आ ये हसीन रात मोहब्बत में-शिव राम १९९१
दिखाई देती हैं. सामने पड़ी हुई चीज़ों के अलावा भी बहुत कुछ
होता है जो छुपा होता है. वैसा ही कुछ हिंदी फिल्म संगीत
के खजाने का भी हाल है.
आज सुनते हैं सन १९९१ की फिल्म शिव राम से एक गीत जिसे
कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल ने गाया है. गीत अनवर सागर
का है और संगीत राजेश रोशन का. गीत के दूसरे अंतरे में फ़िल्मी
बरसात भी है. संगीत से ज्यादा इस गीत के बोल बढ़िया हैं.
गीत के बोल:
आ ये हसीन रात
आ ये हसीन रात मोहब्बत में गुज़ार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
आ ये हसीन रात मोहब्बत में गुज़ार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
क्या पता कल क्या हो कल का नहीं भरोसा
क्या पता कल क्या हो कल का नहीं भरोसा
मालूम नहीं किस पल दे ये ज़िन्दगानी धोखा
ऐसा होने से पहले कहीं खोने से पहले
एक दूसरे को हम
एक दूसरे को हम जी भर के प्यार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
एक आग सी लगी है सीने में हसरतों की
एक आग सी लगी है सीने में हसरतों की
बरसा दो घटाएं तुम मुझपे चाहतों की
होंठों की नरमी से साँसों की गर्मी से
बेचैन उमंगों को
बेचैन उमंगों को हम मिल के निखार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
……………………………………………………………
Aa ye haseen raat mohabbat mein-Shiv Ram 1991
Artists: Jeetendra, Sangeeta Bijlani

0 comments:
Post a Comment