा एक बंजारा
...........................................................................
O haseena kaajal wali-Sangeet 1992

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Aug 1, 2013

ओ यारा तू-काश १९८७

किशोर कुमार के अंतिम गीतों में से एक है ये फिल्म काश
का गीत. इसे फिल्माया गया है जैकी श्रोफ और एक बच्चे पर.
बच्चे के लिए स्वर दिया है अनुपमा देशपांडे ने. फिल्म के गीत
फारूक कैसर के हैं और संगीत राजेश रोशन का.

फिल्म में जैकी के साथ डिम्पल है नायिका के तौर पर. फिल्म
में नायिका का किरदार मजबूत है. एक फिल्म स्टार सफलता का
स्वाद चखने के बाद नाकामयाबी के दौर से गुज़रता है और धीरे
धीरे दारुडिया हो जाता है, बाद में और भी पेचीदगियां बढती हैं
और नायिका के सामने विकल्प रखा जाता है-नौकरी या पति ,
वो समय की मांग के हिसाब से पहला विकल्प चुनती है जिसके
कारण विवाह सम्बन्ध खतम हो जाता है. फिल्म के अंत में हालांकि
दोनों फिर से मिल जाते हैं, वजह जाने के लिए पढते रहिये .........

   
       
   



गीत के बोल:


ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
मेरा है मेरा ही रहेगा
दिलदार मैं तो ये ही कहूँगा
पाया जग सारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ये क्या किया मचले जिया

लब पे हंसी है दिल में खुशी है
फिर भी कमी है थोड़ी सी
दिल की लगी है वैसे बुझी सी
फिर भी बची है थोड़ी सी
लब पे हंसी है दिल में खुशी है
फिर भी कमी है थोड़ी सी
दिल की लगी है वैसे बुझी सी
फिर भी बची है थोड़ी सी
मेरा है मेरा ही रहेगा
दिलदार मैं तो ये ही कहूँगा
पाया जग सारा

ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा

तू है जहाँ दिल है वहाँ
अपनी वफाएं कितनी जताएं
कितनी छुपाएँ कह देना
अपनी कहानी कितनी छुपाएँ
कितनी सुनाएँ कह देना
अपनी वफाएं कितनी जताएं
कितनी छुपाएँ कह देना
अपनी कहानी कितनी छुपाएँ
कितनी सुनाएँ कह देना
मेरा है मेरा ही रहेगा
दिलदार मैं तो ये ही कहूँगा
पाया जग सारा

ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
ओ यारा तू प्यारों से है प्यारा
………………………………………………….
O yaara too pyaron se hai pyara-Kaash 1987

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Jan 21, 2011

तेरी मेहरबानियाँ-तेरी मेहरबानियाँ १९८५

लेब्रेडोर नस्ल का कुत्ता काफ़ी घरेलू माना जाता है।
ये परिवार के सदस्यों से काफी हिल-मिल जाता है।
इस फिल्म में एक काले रंग का लेब्रेडोर प्रजाति कुत्ता
है जिसने बढ़िया अभिनय किया है। उसी की मेहरबानियों
के इर्द गिर्द इस फिल्म की कहानी घूमती है। साथ में हैं नायक
जैकी श्रोफ और नायिका स्वप्ना। प्रस्तुत गीत फिल्म का
शीर्षक गीत है और इसे गाया है शब्बीर कुमार ने।
इस फिल्म को जनता प्यार से "कुत्ते की मेहरबानियाँ"
भी बुलाती है। गीत एस एच बिहारी का लिखा हुआ है जिन्हें
हम ओ पी नय्यर के साथ की वजह से ज्यादा जानते हैं।



गीत के बोल:

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Dec 13, 2010

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर-जवाब हम देंगे १९८७

आ गए जवाब देने हम आ गए फिल्म जवाब हम देंगे का गीत
ले कर। अभी गीत जी की एक प्रविष्टि में पढ़ा कि अन्नू मलिक
ने गायक विनोद राठोड को परदे पर दिखा के एक नई शुरुआत
की। जानकारी के लिए बतला दूं फिल्म 'जवाब हम देंगे' के
गीत "हैरान हूँ मैं आपकी....." में भी आप एक गायक को देख
पाएंगे। फिल्म १९८७ की है और परदे पर आप शब्बीर कुमार
को माइक पकडे गीत गाते देख्नेगे साथ में एक और प्रसिद्द
गायिका अनुराधा पौडवाल हैं। अनुराधा पौडवाल को तो बहुत
से संगीत प्रेमी पहचानते हैं, कारण, टी सीरीज के म्यूजिक
वीडियो में उनका चेहरा अक्सर दिखाई दे जाता है। गीत में
फिल्म के हीरो हीरोइन जैकी श्रोफ़ और श्रीदेवी ड्यूटी पुलिस
की ड्यूटी बजाते देखे जा सकते हैं। पुलिस की वर्दी के अलावा
उन्होंने कांजीवरम की सिल्क की साडी भी पहनी है इस गीत में।

