हर जनम में हमारा मिलन-कागज़ की नाव १९७६
लोकप्रिय थे तो कुछ अनजाने और कम सुने गए
संगीतकारों के गीत भी लोकप्रिय हुए.
कुछ गीत जैसे जिंदगी और तूफ़ान का-मौसम आवारा
है, जान हाज़िर है का-हम न रहेंगे तुम ना रहोगे
दशक के मध्य में कागज़ की नाव फिल्म का ये
गाना भी लोकप्रिय था. हाँ लोकप्रियता कम ज्यादा
थी, मैं मानता हूँ.
नक्श लायलपुरी की रचना है और सपन जगमोहन
का संगीत. इसे स्वर दिया है आशा भोंसले और
मनहर ने. इसके पहले जो मनहर का युगल गीत
लोकप्रिय हुआ वो है-लूटे कोई मन का नगर फिल्म
अभिमान से.
गीत के बोल:
हर गीत के बोल चाहिए तो कम से कम
कमेन्ट बॉक्स में कुछ लिख तो दिया करें.
.
चिड़िया भी दाना खा के चूं चूं कर के जाती है
या बीट कर जाती है, कुछ तो करो भाई लोग
.
.
…………………………………………………..
Har janam mein hamara Milan-Kagaz ki naav 1976
Artists: Sarika, Raj Kiran
0 comments:
Post a Comment