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Feb 10, 2018

वो चांद जैसी लडकी-देवदास २००२

फिल्म देवदास से एक गीत सुनते हैं. ये उस ज़माने की फिल्म
है जब भंसाली की फिल्मों में दुसरे संगीतकारों का संगीत होता
था.

गीत लिखा है नुसरत बद्र ने और इस गीत की धुन तैयार की है
इस्माल दरबार ने. उदित नारायण ने इसे गाया है.




गीत के बोल:

वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चांद
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है

अल्हड सी भोली भाली मासूम ये शरारत
बदली नहीं है अब तक बचपन की उसकी आदत
तडपा रही हैं यादें हो जाउँ ना ना हो जाऊं
हो जाऊं मैं पागल
आ जाये सामने वो ये जान जा रही है

वो वो
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है

मेरा चांद बादलों में क्यूँ जा के खो गया है
अब दूर इस कदर वो क्यों मुझसे हो गया है
क्यों जी रहा हूँ तन्हा ये याद भी नहीं है
बस इतना याद है के वो याद आ रही है

वो चांद वो चांद
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चांद वो चांद जैसी
.................................................................
Wo chand jaisi ladki-Devdas 2002

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Jan 15, 2018

ओ आनेवाले रुक जा कोई दम-देवदास १९५५

सन १९५५ की क्लासिक फिल्म देवदास से एक गीत सुनते हैं.
सरोद और तबले के टुकड़ों से सजा ये गीत लता मंगेशकर ने
गाया है.

साहिर लुधियानवी के बोल हैं और सचिन देव बर्मन का संगीत.
क्लासिक फिल्मों और उनके गीतों को किसी विवरण की ज़रूरत
नहीं होती. इन्हें तो हर संगीत रसिक को सुन कर अपना विवरण
लिख लेना चाहिए.





गीत के बोल:

ओ आने वाले रुक जा कोई दम
रस्ता घेरे है बाहर लाखों ग़म
ओ आने वाले रुक जा कोई दम
रस्ता घेरे है बाहर लाखों ग़म
ओ आने वाले आने वाले

आ मैं तुझे आँखों मे बसा लूँ
रंग भरे आँचल मे छुपा लूँ
आ मैं तुझे आँखों मे बसा लूँ
रंग भरे आँचल मे छुपा लूँ
तुझ पे लुटा दूं
तुझ पे लुटा दूं दिल-ओ-जान ओ नादान
ओ शरमाने वाले
शरमाने वाले रुक जा कोई धम
रस्ता घेरे है बाहर लाखों ग़म
ओ आने वाले आने वाले

निखरा हुआ हैं रात का जादू
बिखरी हुई है ज़ुल्फ़ों की ख़ुशबू
निखरा हुआ हैं रात का जादू
बिखरी हुई है ज़ुल्फ़ों की ख़ुशबू
दिल का इशारा
दिल का इशारा पहचान मैं क़ुरबान
ओ तड़पाने वाले
तड़पाने वाले रुक जा कोई दम
रस्ता घेरे है बाहर लाखों ग़म
ओ आने वाले आने वाले

पायल की झंकार मे खो जा
सपनों के संसार मे खो जा
पायल की झंकार मे खो जा
सपनों के संसार मे खो जा
रह जा यहीं पे
रह जा यहीं पे मेंहमान कहा मान
ओ तरसाने वाले
तरसाने वाले रुक जा कोई दम
रस्ता घेरे है बाहर लाखों ग़म
ओ आने वाले आने वाले

आने वाले आने वाले आने वाले
आने वाले
..................................................................
O aane waale ruk jaa koi dam-Devdas 1955

Artist: Vaijayantimala, Dilip Kumar

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Nov 28, 2017

हमेशा तुमको चाहा-देवदास २००२

चलचित्र कथानक देवदास के नवीनतम संस्करण से एक गीत सुनते हैं
आज. शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास बीसवी सदी की सबसे
चर्चित कृतियों में से एक है. उल्लेखनीय है ये उपन्यास उन्होंने
१७ वर्ष की उम्र में लिखा डाला था.

देवदास उपन्यास पर फ़िल्में कई भाषाओँ में बनायीं का चुकी है.
उपन्यास पर सबसे पहले मूक युग में फिल्म बनी थी. १९३६ की
देवदास बनने के पहले इसे बंगाली भाषा में बनाया जा चुका था.