दो अंतरे तक 'बाल जुल्फें ' ही हो रहा है उसके बाद श्रीदेवी की
चोटी यकायक गायब हो जाती है और छोटे बाल में नज़र आती
है और गाने का टॉपिक बदल जाता है, बाल से गाल की चर्चा होने
लग जाती है। गीत के अंत में फिर वही-हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों
को देख कर। अब के तो ऐसा लगता है हीरो यूँ कहना चाहता हो-
कब आपकी जुल्फें बड़ी हो जाती हैं, कब छोटी हैरानी की बात है।



गाने के बोल:

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
इनको घटा कहूं,
इनको घटा कहूं,तो घटाओं को की कहूं
हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर।

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
इसको अदा कहूं,
इसको अदा कहूं,तो अदाओं को क्या कहूं

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर

कितनी है खुशनसीब ये बहकी हुई हवा
हाथों में जिसके रेशमी आंचल है आपका
इतना करीब आपके मैं भी न क्यूँ हुआ
इसको वफ़ा कहूं,
इसको वफ़ा कहूं तो वफाओं को क्या कहूं

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
इसको अदा कहूं,
इसको अदा कहूं,तो अदाओं को क्या कहूं

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर

नगमे मुझे मगर बहार सुनती रही मगर
मुझको, मेरी जवानी पे, कुछ न हुआ असर
आवाज़ जब तुम्हारी मेरे दिल में उतर गयी
कोयल की मीठी मीठी
कोयल की मीठी मीठी, शराब क्या कहूं

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
इनको घटा कहूं,तो पटाओं को की कहूं

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा

रंगीनियाँ हैं गालों की जैसे चमन के फूल
जो कुछ कहा जनाब ने सब है मुझे कुबूल
महके हुए कदम हैं तो महका हुआ बदन
तुमको फ़ज़ा कहूं
तुमको फ़ज़ा कहूं,तो फ़ज़ाओं को क्या कहूं

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
इसको अदा कहूं,
इसको अदा कहूं,तो अदाओं को क्या कहूं

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
इनको घटा कहूं,तो घटाओं को की कहूं

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
....................................................................................
Hairan Hoon Main Aapki Zulfon Ko-Jawab Hum Denge 1987

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Jan 5, 2010

ये सफ़र बहुत है कठिन मगर-१९४२ ए लव स्टोरी

१९४२ ए लव स्टोरी सन १९९४ की फिल्म है। फिल्म से ज्यादा
चर्चित इसका संगीत रहा। पुराने ज़माने के गीतों की झलक सुनाता
इसका संगीत काफी सुना गया। हेमंत कुमार के फिल्म जगत से
रिटायर होने के बाद उनके जैसी आवाज़ वाला कोई गायक सुनने को
नहीं मिला। वे जब हिंदी फिल्म जगत में सक्रीय थे तब उनकी आवाज़ से
मिलती जुलती आवाज़ वाले कुछ गायक जैसे द्विजेन मुखर्जी, सुबीर सेन
वगैरह सुनाई दे जाते थे। १९९४ की अनिल कपूर अभिनीत फिल्म में ये
गीत भी आपको हेमंत कुमार की याद दिलाएगा। स्पष्ट ना सही, धुंधली
ही सही। गायक हैं शिवाजी चट्टोपाध्याय। गीत लिखा है जावेद अख्तर ने
और धुन बनाई है राहुल देव बर्मन ने । गीत फिल्माया गया है जैकी श्रोफ
और मनीषा कोइराला पर। विधु विनोद चोपड़ा की इस फिल्म का छायांकन
भले ही बढ़िया हो, फिल्म कई जगह पर मंथर गति से चलती प्रतीत होती है।
आपको इस गीत में वायलिन का बजा टुकड़ा एक पुराने गीत की याद
दिलाएगा ।




गीत के बोल:

दिल नाउम्मीद तो नहीं, नाकाम ही तो है
लम्बी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है

ये सफ़र बहुत है कठिन मगर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सफ़र बहुत है कठिन मगर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

नहीं रहनेवाली ये मुश्किलें
ये हैं अगले मोड़ पे मंजिलें
नहीं रहनेवाली ये मुश्किलें
ये हैं अगले मोड़ पे मंजिलें
मेरी बात का तू यकीन कर
मेरी बात का तू यकीन कर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

ये सफ़र बहुत है कठिन मगर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

कभी ढूंढ लेगा ये कारवां
वो नयी ज़मीन नया आसमान
कभी ढूंढ लेगा ये कारवां
वो नयी ज़मीन नया आसमान
जिसे ढूंढती है तेरी नज़र
जिसे ढूंढती है तेरी नज़र
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

ये सफ़र बहुत है कठिन मगर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सफ़र बहुत है कठिन मगर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

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