Nov 1, 2013

सच्ची ये कहानी है-कभी हाँ कभी ना १९९४

अर्ध-कहानी अर्ध-कविता जैसे गीत केवल नए ज़माने के
गीतकारों ने नहीं लिखे बल्कि पुराने नामचीन गीतकारों
ने भी लिखे हैं. अब ऐसे कारनामे करने का समय थोडा
आगे पीछे हो सकता है. इससे फर्क नहीं पड़ता कि किसने
पहले लिखा. आप इशारा समझ ही गए होंगे-हाइप वाले
गीतकार.

खैर, मजरूह को किसी हाइप की ज़रूरत नहीं पड़ी, प्रतिभा
उनकी इतनी ज़बरदस्त थी कि शब्द उन्हें सलाम करते
से दिखाई पढते थे. उनके मुरीद चीख-चिल्ला के तारीफ़
नहीं करते बल्कि अदब से किया करते हैं. उन्हें हम ज़माने
के साथ चलने वाला गीतकार भी कह सकते हैं. हर
दशक के बदलते रंग ढंग के साथ उन्होंने अपनी लेखनी
का दायरा भी बढ़ाया. इस फिल्म के लिए उन्होंने भिन्न
भिन्न प्रकार के गीत लिखे हैं. ये एक हल्का फुल्का गीत
है. एक क्लब में ये गीत गाया जा रहा है. गीत गाया है
अमित कुमार ने और जो कलाकार इसे परदे पर गा रहे
हैं उनका नाम है शाहरुख खान. साथ में दीपक तिजोरी और
सुचित्रा कृष्णमूर्ति हैं. डॉन की भूमिका निभाई है गोगा कपूर
ने. महिला स्वर है अलका याग्निक का .




गीत के बोल:

दोस्तों अब आप जो सुनेंगे ये गाना ही नहीं
एक कहानी भी है
हाँ, एक सच्ची कहानी
एक डॉन की कहानी

सच्ची ये कहानी है
सुन लो मेरी जान
कहीं एक शहर में था एक नौजवान
सच्चा सीधा साधा सा प्यारा इंसान
क्या कहूँ वो बना कैसे डॉन
कैसे डॉन

सच्ची ये कहानी है
सुन लो मेरी जान
कहीं एक शहर में था एक नौजवान
सच्चा सीधा साधा सा प्यारा इंसान
क्या कहूँ वो बना कैसे डॉन
कैसे डॉन

रोजी के लिए जहाँ जहाँ जाता वो
ठोकर ही सदा वहां वहां पाटा वो
रोजी के लिए जहाँ जहाँ जाता वो
ठोकर ही सदा वहां वहां पाटा वो


पर वो जवान था इरादे का जवान
छोड़ दिया आखिर शरीफों का जहान
पर वो जवान था इरादे का जवान
छोड़ दिया आखिर शरीफों का जहान


जिस दिन वो डॉन बन गया
डरने लगे लोग ऐसा तूफ़ान बन गया
और क्या कहूँ मैं
सारा जहाँ था उसके क़दमों में


यूँ तो जो भी चाह वो मिला
पर दिल का गुल ना खिला

दिल की खुशी मिलती तो
प्यार उसे करता
ये जहान, ये जहान


सच्ची ये कहानी है
सुन लो मेरी जान
कहीं एक शहर में था एक नौजवान
सच्चा सीधा साधा सा प्यारा इंसान
क्या कहूँ वो बना कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन डॉन
कैसे डॉन

आगे क्या कहूँ उसकी कहानियां
जली हैं सदा ऐसों की जवानियाँ
आगे क्या कहूँ उसकी कहानियां
जली हैं सदा ऐसों की जवानियाँ
अपनो ने भी तो ना किया उससे प्यार
रूठी रही सदा मोहब्बत की बहार
अपनो ने भी तो ना किया उससे प्यार
रूठी रही सदा मोहब्बत की बहार

लोगों में आता जब कभी
हँसता हंसाता जब कभी
देखने वाले को होता था
उस हंसी पे रोने का गुमान, का गुमान 

सच्ची ये कहानी है
सुन लो मेरी जान
कहीं एक शहर में था एक नौजवान
सच्चा सीधा साधा सा प्यारा इंसान
क्या कहूँ वो बना कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन
कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन
कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन
कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन
......................................................
Sachchi ye kahani hai-Kabhi haan kabhi naa 1994

Artists-Shahrukh Khan, Goga Kapoor, Deepak Tijori,  Suchitra Krishnamurthy

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