वो चांद जैसी लडकी-देवदास २००२
है जब भंसाली की फिल्मों में दुसरे संगीतकारों का संगीत होता
था.
गीत लिखा है नुसरत बद्र ने और इस गीत की धुन तैयार की है
इस्माल दरबार ने. उदित नारायण ने इसे गाया है.
गीत के बोल:
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चांद
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
अल्हड सी भोली भाली मासूम ये शरारत
बदली नहीं है अब तक बचपन की उसकी आदत
तडपा रही हैं यादें हो जाउँ ना ना हो जाऊं
हो जाऊं मैं पागल
आ जाये सामने वो ये जान जा रही है
वो वो
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
मेरा चांद बादलों में क्यूँ जा के खो गया है
अब दूर इस कदर वो क्यों मुझसे हो गया है
क्यों जी रहा हूँ तन्हा ये याद भी नहीं है
बस इतना याद है के वो याद आ रही है
वो चांद वो चांद
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चांद वो चांद जैसी
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Wo chand jaisi ladki-Devdas 2002

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