आधा है चंद्रमा रात आधी-नवरंग १९५९
इससे एक सबक तो लिया जा सकता है वो ये है-प्रेरणा
कभी भी किसी भी चीज़ से ली जा सकती है.
असंभव सी और इमप्रेक्टिकल से लगने वाली कल्पना
भी कभी कभी आश्चर्यजनक परिणाम देती है. जैसे आप
तेल और पानी को एक बर्तन में डालें तो वो एकसार
नहीं होंगे, मगर उन दोनों को फेंटा जाए तो उससे
कोलोडल सस्पेंशन अवश्य तैयार हो जाता है जो कि
सारी क्रीम और मलहम का आधार है. वास्तव में तो
वो मिलते नहीं मगर अंश इतने छोटे हो जाते हैं कि
चोली-दामन का साथ दिखाई देने लगता है.
भरत व्यास की रचना है और सी रामचन्द्र का संगीत.
आशा भोंसले संग महेंद्र कपूर ने इसे गाया है.
गीत के बोल:
आधा है चंद्रमा रात आधी
आधा है चंद्रमा रात आधी
रह न जाए तेरी मेरी बात आधी
मुलाक़ात आधी
आधा है चंद्रमा
आस कब तक रहेगी अधूरी
प्यास होगी नहीं क्या ये पूरी
प्यासा प्यासा गगन प्यासा प्यासा चमन
प्यासे तारों की भी है बारात आधी
आधा है चंद्रमा
सुर आधा है श्याम ने बाँधा
रहा राधा का प्यार भी आधा
नैन आधे खिले होंठ आधे हिले
रही पल में मिलन की वो बात आधी
आधा है चंद्रमा
पिया आधी है प्यार की भाषा
आधी रहने दो मन की अभिलाषा
आधे छलके नयन आधे ढलके नयन
आधी पलकों की भी है बरसात आधी
आधा है चंद्रमा
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Aadha hai chandrama-Navrang 1959
Artists: Mahipal, Sandhya
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