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Jul 30, 2020

चंदा की डोली में-गैर फ़िल्मी गीत

आज ३० जुलाई बॉलीवुड की जिन शख्सियतों का जन्मदिन
है उनमें से एक हैं सोनू निगम. संयोग है कि एक और शख्स
जिसका नाम सोनू है-नायक सोनू सूद भी आज अपना बर्थडे
मना रहे हैं.

इस अवसर पर सुनते हैं सोनू निगम का एक गैर फ़िल्मी गीत
चन्दा की डोली एल्बम से. ये इसका शीर्षक गीत है जिसे लिखा
है नुसरत बद्र ने.




गीत के बोल:

चंदा की डोली में
परियों की झोली में
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Chanda ki doli-Non film song

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Feb 10, 2018

वो चांद जैसी लडकी-देवदास २००२

फिल्म देवदास से एक गीत सुनते हैं. ये उस ज़माने की फिल्म
है जब भंसाली की फिल्मों में दुसरे संगीतकारों का संगीत होता
था.

गीत लिखा है नुसरत बद्र ने और इस गीत की धुन तैयार की है
इस्माल दरबार ने. उदित नारायण ने इसे गाया है.




गीत के बोल:

वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चांद
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है

अल्हड सी भोली भाली मासूम ये शरारत
बदली नहीं है अब तक बचपन की उसकी आदत
तडपा रही हैं यादें हो जाउँ ना ना हो जाऊं
हो जाऊं मैं पागल
आ जाये सामने वो ये जान जा रही है

वो वो
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है

मेरा चांद बादलों में क्यूँ जा के खो गया है
अब दूर इस कदर वो क्यों मुझसे हो गया है
क्यों जी रहा हूँ तन्हा ये याद भी नहीं है
बस इतना याद है के वो याद आ रही है

वो चांद वो चांद
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चांद वो चांद जैसी
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Wo chand jaisi ladki-Devdas 2002

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Nov 28, 2017

हमेशा तुमको चाहा-देवदास २००२

चलचित्र कथानक देवदास के नवीनतम संस्करण से एक गीत सुनते हैं
आज. शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास बीसवी सदी की सबसे
चर्चित कृतियों में से एक है. उल्लेखनीय है ये उपन्यास उन्होंने
१७ वर्ष की उम्र में लिखा डाला था.

देवदास उपन्यास पर फ़िल्में कई भाषाओँ में बनायीं का चुकी है.
उपन्यास पर सबसे पहले मूक युग में फिल्म बनी थी. १९३६ की
देवदास बनने के पहले इसे बंगाली भाषा में बनाया जा चुका था.

नुसरत बद्र के बोल हैं और इस्माईल दरबार का संगीत. इसे गाया
है कविता कृष्णमूर्ति ने.




गीत के बोल:

आई ख़ुशी की ये रात आई सज-धज के बारात है आई
धीरे धीरे गम का सागर थम गया आँखों में आ कर
गूँज उठी है जो शहनाई तो आँखों ने ये बात बताई

हमेशा तुमको चाहा और चाहा और चाहा चाहा चाहा
हमेशा तुमको चाहा और चाहा कुछ भी नहीं
तुम्हे दिल ने है पूजा पूजा पूजा और पूजा कुछ भी नहीं
ना ना नहीं ना ना नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं हो ओ ओ कुछ भी नहीं
हो ओ कुछ भी नहीं

खुशियों में भी छाई उदासी
दर्द की छाया में वो लिपटी
कहने पिया से बस ये आई
कहने पिया से बस ये आई
जो दाग तुमने मुझ को दिया
उस दाग से मेरा चेहरा खिला
रखूँगी इसको निशानी बना कर
माथे पे इस को हमेशा सजा कर
ओ प्रीतम ओ प्रीतम बिन तेरे मेरे इस जीवन में
कुछ भी नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं

बीते लम्हों की यादें ले कर
बोझल कदमों से वो चल कर
दिल भी रोया और आँख भर आई
मन से आवाज़ है आई
वो बचपन की यादें वो रिशते वो नाते
वो सावन के झूले वो हँसना वो हँसाना
वो रूठ के फिर मनाना
वो हर एक पल मैं दिल में समाए
दिये में जलाए ले जा रही हूँ
मैं ले जा रही हूँ मैं ले जा रही हूँ
ओ प्रीतम ओ प्रीतम बिन तेरे मेरे इस जीवन में
कुछ भी नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं

हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हे हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हमेशा तुमको चाहा और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हे हुन हुना हुन हुना हुन हुना
और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हाँ चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
बस चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हाँ चाहा चाहा चाहा
……………………………………………………….
Hamesha tumko chaha-Devdas 2002

Artists: Sharukh Khan, Aishwarya Rai

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