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Jul 15, 2019

आ ये हसीन रात मोहब्बत में-शिव राम १९९१

किसी खजाने को देखो तो सामने कुछ चीज़ें ज्यादा चमकती हुई
दिखाई देती हैं. सामने पड़ी हुई चीज़ों के अलावा भी बहुत कुछ
होता है जो छुपा होता है. वैसा ही कुछ हिंदी फिल्म संगीत
के खजाने का भी हाल है.

आज सुनते हैं सन १९९१ की फिल्म शिव राम से एक गीत जिसे
कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल ने गाया है. गीत अनवर सागर
का है और संगीत राजेश रोशन का. गीत के दूसरे अंतरे में फ़िल्मी
बरसात भी है. संगीत से ज्यादा इस गीत के बोल बढ़िया हैं.
   


गीत के बोल:

आ ये हसीन रात
आ ये हसीन रात मोहब्बत में गुज़ार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
आ ये हसीन रात मोहब्बत में गुज़ार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें

क्या पता कल क्या हो कल का नहीं भरोसा
क्या पता कल क्या हो कल का नहीं भरोसा
मालूम नहीं किस पल दे ये ज़िन्दगानी धोखा
ऐसा होने से पहले कहीं खोने से पहले
एक दूसरे को हम
एक दूसरे को हम जी भर के प्यार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें

एक आग सी लगी है सीने में हसरतों की
एक आग सी लगी है सीने में हसरतों की
बरसा दो घटाएं तुम मुझपे चाहतों की
होंठों की नरमी से साँसों की गर्मी से
बेचैन उमंगों को
बेचैन उमंगों को हम मिल के निखार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
……………………………………………………………
Aa ye haseen raat mohabbat mein-Shiv Ram 1991

Artists: Jeetendra, Sangeeta Bijlani

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Jun 3, 2017

वादा रहा सनम (सोलो)-खिलाडी १९९२

सन १९९२ की सफल फिल्म खिलाडी से एक गीत सुनते हैं.
फिल्म में जो युगल गीत है उसका ये एकल संस्करण है.
इसे फिल्म में शामिल नहीं किया गया मगर एल्बम में
ये मौजूद है. इसे अभिजीत ने गाया है.

इसके बोल भी अनवर सागर ने लिखे हैं और संगीतकार का
नाम है जतिन-ललित. आपको युगल संस्करण सुनवा चुके हैं
पहले.



गीत के बोल:

वादा रहा सनम  होंगे जुदा न हम
चाहे न चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना
वादा रहा सनम  होंगे जुदा न हम
चाहे न चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना

दिल दे दिया है तुम्हें पहली नज़र में
तुम खो गये जो कभी मिल के सफ़र में
दिल दे दिया है तुम्हें पहली नज़र में
तुम खो गये जो कभी मिल के सफ़र में
सितारों के ठिकानों से
फूलों के आशियानों से
मैं तुम्हें ढूँढ लाउँगा
ज़मीं से आसमानों से ओ जाने जां
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना

कितने हँसी हैं लम्हे ये ज़िन्दगी के
साँसों में फूल महके लाखों खुशी के
कितने हँसी हैं लम्हे ये ज़िन्दगी के
साँसों में फूल महके लाखों खुशी के
ये दिल तो अकेला था
तन्हाई का मेला था
तुम मुझे मिल जाओगी
ये कभी नहीं सोचा था ओ जाने जां
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना

वादा रहा सनम  होंगे जुदा न हम
चाहे न चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का
मिट ना सकेगा फ़साना
......................................................................
Wada raha sanam(solo)-Khiladi 1992

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May 15, 2017

गा रहा हूँ इस महफ़िल में-दिल का क्या कसूर १९९२

अनवर सागर का लिखा हुआ एक खूबसूरत गीत सुनते हैं.