नुसरत बद्र के बोल हैं और इस्माईल दरबार का संगीत. इसे गाया
है कविता कृष्णमूर्ति ने.




गीत के बोल:

आई ख़ुशी की ये रात आई सज-धज के बारात है आई
धीरे धीरे गम का सागर थम गया आँखों में आ कर
गूँज उठी है जो शहनाई तो आँखों ने ये बात बताई

हमेशा तुमको चाहा और चाहा और चाहा चाहा चाहा
हमेशा तुमको चाहा और चाहा कुछ भी नहीं
तुम्हे दिल ने है पूजा पूजा पूजा और पूजा कुछ भी नहीं
ना ना नहीं ना ना नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं हो ओ ओ कुछ भी नहीं
हो ओ कुछ भी नहीं

खुशियों में भी छाई उदासी
दर्द की छाया में वो लिपटी
कहने पिया से बस ये आई
कहने पिया से बस ये आई
जो दाग तुमने मुझ को दिया
उस दाग से मेरा चेहरा खिला
रखूँगी इसको निशानी बना कर
माथे पे इस को हमेशा सजा कर
ओ प्रीतम ओ प्रीतम बिन तेरे मेरे इस जीवन में
कुछ भी नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं

बीते लम्हों की यादें ले कर
बोझल कदमों से वो चल कर
दिल भी रोया और आँख भर आई
मन से आवाज़ है आई
वो बचपन की यादें वो रिशते वो नाते
वो सावन के झूले वो हँसना वो हँसाना
वो रूठ के फिर मनाना
वो हर एक पल मैं दिल में समाए
दिये में जलाए ले जा रही हूँ
मैं ले जा रही हूँ मैं ले जा रही हूँ
ओ प्रीतम ओ प्रीतम बिन तेरे मेरे इस जीवन में
कुछ भी नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं

हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हे हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हमेशा तुमको चाहा और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हे हुन हुना हुन हुना हुन हुना
और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हाँ चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
बस चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हाँ चाहा चाहा चाहा
……………………………………………………….
Hamesha tumko chaha-Devdas 2002

Artists: Sharukh Khan, Aishwarya Rai

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Jun 10, 2017

आन मिलो आन मिलो श्याम-देवदास १९५५

देवदास उन साहित्यिक कृतियों में से एक है जो बॉलीवुड में
काफी चर्चित है. अभी तक देवदास नाम की तीन फ़िल्में बन
चुकी हैं. तीनों ही अपने समय में चर्चित रहीं और जनता द्वारा
पसंद की गयीं.

उल्लेखनीय बात ये है इस विषय को अपने युग के नामचीन
निर्देशक ने चुना. पहला संस्करण न्यू थियेटर्स के लिए बरुआ
ने बनाया तो दूसरा संस्करण बिमल रॉय ने बनाया. शाहरुख
वाली देवदास का निर्देशन भंसाली ने किया.

सुनते हैं सन १९५५ की देवदास से एक गीत. इस युगल गीत
को मन्ना डे और गीता दत्त ने गाया है. बंगाल की लोकधारा का
प्रवाह आपको इस गीत की धुन में अवश्य मिलेगा. देवदास का
संगीत लीक से हट कर है थोडा सा अपने समय के हिसाब से.

दो गाने वालों में से अभिनेत्री दुलारी को तो मैं पहचान गया.
दाढ़ी वाले बाबाजी को आप पहचानिये.



गीत के बोल:

आन मिलो आन मिलो श्याम सांवरे आन मिलो
आन मिलो आन मिलो श्याम सांवरे
बृज में अकेली राधे खोई-खोई फिरे
ओ राधे खोई-खोई फिरे
ओ कान्हा आन मिलो
आन मिलो आन मिलो श्याम सांवरे आन मिलो

बृंदावन की गलियों में तुम बिन जियरा ना लागे
ओ जियरा न लागे
निसदिन तुम्हारी बाट देखे व्याकुल नैना भागे
ओ व्याकुल नैना भागे
अब ही ऐसी दशा है मन की क्या हुई फिर आगे रे
बृज में अकेली राधे खोई-खोई फिरे
ओ राधे खोई-खोई फिरे
ओ कान्हा आन मिलो
आन मिलो आन मिलो श्याम सांवरे आन मिलो

