चांदी की दीवार ना तोड़ी-विश्वास १९६९
शब्द आपको किसी और गीत में नहीं मिलेंगे. फिल्म के
नाम में अवश्य ये शब्द मिलेंगे आपको, इस नाम से एक
फिल्म बनी है जीतेंद्र और अपर्णा सेन पर इसे फिल्माया
गया है. लिखा गुलशन बावरा ने और इसे गाया है मुकेश
ने कल्याणजी आनंदजी के संगीत निर्देशन में.
इतना विवरण काफी है इस शानदार गीत के लिए क्यूंकि
उसके आगे ब से ब्लॉग, ब से बॉलीवुड, ब से बात और
ब से बक-बक भी होती है जो हमने आज नहीं करने का
इरादा किया है.
गीत के बोल:
चाँदी की दीवार ना तोड़ी
प्यार भरा दिल तोड़ दिया
इक धनवान की बेटी ने
निर्धन का दामन छोड़ दिया
चाँदी की दीवार ना तोड़ी
प्यार भरा दिल तोड़ दिया
कल तक जिसने कसमें खाईं
दुख में साथ निभाने की
आज वो अपने सुख की खातिर
हो गईं एक बेगाने की
शहनाईयों की गूँज में दब के
रह गयी आह दीवानें की
धनवानों ने दीवाने का
गम से रिश्ता जोड़ दिया
इक धनवान की बेटी ने
निर्धन का दामन छोड़ दिया
चाँदी की दीवार ना तोड़ी
प्यार भरा दिल तोड़ दिया
वो क्या समझे प्यार को जिनका
सब कुछ चाँदी सोना हैं
धन वालों की इस दुनियाँ में
दिल तो एक खिलौना हैं
सदियों से दिल टूटता आया
दिल का बस ये रोना है
जब तक चाहा दिल से खेला
और जब चाहा तोड़ दिया
इक धनवान की बेटी ने
निर्धन का दामन छोड़ दिया
चाँदी की दीवार ना तोड़ी
प्यार भरा दिल तोड़ दिया
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Chandi ki deewar na todi-Vishwas 1969
Artists: Jeetendra, Aparna Sen,

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