मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें-दो कलियां 1968
गुण दे कर बनाया है ताकि कोई भी अपने आप को
सबसे बड़ा ना समझ बैठे. छोटी सी चींटी को दुनिया का
सबसे मेहनती जीव कहा जाता है. ये खिताब सिक्स पैक
एट पैक एब्स बनाने वालों को हासिल नहीं है.
इंसानों के व्यवहार की मिसालें देने के लिये पशु पक्षी ही
याद किये जाते हैं चाहे वो कौवा हो या भैंस. घर की मुर्गी
दाल बराबर की एक मिसाल भी है.
गीतकार ने मुर्गा-मुर्गी की मिसाल ली है. ये हमारे आसपास
बहुतायत में पाने वाला जीव है. शहरों में कम और गावों
में ज्यादा पाये जाते हैं. क्या इंसान इतना गया गुज़रा है
कि सबसे ज़्यादा उर्वर बुद्धि होने के बावजूद उसे हर बात
याद दिलाना पड़ती है.
गीत के बोल:
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
नन्हा चूजा खेल करे
मैं किसको बोलूं जो मेरे
माता पिता का मेल करे
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
नन्हा चूजा खेल करे
मैं किसको बोलूं जो मेरे
माता पिता का मेल करे
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
चिड़िया और चिड़ा मिलजुल कर
दाना दुनका लायें
अपने छोटे से बच्चे को
खोल के चोंच खिलायें
मैं जब अपने भाग को सोचूं
आँख में आंसू आयें
आँख में आंसू आयें
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
नन्हा चूजा खेल करे
मैं किसको बोलूं जो मेरे
माता पिता का मेल करे
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
साथ के घर का नन्हा बच्चा
मत पिता संग खेले
साथ के घर का नन्हा बच्चा
मत पिता संग खेले
मेरा बचपन मत पिता की
दूरी का दुःख झेले
कोई मुझे वैसा घर दे दे
महल जो महलें ले ले
महल जो महलें ले ले
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
नन्हा चूजा खेल करे
मैं किसको बोलूं जो मेरे
माता पिता का मेल करे
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
बड़ों के आगे बात करें
ये हम बच्चो का काम नहीं
जब तक उनका मन न पिघले
अपने लिए आराम नहीं
उस घर में क्या रहना
सीता के संग राम नहीं
सीता के संग राम नहीं
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
नन्हा चूजा खेल करे
मैं किसको बोलूं जो मेरे
माता पिता का मेल करे
मुर्गा मुर्गी प्यार से देखें
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Murga murgi pyar se dekhen-Do kaliyan 1968
Artist: Neetu Singh, Biswajeet, Mala Sinha
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