Dec 7, 2015

दिल में हमारे कौन समाया-अधिकार १९५४

सन १९५४ की फिल्म अधिकार मोहन सहगल निर्देशित फिल्म
है. इसमें किशोर कुमार, उषा किरण प्रमुख कलाकार हैं. गुज़रे
ज़माने की यशोधरा काटजू भी इसमें हैं. यहाँ गुज़रे ज़माने से
तात्पर्य सन १९५० के पहले के ज़माने से है.

मोहन सहगल ब्रिटिश अविभाजित भारत में सन १९२२ वर्ष में
जालंधर, पंजाब में पैदा हुए थे. मोहन सहगल ने लगभग हर दौर
में लोकप्रिय और हिट फ़िल्में बनाईं. जैसे कि-नई दिल्ली(१९५६),
देवर(१९६६), साजन(१९६९), सावन भादो(१९७०), रजा जानी(१९७२),
और कर्त्तव्य(१९७९). ये उन फिल्मोंके नाम हैं जिनका निर्देशन
मोहन सहगल ने किया उसके अलावा वे एक निर्माता, लेखक और
अन्य भूमिकाओं में भी जुड़े रहे फिल्मों से.

प्रस्तुत गीत राजा मेहँदी अली खान द्वारा लिखा हुआ है और इस
गीत की तर्ज़ बनाई है अविनाश व्यास ने. गीत गाया है किशोर और
आशा ने.



गीत के बोल:

दिल में हमारे कौन समाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं
किसने मुझे दीवाना बनाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं
दिल में हमारे कौन समाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं
किसने मुझे दीवाना बनाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं

मेरी नज़र से मिलते ही क्यूँ
तेरी नज़र झुक जाती है
मेरी नज़र से मिलते ही क्यूँ
तेरी नज़र झुक जाती है
ओ हो, तेरी नज़र से शरमा कर
कुछ कहने से रुक जाती है
हमसे ये कहना चाहती हैं क्या
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं

दिल में हमारे कौन समाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं
किसने मुझे दीवाना बनाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं

देख के हमको झूम रही हैं
देखो इन नज़रों को
देख के हमको झूम रही हैं
देखो इन नज़रों को, ओ हो
सामने हो जब सूरत तुम्हारी
देखे कौन बहारों को
ऐसी रुत का क्या है इशारा
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं

दिल में हमारे कौन समाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं
किसने मुझे दीवाना बनाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं
दिल में हमारे कौन समाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं
किसने मुझे दीवाना बनाया
खुद ही समझ लो मैं क्या बोलूं.
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Dil mein hamare kaun samaya-Adhikar 1954

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