आज न काहे जमुना तीरे मुरली मधुर बजाई
ओ मुरली मधुर बजाई
आज न काहे सखियन के संग हिल मिल रास रचाई
ओ हिल मिल रास रचाई
हमरा आंगन छोड़ के तोहे कौन नगरिया भाई रे
बृज में अकेली राधे खोई-खोई फिरे
ओ राधे खोई-खोई फिरे
ओ कान्हा आन मिलो
आन मिलो आन मिलो श्याम सांवरे आन मिलो

अजहुं जो न भेजे मोहन तैनें कोई खबरिया
ओ तैनें कोई खबरिया
हो जई है इक बृज की बाला रो रो कर बावरिया
रो रो कर बावरिया
धीर बंधा जा
धीर बंधा जा मुख दिखला जा
नट नागर सांवरिया रे
बृज में अकेली राधे खोई-खोई फिरे
ओ राधे खोई-खोई फिरे
ओ कान्हा आन मिलो
आन मिलो आन मिलो श्याम सांवरे आन मिलो
…………………………………………..
Aan milo aan milo Shyam-Devdas 1955

Artists:Dulari, a baby, a babaji

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Feb 14, 2017

किसको खबर थी-देवदास १९५५

सन १९५५ की फिल्म देवदास से एक गीत सुनते हैं. इसे
तलत महमूद ने गाया है. साहिर लुधियानवी के बोल हैं और
एस डी बर्मन का संगीत.




गीत के बोल:


किसको खबर थी किस को यक़ीं था
ऐसे भी दिन आयेंगे
हाय जीना भी मुशकिल होगा
और मरने भी न पायेंगे
हाय किस को खबर थी

हम जैसे बरबाद दिलों का
जीना क्या और मरना क्या
आज तेरी महफ़िल से उठे
कल दुनियाँ से उठ जायेंगे
हाय किस को खबर थी
.........................................................
Kisko khabar thi-Devdas 1955

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Dec 9, 2010

डोला रे डोला रे-देवदास २००२

पिछले गीत के शब्द 'डोलते ' से एक और गीत दिमाग में
डोल गया है। उसे याद करके कुछ शब्द यहाँ ढोल रहा हूँ।

संजय लीला भंसाली की देवदास। हमें पहले पी सी बरुआ
की देवदास, बिमल रॉय की देवदास ही मालूम थीं। एक और
आ गई। हमने देख भी ली। १९५५ की देवदास के २ गीत और
१९३५ की देवदास का एक गीत आपको सुनवा चुके हैं इस
ब्लॉग पर।

गीत बॉलीवुड के दो दौरों की सुन्दर अभिनेत्रियों पर फिल्माया
गया है और इनमे से एक अभिनेत्री दूसरी की आंटीजी सरीखी
दिखलाई दे रही है। गायन के मामले में भी कुछ ऐसा ही है।
इसे गाया है कविता कृष्णमूर्ति और श्रेया घोषाल ने। श्रेया
का शायद ये तीसरा या चौथा हिंदी फ़िल्मी गीत है। गीत में
एक पुरुष आवाज़ भी है और गायक का नाम है-के. के.।

फिल्म ने एक शब्द को खूब प्रसिद्ध किया-"इश"। ये शब्द
हालाँकि एक दूसरे गीत में है, लेकिन इसका जिक्र करना
ज़रूरी था। नहीं करेंगे तो भैया इस पोस्ट की लम्बाई कैसे
बढेगी। वैसे लम्बी पोस्ट पढता कौन है आजकल इसीलिए
छोटी पोस्ट बनाते हैं।

दूसरे कुछ दिन से बादाम पिस्ता अखरोट खाने को नहीं मिल
रहे हैं इसलिए दिमाग ज्यादा चल नहीं रहा है और सर्दी भी आ
गई है जिससे दिमाग सिकुड़ने लगा है। इतना विवरण ठीक है
या और छापूं ?




गीत के बोल:

अभी याद नहीं आ रहे हैं
शायद कल परसों तक याद आ जाएँ...
__________________________
याद आ गए ये लीजिये.........11 Dec 2010

हे डोला रे डोला रे डोला हे डोला रे
ओ माही
हे डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला
मन डोला रे डोला
हे डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला
मन डोला रे डोला
लग जाने दो नजरिया गिर जाने दो बिजुरिया
लग जाने दो नजरिया गिर जाने दो बिजुरिया
बांध के मैं घुंघरू
पहन के मैं पायल
ओ बांध के मैं घुंघरू
पहन के मैं पायल
ओ झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

ओ डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
ओ डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला

