अहले-दिल यूँ भी २-दर्द १९८१
से है. इस गीत का भूपेंद्र वाला वर्ज़न आप सुन चुके हैं जो ज्यादा
लोकप्रिय है. प्रस्तुत वर्ज़न ज्यादा मधुर है सुनने में.
हेमा मालिनी पर इसे फिल्माया गया है. गीत में एक पीढ़ी बड़ी हो
रही है. बीच में आप कलाकार को पहचान सकते हैं. ये हैं उस समय
के प्रसिद्ध बाल कलाकार मास्टर राजू.
नक्श लायलपुरी और खय्याम का जादू भी एक समय सर चढ कर
बोला करता था. ये गीत उसका अच्छा उदाहरण है.
गीत के बोल:
अहले-दिल यूँ भी निभा लेते हैं
अहले-दिल यूँ भी निभा लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
अहले-दिल यूँ भी निभा लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
दिल की महफ़िल में उजालों के लिये
दिल की महफ़िल में उजालों के लिये
याद की शम्मा जला लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
जलते मौसम में भी ये दीवाने
जलते मौसम में भी ये दीवाने
कुछ हसीं फूल खिला लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
अपनी आँखों को बनाकर ये ज़ुबाँ
अपनी आँखों को बनाकर ये ज़ुबाँ
कितने अफ़साने सुना लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
दर्द सीने में छुपा लेते हैं
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Ahle dil yun bhi 2-Dard 1981
Artists: Hema Malini, Rajesh Khanna
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