Sep 17, 2018

यही बहार है-राग रंग १९५२

सरशर सैलानी के लिखा हुआ एक गाना सुनते हैं फिल्म
राग रंग से. फिल्म की नायिका गीता बाली हैं. गीत का
वीडियो उपलब्ध नहीं है.

हर्षोल्लास वाला गीत है और फिल्म में कई रंग वाले
गाने हैं. मनियापुर के छैला नाम से भी एक गाना है.
ये मनियापुर कहाँ है कोई बतलायेगा.

फिल्म में संगीत सेवा रोशन ने प्रदान करी है.



 गीत के बोल:

ला ला ला ला ला ला ला ला
यही बहार है यही बहार है
यही बहार है दुनिया को भूल जाने की
खुशी मनाने की
यही घडी है जवानी के गुनगुनाने की
हाँ मुस्कुराने की

ये प्यारे प्यारे नज़ारे ये ठंडी ठंडी हवा
ये हल्का हल्का नशा
ये काली काली घटाओं की मस्त मस्त अदा
ये कोयलों की सदा
मचल के आ गई रुत मस्तियाँ लुटाने की
हाँ झूम जाने की

यही बहार है दुनिया को भूल जाने की
खुशी मनाने की

कली कली से ये भंवरे ने मुस्कुरा के कहा 
नज़र मिला के कहा 
नज़र से काम न निकला तो गुदगुदा के कहा 
गले लगा के कहा 
किया है प्यार तो किया है प्यार तो 
किया है प्यार तो परवाह न कर ज़माने की 
हाँ हँसी उडाने की

यही बहार है दुनिया को भूल जाने की
खुशी मनाने की

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
जो टूटता है रुबां
जो टूटा है रुबां उसको टूट जाने दे
मेरे शबाब को जी भर के गीत गाने दे
हाँ गीत गाने दे
मेरे शबाब को जी भर के गीत गाने दे
हाँ गीत गाने दे
तड़प उठी हुई तड़प उठी हुई
तड़प उठी हैं तमन्नायें झूम जाने की
हाँ लगी बुझाने की

यही बहार है दुनिया को भूल जाने की
खुशी मनाने की
…………………………………………………
Yahi bahar hai-Raag rang 1952

Artist: Geeta Bali

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