देखो जी देखो देखो कैसी यह जानकर है
इनकी आँखों में देखो पिया जी का प्यार है
इनकी आवाज़ में हो ये कैसे खनकार है
पिया की यादों में ये जिया बेक़रार है
माथे की बिंदिया में वो है
पलकों के निंदिया में वो है
तेरे तो तन मन में है
तेरे भी धड़कन में वो है
चूड़ी की छन छन में वो है
कंगन की खन खन में वो है
चूड़ी की छन छन में वो है
कंगन की खन खन में वो है
बांध के मैं घुंघरू हाँ पहन के मैं पायल
झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला

तुमने मुझको दुनिया दे दी
मुझको अपनी खुशिया दे दी
उनसे कभी ना होना दूर
हाँ मांग में भर लेना सिन्दूर
उनकी बाहों का तुम हो फूल
मैं हूँ क़दमों की बस धूल
बांध के मैं घुंघरू पहन के मैं पायल
बांध के मैं घुंघरू पहन के मैं पायल
झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
........................................................................................
Dola re dola re dola-Devdas 2002

Artists-Madhuri Dixit, Aishwarya Rai

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Apr 30, 2010

बैरी पिया बड़ा बेदर्दी-देवदास २००२

आइये आपको नयी शताब्दी की ओर ले चलें एक बार फिर से।
९० के दशक के अंत में कई नए गायक हमें सुनने को मिले।
कविता कृष्णमूर्ति के बाद जो उनके जैसी आवाज़ सुनने को मिली
वो है श्रेया घोषाल की। एक संगीत प्रतियोगिता से चर्चा में आई श्रेया
ने बहुत मेहनत की और आज आपना एक अलग मुकाम बना लिया है
पार्श्व गायन के क्षेत्र में। उनका एक बड़ा प्रशंसक वर्ग है। श्रेया को
नोट-परफेक्ट सिंगर कहा जाता है। ऐसे गायक संगीतकार के लिए
वरदान के समान होते हैं।

फिल्म जिस्म के गीत "जादू है नशा है" से चर्चा में आई श्रेया का ये
दूसरा बड़ा हिट गीत है जो फिल्म देवदास में उन्होंने गाया है। गीत
लिखा है समीर ने और धुन बनाई है इस्माइल दरबार ने । इस्माइल
दरबार की दूसरी बड़ी चर्चित फिल्म है ये । पिछली फिल्म भी उन्होंने
संजय लीला भंसाली के साथ की थी। उसके गीत बहुत बजे थे ।
नायिका वही थी बस इस बार नायक बदल गया है फिल्म का।



गीत के बोल:

इश
बैरी पिया बड़ा बेदर्दी, इश
हो, बैरी पिया बड़ा बेदर्दी
दिल का दर्द ना जाने सौदाई
हरजाई जुल्मी राम दुहाई
कैसे कहूं कैसे कहूं हाय राम
दिल का दर्द ना जाने
ना जाने, ना जाने, ना जाने जाने जाने हाय

बैरी पिया बड़ा रे बेदर्दी
हो हो, बैरी पिया बड़ा बे, इश
तू दूर जो था तो पास ही था
अब पास है तो दूर है क्यूं
ना जाने जाने जाने जाने जाने

तू दूर जो था तो पास ही था
अब पास है तो दूर है क्यूं
आ आ आ आ ,
पास तो आ पहना भी दे यह कंगना
ना सता, अब मान भी ले यह कहना

कैसे कहूं कासे कहूं हाय राम
राम राम राम राम
पगला इतना ना जाने
ना जाने, ना जाने, ना जाने जाने जाने हाय

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Jan 4, 2010

बालम आए बसो मोरे मन में- देवदास १९३५

शुरुआती दौर का एक प्रसिद्ध गीत। वैसे तो सहगल के अधिकतर
गाने प्रसिद्ध हैं लेकिन ये थोडा विशेष है। एक वो ज़माना था जब पेड़ों
के पीछे साजिन्दे छुपकर खड़े हो जाते थे और गाना रिकॉर्ड होता था ।
पार्श्व गायन अभी तक बॉलीवुड में नहीं आया था । इस गीत में सहगल
ने अभिनय किया है और ख़ुद गाया भी है। १९३५ की देवदास फ़िल्म से
ये गीत लिया गया है आज आपके लिए। केदार शर्मा ने इसके बोल लिखे
हैं और संगीत तैयार किया है तिमिर बरन ने। तिमिर बरन बंगला मूल
के संगीतकार थे। उस समय की फिल्मों को देख पाना दुर्लभ अनुभव है।
उसकी कई वजह हैं जिसमे से एक है फिल्म देखने के लिए उपलब्ध नहीं
होना। इस गीत में जमुना नाम की अभिनेत्री हैं जिन्होंने देवदास फिल्म
में पारो की भूमिका निभाई है।