फिल्म:दिल का क्या कसूर
वर्ष:१९९२
गीतकार:अनवर सागर
गायक:कुमार सानू
संगीतकार: नदीम श्रवण



गीत के बोल:

गा रहा हूँ इस महफ़िल में आपकी मोहब्बत है
आज हूँ मैं जो कुछ भी वो आपकी इनायत है
गा रहा हूँ इस महफ़िल में आपकी मोहब्बत है
गा रहा हूँ इस महफ़िल में आपकी मोहब्बत है
आज हूँ मैं जो कुछ भी वो आपकी इनायत है
आपकी इनायत है
ज़िन्दगी से कैसा शिक़वा खुद से ही शिकायत है
ज़िन्दगी से कैसा शिक़वा खुद से ही शिकायत है
आज हूँ मैं जो कुछ भी वो आपकी इनायत है
आपकी इनायत है
गा रहा हूँ इस महफ़िल में

प्यार की वो सौगातें किस तरह भुला दूँ मैं
प्यार की वो सौगातें किस तरह भुला दूँ मैं
आपका हर एक आँसू पलकों पे उठा लूँ मैं
पलकों पे उठा लूँ मैं
आपके ही दम से तो ये आज मेरी शोहरत है
आपके ही दम से तो ये आज मेरी शोहरत है
आज हूँ मैं जो कुछ भी वो आपकी इनायत है
आपकी इनायत है
गा रहा हूँ इस महफ़िल में

कितने रंग हैं जीवन के ये अजब कहानी है
कितने रंग हैं जीवन के ये अजब कहानी है
कुछ मिले तो कुछ खो जाए रीत ये पुरानी है
रीत ये पुरानी है
किसको क्या मिला यहाँ सब अपनी अपनी क़िस्मत है
किसको क्या मिला यहाँ सब अपनी अपनी क़िस्मत है
आज हूँ मैं जो कुछ भी वो आपकी इनायत है
आपकी इनायत है
गा रहा हूँ इस महफ़िल में

काश फिर कोई नग़मा इस फ़िज़ा में लहराए
काश फिर कोई नग़मा इस फ़िज़ा में लहराए
दूर से सही लेकिन आपकी सदा आए
आपकी सदा आए
मेरे दिल की हर धड़कन अब आपकी अमानत है
मेरे दिल की हर धड़कन अब आपकी अमानत है
आज हूँ मैं जो कुछ भी वो आपकी इनायत है
आपकी इनायत है
गा रहा हूँ इस महफ़िल में आपकी मोहब्बत है
आज हूँ मैं जो कुछ भी वो आपकी इनायत है
आपकी इनायत है आपकी इनायत है
आपकी इनायत है आपकी इनायत है
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Gaa raha hoon is mehfil mein-Dil ka kya kasoor 1992

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Nov 13, 2016

आज हमें मालूम हुआ-आ गले लग जा १९९४

सबको मालूम होता है एक ना एक दिन आखिर को प्यार मोहब्बत
क्या चीज़ है. ये उन्हीं को ज्यादा मालूम पढता है जो इस झमेले
में पड़ते हैं. गीतकारों ने अपने अपने अंदाज़ में कहा है इस फ़ेनोमीने
को. दीवानों से पूछो मोहब्बत है क्या?, मोहब्बत है क्या चीज़ हमको
बताओ, क्या प्यार इसी को कहते हैं, ये इश्क है क्या एक रोग बुरा,
प्यार क्या होता है. कम से कम १०० से ज्यादा अलग अलग अंदाज़
हैं पूछने के. फेनोमीना, फेनोटीना, फेनोरीना और ना जाने क्या क्या.

प्यार मोहब्बत में करेला गुलाब जामुन लग सकता है और वैनीला
आइसक्रीम बटर स्कॉच लग सकती है. एक फिल्म में बताया गया है
कि नायिका का दही बड़ा खाने का मन नहीं किया तो उसकी सहेली
कहती है प्यार हो गया है इस वजह से दही बड़ा खाने का मन नहीं
करता है. वो फिल्म है बिंदिया गोस्वामी की गोलमाल.

