Jan 28, 2017

मतलब जो समझे-बारूद १९७६

जनता मस्का लगाने में कितनी बारूद खर्च करती है.
मस्का लगाना भी एक कला है. मस्का लगाने में
अगर कुछ फायदा हो तो ठीक है अन्यथा आप
बेवकूफ ही साबित होते हैं अंत में. मस्का लगा लगा
के कितनों की रोज़ी रोटी चलती है, ये नेता और
अभिनेता से जुड़े लोगों के अलावा कौन बेहतर समझ
सकता है.

एक जगह लेख का शीर्षक था-ओरिजनल चोकलेटी
हीरो के नाम में ८० के दशक के उत्तराध में चर्चा
में आये एक नायक का नाम मिला. खैर छोडिये
हम तो उससे भी ज्यादा चर्चित रहे चोकलेटी हीरो
का एक गीत सुनते हैं आज फिल्म बारूद से. किशोर
का गाया गीत है ये जिसे आनंद बक्षी ने लिखा है
और इसकी धुन बनाई है एस डी बर्मन ने.



गीत के बोल:

बड़ा ही खूबसूरत इस जगह का हर नज़ारा है
हे  मगर फिर भी किसी का नाम लेकर दिल पुकारा है

मतलब जो समझे मेरे संदेश का 
मतलब जो समझे
मतलब जो समझे मेरे संदेश का
इस देश में है कोई क्या मेरे देश का
मतलब समझे जो  मेरे संदेश का

ये चेहरे  ये आँखें
ये चेहरे  ये आँखें
बदले लिबास रंग रूप तो वो ही है
यादों की छाव धूप तो वो ही है
बदले लिबास रंग रूप तो वो ही है
यादों की छाव धूप तो वो ही है
क्या फायदा 
क्या फायदा फिर इस भेष का
इस देश में है कोई क्या मेरे देश का
मतलब समझे जो  मेरे संदेश का

वो माटी  वो पानी
वो माटी  वो पानी
आ मिल के फूलों की बातें करेंगे
सावन के झूलों की बातें करेंगे
आ मिल के फूलों की बातें करेंगे
सावन के झूलों की बातें करेंगे
मिल के सहें 
मिल के सहें ये ग़म परदेस का
इस देश में है कोई क्या मेरे देश का
मतलब समझे जो  मेरे संदेश का

मतलब जो समझे मेरे संदेश का
इस देश में है कोई क्या मेरे देश का
मतलब समझे जो  मेरे संदेश का
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Matlab jo samjhe-Barood 1976

Artists: Rishi Kapoor, Shoma Anand

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