आशा ओ आशा-ब्लैकमेल १९७३
है जब वो अपने अक्स से बात करता है. अब आप इसे अंतर
कहें या मानस, सीधे शब्दों में ये अपने आप से बात करना
भी कहलाता है.
फिल्म ब्लैकमेल में एक खूबसूरत गीत है राखी पर फिल्माया
गया जिसे लता मंगेशकर ने गाया है. समस्या पूर्ति वाला गीत
है जिसमें नायिका को समाधान मिल जाता है. मन में चल
रहे द्वंद से छुटकारा मिल जाता है.
गीत के बोल:
आशा आशा आशा आशा
आशा ओ आशा ओ आशा ओ आशा
तुझे क्या हुआ क्या हुआ क्या हुआ
ना कहो मुझे आशा
मैं तो हो गयी निराशा
आशा ओ आशा ओ आशा ओ आशा
कैसी गम की शाम आई
दिल में रह गयी दिल की बात
रात आएगी ओ पगली ले के खुशियों की बारात
ले के खुशियों की बारात
शाख दिल की जल गयी जब
फिर बहार आई तो क्या
ये फिजा तो दे रही है फूल खिलने का पता
फूल खिलने का पता
कोई अब कुछ भी कहे मैं तो बन गयी तमाशा
आशा ओ आशा ओ आशा ओ आशा
सामने आई थी मंजिल
आ के फिर क्यूँ खो गयी
एक नयी मंजिल से वो शरमा के वापस हो गयी
शरमा के वापस हो गयी
अपनी आँखों में नए सपने सजा लूं इस तरह
वक्त आने पर बदल जाता है मौसम जिस तरह
उस तरह
जो कभी सुनी थी मैं समझ गयी वो भाषा
आशा मैं आशा मुझे क्या हुआ
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Asha o asha-Blackmail 1973
Artist: Rakhi

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