गाने के बोल:

बालम आए बसो मोरे मन में
बालम आए बसो मोरे मन में
बालम आए बसो मोरे मन में
बालम

सावन आया तुम न आए

बालम आए बसो मोरे मन में
बालम आए बसो मोरे मन में
सावन आया तुम न आए
सावन आया तुम न आए
तुम बिन रसिया कुछ न भाये
तुम बिन रसिया कुछ न भाये
मन में मोरे हूक उठत जब
मन में मोरे हूक उठत जब
कोयल कूकती बन में

बालम आए बसो

हाँ तो तुम आ गईं
पूजा के लिए मंदिर में जा रही थी
तो फिर यहाँ क्यूँ आयीं
मुझे मेरे देवता ने बुलाया इसलिए मैं आ गयी
.....
......
.....

सूरतिया जा की मतवारी
सूरतिया जा की मतवारी
पतली कमरिया उमरिया बारी
सूरतिया जा की मतवारी
पतली कमरिया उमरिया बारी
एक नया संसार बसा है
एक नया संसार बसा है
जिनके दो नैनन में

बालम आए बसो मोरे मन में
बालम आए बसो मोरे मन में

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Jul 21, 2009

कान्हा आन मिलो आन मिलो-देवदास

मस्त मलंग गीतों का अपना अलग आनंद है ।
एक भजन है फ़िल्म देवदास फ़िल्म का गीता दत्त और
मन्ना डे का गाया हुआ-आन मिलो आन मिलो श्याम सांवरे
बंगला की भूमि की खुशबू लिए खड़ी बोली के मिश्रण वाले
इस गीत के रचयिता हैं साहिर लुधियानवी और संगीतकार हैं
सचिन देव बर्मन। गीत का आनंद उठायें ।



गीत के बोल:

आन मिलो आन मिलो
श्याम सांवरे,आन मिलो

आन मिलो आन मिलो
श्याम सांवरे
बृज में अकेले राधे खोयी खोयी फिरे
राधे खोयी खोयी फिरे,

ओ कान्हा आन मिलो आन मिलो..........

वृन्दावन की गलियां में तुम बिन जियरा न लगे
हो जियरा न लागे
निस दिन तुम्हारे बाट निहारे व्याकुल नैन अभागे
हो व्याकुल नैन अभागे
अब ही ऐसी दशा है मन की
का हुई है फ़िर आगे रे

बृज में अकेली राधे.................

अजहूँ जो न भेजे मोहन तैनें कोई खबरिया
अजहूँ जो न भेजे मोहन तैनें कोई खबरिया
तैने कोई खबरिया
खोजई है एक बृज की बाला
रो रो कर बावरिया
रो रो कर बावरिया
धीर बंधा जा, धीर बंधा जा
मुख दिखला जा, नट नागर संवारिये रे,

बृज में राधे अकेली खोयी खोयी फिरे,
ओ राधे खोयी खोयी फिरे

ओ कान्हा आन मिलो आन मिलो
श्याम सांवरे , आन मिलो

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Jul 8, 2009

अब आगे तेरी मर्ज़ी-देवदास

साहिर के बोल पर एक बढ़िया धुन बनाई है एस. डी. बर्मन ने ।
गाना एक फिल्मी मुजरा है। एस डी बर्मन के खजाने में बहुत ही
कम मुजरा सोंग्स आपको सुनने को मिलेंगे । वैजयन्तीमाला की
प्रतिभा का अंदाजा एक दो स्टेप्स देख के ही लग जाता है । इस
गाने में मोतीलाल आपको "क्या" शब्द बोलते हुए मिल जायेंगे।
उन्होंने कुछ तबले के बोल भी बोले हैं गाने के बीच में। ये दो पीड़ी
के कलाकार हैं। वैजयंतीमाला उस ज़माने में उभरती हुई कलाकार
थी और मोतीलाल एक स्थापित अभिनेता। फिल्मी गाने में
हारमोनियम का प्रयोग कम होता है। इस गाने में स्वच्छंदता से
हुआ है हारमोनियम का प्रयोग।


गीत के बोल:

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