मौसम भीगा भीगा-गहरा ज़ख्म १९८१
शख्सियतों में से हैं जिनकी मुस्कराहट आला दर्जे की है और
दर्शक भी खुश हो जाता है फिल्म का. एक कमेन्ट इस गीत
के नीचे यू ट्यूब पर लिखा है किसी ने. उस बंदे का आकलन
सही है. दीपक बाहरी के निर्देशन में बनी फिल्म गहरा ज़ख्म
का ये गीत एक बरसाती गीत है और देखने सुनने में आनंद
देता है.
रंजीता के नदी तालाब वाले या बरसात वाले जितने भी गीत
हैं उनकी समकालीन दूसरी अभिनेत्रयों के गीतों से बेहतर हैं.
ऐसे गीतों में उनकी भावाभिव्यक्ति बहुत सुन्दर है. अभिनय में
वे काफी बेहतर होने के बावजूद ज्यादा तारीफ़ ना बटोर पायीं.
सन १९७५ की फिल्म लैला मजनू निस्संदेह उनके अभिनय
का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
गीत के बोल:
हो मौसम भीगा भीगा बालम सीधा सीधा, हा आ
मौसम भीगा भीगा बालम सीधा सीधा
तेरा ये चेहरा बड़ा सुहाना जानलेवा है
हाय मौसम भीगा भीगा जानम सीधा सीधा
हो मौसम भीगा भीगा बालम सीधा सीधा
बैरी ये जवानी मेरी आज नहीं बस में
बिजली सी चमके नस नस में हो ओ ओ ओ
बैरी ये जवानी मेरी आज नहीं बस में
बिजली सी चमके नस नस में हो ओ ओ ओ
छाया नशा सा ज़रा ज़रा सा जानलेवा है
हा आ मौसम भीगा भीगा बालम सीधा सीधा
तेरा ये चेहरा बड़ा सुहाना जानलेवा है
हो बहके कदम तेरे नैन हैं नशीले
जुल्फें घटायें लब रसीले हो हो हो हो
हो बहके कदम तेरे नैन हैं नशीले
जुल्फें घटायें लब रसीले हो ओ ओ ओ
दर्द ऐ दिल ये ज़रा ज़रा सा जानलेवा है
हां आ मौसम भीगा भीगा बालम सीधा सीधा
मौसम भीगा भीगा बालम सीधा सीधा
तेरा ये चेहरा बड़ा सुहाना जानलेवा है
हो मौसम भीगा भीगा
हे जानम सीधा सीधा
मौसम भीगा भीगा
हे जानम सीधा सीधा
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Mausam bheega bheega-Gehra Zakhm 1981
Artists-Vinod Mehra, Ranjeeta

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