सुनते हैं आ गले लग जा फिल्म से एक गीत. ये जुगल हंसराज और
उर्मिला मातोंडकर अभिनीत फिल्म है. अनवर सागर के लिखे गीत की
तर्ज़ बनाई है अन्नू मलिक ने जिसे कुमार सानू और कविता कृष्णमूर्ति
गा रहे हैं.





गीत के बोल:

आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
एक रोज अगर तुम ना मिलो
एक रोज अगर तुम ना मिलो दीवानों सी हालत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
एक रोज अगर तुम ना मिलो
एक रोज अगर तुम ना मिलो दीवानों सी हालत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है

हल्का हल्का दर्द-ऐ-जिगर है
तुझको पता है मुझको खबर है
देख के सूरत प्यारी प्यारी भूल गए हम दुनिया सारी
जब दिल ये किसी पे आता है
जब दिल ये किसी पे आता है मिट जाने की हसरत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है

तेरे लबों का रंग चुरा के महका दूंगा तेरी साँसें
छोडो छोडो मेरा आँचल शर्म के मारे झुक गयी आँखें
दिल मेरा रुक रुक जाता है
दिल मेरा रुक रुक जाता है जब नज़रे-इनायत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है

तेरे बिना मैं जी ना सकूंगा तेरे लिए मैं हर गम सहूंगा
मेरी भी हालत कुछ ऐसी है चैन गया और नींद उडी है
धडकन ये दिल की बढती है
धडकन ये दिल की बढती है जब पहली शरारत होती है

आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
एक रोज अगर तुम ना मिलो
एक रोज अगर तुम ना मिलो दीवानों सी हालत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
...................................................................
Aaj hamen maloom hua-Aa gale lag ja 1994

Artists: Jugal Hansraj, Urmila Matondkar

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Apr 17, 2015

ये तेरा सजना संवरना-चीता १९९४

मिथुन चक्रवर्ती अभिनीत फिल्म चीता में कुछ कैची किस्म के गीत
हैं, इनमें से सबसे ज्यादा सुनाई देने वाला गीत है ये. कैची का अर्थ है
आसानी से जुबां पर चढजाने वाले. कभी कभी मेरी भी इच्छा होती है
किशब्द कोश लेकर बैठ जाऊं और ऐसे ऐसे कठिन शब्द ढूंढूं जिनका
प्रयोग बिरले ही किया करते हैं और पाठक को गीत से भटका कर
भाषाई फालूदे में थोड़ा उलझाऊँ.

फिर सोचता हूँ ये सब समीक्षा वाले लेखोंमें ही अच्छा लगता है. आज
कल के अंग्रेजी भाषावाले समीक्षाकारों के लेख पढ़ लो, आपका जी मैट ,
जी आर ई  वगैरह का स्कोर अपने आप सुधरना शुरू हो जायेगा.

तो सुनिए एक झकास गाना जिसमें डांस भी झकास है,बोल भी झकास
हैं और संगीत भी झकास है. गीतलिखा है अनवर सागर ने और संगीत
है जतिन ललित का.



गीत के बोल:

ये तेरा सजना संवरना बिन साजन के बेकार है
ये बिंदिया चूड़ी कंगना बिन साजन के बेकार है
ये तेरा सजना संवरना बिन साजन के बेकार है
ये बिंदिया चूड़ी कंगना बिन साजन के बेकार है
दो दिन का है ये जोबन बनने को
तेरा साजन ये आशिक तैयार है
क्या बनेगा मेरा साजन जा तू आशिक बेकार है
मेरा लाखों का जोबन जा तू आशिक बेकार है
वो बनेगा मेरा साजन वो बनेगा
मेरा बालम जो आशिक दिलदार है
ये तेरा सजना संवरना बिन साजन के बेकार है

ओ सपनों की रानी क्या रुत है ये मस्तानी
आ नैन से नैन मिला ले दो दिन की है ये जवानी
दो दिन की है ये जवानी
ये तेरा कजरा गजरा बिन साजन के बेकार है
ये पायल चूड़ी झुमका बिन साजन के बेकार है
दो दिन का है ये जोबन
बनने को तेरा साजन ये आशिक तैयार है
क्या बनेगा मेरा साजन जा तू आशिक बेकार है

