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Aug 29, 2018

आना मेरे प्यार को ना तुम-कभी हाँ कभी ना १९९३

फिल्म कभी हाँ कभी ना के कुछ गीत श्रवणीय हैं. उनमें
से एक गीत आज आपको सुनवाते हैं. शाहरुख खान और
सुचित्रा कृष्णमूर्ति पर फिल्माया गए इस गाने को गाया है
कुमार सानू और अलका याग्निक ने.

फिल्मों के ऐसे गीत जिनमें हीरोईन कुछ ऐसे मोड में हो
‘मैं तो तुम्हें देख ही नहीं रही’ और हीरो वन वे ट्रेफिक
वाले अंदाज़ में अपनी भावनाओं की बाल्टियाँ, टब वगैरह
उडेलता हो, कुछ अलग से लगते हैं. अरे लगेंगे क्यूँ नहीं,
ऐसे गीतों में एक व्यक्ति बेचारा सा नज़र आता है और
जनता को उससे सहानुभूति होने लग जाती है. इस पूरी
फिल्म में नायक बेचारा अपने एक तरफ़ा प्यार को लिए
मारा मारा फिरता है. अंत में उसको जीवन के खट्टे मीठे
अनुभवों से सीख मिलती है और वो फिल्म के अंत तक
अपने प्यार को पाते पाते रह जाता है.

गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी धुन बनाई
है जतिन ललित ने.




गीत के बोल:

आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
सनम तुझे पाने का ये था सारा बहाना
हो आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
सनम तुझे पाने का ये था सारा बहाना
चलो भी जो हुआ जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो
चलो भी जो हुआ जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो

देख मेरी तकदीर दिल में किसका गीत
आँखों में तस्वीर किसकी है सनम
छोडो छोडो हाथ जानूं तेरी जात
झूठी है हर बात झूठी हर कसम
हाँ झूठा हूँ या सच्चा हूँ जाने सारा ज़माना

हो आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
सनम तुझे पाने का ये था सारा बहाना
चलो भी जो हुआ अब जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो
चलो भी जो हुआ अब जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो

तुमने फेंका जाल उलटी पड गयी चाल
अब मिस्टर जंजाल रास्ता नापिये
ऐसे तो ना यार दिल को ठोकर मार
समझो मेरा प्यार खुदा के लिए
समझ गई अब छोडो ज्यादा बातें बनाना

हो आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
सनम तुझे पाने का ये था सारा बहाना

चलो भी जो हुआ अब जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो
चलो भी जो हुआ अब जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो
…………………………………………………
Aana mere pyar ko naa tum-Kabhi haan kabhi naa 1993

Artists: Sharukh Khan, Suchitra Krishnamurthy

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Nov 1, 2013

सच्ची ये कहानी है-कभी हाँ कभी ना १९९४

अर्ध-कहानी अर्ध-कविता जैसे गीत केवल नए ज़माने के
गीतकारों ने नहीं लिखे बल्कि पुराने नामचीन गीतकारों
ने भी लिखे हैं. अब ऐसे कारनामे करने का समय थोडा
आगे पीछे हो सकता है. इससे फर्क नहीं पड़ता कि किसने
पहले लिखा. आप इशारा समझ ही गए होंगे-हाइप वाले
गीतकार.

खैर, मजरूह को किसी हाइप की ज़रूरत नहीं पड़ी, प्रतिभा
उनकी इतनी ज़बरदस्त थी कि शब्द उन्हें सलाम करते
से दिखाई पढते थे. उनके मुरीद चीख-चिल्ला के तारीफ़
नहीं करते बल्कि अदब से किया करते हैं. उन्हें हम ज़माने
के साथ चलने वाला गीतकार भी कह सकते हैं. हर
दशक के बदलते रंग ढंग के साथ उन्होंने अपनी लेखनी
का दायरा भी बढ़ाया. इस फिल्म के लिए उन्होंने भिन्न
भिन्न प्रकार के गीत लिखे हैं. ये एक हल्का फुल्का गीत
है. एक क्लब में ये गीत गाया जा रहा है. गीत गाया है
अमित कुमार ने और जो कलाकार इसे परदे पर गा रहे
हैं उनका नाम है शाहरुख खान. साथ में दीपक तिजोरी और
सुचित्रा कृष्णमूर्ति हैं. डॉन की भूमिका निभाई है गोगा कपूर
ने. महिला स्वर है अलका याग्निक का .




