सो जा रे मेरे लाल सो जा-आधी रोटी १९५७
इस फिल्म से कुछ मधुर गीत आप सुन चुके हैं पहले. छोटे
बच्चे अपनी मर्जी से सोते हैं और अपनी मर्जी से उठ जाते हैं.
उनका नींद का सिस्टम अनूठा होता है. उन्हें सुलाना आसान
काम नहीं होता. छोटा कोमल सा दिमाग कभी लोरी के आनंद
से तो कभी कन्फ्यूज़न से थक कर सो जाता है.
सुनते हैं गीता दत्त के आवाज़ में ये गीत जिसे अविनाश व्यास
ने संगीत में बाँधा है.
गीत के बोल:
सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा
निंदिया की नगरी में खो जा
मेरे लाल सो जा
सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा
सोया है गगन सोया है पवन
सोया है गगन सोया है पवन
तू भी सो जा निर्धन के धन
सो जा
सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा
ना कोई रेशम झूल झुलाये
ना कोई पंखा डुलाए
सो जा कन्हैया तुझको तेरी
मैया की माता सुलाये
सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा
तू जो सोये संग संग तेरे
सोयेंगे दुखड़े हमारे
अपने दुलारे के मोहन मुखड़े
पे वार मैं नहा नख तारे
सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा.
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So ja re so ja mere laal-Aadhi roti 1957
Artist: Sulochana
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