चाँद मद्धम है-रेलवे प्लेटफोर्म १९५५
फिल्म का नाम है रेलवे प्लेटफोर्म. रेलवे के नाम से शुरू
होने वाली फिल्मों में शायद यही एक है. इस फिल्म के
बहाने कई लोगों की जुबां पर ये शब्द ज़रूर ही चढा होगा.
सुनील दत्त, नलिनी जयवंत, मनमोहन कृष्ण, जॉनी वाकर,
जगदीप और लीला मिश्रा जैसे सितारों से सुसज्जित फिल्म
का निर्देशन रमेश सैगल ने किया था.
एक अनूठा कोम्बिनेशन है गीत-संगीत का इस फिल्म में.
गीत साहिर के हैं और संगीत मदन मोहन का.
गीत के बोल:
चाँद मद्धम है आसमान चुप है
नींद की गोद में जहाँ चुप है
चाँद मद्धम है आसमान चुप है
दूर वादी में दूधिया बादल
झुक के पर्बत को प्यार करते हैं
दिल में नाकाम हसरतें लेकर
हम तेरा इंतज़ार करते हैं
चाँद मद्धम है आसमान चुप है
इन बहारों के साये में आ जा
इन बहारों के साये में आ जा
फिर मोहब्बत जवान रहे न रहे
ज़िंदगी तेरे नामुरादों पर
कल तलक मेंहरबान रहे न रहे
चाँद मद्धम है आसमान चुप है
रोज़ की तरह आज भी तारे
सुबह की गर्द में न खो जाये
आ तेरे ग़म में जागती आँखें
कम से कम एक रात सो जायें
चाँद मद्धम है आसमान चुप है
...........................................................
Chand maddham hai-Railway platform 1955
Artist-Nalini Jaywant
0 comments:
Post a Comment