गीत के बोल:

दोस्तों अब आप जो सुनेंगे ये गाना ही नहीं
एक कहानी भी है
हाँ, एक सच्ची कहानी
एक डॉन की कहानी

सच्ची ये कहानी है
सुन लो मेरी जान
कहीं एक शहर में था एक नौजवान
सच्चा सीधा साधा सा प्यारा इंसान
क्या कहूँ वो बना कैसे डॉन
कैसे डॉन

सच्ची ये कहानी है
सुन लो मेरी जान
कहीं एक शहर में था एक नौजवान
सच्चा सीधा साधा सा प्यारा इंसान
क्या कहूँ वो बना कैसे डॉन
कैसे डॉन

रोजी के लिए जहाँ जहाँ जाता वो
ठोकर ही सदा वहां वहां पाटा वो
रोजी के लिए जहाँ जहाँ जाता वो
ठोकर ही सदा वहां वहां पाटा वो


पर वो जवान था इरादे का जवान
छोड़ दिया आखिर शरीफों का जहान
पर वो जवान था इरादे का जवान
छोड़ दिया आखिर शरीफों का जहान


जिस दिन वो डॉन बन गया
डरने लगे लोग ऐसा तूफ़ान बन गया
और क्या कहूँ मैं
सारा जहाँ था उसके क़दमों में


यूँ तो जो भी चाह वो मिला
पर दिल का गुल ना खिला

दिल की खुशी मिलती तो
प्यार उसे करता
ये जहान, ये जहान


सच्ची ये कहानी है
सुन लो मेरी जान
कहीं एक शहर में था एक नौजवान
सच्चा सीधा साधा सा प्यारा इंसान
क्या कहूँ वो बना कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन डॉन
कैसे डॉन

आगे क्या कहूँ उसकी कहानियां
जली हैं सदा ऐसों की जवानियाँ
आगे क्या कहूँ उसकी कहानियां
जली हैं सदा ऐसों की जवानियाँ
अपनो ने भी तो ना किया उससे प्यार
रूठी रही सदा मोहब्बत की बहार
अपनो ने भी तो ना किया उससे प्यार
रूठी रही सदा मोहब्बत की बहार

लोगों में आता जब कभी
हँसता हंसाता जब कभी
देखने वाले को होता था
उस हंसी पे रोने का गुमान, का गुमान 

सच्ची ये कहानी है
सुन लो मेरी जान
कहीं एक शहर में था एक नौजवान
सच्चा सीधा साधा सा प्यारा इंसान
क्या कहूँ वो बना कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन
कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन
कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन
कैसे डॉन डॉन डॉन डॉन
......................................................
Sachchi ye kahani hai-Kabhi haan kabhi naa 1994

Artists-Shahrukh Khan, Goga Kapoor, Deepak Tijori,  Suchitra Krishnamurthy

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Oct 30, 2009

ए काश के हम- कभी हाँ कभी ना १९९३

सपने जरूर देखने चाहिए। जिसने भी कहा है सही कहा है।
सुनील आना से प्यार करता है और उसे जीवन साथी बनने के लिए
तरह तरह की तिकड़म भिडाता रहता है। आना सुनील के दोस्त से
प्यार करती है. इसी प्रयास में वो अपने दोस्त को बेवकूफ बनाके
आना को जहाज़ पर ले जाता है। आगे देखिये क्या होता है। मजरूह
की लेखनी की धार बरकरार है इस गाने में। इसको गाया है
कुमार सानु ने और धुन बनाई है जतिन पंडित, ललित पंडित की
जोड़ी ने। ये इस फ़िल्म का सबसे ज्यादा गुनगुनाया जाने वाला गीत है।
शाहरुख़ खान के साथ परदे पर सुचित्रा कृष्णामूर्ति हैं इस गाने में ।



