चाहे कोई मुझे भूत कहो-वारिस १९६९
ही ये रेडियो मिर्च, अदरक, लहसुन, प्याज, फूलगोभी है फिर भी
हम आपको फरमाईश पर गीत सुनवाते हैं आखिर को हम पाठकों
और संगीत प्रेमियों के लिए ही यहाँ अपने पोस्ट प्रस्तुत करते हैं.
महमूद और अरुणा ईरानी पर फिल्माए गए यह गीत फिल्म वारिस
में आपने देखा होगा ज़रूर अगर आपने फिल्म देखी है. नहीं देखी
तो इसे आज देख लें. एक पैरोडी गीत है और इसे देखने में आपको
आनंद ज़रूर आएगा.
राजेंद्र कृष्ण के लिखे गीत को गाया है आशा और रफ़ी ने. पंचम
का संगीत है.
गीत के बोल:
चाहे कोई मुझे भूत कहो
चाहे कोई यमदूत कहो
नकली चाकू से मारा गया था
वापस आ गया
चाहे कोई मुझे भूत कहो
चाहे कोई यमदूत कहो
नकली चाकू से मारा गया था
वापस आ गया
छोटी सी बच्ची को इतना सताए
पापी के मन में रहम ना आये
नन्ही सी जान को छोड़
कच्ची कली को ना तोड़
तू कितना मोटा है ये कितनी छोटी है
प्यारी प्यारी है छोड़ दे छोड़ दे
इसको छोड़ दे छोड़ दे
तू जैसा गेंडा है
ये छोटी हिरनी है दूध की फिरनी है
छोड़ दे छोड़ दे
अजी ऐसा मौका फिर कहाँ मिलेगा
हमारे जैसा कातिल कहाँ मिलेगा
आओ तुमको दिखलाता हूँ
कैसे काटे जाते बकरे
देखो देखो देखो देखो देखो
एन ईवनिंग इन बांद्रा
हे हे हे हे
मेरे सामने वाली खिडकी से
पोलिस की चौकी दिखती है
अरे ओ निडर तू अब तो डर
पोलिस से दुनिया डरती है
मेरे सामने वाली खिडकी से
पोलिस की चौकी दिखती है
आ जा आ जा मैं हूँ बाप तेरा
राम राम धो दूं पाप तेरा
आ जा आ आ आ जा आ आ
हमने तुझे समझाया
तेरी समझ में न आया
हमने तुझे समझाया
तेरी समझ में न आया
हो आ जा आ आ आ जा आ जा
आ जा आ आ आ जा आ जा
आ जा आ आ आ आ
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Chahe koi mujhe bhoot kaho(parody)-Waaris 1969
Artists: Mehmood, Aruna Irani

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