मैं फूलों की डाली है चाल मएरी मतवाली
दिल कैसे तुझको दे दूं तेरी नीयत है काली
तेरी नीयत है काली
तुझसे अच्छी तो मेरी ये पायल की झंकार है
दिल तुझको मैं न दूँगी दिल देने से इन्कार है
वो बनेगा मेरा साजन वो बनेगा
मेरा बालम जो आशिक दिलदार है
ये तेरा सजना संवरना बिन साजन के बेकार है

दिल में है तेरी धडकन तू है सपनों की दुल्हन
मैं तुझसे प्यार करूँगा ओ रानी सारा जीवन
ओ रानी सारा जीवन
मैं छेड़ रही थी तुझको तू किसलिए बेज़ार है
इस चीड छाद में शामिल ओ साजन मेरा प्यार है
मैं हूँ तेरा दीवाना मैं हूँ तेरी दीवानी
हम दोनों को प्यार है
..........................................................
Ye tera sajna sanwarna-Cheetah 1994

Artists: Mithun Chakravorty, Ashwini Bhave,

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Oct 21, 2011

वादा रहा सनम-खिलाडी १९९२

सन १९९२ में कुछ बढ़िया संगीतमय फ़िल्में आयीं। इनमें से एक है
खिलाड़ी श्रृंखला वाली प्रथम फिल्म-खिलाड़ी। अब खिलाडी कौन है ये
मत पूछ लीजियेगा। आपको खिलाडी श्रेणी की एक फिल्म का गीत
सुनवा चुके हैं पहले जंगल में भालू वाला । सामान्य ज्ञान वर्धन के
लिए उसे एक बार और सुन लीजिये अगर आप चाहें। खिलाड़ी फिल्म
सन ९२ की एक बड़ी हिट फिल्म है। इसमें संगीत जतिन-ललित का है।

गीत शुरू होता है इस अंदाज़ में जैसे नायक ने कोई जादुई पुडिया सुंघा
दी हो नायिका को जिससे वो १०० मीटर की दौड़ लगाने लगी।

बहरहाल खूबसूरत वादियों में सफ़ेद कपड़ों की चकाचक धुलाई के
विज्ञापन सा ये गीत सुनने में आनंद देता है।




गीत के बोल:

आ हा हा हा हा, आ हा हा हा हा
आ आ आ हा हा हा हा हा
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
देखो तो क्या नज़ारे हैं
तुम्हारी तरह प्यारे हैं
हंसो ना मेरे लिए तुम
सभी तो ये तुम्हारे हैं ओ जाने जान
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
यह माँगा है दुआओं में
कमी ना हो वफाओं में
रहें तेरी निगाहों में
लिखो ना ये फिजाओं में ओ साजना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
..............................
Wada raha sanam-Khiladi 1992

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Jul 27, 2011

फ़िल्मी बरसात ८ -मौसम प्यारा भीगा भीगा-दुश्मन ज़माना १९९२

बारिश का मौसम है, एक और गीत सुना जाए। फिल्म दुश्मन ज़माना
से ये गीत लिया गया है। गीत गाया है अलका याग्निक और कुमार सानू
ने। अलका याग्निक की तबियत ठीक नहीं रही होगी जब गीत रेकोर्ड
किया जा रहा था या फिर संगीत निर्देशक ने ही उनको थके थके से अंदाज़
में गाने के लिए कहा होगा। लाल टी शर्ट में नायक घर के नौकर जैसा और
नायिका घर के मालिक की बेटी जैसी दिखाई दे रही है। कितने भी तडकाऊ
भडकाऊ गीत हमारे यहाँ बन जाएँ मगर वे सब होलिवुड से दो कदम पीछे
ही रहेंगे ।



गीत के बोल:


मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा

हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा

साँसों में घोल दे
साँसों की मस्तियाँ
न फासले रहें तेरे मेरे दरमियाँ
बिजली से डर के मैं तुमसे लिपट गयी
फिर शर्म आई तो खुद में सिमट गयी