गाने के बोल:

ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें
ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें
बस नगमें तेरे प्यार के, गाते ही जाएँ

ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें
ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें

खिलती, महकती ये जुल्फों की शाम
हँसते, खनकते, ये होंठों के जाम
खिलती, महकती ये जुल्फों की शाम
हँसते, खनकते, ये होंठों के जाम
आ झूम के साज़ उठाए,
बस नगमें तेरे प्यार के, गाते ही जाए

ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें
बस नगमें तेरे प्यार के, गाते ही जाएँ
ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें

हो बस, अगर तुम, हमारे सनम
हम तो, सितारों पे, रख दे कदम
हो बस, अगर तुम, हमारे सनम
हम तो, सितारों पे, रख दे कदम
सारा जहाँ भूल जाएँ
बस नगमें तेरे प्यार के, गाते ही जाएँ

ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें
बस नगमें तेरे प्यार के, गाते ही जाएँ
ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें
ए काश के हम होश में अब, आने ना पायें

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Oct 23, 2009

वो तो है अलबेला-कभी हाँ कभी ना १९९३

शाहरुख़ खान अभिनीत और कुंदन शाह द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म
का नाम है कभी हाँ कभी ना। इसका एक मधुर गीत पेश है आज
आपके लिए। हीरो सुनील फ़िर से स्कूल के इम्तिहान में फ़ेल हो
गया है मगर नकली मार्कशीट प्राप्त करके थोडी देर के लिए सबको
खुश कर देता है। अंत में वही होता है सच्चाई की जीत जिसके
फलस्वरूप सबका मूड ख़राब हो जाता है। बाप कहता है- मेरी
नज़रों से दूर हो जा । उस नाकारा समझे जाने वाले बेटे के लिए
उसकी माँ गाना शुरू करती है-वो तो है अलबेला। गाने में लगभग
सभी मेहमान जो पार्टी में शरीक हुए हैं, साथ देते हैं।

गाना ख़त्म होने तक वो फ़िर से सबका लाडला अलबेला बन जाता है।
बाप का रोल अंजन श्रीवास्तव ने निभाया है। इस गाने में मुख्य स्वर हैं
कुमार सानु और देवकी पंडित के। संगीत दिया है जतिन ललित ने।
बोल लिखे हैं मजरूह सुल्तानपुरी ने ।


गाने के बोल:

वो तो है अलबेला,हजारों में अकेला

वो तो है अलबेला,हजारों में अकेला
सदा तुमने एब देखा हुनर को न देखा

वोह तो है अलबेला, हजारों में अकेला
सदा तुमने सेब देखा, हुनर को न देखा

फुरसत मिली न तुम्हें, अपने जहाँ से
उसके भी दिल की कभी समझते कहाँ से

फुरसत मिली न तुम्हें, अपने जहाँ से
उसके भी दिल की कभी समझते कहाँ से

जाना है जिसे पत्थर, हीरा है वो तो हीरा

सदा तुमने एब देखा, हुनर को न देखा

वो तो है अलबेला,हजारों में अकेला
वो तो है अलबेला,हजारों में अकेला

बंशी को लकड़ी सदा समझा किए तुम
पर उसके नगमो की धुन कहाँ सुन सके तुम

बंशी को लकड़ी सदा समझा किए तुम
पर उसके नगमो की धुन कहाँ सुन सके तुम

दिए की बाती देखी, देखी न उसकी ज्योति

सदा तुमने सेब देखा, हुनर को न देखा

वो तो है अलबेला,हजारों में अकेला
वो तो है अलबेला,हजारों में अकेला

सदा तुमने एब देखा, हुनर को न देखा

वो तो है अलबेला,हजारों में अकेला
वो तो है अलबेला
..........................................................................
 Wo to hai albela-Kabhi haan kabhi naa 1993

Artists: Shahrukh Khan, Anjan Shrivastava, 

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