रिमझिम पानी धीरे धीरे
रिमझिम पानी धीरे धीरे
नस नस में शोले जगाने लगा

हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा

क्या घिर के आई है घनघोर ये घटा
हर बूँद में सजन है प्यार का नशा
हो ओ ओ
तेरी निगाहों की मस्ती पे दिलरुबा
पी के बरस गयी मदहोश ये अदा
बैरी सावन यूँ जाने जान
बैरी सावन यूँ जाने जान
अंग अंग में दर्द जगाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
.................................
Mausam pyara bheega bheega-Dushman Zamana 1992

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Jul 21, 2011

रात छोटी बात बड़ी-संजय १९९५

सन १९९५ में जो मधुर गीत बने उनमें से एक है फिल्म संजय से.
श्याम सुरेन्द्र के संगीत निर्देशन वाले इस गीत को लिखा है अनवर
सागर ने और गाया है उदित नारायण, कविता कृष्णामूर्ति ने. ये
फिल्म का सबसे चर्चित गीत भी है. ९० के दशक में कविता की
आवाज़ परिपक्व हो चली और निखर भी गयी. उदित नारायण को
भी इस दशक में काफी गीत गाने का मौका मिला.

अनजान सी फिल्म संजय में अयूब खान और साक्षी शिवानंद की
जोड़ी है. ९० के दशक ने संगीत के मामले में कम से कम उत्तर
भारत और दक्षिण भारत को नज़दीक ला दिया . इधर की ध्वनियाँ
उधर सुनाई देने लगीं.



गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ

रात छोटी बात बड़ी
हे, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

फूल से ज्यादा नरम और
आग से ज्यादा गरम
फूल से ज्यादा नरम और
आग से ज्यादा गरम
दिल अगर जिद पे आ जाये
तोड़ देता है भरम

आज संगम हो जाने दे
आज संगम हो जाने दे
धडकनों में जंग छिड़ी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
हाँ, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ

उस जगह दिल आ पहुंचा है
अपनी मंजिल है जहाँ
उस जगह दिल आ पहुंचा है
अपनी मंजिल है जहाँ
आज आगे बढ़ जायेगा
जिंदगी का कारवां
बेखुदी के इस आलम में
बेखुदी के इस आलम में
सात सुर की लगी झड़ी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
हाँ, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
.................................
Raat Chhoti baat badi-Sanjay 1995

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मोहब्बत की किताबों में- दुश्मन ज़माना १९९२

मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है -इसको ऐसे गाया जा रहा है
जैसे कोई वाकई किताब का कोई चैप्टर पढ़ कर गा रहा हो। नायक की
एक्टिंग भी माशाअल्लाह ही है। नायक प्यानो से कुश्ती लड़ने के बाद
कसरती अंदाज़ में डांस कर रहा है। कितना फर्क आया है पहले के और
आज के प्यानो वाले गीतों में।

अरमान कोहली और दिव्या भारती इसमें नायक नायिका हैं। फिल्म का
नाम है दुश्मन ज़माना। गीत लिखा है अनवर सागर ने और संगीत तैयार
किया है महेश-किशोर ने। जब फ़िल्में नहीं चलती तब निर्माता यही सोचता
होगा 'दुश्मन दर्शक' ।




मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है

मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है

हर इम्तिहान से आशिक हंस के गुज़रते हैं
कब दुनिया के सितम की परवाह करते हैं
हर इम्तिहान से आशिक हंस के गुज़रते हैं
कब दुनिया के सितम की परवाह करते हैं
मिटने से मोहब्बत हरगिज़ नहीं मिटी है

मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है

मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है

जो प्यार इस जहाँ में करते हैं किसी से
जान लुटा देते हैं चाहत में ख़ुशी से
सच्ची वफ़ा हंस के शोलों पे चली है

मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है

मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
........................................
Mohabbat ki kitabon mein-Dushman Zamana 1992

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